पीलीभीत के पूरनपुर में एक महिला ने अवैध कच्ची शराब के कारोबार का विरोध करने पर पुलिस पर उत्पीड़न और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। दो दुधमुंहे बच्चों के साथ सम्पूर्ण समाधान दिवस पहुंची पीड़िता ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा, जिसमें उसने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर गंभीर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम टांडा छत्रपति निवासी कीर्ति देवी पत्नी सूरज के अनुसार, उन्होंने गांव में हो रही अवैध कच्ची शराब की बिक्री की शिकायत पुलिस से की थी। इसके बाद शराब कारोबार से जुड़े लोगों ने उनसे रंजिश मान ली और पुलिस के साथ मिलीभगत कर उनके परिवार के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करा दी। कीर्ति देवी ने आरोप लगाया कि शुक्रवार रात करीब 2 बजे पुलिसकर्मी उनके दरवाजे पर पहुंचे, लेकिन मुख्य दरवाजे से आने के बजाय दीवार फांदकर घर में घुस आए। घर में घुसने के बाद पुलिसकर्मियों ने परिवार के लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया। विरोध करने पर उनके पति और अन्य परिजनों के साथ मारपीट की गई, जिससे मारपीट के दौरान डंडा लगने से कीर्ति देवी के सिर में गंभीर चोट आई और उनका सिर फट गया। उन्होंने बताया कि घटना के समय घर में मौजूद उनके दो छोटे बच्चे भयभीत होकर रोने लगे, और पूरे परिवार को बेवजह प्रताड़ित किया गया। पीड़िता ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में दिए अपने प्रार्थना पत्र में मामले की उच्चस्तरीय जांच, मेडिकल परीक्षण और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पुलिस विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। पुलिस का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है।
पीलीभीत के पूरनपुर में एक महिला ने अवैध कच्ची शराब के कारोबार का विरोध करने पर पुलिस पर उत्पीड़न और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। दो दुधमुंहे बच्चों के साथ सम्पूर्ण समाधान दिवस पहुंची पीड़िता ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा, जिसमें उसने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर गंभीर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम टांडा छत्रपति निवासी कीर्ति देवी पत्नी सूरज के अनुसार, उन्होंने गांव में हो रही अवैध कच्ची शराब की बिक्री की शिकायत पुलिस से की थी। इसके बाद शराब कारोबार से जुड़े लोगों ने उनसे रंजिश मान ली और पुलिस के साथ मिलीभगत कर उनके परिवार के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करा दी। कीर्ति देवी ने आरोप लगाया कि शुक्रवार रात करीब 2 बजे पुलिसकर्मी उनके दरवाजे पर पहुंचे, लेकिन मुख्य दरवाजे से आने के बजाय दीवार फांदकर घर में घुस आए। घर में घुसने के बाद पुलिसकर्मियों ने परिवार के लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया। विरोध करने पर उनके पति और अन्य परिजनों के साथ मारपीट की गई, जिससे मारपीट के दौरान डंडा लगने से कीर्ति देवी के सिर में गंभीर चोट आई और उनका सिर फट गया। उन्होंने बताया कि घटना के समय घर में मौजूद उनके दो छोटे बच्चे भयभीत होकर रोने लगे, और पूरे परिवार को बेवजह प्रताड़ित किया गया। पीड़िता ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में दिए अपने प्रार्थना पत्र में मामले की उच्चस्तरीय जांच, मेडिकल परीक्षण और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पुलिस विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। पुलिस का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है।
- पीलीभीत सहित आसपास के जिलों से आए बड़ी संख्या में किसानों ने गन्ना मूल्य के बकाया भुगतान को लेकर शनिवार को उत्तर प्रदेश के गन्ना मंत्री संजय सिंह गंगवार के आवास का घेराव किया। किसानों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से बकाया भुगतान की मांग उठाई जा रही है, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने बताया कि गन्ना किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और बच्चों की फीस जमा करने से लेकर इलाज व दैनिक जरूरतों के लिए भी परेशान हैं। उन्होंने चीनी मिलों और सत्ता के बीच सांठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से किसानों का भुगतान अटका हुआ है। किसानों को उम्मीद थी कि पीलीभीत के विधायक को गन्ना मंत्री बनाए