अभ्यस्त संगठित अंतर्राज्जीय ड्रग्स तस्कर गिरोह समेत संगठित हिस्ट्रीशीटरों पर हरदोई पुलिस की ‘मेहरबानी’, तहरीर के बाद भी कार्रवाई का इंतजार शाहाबाद के अल्लाहपुर तिराहे से दुर्गा ढाबे तक 5 सितंबर को हुआ था बवाल, इस पत्रकार की पहले से गिरोह कर रहा था रेकी और उसके बाद भी कर रहा है घर की रेकी शाहाबाद, हरदोई। अल्लाहपुर तिराहे से दुर्गा ढाबे तक पांच सितंबर को हुए बवाल और मारपीट के मामले में पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। आरोप है कि घटना में शामिल बताए जा रहे हिस्ट्रीशीटरों और ड्रग्स तस्करी गिरोह से जुड़े लोगों पर पुलिस अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर सकी है। आला अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने उसी रात एक हिस्ट्रीशीटर 26 ए को हिरासत में लिया था, लेकिन कुछ ही देर बाद उसे प्रबल राजनैतिक हस्तक्षेप के बाद छोड़ दिया गया । इसके बाद तीसरे दिन एक हिस्ट्रीशीटर के घर पर दोनों पक्षों के बीच समझौता कराए जाने और फिर कोतवाली में भी सुलह-समझौता होने की बात सामने आई। पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर जहाँ बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं वहीं क्षेत्रीय मंत्री पर भी अपने खास कृपा पात्रों की गतिविधियों की अनदेखी का आरोप है। पुलिस ने पहले कहा ‘तहरीर नहीं मिली’ और उसके बाद तहरीर मिली तो कार्यवाही क्यों नहीं? इस रिपोर्टर ने ने खुद दी तहरीर घटना के बाद जब प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार राय से एफआईआर न होने के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने मारपीट की तहरीर न मिलने की बात कही थी। इसके बाद इस रिपोर्टर ने निजहित और जनहित में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। दरअसल पांच सितंबर की घटना से पहले भी उपरोक्त बदमाशों ने मेरी रेकी की और कराई थी और हमला करने की योजना बनाई थी। उस समय मैं रीढ़ की डिस्क स्लिप और तेज बुखार से पीड़ित होने के कारण बाहर नहीं निकला, जिससे हमले की चपेट में आने से बच गया। रात एक बजे घर के बाहर रेकी से फिर बढ़ी चिंता वास्तव में पांच सितंबर की घटना के बाद भी मेरे घर की रेकी जारी रही। एक रात करीब एक बजे रीढ़ के दर्द के कारण नींद न आने पर आहट होने पर मैं अपनी छत पर गया तो कुछ अज्ञात लोग खिड़की की ओर देखते और आपस में कानाफूसी करते दिखाई दिए। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक को तहरीर देकर पूरे मामले की जांच, CCTV फुटेज सुरक्षित कराने और CDR की जांच कराने की मांग की गई। और प्रार्थना की गई कि तथ्य, साक्ष्य मिटाए जाने से पूर्व ही यह आवश्यक कार्य न केवल मेरे हित में बल्कि जनहित में तथा न्यायहित में तथा कानून एवं व्यवस्था के हित में है परन्तु सीधे सरकारी संरक्षण दे रही पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। मामले में कई बार एक्स ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से भी पुलिस अधिकारियों से CCTV फुटेज और CDR संबंधी कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज होने अथवा CCTV और CDR की जांच के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। पुलिस बोली- जांच चल रही, सर्विलांस की मदद ली जा रही पूरे मामले पर प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार राय का कहना है कि मामले की जांच चल रही है और सर्विलांस की मदद ली जा रही है। ऐसे में सवाल यह है कि तहरीर मिलने के बाद अब तक क्या कार्रवाई हुई? पांच सितंबर की घटना से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच किस स्तर तक पहुंची? कथित रेकी के आरोपों की पुष्टि के लिए CCTV फुटेज और सर्विलांस की जांच में क्या सामने आया? और घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच कराए गए कथित समझौते की परिस्थितियां क्या थीं? इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच और कार्रवाई से ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल पांच सितंबर की घटना और उसके बाद सामने आए घटनाक्रम ने शाहाबाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अभ्यस्त संगठित अंतर्राज्जीय ड्रग्स तस्कर गिरोह समेत संगठित हिस्ट्रीशीटरों पर