*आपका नेटवर्क ही आपकी नेट-वर्थ है, दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों से संपर्क बढ़ाएं, ज्ञान का आदान-प्रदान आपकी इंटरपर्सनल स्किल्स को करेगा मजबूत: अनुराग सिंह ठाकुर* *सैनिक स्कूल में पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने डिजिटल लैब और टेबल टेनिस हॉल का किया अनावरण पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने आज सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा में विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, राष्ट्र निर्माण और देश की रक्षा क्षमताओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए उन्हें जीवन में निरंतर सीखने, नए लोगों से जुड़ने और अपने ज्ञान का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आपका नेटवर्क ही आपकी नेट-वर्थ है। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल में देश के विभिन्न राज्यों से विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। ऐसे में जब भी विद्यार्थियों की दूसरे राज्यों से आए साथियों से मुलाकात हो, तो उन्हें आपस में संपर्क नंबर और ई-मेल आईडी जरूर साझा करनी चाहिए। भविष्य में जब वे उनके राज्यों में जाएं तो इन संपर्कों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपयोगी और सार्थक जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। इससे न केवल ज्ञान का आदान-प्रदान होगा, बल्कि विद्यार्थियों की समझ, आत्मविश्वास और इंटरपर्सनल स्किल्स भी मजबूत होंगी। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल केवल शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थान नहीं हैं, बल्कि देश के भविष्य के नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला तैयार करने वाले महत्वपूर्ण केंद्र हैं। यहां विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे गुण विकसित किए जाते हैं। यही गुण आगे चलकर देश की शक्ति और सामर्थ्य को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अनुराग सिंह ठाकुर ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भारतीय रक्षा सेनाओं की वीरता और शौर्यगाथाओं का अधिक से अधिक अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को देश के वीर सैनिकों के गैलेंट्री अवॉर्ड्स, उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के बारे में जानकारी हासिल करनी चाहिए। साथ ही भारत की सैन्य उपलब्धियों, स्वदेशी रक्षा उपकरणों, आधुनिक तकनीक, हथियार प्रणालियों और ऑर्डिनेंस क्षमताओं के बारे में भी अधिक से अधिक ज्ञान अर्जित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में आधुनिक रक्षा उपकरणों का निर्माण हो रहा है और भारतीय सेनाएं नई तकनीकों से सुसज्जित हो रही हैं। ऐसे समय में सैनिक स्कूलों के विद्यार्थियों को इन उपलब्धियों और देश की रक्षा शक्ति से परिचित होना आवश्यक है, ताकि उनमें राष्ट्र के प्रति गौरव और जिम्मेदारी की भावना और अधिक प्रबल हो। सांसद ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। उन्हें देश-दुनिया में हो रहे बदलावों, नई तकनीकों, भारतीय संस्कृति, इतिहास और राष्ट्र की उपलब्धियों के बारे में भी निरंतर सीखते रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को देश प्रेम को अपने जीवन का केंद्र बिंदु बनाते हुए अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूलों से निकलने वाले विद्यार्थी देश के विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभाते हैं। इसलिए इन संस्थानों की जिम्मेदारी केवल अच्छे विद्यार्थी तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे जागरूक, अनुशासित और राष्ट्रभक्त नागरिक तैयार करना भी है, जो देश की प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