जाने से उनकी समस्याओं का समाधान होगा, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। किसानों ने जानकारी दी कि नवाबगंज चीनी मिल बंद पड़ी है और उस पर पिछले दो पेराई सत्रों 2023-24 तथा 2024-25 का लगभग 70 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं, बरखेड़ा चीनी मिल पर भी किसानों का लगभग 135 करोड़ रुपये बकाया बताया गया है। किसानों ने मझोला चीनी मिल का मुद्दा भी उठाया, जिसे वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुनः शुरू कराने की घोषणा की थी, लेकिन वह आज तक चालू नहीं हो सकी है। धरने के दौरान गन्ना मंत्री संजय सिंह गंगवार ने कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार से फोन पर बात की और मुख्यमंत्री से मिलवाने के लिए पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को भेजने का प्रस्ताव दिया। इस पर कुमुद गंगवार ने मंत्री के प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा कि किसानों को केवल बैठक नहीं, बल्कि उनके बकाया भुगतान की समस्या का ठोस समाधान चाहिए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगे।1
- पीलीभीत जिले के अमरिया में एसडीएम ने फरियादियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। जनसुनवाई के दौरान एसडीएम ने शिकायतकर्ताओं द्वारा बताई गई विभिन्न परेशानियों पर गौर किया। इसके बाद, उन्होंने इन समस्याओं के तत्काल और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए।1
- उत्तर प्रदेश के खीरी जिले की पलिया तहसील के तेहरा स्थित दून इंटरनेशनल स्कूल के निकट, ग्रामीणों ने एक बरसों पुराने तालाब पर अवैध कब्जे का गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि शासन, प्रशासन और आम जनता को गुमराह कर बस अड्डे का बोर्ड लगाकर तालाब पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा किया जा रहा है। इस अवैध कब्जे के विरोध में ग्रामीणों ने घटनास्थल पर प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी (DM) और उप जिलाधिकारी (SDM) से तत्काल जवाब की मांग की है। यह मामला भूमाफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की पुरजोर मांग उठा रहा है, जिसके लिए राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और उच्च प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया है।4
- कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति मिलने के बाद संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक आक्रामक पोस्ट साझा की है। इस पोस्ट में स्पष्ट रूप से लिखा गया है, “कॉकरोच आ रहे हैं, धर्मेंद्र प्रधान जा रहे हैं।” इसके साथ ही, पार्टी ने अपने सभी समर्थकों से बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने की पुरजोर अपील की है। मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन से संगठन को प्रदर्शन के लिए आधिकारिक अनुमति पत्र प्राप्त हो चुका है। यह अनुमति मिलते ही CJP के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है, और दिल्ली में आगामी प्रदर्शन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं, जिसमें समर्थकों से दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया गया है।1
- पीलीभीत जिले के गजरौला कला क्षेत्र के जैतपुर गांव में एक लंगूरी बंदर का आतंक फैल गया है। इस बंदर के हमलों से अब तक सात से अधिक ग्रामीण घायल हो चुके हैं, जिससे गांव में दहशत का माहौल है। बंदर ने ग्रामीणों के साथ-साथ उसे पकड़ने पहुंची वन विभाग की टीम पर भी हमला कर दिया। इस दौरान हुकुमचंद मौर्य नाम के एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए मेरठ रेफर किया गया है।1
- अमरिया पुलिस ने 'मिशन शक्ति अभियान' के तहत महिलाओं को जागरूक करने का कार्य किया। इस पहल के अंतर्गत, पुलिस कर्मियों ने महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पंपलेट भी वितरित किए।1
- पीलीभीत जिले के बिलसंडा क्षेत्र के कुर्रैया कलां गांव में आबकारी इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार पर मारपीट और गाली-गलौज के गंभीर आरोप लगे हैं। यह मामला तब सामने आया जब दुकानों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया के दौरान इंस्पेक्टर ने एक सेल्समैन के साथ कथित तौर पर अभद्रता की और उसे थप्पड़ मारा। इस घटना का वीडियो एक राहगीर ने रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1