हरदोई पुलिस की ‘मेहरबानी’, तहरीर के बाद भी कार्रवाई का इंतजार शाहाबाद के अल्लाहपुर तिराहे से दुर्गा ढाबे तक 5 सितंबर को हुआ था बवाल, इस पत्रकार की पहले से गिरोह कर रहा था रेकी और उसके बाद भी कर रहा है घर की रेकी शाहाबाद, हरदोई। अल्लाहपुर तिराहे से दुर्गा ढाबे तक पांच सितंबर को हुए बवाल और मारपीट के मामले में पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। आरोप है कि घटना में शामिल बताए जा रहे हिस्ट्रीशीटरों और ड्रग्स तस्करी गिरोह से जुड़े लोगों पर पुलिस अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर सकी है। आला अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने उसी रात एक हिस्ट्रीशीटर 26 ए को हिरासत में लिया था, लेकिन कुछ ही देर बाद उसे प्रबल राजनैतिक हस्तक्षेप के बाद छोड़ दिया गया । इसके बाद तीसरे दिन एक हिस्ट्रीशीटर के घर पर दोनों पक्षों के बीच समझौता कराए जाने और
फिर कोतवाली में भी सुलह-समझौता होने की बात सामने आई। पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर जहाँ बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं वहीं क्षेत्रीय मंत्री पर भी अपने खास कृपा पात्रों की गतिविधियों की अनदेखी का आरोप है। पुलिस ने पहले कहा ‘तहरीर नहीं मिली’ और उसके बाद तहरीर मिली तो कार्यवाही क्यों नहीं? इस रिपोर्टर ने ने खुद दी तहरीर घटना के बाद जब प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार राय से एफआईआर न होने के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने मारपीट की तहरीर न मिलने की बात कही थी। इसके बाद इस रिपोर्टर ने निजहित और जनहित में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। दरअसल पांच सितंबर की घटना से पहले भी उपरोक्त बदमाशों ने मेरी रेकी की और कराई थी और हमला करने की योजना बनाई थी। उस समय मैं रीढ़ की डिस्क स्लिप और तेज बुखार से पीड़ित होने के कारण बाहर नहीं निकला, जिससे हमले की चपेट में आने से बच गया। रात
एक बजे घर के बाहर रेकी से फिर बढ़ी चिंता वास्तव में पांच सितंबर की घटना के बाद भी मेरे घर की रेकी जारी रही। एक रात करीब एक बजे रीढ़ के दर्द के कारण नींद न आने पर आहट होने पर मैं अपनी छत पर गया तो कुछ अज्ञात लोग खिड़की की ओर देखते और आपस में कानाफूसी करते दिखाई दिए। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक को तहरीर देकर पूरे मामले की जांच, CCTV फुटेज सुरक्षित कराने और CDR की जांच कराने की मांग की गई। और प्रार्थना की गई कि तथ्य, साक्ष्य मिटाए जाने से पूर्व ही यह आवश्यक कार्य न केवल मेरे हित में बल्कि जनहित में तथा न्यायहित में तथा कानून एवं व्यवस्था के हित में है परन्तु सीधे सरकारी संरक्षण दे रही पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। मामले में कई बार एक्स ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से भी पुलिस अधिकारियों से CCTV फुटेज और CDR संबंधी कार्रवाई की मांग की गई,
लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज होने अथवा CCTV और CDR की जांच के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। पुलिस बोली- जांच चल रही, सर्विलांस की मदद ली जा रही पूरे मामले पर प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार राय का कहना है कि मामले की जांच चल रही है और सर्विलांस की मदद ली जा रही है। ऐसे में सवाल यह है कि तहरीर मिलने के बाद अब तक क्या कार्रवाई हुई? पांच सितंबर की घटना से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच किस स्तर तक पहुंची? कथित रेकी के आरोपों की पुष्टि के लिए CCTV फुटेज और सर्विलांस की जांच में क्या सामने आया? और घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच कराए गए कथित समझौते की परिस्थितियां क्या थीं? इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच और कार्रवाई से ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल पांच सितंबर की घटना और उसके बाद सामने आए घटनाक्रम ने शाहाबाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- 🚨 हरदोई में जलभराव पर मंत्री का सख्त एक्शन! अवैध पुलिया पर 2 घंटे का अल्टीमेटम, बोले—नहीं टूटी तो FIR | नालों की सफाई के निर्देश