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जस्ट जयपुर लाइव आम पब्लिक और पुलिस का बात करने का तरीका देखिए खास रिपोर्ट और जुड़े रहिए जस्ट जयपुर लाइव से
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जस्ट जयपुर लाइव आम पब्लिक और पुलिस का बात करने का तरीका देखिए खास रिपोर्ट और जुड़े रहिए जस्ट जयपुर लाइव से
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- दौसा की शान, कलेक्ट्रेट सर्किल के पास रमेश चंद मीणा जी की मशहूर दाल की पकौड़ी। कुरकुरी पकौड़ी, स्वादिष्ट चटनी और वर्षों से बरकरार वही देसी स्वाद। अगर दौसा आएं, तो यहां की पकौड़ी का स्वाद लेना न भूलें #Dausa #DausaFood #DalKiPakodi #Pakodi #RameshChandMeena #CityCablenewsjaipur1
- जस्ट जयपुर लाइव आम पब्लिक और पुलिस का बात करने का तरीका देखिए खास रिपोर्ट और जुड़े रहिए जस्ट जयपुर लाइव से1
- राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर टंकी पर चढ़े छात्रों का आंदोलन समाप्त, टीकाराम जूली ने तुड़वाया आमरण अनशन जयपुर। राजधानी जयपुर स्थित राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर तीन छात्र पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन पर बैठ गए। छात्र पिछले दो दिनों से टंकी पर डटे हुए थे और आमरण अनशन भी कर रहे थे। उनका कहना था कि प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव जल्द बहाल किए जाएं। शनिवार शाम को राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली आंदोलन स्थल पहुंचे। उन्होंने छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों को गंभीरता से उठाने का भरोसा दिया और आंदोलन समाप्त करने की अपील की। समझाइश के बाद छात्रों ने टंकी से नीचे उतरकर अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया। छात्रों ने कहा कि उनका आंदोलन छात्र हितों और लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली के लिए था। वहीं टीकाराम जूली ने छात्रों को आश्वस्त किया कि छात्रसंघ चुनाव बहाली के मुद्दे को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा। आंदोलन के शांतिपूर्ण समापन के बाद प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। छात्र नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो भविष्य में आंदोलन फिर से तेज किया जा सकता है।1
- "मोदीजी ने गालियां देने वाले Gen-Z युवाओं को भी अपना माना। ताज़ा वीडियो में उन्होंने कहा— "मुझे भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं। मेरी स्वर्गीय माताजी को भी गालियां दी गईं। लेकिन बच्चे तो अपने हैं। दांतों के बीच जीभ आ जाए तो दांत नहीं तोड़े जाते। आइए, मिलकर आगे बढ़ें, सुधरें।" और हां, आज एक बात अलग रही... सोशल मीडिया की दुनिया में जहां कहा जाता है कि रील एक मिनट की होनी चाहिए, वहीं मोदीजी का संदेश करीब तीन मिनट तक चला। लेकिन जब बात संवाद और संदेश की हो, तो समय से ज्यादा मायने उसकी बातों के होते हैं। आपकी राय? क्या इस तरह की भाषा और संदेश राजनीति में सकारात्मक माहौल बनाने में मदद कर सकते हैं?1
- यह मानवता का ऐसा दृश्य इसको देखकर आत्मा जग उठेगी .... कैंसर की अंतिम स्टेज से जूझ रहे पिता को जब अहसास हुआ कि उनके पास अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है, तो उन्होंने अपने बेटे मंत्र को अपने पास बुलाया. उन्होंने बहुत ही प्यार और दुलार से अपने बेटे को समझाया कि उनके जाने के बाद उसे कैसे रहना है. पिता ने बेटे से कहा कि वह अपनी मां की हर बात सुने और कभी भी बदमाशी न करे. उन्होंने मासूम को समझाया कि अब परिवार की जिम्मेदारी और मां-बहनों का ख्याल रखने का वक्त उसका ही है. वीडियो में पिता अपने मासूम बेटे का हौसला बढ़ाते नजर आ रहे हैं. जब बच्चा भावुक होने लगता है, तो पिता बड़े ही प्यार से उससे कहते हैं कि रोना नहीं है, तुम तो बहुत अच्छे और समझदार बच्चे हो ना. उन्होंने बेटे से रोने का वादा भी लिया ताकि उनके जाने के बाद बच्चा हिम्मत से काम ले सके. पिता की ये बातें सुनकर इंटरनेट पर हर कोई भावुक हो रहा है और इस पिता के जज्बे को सलाम कर रहा है. उन्होंने अपने बेटे को साफ शब्दों में कहा कि वह अपनी मां का ख्याल रखेगा और उनकी हर बात मानेगा. इसके साथ ही उन्होंने बेटे को याद दिलाया कि उसे अपनी दो छोटी बहनों का भी ध्यान रखना है और उनकी रक्षा करनी है. छोटी सी उम्र में बेटे को एक जिम्मेदार इंसान बनाने की यह कोशिश दिल छू लेने वाली है1
- पवित्र श्रावण मास में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या धाम में स्थाई प्रकाश व्यवस्था का शुभारंभ पवित्र श्रावण मास में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर अयोध्या धाम में स्थायी रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था का शुभारंभ हो चुका है। स्वर्णिम प्रभा से आलोकित मंदिर का उत्तुंग शिखर और दूर-दूर तक विस्तृत भव्य परिसर मानो दिव्यता का साकार रूप धारण कर श्रद्धालुओं को अलौकिक अनुभूति से अभिभूत कर देता है। रात्रि की नीरवता में ज्योतिर्मय श्रीराम मंदिर की अनुपम छटा श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक वैभव का अद्वितीय संगम प्रस्तुत करती है।2
- रोड इतने खराब हैं कि एंबुलेंस भी नहीं जा सकती है जस्ट जयपुर लाइव से1
- 12 दिन से अन त्याग कर पैदल चलने की वजह से महिपाल सिंह मकराना की बिगड़ी -तबीयत 12 दिन से अन त्याग कर पैदल चलने की वजह से महिपाल सिंह मकराना की बिगड़ी -तबीयत1