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मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के चिचोली में कांग्रेस पार्टी की ओर से उग्र प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर अपना विरोध दर्ज कराया।

1 day ago
user_दैनिक अग्निवर्षा अखबार मीडिया
दैनिक अग्निवर्षा अखबार मीडिया
बैतूल नगर, बैतूल, मध्य प्रदेश•
1 day ago

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के चिचोली में कांग्रेस पार्टी की ओर से उग्र प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर अपना विरोध दर्ज कराया।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • बैतूल जिले के पाथाखेड़ा स्थित शास्त्री नगर निवासी जितेन्द्र, जो कि पिता जियालाल विश्वकर्मा का पुत्र है, को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जितेन्द्र के खिलाफ कुल 11 मामले पहले से ही पंजीबद्ध हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया है।
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    बैतूल जिले के पाथाखेड़ा स्थित शास्त्री नगर निवासी जितेन्द्र, जो कि पिता जियालाल विश्वकर्मा का पुत्र है, को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जितेन्द्र के खिलाफ कुल 11 मामले पहले से ही पंजीबद्ध हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया है।
    user_Namdev gujre Khabar bhart news
    Namdev gujre Khabar bhart news
    घोड़ा डोंगरी, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • भारत विकास परिषद माँ ताप्ती शाखा, मुलताई ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर शासकीय नवीन हाईस्कूल परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। हरित भारत के संकल्प के साथ शुरू हुए इस आयोजन में परिषद के सदस्यों ने विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। इस दौरान सदस्यों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि भारत विकास परिषद सेवा, संस्कार, सहयोग, समर्पण और पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक सरोकारों के लिए सदैव सक्रिय है। इस पहल का उद्देश्य समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना है। कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य नीलिमा गार्गव के साथ-साथ परिषद के अध्यक्ष प्रशांत भार्गव, कोषाध्यक्ष संदीप भार्गव, प्रान्त सेवा प्रमुख अभिषेक खंडेलवाल, तपन खंडेलवाल, गजानन कवड़कर, मुकेश जैन, देवेंद्र जैन, रवि प्रकाश जैन, प्रवीण जैन, संदीप तारे, गिरीश मगरदे, महेश खत्री, पवन सोनी, राजा सोनी, मनोज उइके, राहुल भार्गव समेत अन्य सदस्य और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। सभी ने पौधों की सुरक्षा और देखभाल का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाने की बात कही।
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    भारत विकास परिषद माँ ताप्ती शाखा, मुलताई ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर शासकीय नवीन हाईस्कूल परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। हरित भारत के संकल्प के साथ शुरू हुए इस आयोजन में परिषद के सदस्यों ने विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए।

इस दौरान सदस्यों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि भारत विकास परिषद सेवा, संस्कार, सहयोग, समर्पण और पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक सरोकारों के लिए सदैव सक्रिय है। इस पहल का उद्देश्य समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना है।

कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य नीलिमा गार्गव के साथ-साथ परिषद के अध्यक्ष प्रशांत भार्गव, कोषाध्यक्ष संदीप भार्गव, प्रान्त सेवा प्रमुख अभिषेक खंडेलवाल, तपन खंडेलवाल, गजानन कवड़कर, मुकेश जैन, देवेंद्र जैन, रवि प्रकाश जैन, प्रवीण जैन, संदीप तारे, गिरीश मगरदे, महेश खत्री, पवन सोनी, राजा सोनी, मनोज उइके, राहुल भार्गव समेत अन्य सदस्य और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। सभी ने पौधों की सुरक्षा और देखभाल का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाने की बात कही।
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter Multai, Betul•
    8 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की भैंसदेही विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत कोरडी के सालईढाना गांव में आजादी के 78 साल बाद भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। गांव की विडंबना यह है कि यहां से मात्र 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर पवन चक्कियां बिजली उत्पादन कर रही हैं, लेकिन सालईढाना के 150 से अधिक ग्रामीण आज भी बिजली की रोशनी से दूर हैं। गांव में आज तक बिजली का एक भी खंभा नहीं लगा है और पिछले 5 वर्षों से निवासी एसबीआई द्वारा मिले सोलर पैनलों के सहारे रात गुजारने को मजबूर हैं। सूरज ढलते ही गांव में अंधेरा छा जाता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर गहरा असर पड़ रहा है। पेयजल और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं की स्थिति भी बदहाल है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने आज तक नल नहीं देखे हैं और वे गंदे नाले का पानी छानकर पीने के लिए मजबूर हैं, जिससे स्वास्थ्य का खतरा बना रहता है। आवागमन के लिए भी कोई पक्का रास्ता नहीं है; बारिश के दौरान गांव का संपर्क कट जाता है और जरूरी कार्यों के लिए ग्रामीणों को या तो 10-12 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है या 4 किलोमीटर का जोखिम भरा रास्ता चुनना पड़ता है जिसमें पहाड़ियां और बड़ी नदियां पार करनी होती हैं। शिक्षा के मामले में भी गांव में केवल कक्षा 1 से 5 तक ही स्कूल है, जिसके बाद आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई अक्सर बीच में ही छूट जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनवाड़ी सेवाएं भी ठप हैं और सरकारी अधिकारियों को गांव की स्थिति का अंदाजा तक नहीं है। जब वे अपनी समस्याओं को लेकर कार्यालयों के चक्कर काटते हैं, तो जिम्मेदारों को नक्शा देखकर गांव की स्थिति समझनी पड़ती है। इस लगातार उपेक्षा से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आगामी पंचायत चुनाव में मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी है। यदि बिजली, सड़क, पानी और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हुईं, तो पूरा गांव चुनाव प्रक्रिया से दूर रहेगा।
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    मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की भैंसदेही विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत कोरडी के सालईढाना गांव में आजादी के 78 साल बाद भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। गांव की विडंबना यह है कि यहां से मात्र 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर पवन चक्कियां बिजली उत्पादन कर रही हैं, लेकिन सालईढाना के 150 से अधिक ग्रामीण आज भी बिजली की रोशनी से दूर हैं। गांव में आज तक बिजली का एक भी खंभा नहीं लगा है और पिछले 5 वर्षों से निवासी एसबीआई द्वारा मिले सोलर पैनलों के सहारे रात गुजारने को मजबूर हैं। सूरज ढलते ही गांव में अंधेरा छा जाता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर गहरा असर पड़ रहा है।

पेयजल और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं की स्थिति भी बदहाल है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने आज तक नल नहीं देखे हैं और वे गंदे नाले का पानी छानकर पीने के लिए मजबूर हैं, जिससे स्वास्थ्य का खतरा बना रहता है। आवागमन के लिए भी कोई पक्का रास्ता नहीं है; बारिश के दौरान गांव का संपर्क कट जाता है और जरूरी कार्यों के लिए ग्रामीणों को या तो 10-12 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है या 4 किलोमीटर का जोखिम भरा रास्ता चुनना पड़ता है जिसमें पहाड़ियां और बड़ी नदियां पार करनी होती हैं। शिक्षा के मामले में भी गांव में केवल कक्षा 1 से 5 तक ही स्कूल है, जिसके बाद आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई अक्सर बीच में ही छूट जाती है।

ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनवाड़ी सेवाएं भी ठप हैं और सरकारी अधिकारियों को गांव की स्थिति का अंदाजा तक नहीं है। जब वे अपनी समस्याओं को लेकर कार्यालयों के चक्कर काटते हैं, तो जिम्मेदारों को नक्शा देखकर गांव की स्थिति समझनी पड़ती है। इस लगातार उपेक्षा से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आगामी पंचायत चुनाव में मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी है। यदि बिजली, सड़क, पानी और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हुईं, तो पूरा गांव चुनाव प्रक्रिया से दूर रहेगा।
    user_भैंसदेही संवाददाता
    भैंसदेही संवाददाता
    Local News Reporter भैंसदेही, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • सिवनी मालवा नगर कांग्रेस कमेटी ने नगर में चल रहे सड़क निर्माण कार्य के कारण उत्पन्न यातायात समस्याओं और अवैध पार्किंग के विरोध में तहसीलदार नितिन झोड़ को एक ज्ञापन सौंपा है। नगर अध्यक्ष स्वदेश शर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में प्रशासन को अवगत कराया गया है कि बरसात के दौरान किए जा रहे निर्माण कार्य से यातायात पूरी तरह प्रभावित है। सड़क का एक हिस्सा बंद होने के कारण सभी वाहनों का दबाव दूसरे हिस्से पर है, जिसे सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों ने और अधिक संकरा बना दिया है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि बैंकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर खड़े वाहनों के कारण स्कूली बच्चों, आम नागरिकों और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए भारी मुश्किलें पैदा हो रही हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। कांग्रेस ने मांग की है कि निर्माण स्थल पर बैरिकेड्स, साइन बोर्ड और स्टॉपर लगाकर यातायात को सुचारू बनाया जाए और अवैध पार्किंग के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, नगर परिषद और यातायात पुलिस से जाम पर नियंत्रण रखने और अस्थायी वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था करने की मांग की गई है। नगर कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो प्रशासन की जिम्मेदारी पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपते समय स्वदेश शर्मा, हैरिसन स्वामी, पृथ्वीराज रघुवंशी, देवेंद्र रघुवंशी, कृष्णकांत मानिक, आकाश दार, नर्मदा गौर, दीपक गोस्वामी, राजू खान, अभिषेक सलामे, प्रशांत गोस्वामी, आकाश चाल्स और विनोद रघुवंशी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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    सिवनी मालवा नगर कांग्रेस कमेटी ने नगर में चल रहे सड़क निर्माण कार्य के कारण उत्पन्न यातायात समस्याओं और अवैध पार्किंग के विरोध में तहसीलदार नितिन झोड़ को एक ज्ञापन सौंपा है। नगर अध्यक्ष स्वदेश शर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में प्रशासन को अवगत कराया गया है कि बरसात के दौरान किए जा रहे निर्माण कार्य से यातायात पूरी तरह प्रभावित है। सड़क का एक हिस्सा बंद होने के कारण सभी वाहनों का दबाव दूसरे हिस्से पर है, जिसे सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों ने और अधिक संकरा बना दिया है।

ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि बैंकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर खड़े वाहनों के कारण स्कूली बच्चों, आम नागरिकों और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए भारी मुश्किलें पैदा हो रही हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। कांग्रेस ने मांग की है कि निर्माण स्थल पर बैरिकेड्स, साइन बोर्ड और स्टॉपर लगाकर यातायात को सुचारू बनाया जाए और अवैध पार्किंग के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, नगर परिषद और यातायात पुलिस से जाम पर नियंत्रण रखने और अस्थायी वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था करने की मांग की गई है।

नगर कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो प्रशासन की जिम्मेदारी पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपते समय स्वदेश शर्मा, हैरिसन स्वामी, पृथ्वीराज रघुवंशी, देवेंद्र रघुवंशी, कृष्णकांत मानिक, आकाश दार, नर्मदा गौर, दीपक गोस्वामी, राजू खान, अभिषेक सलामे, प्रशांत गोस्वामी, आकाश चाल्स और विनोद रघुवंशी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
    user_Shashank Mishra
    Shashank Mishra
    पत्रकार सिवनी-मालवा, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पांढुर्णा में जिला किसान कांग्रेस के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र में खाद की कमी, ई-टोकन व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, कर्ज और जर्जर सड़कों की समस्याओं को लेकर सरकार से तत्काल राहत की मांग की है। जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष हरनाम सिंह सेंगर ने स्पष्ट किया कि खाद वितरण में लागू ई-टोकन प्रणाली के चलते किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे बुवाई का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि इस ई-टोकन व्यवस्था को तुरंत बंद कर पुरानी वितरण प्रणाली को बहाल किया जाए। ज्ञापन में कई अन्य प्रमुख मांगें भी शामिल की गईं, जिनमें खेती के दौरान दुर्घटना या आकाशीय बिजली गिरने से किसान की मृत्यु होने पर परिवार को ₹5 लाख की सहायता देना और साठ वर्ष से अधिक आयु के किसानों के लिए ₹2,000 की मासिक पेंशन योजना शुरू करना शामिल है। इसके अलावा, रात के समय खेतों के लिए सिंगल फेज बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, नकली कीटनाशकों की बिक्री पर रोक लगाने और कृषि सामग्री पर पक्का बिल अनिवार्य करने की मांग की गई। साथ ही, कृषि ऋण माफी और खस्ताहाल सड़कों, विशेषकर पांढुर्णा-वरुड राजमार्ग की मरम्मत पर जोर दिया गया। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष जतन उइके, विधायक विजय चौरे, विधायक नीलेश उइके समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    पांढुर्णा में जिला किसान कांग्रेस के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र में खाद की कमी, ई-टोकन व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, कर्ज और जर्जर सड़कों की समस्याओं को लेकर सरकार से तत्काल राहत की मांग की है। जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष हरनाम सिंह सेंगर ने स्पष्ट किया कि खाद वितरण में लागू ई-टोकन प्रणाली के चलते किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे बुवाई का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि इस ई-टोकन व्यवस्था को तुरंत बंद कर पुरानी वितरण प्रणाली को बहाल किया जाए।