*आपका नेटवर्क ही आपकी नेट-वर्थ है, दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों से संपर्क बढ़ाएं, ज्ञान का आदान-प्रदान आपकी इंटरपर्सनल स्किल्स को करेगा मजबूत: अनुराग सिंह ठाकुर* *सैनिक स्कूल में पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने डिजिटल लैब और टेबल टेनिस हॉल का किया अनावरण पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने आज सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा में विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, राष्ट्र निर्माण और देश की रक्षा क्षमताओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए उन्हें जीवन में निरंतर सीखने, नए लोगों से जुड़ने और अपने ज्ञान का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आपका नेटवर्क ही आपकी नेट-वर्थ है। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल में देश के विभिन्न राज्यों से विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। ऐसे में जब भी विद्यार्थियों की दूसरे राज्यों से आए साथियों से मुलाकात हो, तो उन्हें आपस में संपर्क नंबर और ई-मेल आईडी जरूर साझा करनी चाहिए। भविष्य में जब वे उनके राज्यों में जाएं तो इन संपर्कों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपयोगी और सार्थक जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। इससे न केवल ज्ञान का आदान-प्रदान होगा, बल्कि विद्यार्थियों की समझ, आत्मविश्वास और इंटरपर्सनल स्किल्स भी मजबूत होंगी। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल केवल शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थान नहीं हैं, बल्कि देश के भविष्य के नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला तैयार करने वाले महत्वपूर्ण केंद्र हैं। यहां विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे गुण विकसित किए जाते हैं। यही गुण आगे चलकर देश की शक्ति और सामर्थ्य को मजबूत
करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अनुराग सिंह ठाकुर ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भारतीय रक्षा सेनाओं की वीरता और शौर्यगाथाओं का अधिक से अधिक अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को देश के वीर सैनिकों के गैलेंट्री अवॉर्ड्स, उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के बारे में जानकारी हासिल करनी चाहिए। साथ ही भारत की सैन्य उपलब्धियों, स्वदेशी रक्षा उपकरणों, आधुनिक तकनीक, हथियार प्रणालियों और ऑर्डिनेंस क्षमताओं के बारे में भी अधिक से अधिक ज्ञान अर्जित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में आधुनिक रक्षा उपकरणों का निर्माण हो रहा है और भारतीय सेनाएं नई तकनीकों से सुसज्जित हो रही हैं। ऐसे समय में सैनिक स्कूलों के विद्यार्थियों को इन उपलब्धियों और देश की रक्षा शक्ति से परिचित होना आवश्यक है, ताकि उनमें राष्ट्र के प्रति गौरव और जिम्मेदारी की भावना और अधिक प्रबल हो। सांसद ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। उन्हें देश-दुनिया में हो रहे बदलावों, नई तकनीकों, भारतीय संस्कृति, इतिहास और राष्ट्र की उपलब्धियों के बारे में भी निरंतर सीखते रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को देश प्रेम को अपने जीवन का केंद्र बिंदु बनाते हुए अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूलों से निकलने वाले विद्यार्थी देश के विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभाते हैं। इसलिए इन संस्थानों की जिम्मेदारी केवल अच्छे विद्यार्थी तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे जागरूक, अनुशासित और राष्ट्रभक्त नागरिक तैयार करना भी है, जो देश की प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
- Faridpur Khan Gaon Mein Sadak Ki samasya Hai yah1
