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चांदमा कला ग्राम पंचायत में जनसेवा वाटर कूलर का शुभारंभ किया गया।
Rakesh Kumar Swami
चांदमा कला ग्राम पंचायत में जनसेवा वाटर कूलर का शुभारंभ किया गया।
More news from राजस्थान and nearby areas
- अजमेर में बोराड़ा के पूर्व सरपंच परिवार से जुड़े सनसनीखेज हत्याकांड को लेकर पुलिस अधीक्षक (SP) हर्षवर्धन अग्रवाला ने एक बड़ा खुलासा किया है। जिस घटना को शुरुआत में कार में आग लगने की दुर्घटना माना जा रहा था, वह अब एक खौफनाक पारिवारिक साजिश के रूप में सामने आई है। पुलिस जांच में पता चला है कि पूर्व सरपंच परिवार के सदस्यों की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि परिवार के ही सदस्यों ने की है। फिलहाल सभी परिवार के सदस्यों से पूछताछ जारी है और अजमेर हत्याकांड में परिवार पर ही संदेह की नजर है।1
- एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, विवादित भूमि मामले में एक बड़ा निर्णय सामने आया है। आंदोलनकारियों और सरकार के बीच बनी सहमति के बाद, रीको द्वारा जारी कार्य को फिलहाल रोक दिया गया है। इसके साथ ही, प्रस्तावित जयपुर कूच को भी स्थगित कर दिया गया है, जो इस सहमति का सीधा परिणाम है। यह बताया गया है कि सरकार ने लगभग 800 बीघा भूमि पर चल रहे कार्य को तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश जारी करने पर अपनी सहमति दे दी है। इस निर्णय के तहत, संबंधित क्षेत्र में अब आगे कोई भी निर्माण या विकास कार्य नहीं किया जाएगा। इस मामले के समाधान के लिए एक पाँच सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें साधु-संत, प्रशासन और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। यह समिति पर्यावरण और पर्यटन से जुड़े सभी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। समिति की पहली बैठक 10 दिनों के भीतर आयोजित करने का अनुमान है, और पूरी प्रक्रिया में लगभग 15 से 20 दिन लगने की संभावना है। रीको मामले में आगे की कार्रवाई का निर्धारण समिति की रिपोर्ट और साधु-संतों की सहमति के बाद ही किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आंदोलनकारियों को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात करवाने का भी आश्वासन दिया गया है, जिससे मामले के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक और कदम बढ़ेगा।1
- यह दावा किया गया है कि भारत की अधिकांश राष्ट्रीय समस्याओं का मूल कारण कांग्रेस ही है। इस विचार के तहत, यह जोर दिया गया है कि केवल 'कांग्रेस मुक्त भारत' ही वास्तव में 'अपराध मुक्त भारत' बन पाएगा।1
- भीषण गर्मी के इस दौर में, जहाँ लोग एयर कंडीशनर (AC) पर 30-50 हजार रुपये तक खर्च कर रहे हैं, वहीं एक भाईसाहब ने अपनी छत पर एक ऐसा देसी जुगाड़ किया है जिससे बिना ज़्यादा बिजली खर्च किए ही घर के अंदर करीब 15 डिग्री तक ठंडक महसूस होने लगी है। यह कमाल का आइडिया सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जो महंगे AC और कूलर खरीदने के विकल्प में एक शानदार और कम खर्च वाला तरीका प्रस्तुत करता है। इस देसी तरीके की खूब सराहना की जा रही है, क्योंकि यह गर्मी से शानदार राहत दिलाने के साथ-साथ बिजली का बिल भी कम करने में मददगार है। संदेश यह है कि अगर हर घर ऐसे छोटे-छोटे उपाय अपनाए, तो गर्मी से राहत भी मिलेगी और बिजली का बिल भी कम आएगा। 'जस्ट जयपुर लाइव' ने पाठकों से ऐसी ही वायरल, खास और काम की खबरों के लिए उनके साथ जुड़े रहने, कमेंट करने, शेयर करने और फॉलो करने का आग्रह किया है।1
- भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ अब एक नए और खास अंदाज में नजर आए हैं। उन्हें एक भगवा रंग की इलेक्ट्रिक वाहन (EV) में देखा गया है, जिसे उनके एक दोस्त ने उन्हें उपहार में दिया है।3