ज्ञापन में कई अन्य प्रमुख मांगें भी शामिल की गईं, जिनमें खेती के दौरान दुर्घटना या आकाशीय बिजली गिरने से किसान की मृत्यु होने पर परिवार को ₹5 लाख की सहायता देना और साठ वर्ष से अधिक आयु के किसानों के लिए ₹2,000 की मासिक पेंशन योजना शुरू करना शामिल है। इसके अलावा, रात के समय खेतों के लिए सिंगल फेज बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, नकली कीटनाशकों की बिक्री पर रोक लगाने और कृषि सामग्री पर पक्का बिल अनिवार्य करने की मांग की गई। साथ ही, कृषि ऋण माफी और खस्ताहाल सड़कों, विशेषकर पांढुर्णा-वरुड राजमार्ग की मरम्मत पर जोर दिया गया। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष जतन उइके, विधायक विजय चौरे, विधायक नीलेश उइके समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_NILESH KALASKAR
    NILESH KALASKAR
    Farmer Pandhurna, Chhindwara•
    10 hrs ago
  • इटारसी नगर पालिका की सीएमओ सुरेखा जाटव शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर आज सुबह एक्शन मोड में दिखाई दीं। वार्ड नंबर 22 के औचक निरीक्षण के दौरान, सड़क पर कचरा फेंकने वाले एक मकान मालिक पर तत्काल ₹500 का जुर्माना लगाया गया। इस दौरान पार्षद व विधायक प्रतिनिधि देवेंद्र पटेल भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने नालियों पर अतिक्रमण करने वालों को नोटिस जारी करने और पाइपलाइन में हो रहे लीकेज को तुरंत ठीक करने के कड़े निर्देश दिए हैं। #CleanItarsi के संकल्प के साथ यह कार्रवाई शहर में सफाई और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
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    इटारसी नगर पालिका की सीएमओ सुरेखा जाटव शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर आज सुबह एक्शन मोड में दिखाई दीं। वार्ड नंबर 22 के औचक निरीक्षण के दौरान, सड़क पर कचरा फेंकने वाले एक मकान मालिक पर तत्काल ₹500 का जुर्माना लगाया गया। इस दौरान पार्षद व विधायक प्रतिनिधि देवेंद्र पटेल भी उनके साथ मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने नालियों पर अतिक्रमण करने वालों को नोटिस जारी करने और पाइपलाइन में हो रहे लीकेज को तुरंत ठीक करने के कड़े निर्देश दिए हैं। #CleanItarsi के संकल्प के साथ यह कार्रवाई शहर में सफाई और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
    user_Itarsi_update_786
    Itarsi_update_786
    Newspaper publisher इटारसी, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बैतूल जिले के आमला ब्लॉक के ग्राम नरेरा में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने अपने भ्रमण के दौरान एकीकृत प्राथमिक-माध्यमिक शाला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा 5वीं और 7वीं के विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए शिक्षक की भूमिका निभाई और उन्हें रोचक तरीके से जल चक्र व पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों से सामान्य ज्ञान और विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर उनकी सीखने की क्षमता का आकलन भी किया। शिक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे बच्चों को कहानी आधारित पद्धति से पढ़ाएं और दैनिक रूप से सामान्य ज्ञान साझा करें। विद्यालय निरीक्षण के दौरान उन्होंने शौचालयों की स्वच्छता, रनिंग वाटर की उपलब्धता, रसोईघर और पुस्तकालय की व्यवस्थाओं की समीक्षा की, साथ ही भोजन की गुणवत्ता और मक्खियों से बचाव के लिए छिड़काव करने के निर्देश दिए। ग्राम नरेरा के आंगनबाड़ी केंद्र में निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने छत से पानी टपकने की समस्या को लेकर तुरंत मरम्मत के निर्देश दिए। उन्होंने वहां गर्भवती महिला सोनम पति श्रीराम की रक्त जांच कराकर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति देखी और एएनएम को गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, आयरन-फोलिक एसिड की दवाओं और संतुलित आहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान बाउंड्री वॉल में दरार मिलने पर उन्होंने संबंधित ठेकेदार और इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ओपीडी, दवा वितरण, 108 एंबुलेंस सेवा और आवश्यक दवाओं के स्टॉक की समीक्षा की। उन्होंने बीएमओ को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्र में बंद पड़े बोर को तुरंत ठीक करवाकर पेयजल व्यवस्था बहाल की जाए।
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    बैतूल जिले के आमला ब्लॉक के ग्राम नरेरा में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने अपने भ्रमण के दौरान एकीकृत प्राथमिक-माध्यमिक शाला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा 5वीं और 7वीं के विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए शिक्षक की भूमिका निभाई और उन्हें रोचक तरीके से जल चक्र व पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों से सामान्य ज्ञान और विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर उनकी सीखने की क्षमता का आकलन भी किया। शिक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे बच्चों को कहानी आधारित पद्धति से पढ़ाएं और दैनिक रूप से सामान्य ज्ञान साझा करें। विद्यालय निरीक्षण के दौरान उन्होंने शौचालयों की स्वच्छता, रनिंग वाटर की उपलब्धता, रसोईघर और पुस्तकालय की व्यवस्थाओं की समीक्षा की, साथ ही भोजन की गुणवत्ता और मक्खियों से बचाव के लिए छिड़काव करने के निर्देश दिए।