- मुख्यमंत्री पर धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी पर हमीरपुर जिला के नादौन में हुआ धरना प्रदर्शन, जिलाध्यक्ष सुमन भारती की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर की सुधीर शर्मा के खिलाफ नारेबाजी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुमन भारती बोले ऐसी अभद्र भाषा का उपयोग करने वाले नेताओं को राजनीति से ले लेना चाहिए सन्यास हमीरपुर मुख्यमंत्री पर धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने अभद्र टिप्पणी की है। जिस पर शुक्रवार को नादौन ब्लॉक कांग्रेस द्वारा जमकर धरना प्रदर्शन किया गया यह धरना प्रदर्शन कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुमन भारती की अगुवाई में किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुधीर शर्मा का जमकर विरोध किया है। धरना प्रदर्शन के दौरान नादौन ब्लॉक अध्यक्ष सहित युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता, कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू के खिलाफ भाजपा नेता सुधीर शर्मा द्वारा की गई टिप्पणी अशोभनीय है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयान बाजी करने वाले नेताओं को राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए। सुमन भारती ने बताया कि मुख्यमंत्री पर इस तरह की टिप्पणी करना बहुत ही गलत है। जिसके चलते पूरा प्रदेश आहत हुआ है। उन्होंने कहा कि सुधीर शर्मा द्वारा की गई टिप्पणी मुख्यमंत्री के लिए नहीं बल्कि प्रदेश की 70 लाख जनता पर की गई टिप्पणी है। बाइट-सुमन भारती कांग्रेस जिलाध्यक्ष, हमीरपुर1
- भाजपा मंडल अध्यक्ष ने कहा कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में जिला परिषद सदस्य से लेकर कुटलैहड़ भाजपा में कोई टूट नहीं, सभी नेता और कार्यकर्ता पार्टी के साथ, राजेंद्र मलांगड़ कुटलैहड़ में कांग्रेस के ज्वाइनिंग दावों पर भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र मलांगड़ ने अपने सोशल मीडिया पेज पर पोस्ट किया बीडीओ, राजेंद्र मलांगड़ बोले, अपने ही कार्यकर्ताओं को पटका पहनाकर कांग्रेस में शामिल होने की बात कर रहे विधायक, राकेश राणा बंगाणा ऊना -- कुटलैहड़ में कांग्रेस की ओर से भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के दावों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कुटलैहड़ भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र मलांगड़ ने कांग्रेस के दावों पर पलटवार करते हुए कहा कि कुटलैहड़ भाजपा पूरी तरह एकजुट है और पार्टी का कोई भी प्रतिनिधि कांग्रेस में शामिल नहीं हुआ है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से जनता को भ्रमित न करने की अपील करते हुए कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता आज भी पूरी मजबूती के साथ पार्टी के साथ खड़ा है। राजेंद्र मलांगड़ ने अपने सोशल मीडिया पेज पर वीडियो में कहा कि कुटलैहड़ के विधायक महोदय द्वारा जिन लोगों को कांग्रेस में शामिल होने की बात कही जा रही है, उनमें से कई लोग पहले से ही कांग्रेस विचारधारा से जुड़े या कांग्रेस समर्थित रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के अपने कार्यकर्ताओं को पटका पहनाकर कांग्रेस में शामिल करवाने और उसके बाद इसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धि के तौर पर प्रचारित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति वास्तव में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुआ है तो कांग्रेस नेतृत्व को उसका नाम, पद और राजनीतिक पृष्ठभूमि सार्वजनिक करनी चाहिए। केवल पटका पहनाकर फोटो खिंचवाने से किसी व्यक्ति की राजनीतिक निष्ठा नहीं बदल जाती।1
- पढ़ाई के साथ खेल भी जरूरी, शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी बढ़-चढ़कर भाग ले छात्र सुजानपुर सैनिक स्कूल में बोले सांसद अनुराग ठाकुर, डिजिटल लैब व टेनिस हॉल का किया लोकार्पण सुजानपुर हमीरपुर के सांसद *अनुराग ठाकुर* ने शनिवार को सैनिक स्कूल सुजानपुर में नव निर्मित डिजिटल लैब और दो नए टेनिस हॉल का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए ताकि उनका संपूर्ण विकास हो सके।सांसद ठाकुर ने कहा कि आज का दौर प्रतिस्पर्धा का है। ऐसे में केवल किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है। तकनीक और खेल दोनों ही छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा _"सैनिक स्कूल के छात्र देश के भविष्य हैं। यहां से निकलने वाले कैडेट्स ने हमेशा देश का नाम रोशन किया है। नई डिजिटल लैब और टेनिस हॉल से छात्रों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे।"