जलभराव का निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री, अवैध पुलिया हटाने के दिए निर्देश नितिन अग्रवाल ने अधिकारियों से जलनिकासी के प्रमुख बिंदुओं की जांच कराने को कहा, 15 दिन में मांगी नालों की सफाई रिपोर्ट हरदोई। भारी बारिश के बाद शहर में जलभराव की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे प्रदेश के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने अधिकारियों को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान नाले पर बनी एक पुलिया को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई और इसे अवैध बताते हुए निर्धारित समय में हटाने के निर्देश दिए। मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कहा कि शहर में जहां-जहां जलनिकासी के प्रमुख मार्ग और एग्जिट प्वाइंट हैं, उनकी जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि पानी की निकासी में किसी तरह का अवरोध या अवैध निर्माण न हो। दो घंटे में कार्रवाई के निर्देश निरीक्षण के दौरान मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिस पुलिया को अवैध बताया जा रहा है, उसे दो घंटे के भीतर हटाया जाए। उन्होंने कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में एफआईआर कराने की चेतावनी भी दी। मंत्री ने कहा कि जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित होने से शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई है और ऐसे सभी स्थानों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। नालों की सफाई व्यवस्था की भी समीक्षा निरीक्षण के दौरान नालों की सफाई व्यवस्था को लेकर भी मंत्री ने अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने नालों में जमा गंदगी और उगी झाड़ियों की सफाई कराने तथा पानी की निकासी के रास्तों को सुचारु रखने के निर्देश दिए। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से 15 दिन के भीतर नालों की सफाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। मौके पर पुलिस, नगर पालिका एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री के निर्देशों के बाद संबंधित विभागों द्वारा जलनिकासी व्यवस्था और अवैध निर्माण की स्थिति की जांच कर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई।1
- हरदोई मे ं हाईवे पर लूट की वारदात, हथियारबंद बदमाशों ने कार का शीशा तोड़ 5 किलो चांदी लूटी - हरदोई के शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र में देर रात शाहजहांपुर-लखनऊ हाईवे पर हथियारबंद बदमाशों ने सर्राफा कारोबारी की कार को ओवरटेक कर लूट की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। शाहजहांपुर से लखनऊ जा रहे हरदेव राम सोनी की वैगन-आर कार को स्विफ्ट डिजायर सवार चार बदमाशों ने शाहाबाद से करीब दो किलोमीटर आग े बजरी प्लांट के पास ओवरटेक किया। इसके बाद बदमाशों ने कार का शीशा तोड़कर पीछ े रखा करीब पांच किलो चांदी से भरा बैग लूट लिया और फरार हो गए। एसपी अशोक कुमार मीणा के मुताबिक, कारोबारी अपने ड्राइवर के साथ कार से सफर कर रहे थे। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पीड़ित की तहरीर पर संबंधित धाराओं मे ं मुकदमा दर्ज किया गया है।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ | शाहाबाद, हरदोई शाहाबाद में 5 किलो चांदी की बड़ी लूट, बदमाशों ने कार रोककर व्यापारी को बनाया निशाना, वैगनआर कार का शीशा तोड़कर व्यापारी से लूट, स्विफ्ट सवार 4 बदमाशों ने 5 किलो चांदी लूटी, SP ने घटनास्थल का निरीक्षण कर 3 टीमें गठित की, शाहाबाद कोतवाली के हरदोई रोड का मामला बाइट — SP अशोक कुमार मीणा शाहाबाद, हरदोई। शाहजहांपुर-लखनऊ मार्ग पर शाहाबाद क्षेत्र में रविवार देर शाम स्विफ्ट डिजायर सवार चार अज्ञात बदमाशों ने वैगनआर कार को ओवरटेक कर रोक लिया। बदमाशों ने कार का शीशा तोड़कर पिछली सीट पर रखा करीब 5 किलोग्राम चांदी से भरा बैग लूट लिया और फरार हो गए। बताया गया कि शाहजहांपुर से लखनऊ जा रहे व्यापारी हरदेराम सोनी को शाहाबाद क्षेत्र से करीब दो किलोमीटर आगे बजरी प्लांट के पास बदमाशों ने निशाना बनाया। घटना की सूचना करीब रात 8:15 बजे पुलिस को मिली। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ASP के नेतृत्व में तीन विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। टीमें हाईवे और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ संदिग्ध वाहन की तलाश में जुटी हैं। पुलिस का कहना है कि बदमाशों की पहचान कर जल्द घटना का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।4
