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Allhadaspur gao me
Ramsachhe Rajput
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More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- स्वास्थ्य विभाग द्वारा बरती जा रही बड़ी लापरवाही से आम जनमानस के लिए गंभीर परिस्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं और इसके भारी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।1
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- फर्रुखाबाद के कायमगंज कोतवाली में शनिवार को थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उप जिला अधिकारी अतुल कुमार सिंह और पुलिस उपाधीक्षक राजेश कुमार द्विवेदी विशेष रूप से उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में प्रशासन ने अवैध अस्पतालों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान फायर सुरक्षा और दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें कई खामियां पाई गईं। जांच में विशेष रूप से एक बेसमेंट में अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित होता हुआ मिला। इन अनियमितताओं के सामने आने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मानक पूरे नहीं किए गए, तो संबंधित अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- शुरू ऐप पर एक वीडियो साझा किया गया है, जिसमें दिखाया गया है कि किस तरह एक कार को उठाया जा रहा है। ऐप अपने दर्शकों तक हर छोटी-बड़ी खबर पहुँचाने का आश्वासन देता है।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में नेकपुर चौरासी पुल के पास गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई, जहाँ कादरीगेट निवासी राहुल सक्सेना को एक तेज रफ्तार अनियंत्रित वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में राहुल गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे उनके दाहिने पैर में गहरी चोट आई है। दुर्घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें इस भयावह मंजर को बयां कर रही हैं, जिनमें घायल राहुल सड़क किनारे एक पुराने गत्ते पर खून से लथपथ पड़े दिखाई दे रहे हैं। उनका दाहिना पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त है और उसे अस्थायी रूप से एक हरे कपड़े से बांधा गया है। दर्द से कराहते राहुल के हाथ में मोबाइल फोन है और वे बेबसी से कैमरे की ओर देख रहे हैं। घटनास्थल पर बिखरा खून दुर्घटना की गंभीरता को स्पष्ट करता है। स्थानीय लोगों ने तुरंत एम्बुलेंस को सूचित किया, लेकिन काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद न तो 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और न ही कोई स्वास्थ्य टीम। अंततः राहुल के परिजनों को उन्हें अपनी निजी कार से नजदीकी अस्पताल ले जाना पड़ा। इस घटना ने जिले की आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की बड़ी लापरवाही और उनके दावों की पोल खोल दी है, जिससे लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि इतनी गंभीर दुर्घटना के बाद भी एम्बुलेंस सेवा क्यों नदारद रही।2
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में एक सामान्य नाली विवाद अब एक बड़े और गंभीर विवाद में बदल गया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जिस महिला और उसके परिजनों पर उन्होंने मारपीट, गाली-गलौज और जेवर तोड़ने का आरोप लगाया है, उनका नाम पहले भी कई विवादित मामलों में सामने आ चुका है। रेनू पत्नी मुकेश ने बताया कि पड़ोसियों ने उनके घर में घुसकर हमला किया, अभद्रता की और उनके जेवर तोड़ दिए। पीड़िता का आरोप है कि उनकी शिकायत के बावजूद स्थानीय पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित परिवार का दावा है कि उनकी शिकायत के बजाय उल्टा उनके ही खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस स्थिति से व्यथित परिवार न्याय की आस में उच्च अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। अपनी शिकायत के समर्थन में, पीड़ित परिवार ने अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र के साथ कुछ पुरानी अखबार की कटिंग भी प्रस्तुत की हैं। उनका दावा है कि जिन लोगों पर वे आरोप लगा रहे हैं, उनमें से एक महिला का नाम पहले चोरी के गिरोह से जुड़े मामले में सामने आया था। इसके अलावा, एक अन्य पुरानी समाचार कटिंग में भी उसी महिला का नाम एक गंभीर मामले की जांच के संदर्भ में प्रकाशित होने का जिक्र है। अब पीड़ित परिवार सीधे-सीधे यह सवाल उठा रहा है कि यदि उनकी शिकायत सही है, तो उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? और यदि संबंधित महिला का नाम पुराने कई गंभीर मामलों में भी सामने आता रहा है, तो फिर इस मामले में निष्पक्ष जांच क्यों नहीं हो रही है और सच्चाई जनता के सामने क्यों नहीं लाई जा रही है? न्याय के लिए पीड़ित परिवार पुलिस अधीक्षक से लेकर महानिदेशक पुलिस तक गुहार लगा चुका है, लेकिन अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिला है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है।1
- फर्रुखाबाद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा जारी एक नया फरमान अब शहर में व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।1