- राजस्थान में भाजपा के सहकारिता मंत्री गौतम दक का एक ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें वे डूंगला थाना के पुलिसकर्मियों को कथित तौर पर एक कार्यकर्ता से पैसे वसूलने के आरोप में धाराप्रवाह गालियां देते सुनाई दे रहे हैं। वायरल ऑडियो में मंत्री गौतम दक, बड़ी सादड़ी के डूंगला थाना के एसएचओ शैतान सिंह, कांस्टेबल लक्ष्मीनारायण और विष्णु पर आरोप लगा रहे हैं कि इन पुलिसकर्मियों ने उनके एक कार्यकर्ता से पैसे मांगे थे। मंत्री ने लक्ष्मीनारायण और विष्णु को सीधे तौर पर पैसे मांगने के लिए फटकार लगाई। ऑडियो बातचीत के दौरान मंत्री दक ने बेहद आपत्तिजनक और अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहा, "तेरी मां... @#%&! इनके भरोसे मत रहना तू। यहां चोद्द्ागिरी मेरे को पसंद नहीं है।" उन्होंने कांस्टेबल को सीधे धमकी देते हुए कहा, "किसी खुमारी में मत रहना। ...मेरे को लग गया किसी आदमी से पैसे मांगे तो @#%&!... तेरे किस बात की खुमारी है। ...एक भी आदमी से पैसे मांगे और मुझे पता चल गया तो यही इलाज करेंगे @#$%&!... नौकरी खराब करना मेरे को भी आता है।" उन्होंने थानाधिकारी को भी संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें पब्लिकली यह सब इसलिए कहना पड़ रहा है क्योंकि पुलिस को उनके एरिया में "चोद्द्ागिरी के लिए नहीं लाए हैं।" मंत्री ने एक कांस्टेबल से कहा कि वह उसे बचाने वाले किसी की खुमारी में न रहे और "बुला-बुला कर एक हजार आदमी लेकर आऊंगा और तेरी @#%&!... यहां पर मैं खुद आऊंगा।" उन्होंने यह भी जिक्र किया कि एक व्यक्ति "20 हजार" देने की औकात रखता है। मंत्री ने अंत में चेतावनी देते हुए लगातार अपशब्दों का प्रयोग किया और कहा कि पुलिसकर्मी किसी के भरोसे में न रहें।1
- राजस्थान की सियासत में बयानों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने हनुमान बेनीवाल के हालिया बयान पर अपनी कड़ी नाराज़गी व्यक्त की है। यह विवाद भैराणा धाम आंदोलन के दौरान हनुमान बेनीवाल द्वारा राजस्थान मंत्रिमंडल को “मूर्खों का मंत्रिमंडल” और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को “मूर्खों का राजा” कहकर निशाना बनाने के बाद उत्पन्न हुआ है। मदन राठौड़ ने हनुमान बेनीवाल के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आजकल कुछ राजनेताओं की शब्दावली बेहद घटिया होती जा रही है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता इस तरह की भाषा को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और ऐसे नेताओं का सामाजिक बहिष्कार किया जाना चाहिए। राठौड़ ने यह भी ज़ोर दिया कि विरोध करना लोकतंत्र का एक अहम हिस्सा है, लेकिन शब्दों का चुनाव हमेशा मर्यादित होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर केवल टीआरपी बटोरने के लिए इस तरह की बयानबाज़ी करने से किसी की प्रतिष्ठा बढ़ती नहीं, बल्कि धूमिल होती है। बेनीवाल के इस बयान के बाद भाजपा नेताओं की ओर से लगातार तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।1
- राजस्थान में भैराणा धाम महापंचायत आंदोलन के दौरान हनुमान बेनीवाल ने राज्य सरकार, मुख्यमंत्री और मंत्रियों पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए राजस्थान सरकार के साथ-साथ मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों को 'मूर्ख' करार दिया।1
- शुरू ऐप पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि जब ग्राउंड से सच दिखाती एक लाइव वीडियो के माध्यम से हकीकत सामने रखी गई, तो ऐप ने उसे 'संवेदनशील पोस्ट' का बहाना बनाकर रोक दिया। यह आरोप लगाया गया है कि ऐप को शुरू हुए अभी दस दिन भी पूरे नहीं हुए हैं, और इतनी जल्दी इस तरह की हरकतें सामने आने लगी हैं। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर शुरुआत ही सवालों को दबाने और सच्चाई को रोकने से होगी, तो भविष्य में ऐप का काम कितना निष्पक्ष और भरोसेमंद होगा। जोर देकर कहा गया है कि पत्रकारिता और सोशल मीडिया का काम सच को सामने लाना है, न कि आवाजों को दबाना, और जनता इन सभी गतिविधियों को देख और समझ रही है।1