- बारिश में किसानों के बीच पहुंचे नितिन अग्रवाल एंकर — हरदोई में 48 घंटे से ज्यादा समय से हो रही बारिश के बीच आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने बावन ब्लॉक के सकरा और गंगौली जमुनियापुरवा गांव पहुंचकर हालात का जायजा स्लग — बारिश में किसानों के बीच पहुंचे नितिन अग्रवाल एंकर — हरदोई में 48 घंटे से ज्यादा समय से हो रही बारिश के बीच आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने बावन ब्लॉक के सकरा और गंगौली जमुनियापुरवा गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया। मंत्री ने बारिश के बीच छाता लेकर ग्रामीणों से मुलाकात की और फसल नुकसान की जानकारी ली। वीओ — मंत्री ने अधिकारियों को फसल नुकसान का आकलन करने, जनहानि रोकने और कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने और राशन की उपलब्धता बनाए रखने को कहा। इस दौरान एसडीएम मयंक कुंडू समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बाइट — नितिन अग्रवाल, आबकारी मंत्री, यूपी सरकार1
- हरदोई: शहर में जलभराव की समस्या पर आबकारी राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल सख्त, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश हरदोई। मानसून और बारिश के मौसम में शहर में होने वाले जलभराव और गंदगी की समस्या को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के आबकारी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने संबंधित नगर पालिका अधिकारियों और कर्मचारियों को अल्टीमेटम जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि अगले 15 दिनों के भीतर शहर के सभी प्रमुख नालों और जल निकासी व्यवस्था की पूरी तरह सफाई सुनिश्चित की जाए। राज्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि समयसीमा के भीतर नालों की सफाई का कार्य पूरा नहीं हुआ और जनता को जलभराव का सामना करना पड़ा, तो लापरवाही बरतने वाले अफसरों और कर्मियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। "लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, समय से हो नाला सफाई" — सुनिए क्या बोले राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल निरीक्षण के दौरान पत्रकारों और स्थानीय निवासियों से बातचीत करते हुए राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा: "शहर में जलभराव और नालों की सफाई को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जनता को जलभराव से मुक्ति दिलाना हमारी प्राथमिकता है। अधिकारियों को सख्त हिदायत दे दी गई है कि 15 दिन के अंदर हर छोटे-बड़े नाले को दुरुस्त और साफ किया जाए। अगर तय समय सीमा में काम पूरा नहीं हुआ या किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। जनता को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।" जलभराव से मुक्ति के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम जारी शहर को जलभराव से स्थाई निजात दिलाने के लिए नघेटा रोड सहित प्रमुख क्षेत्रों में बड़े आरसीसी ड्रेन (नाले) के निर्माण और नए ड्रेनेज सिस्टम का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है। राज्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और गति पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया है। #SVBHARATNEWS #Hardoi #NitinAgarwal #HardoiNews #WaterloggingIssue #UPGovernment #HardoiMunicipalCouncil #DrainageCleaning #UPNews #MinisterNitinAgarwal #HardoiUpdate #ActionAgainstNegligence #JalbharavSamasya #HardoiSamachar1
- कृषि विभाग से किसानों ने बारिश के कारण हुए नुकसान की मुआवजा की मांग हरदोई सुरसा क्षेत्र के किसानों की बारिश के कारण मक्के की फसल बिल्कुल बर्बाद हो गई है किसानों ने शासन से फसल के मुआवजे की मांग की है,,,1