ग्राम नरेरा के आंगनबाड़ी केंद्र में निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने छत से पानी टपकने की समस्या को लेकर तुरंत मरम्मत के निर्देश दिए। उन्होंने वहां गर्भवती महिला सोनम पति श्रीराम की रक्त जांच कराकर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति देखी और एएनएम को गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, आयरन-फोलिक एसिड की दवाओं और संतुलित आहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

उप स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान बाउंड्री वॉल में दरार मिलने पर उन्होंने संबंधित ठेकेदार और इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ओपीडी, दवा वितरण, 108 एंबुलेंस सेवा और आवश्यक दवाओं के स्टॉक की समीक्षा की। उन्होंने बीएमओ को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्र में बंद पड़े बोर को तुरंत ठीक करवाकर पेयजल व्यवस्था बहाल की जाए।
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter Multai, Betul•
    8 hrs ago
  • भैंसदेही के सतपुड़ा के जंगलों के बीच कुकरू के कसई गांव में वर्ष 2005 में स्थापित देश का पहला ‘विलेज एनर्जी सिक्योरिटी’ मॉडल अब सरकारी उपेक्षा के कारण पूरी तरह विफल हो चुका है। तत्कालीन गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत मंत्रालय और मध्यप्रदेश वन विभाग के सहयोग से शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना को ग्रामीण ऊर्जा क्रांति के प्रतीक के रूप में पेश किया गया था, जिसका उद्देश्य बायोमास गैसीफायर तकनीक के माध्यम से गांवों को आत्मनिर्भर बनाना था। परियोजना के तहत दो 10 किलोवाट क्षमता के बायोमास गैसीफायर स्थापित किए गए थे, जिनसे घरों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों तक बिजली पहुंचाने के साथ-साथ जल पंप और आटा चक्की जैसी सुविधाएं देने का लक्ष्य था। बायोमास की निरंतर उपलब्धता के लिए विशेष वृक्षारोपण भी किया गया था। हालांकि, 20 साल बाद आज यह प्लांट केवल एक खंडहर बनकर रह गया है, जहां उपकरण जंग खा चुके हैं या गायब हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रखरखाव के अभाव और तकनीकी सहायता न मिलने के कारण यह सिस्टम धीरे-धीरे बंद हो गया। आज जब सरकारें हरित ऊर्जा और जैव ऊर्जा पर जोर दे रही हैं, तब इस परियोजना की विफलता पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीण और विशेषज्ञ इस बात की जवाबदेही मांग रहे हैं कि प्रशासनिक लापरवाही और तकनीकी कमियों के कारण करोड़ों रुपये की परिसंपत्तियां क्यों बर्बाद हो गईं। स्थानीय लोग अब इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट के तकनीकी मूल्यांकन और पुनरुद्धार की मांग कर रहे हैं, ताकि बीस साल से अधूरे पड़े इस वादे को पूरा कर ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके।
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    भैंसदेही के सतपुड़ा के जंगलों के बीच कुकरू के कसई गांव में वर्ष 2005 में स्थापित देश का पहला ‘विलेज एनर्जी सिक्योरिटी’ मॉडल अब सरकारी उपेक्षा के कारण पूरी तरह विफल हो चुका है। तत्कालीन गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत मंत्रालय और मध्यप्रदेश वन विभाग के सहयोग से शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना को ग्रामीण ऊर्जा क्रांति के प्रतीक के रूप में पेश किया गया था, जिसका उद्देश्य बायोमास गैसीफायर तकनीक के माध्यम से गांवों को आत्मनिर्भर बनाना था।

