जांजगीर में बाहरी मजदूरों का पुलिस वेरिफिकेशन:- 130 संदिग्धों से की पूछताछ कोतवाली पुलिस का अभियान | 50 पुलिसकर्मी मैदान में, दस्तावेजों की जांच के साथ लिए गए फिंगरप्रिंट जांजगीर-चांपा जिले में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर कोतवाली पुलिस ने बड़े स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया। पांच टीमों में शामिल 50 पुलिसकर्मियों ने गांवों, इंडस्ट्रियल एरिया और रेलवे स्टेशन के आसपास दूसरे राज्यों से आए मजदूरों एवं संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की। इस दौरान 130 लोगों को कंट्रोल रूम लाकर दस्तावेजों का सत्यापन किया गया और उनके फिंगरप्रिंट भी लिए गए। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस की पांच टीमों ने थाना क्षेत्र के बनारी, पुटपुरा, तिलई और धनवा गांवों में किराये के मकानों में रह रहे बाहरी मजदूरों का सत्यापन किया। वहीं इंडस्ट्रियल एरिया और रेलवे स्टेशन के आसपास कार्यरत करीब 150 मजदूरों के पहचान संबंधी दस्तावेजों की भी गहन जांच की गई। अभियान के दौरान 130 संदिग्ध व्यक्तियों को पुलिस कंट्रोल रूम लाकर अलग-अलग पूछताछ की गई। पुलिस ने उनके आधार सहित अन्य पहचान दस्तावेजों का सत्यापन किया और भविष्य में अपराध नियंत्रण एवं पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी के फिंगरप्रिंट भी लिए। पुलिस का कहना है कि बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों की रोकथाम के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे। पुलिस ने आम नागरिकों और मकान मालिकों से अपील की है कि वे अपने यहां रहने वाले किरायेदारों और बाहरी व्यक्तियों की जानकारी संबंधित थाने को अनिवार्य रूप से दें, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
जांजगीर में बाहरी मजदूरों का पुलिस वेरिफिकेशन:- 130 संदिग्धों से की पूछताछ कोतवाली पुलिस का अभियान | 50 पुलिसकर्मी मैदान में, दस्तावेजों की जांच के साथ लिए गए फिंगरप्रिंट जांजगीर-चांपा जिले में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर कोतवाली पुलिस ने बड़े स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया। पांच टीमों में शामिल 50 पुलिसकर्मियों ने गांवों, इंडस्ट्रियल एरिया और रेलवे स्टेशन के आसपास दूसरे राज्यों से आए मजदूरों एवं संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की। इस दौरान 130 लोगों को कंट्रोल रूम लाकर दस्तावेजों का सत्यापन किया गया और उनके फिंगरप्रिंट भी लिए गए। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस की पांच टीमों ने थाना क्षेत्र के बनारी, पुटपुरा, तिलई और धनवा गांवों में किराये के मकानों में रह रहे बाहरी मजदूरों का सत्यापन किया। वहीं इंडस्ट्रियल एरिया और रेलवे स्टेशन के आसपास कार्यरत करीब 150 मजदूरों के पहचान संबंधी दस्तावेजों की भी गहन जांच की गई। अभियान के दौरान 130 संदिग्ध व्यक्तियों को पुलिस कंट्रोल रूम लाकर अलग-अलग पूछताछ की गई। पुलिस ने उनके आधार सहित अन्य पहचान दस्तावेजों का सत्यापन किया और भविष्य में अपराध नियंत्रण एवं पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी के फिंगरप्रिंट भी लिए। पुलिस का कहना है कि बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों की रोकथाम के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे। पुलिस ने आम नागरिकों और मकान मालिकों से अपील की है कि वे अपने यहां रहने वाले किरायेदारों और बाहरी व्यक्तियों की जानकारी संबंधित थाने को अनिवार्य रूप से दें, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
- जांजगीर चांपा; कोतवाली पुलिस का महा-अभियान: बाहरी मजदूरों और संदिग्धों की सघन चेकिंग, 130 बाहरी लोग सीधे कंट्रोल रूम तलब, फिंगरप्रिंट जप्त!1
- जांजगीर में बाहरी मजदूरों का पुलिस वेरिफिकेशन:- 130 संदिग्धों से की पूछताछ कोतवाली पुलिस का अभियान | 50 पुलिसकर्मी मैदान में, दस्तावेजों की जांच के साथ लिए गए फिंगरप्रिंट जांजगीर-चांपा जिले में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर कोतवाली पुलिस ने बड़े स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया। पांच टीमों में शामिल 50 पुलिसकर्मियों ने गांवों, इंडस्ट्रियल एरिया और रेलवे स्टेशन के आसपास दूसरे राज्यों से आए मजदूरों एवं संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की। इस दौरान 130 लोगों को कंट्रोल रूम लाकर दस्तावेजों का सत्यापन किया गया और उनके फिंगरप्रिंट भी लिए गए। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस की पांच टीमों ने थाना क्षेत्र के बनारी, पुटपुरा, तिलई और धनवा गांवों में किराये के मकानों में रह रहे बाहरी मजदूरों का सत्यापन किया। वहीं इंडस्ट्रियल एरिया और रेलवे स्टेशन के आसपास कार्यरत करीब 150 मजदूरों के पहचान संबंधी दस्तावेजों की भी गहन जांच की गई। अभियान के दौरान 130 संदिग्ध व्यक्तियों को पुलिस कंट्रोल रूम लाकर अलग-अलग पूछताछ की गई। पुलिस ने उनके आधार सहित अन्य पहचान दस्तावेजों का सत्यापन किया और भविष्य में अपराध नियंत्रण एवं पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी के फिंगरप्रिंट भी लिए। पुलिस का कहना है कि बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों की रोकथाम के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे। पुलिस ने आम नागरिकों और मकान मालिकों से अपील की है कि वे अपने यहां रहने वाले किरायेदारों और बाहरी व्यक्तियों की जानकारी संबंधित थाने को अनिवार्य रूप से दें, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।1