- हरदोई की खबर फटाफट राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र रिपोर्टर राजन त्रिवेदी प्रदेश प्रभारी1
- अभ्यस्त संगठित अंतर्राज्जीय ड्रग्स तस्कर गिरोह समेत संगठित हिस्ट्रीशीटरों पर हरदोई पुलिस की ‘मेहरबानी’, तहरीर के बाद भी कार्रवाई का इंतजार शाहाबाद के अल्लाहपुर तिराहे से दुर्गा ढाबे तक 5 सितंबर को हुआ था बवाल, इस पत्रकार की पहले से गिरोह कर रहा था रेकी और उसके बाद भी कर रहा है घर की रेकी शाहाबाद, हरदोई। अल्लाहपुर तिराहे से दुर्गा ढाबे तक पांच सितंबर को हुए बवाल और मारपीट के मामले में पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। आरोप है कि घटना में शामिल बताए जा रहे हिस्ट्रीशीटरों और ड्रग्स तस्करी गिरोह से जुड़े लोगों पर पुलिस अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर सकी है। आला अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने उसी रात एक हिस्ट्रीशीटर 26 ए को हिरासत में लिया था, लेकिन कुछ ही देर बाद उसे प्रबल राजनैतिक हस्तक्षेप के बाद छोड़ दिया गया । इसके बाद तीसरे दिन एक हिस्ट्रीशीटर के घर पर दोनों पक्षों के बीच समझौता कराए जाने और फिर कोतवाली में भी सुलह-समझौता होने की बात सामने आई। पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर जहाँ बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं वहीं क्षेत्रीय मंत्री पर भी अपने खास कृपा पात्रों की गतिविधियों की अनदेखी का आरोप है। पुलिस ने पहले कहा ‘तहरीर नहीं मिली’ और उसके बाद तहरीर मिली तो कार्यवाही क्यों नहीं? इस रिपोर्टर ने ने खुद दी तहरीर घटना के बाद जब प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार राय से एफआईआर न होने के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने मारपीट की तहरीर न मिलने की बात कही थी। इसके बाद इस रिपोर्टर ने निजहित और जनहित में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। दरअसल पांच सितंबर की घटना से पहले भी उपरोक्त बदमाशों ने मेरी रेकी की और कराई थी और हमला करने की योजना बनाई थी। उस समय मैं रीढ़ की डिस्क स्लिप और तेज बुखार से पीड़ित होने के कारण बाहर नहीं निकला, जिससे हमले की चपेट में आने से बच गया। रात एक बजे घर के बाहर रेकी से फिर बढ़ी चिंता वास्तव में पांच सितंबर की घटना के बाद भी मेरे घर की रेकी जारी रही। एक रात करीब एक बजे रीढ़ के दर्द के कारण नींद न आने पर आहट होने पर मैं अपनी छत पर गया तो कुछ अज्ञात लोग खिड़की की ओर देखते और आपस में कानाफूसी करते दिखाई दिए। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक को तहरीर देकर पूरे मामले की जांच, CCTV फुटेज सुरक्षित कराने और CDR की जांच कराने की मांग की गई। और प्रार्थना की गई कि तथ्य, साक्ष्य मिटाए जाने से पूर्व ही यह आवश्यक कार्य न केवल मेरे हित में बल्कि जनहित में तथा न्यायहित में तथा कानून एवं व्यवस्था के हित में है परन्तु सीधे सरकारी संरक्षण दे रही पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। मामले में कई बार एक्स ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से भी पुलिस अधिकारियों से CCTV फुटेज और CDR संबंधी कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज होने अथवा CCTV और CDR की जांच के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। पुलिस बोली- जांच चल रही, सर्विलांस की मदद ली जा रही पूरे मामले पर प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार राय का कहना है कि मामले की जांच चल रही है और सर्विलांस की मदद ली जा रही है। ऐसे में सवाल यह है कि तहरीर मिलने के बाद अब तक क्या कार्रवाई हुई? पांच सितंबर की घटना से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच किस स्तर तक पहुंची? कथित रेकी के आरोपों की पुष्टि के लिए CCTV फुटेज और सर्विलांस की जांच में क्या सामने आया? और घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच कराए गए कथित समझौते की परिस्थितियां क्या थीं? इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच और कार्रवाई से ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल पांच सितंबर की घटना और उसके बाद सामने आए घटनाक्रम ने शाहाबाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।4