परियोजना के तहत दो 10 किलोवाट क्षमता के बायोमास गैसीफायर स्थापित किए गए थे, जिनसे घरों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों तक बिजली पहुंचाने के साथ-साथ जल पंप और आटा चक्की जैसी सुविधाएं देने का लक्ष्य था। बायोमास की निरंतर उपलब्धता के लिए विशेष वृक्षारोपण भी किया गया था। हालांकि, 20 साल बाद आज यह प्लांट केवल एक खंडहर बनकर रह गया है, जहां उपकरण जंग खा चुके हैं या गायब हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रखरखाव के अभाव और तकनीकी सहायता न मिलने के कारण यह सिस्टम धीरे-धीरे बंद हो गया।

आज जब सरकारें हरित ऊर्जा और जैव ऊर्जा पर जोर दे रही हैं, तब इस परियोजना की विफलता पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीण और विशेषज्ञ इस बात की जवाबदेही मांग रहे हैं कि प्रशासनिक लापरवाही और तकनीकी कमियों के कारण करोड़ों रुपये की परिसंपत्तियां क्यों बर्बाद हो गईं। स्थानीय लोग अब इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट के तकनीकी मूल्यांकन और पुनरुद्धार की मांग कर रहे हैं, ताकि बीस साल से अधूरे पड़े इस वादे को पूरा कर ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके।
    user_भैंसदेही संवाददाता
    भैंसदेही संवाददाता
    Local News Reporter भैंसदेही, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा में तहसील कार्यालय के सामने किसानों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। अपनी 100 प्रतिशत मूंग खरीदी और अन्य मांगों को लेकर अड़े किसान गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात भी धरना स्थल पर ही डटे रहे। इस दौरान उन्होंने सड़कों पर डेरा डालकर लकड़ी और कंडों पर दाल-बाटी बनाकर सामूहिक भोजन किया। रात करीब 11 बजे भोजन करने के बाद भी किसान तहसील कार्यालय के सामने डटे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने संकल्प को दोहराया। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे ने स्पष्ट किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। किसानों की मुख्य मांगों में ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद और खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करना शामिल है। किसान अपनी मांगों पर अडिग हैं और तब तक धरने पर बैठने की बात कह रहे हैं जब तक शासन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करता।
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    भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा में तहसील कार्यालय के सामने किसानों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। अपनी 100 प्रतिशत मूंग खरीदी और अन्य मांगों को लेकर अड़े किसान गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात भी धरना स्थल पर ही डटे रहे। इस दौरान उन्होंने सड़कों पर डेरा डालकर लकड़ी और कंडों पर दाल-बाटी बनाकर सामूहिक भोजन किया।

रात करीब 11 बजे भोजन करने के बाद भी किसान तहसील कार्यालय के सामने डटे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने संकल्प को दोहराया। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे ने स्पष्ट किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

किसानों की मुख्य मांगों में ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद और खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करना शामिल है। किसान अपनी मांगों पर अडिग हैं और तब तक धरने पर बैठने की बात कह रहे हैं जब तक शासन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करता।
    user_Shashank Mishra
    Shashank Mishra
    पत्रकार सिवनी-मालवा, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
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