_ लोकार्पण के बाद सांसद ने स्कूल की नई डिजिटल लैब का निरीक्षण किया और छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों के सवालों के जवाब दिए और उन्हें करियर, खेल और देश सेवा के बारे में मार्गदर्शन दिया। छात्रों ने भी सांसद से खेल सुविधाओं और तकनीकी शिक्षा को लेकर कई सवाल पूछे। इस मौके पर स्कूल प्राचार्य *ग्रुप कैप्टन रचना जोशी*, उप प्राचार्य *ए के साहू* सहित प्रशासनिक अधिकारियों और स्टाफ ने सांसद अनुराग ठाकुर का पुष्पगुच्छ देकर गर्मजोशी से स्वागत किया। स्कूल प्रशासन ने बताया कि नई डिजिटल लैब में स्मार्ट क्लास और आधुनिक कंप्यूटर सिस्टम लगाए गए हैं, वहीं दो नए टेनिस हॉल बनने से छात्रों को इंडोर खेलों के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म मिलेगा। लोकार्पण के बाद सबसे खास पल तब आया जब छात्र-छात्राओं ने सांसद से सीधे सवाल पूछे। एक छात्र ने पूछा _"सर, जब आप क्रिकेट खेलते थे तो आपकी जर्सी का नंबर क्या था आप क्रिकेट कहां तक खेल इस पर अनुराग ठाकुर ने मुस्कुराते हुए कह हिमाचल के लिए रणजी ट्रॉफी भी खेला हूं। खेल ने मुझे अनुशासन और टीम वर्क सिखाया दूसरे छात्र ने पूछा _"आपने अपनी लाइफ में क्या बनने का सोचा था और आज जिस पद पर हैं क्या आप उससे संतुष्ट हैं जिस पर अनुराग ने कहा कि आज देश की सेवा करने का मौका मिला है। जिस जिम्मेदारी पर हूं उससे पूरी तरह संतुष्ट हूं क्योंकि मेरा मकसद सिर्फ पद नहीं बल्कि लोगों की सेवा करना है।"_ इस मौके पर सांसद ने पिता और हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री *प्रो. प्रेम कुमार धूमल का नाम लेते हुए कहा कि मेरे पिता ने मुझे हमेशा सिखाया कि सत्ता सेवा के लिए होती है। उन्होंने अपना पूरा जीवन हिमाचल के विकास और लोगों की भलाई के लिए समर्पित कर दिया। आज मैं जो भी हूं उनकी सीख और आशीर्वाद की वजह से हूं।"_ उन्होंने छात्रों से भी अपने माता-पिता का सम्मान करने और देश के लिए कुछ करने का आह्वान किया।1
- पीर निगाह मंदिर विवाद में रायजादा का फिर पलटवार, बोले पीपे बजाने वाले पहले कर चुके मंदिर को सरकारी करवाने की मांग ऊना के पीर निगाह मंदिर विवाद में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने भाजपा और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों पर फिर पलटवार किया है। रायजादा ने 3 जुलाई 2018 की एक शिकायत का हवाला देते हुए दावा किया कि उस समय भाजपा कार्यकर्ताओं ने तत्कालीन उपायुक्त को आवेदन देकर मंदिर को सरकारी करने और वहां कथित अनियमितताओं की शिकायत की थी। उनके अनुसार तत्कालीन डीसी ने शिकायत एसपी को मार्क की थी और पुलिस रिपोर्ट में मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर बातें सामने आई थीं। रायजादा ने पुलिस रिपोर्ट का हवाला देते हुए मंदिर परिसर में कथित अनैतिक गतिविधियों और वैश्यावृत्ति जैसी गंभीर बातों का भी उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये आरोप उनके द्वारा उस समय नहीं लगाए गए थे, बल्कि कथित तौर पर रिपोर्ट में सामने आए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मामला भाजपा सरकार के समय सरकार के संज्ञान में आया था तो वहां पुलिस चौकी क्यों नहीं खोली गई। रायजादा ने कहा कि वह मंदिर का अधिकार गांववासियों से लेने के पक्ष में नहीं हैं। मंदिर गांव वालों का है और उनका अधिकार भी बना रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह बसोली में पुलिस चौकी खोलने की सिफारिश एसपी से करेंगे, ताकि कानून-व्यवस्था बेहतर हो और बाहर से आने वाले लोगों पर निगरानी रखी जा सके। भाजपा पर निशाना साधते हुए रायजादा ने कहा कि जो लोग उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें पहले 2018 में दी गई शिकायत का जवाब देना चाहिए। उन्होंने सतपाल सिंह सत्ती और भाजपा कार्यकर्ताओं पर राजनीतिक तंज कसते हुए कहा कि गिरगिट भी उतनी जल्दी रंग नहीं बदलती, जितनी जल्दी भाजपा के नेता और कार्यकर्ता अपना रंग बदल लेते हैं।1
- बाड़ी छजोली में गाड़ी से तेल चोरी। नेशनल हाईवे किनारे खड़ी थी गाड़ी सी सी टी वी में वारदात दर्ज देखे वीडियो बाड़ी छजोली में गाड़ी से तेल चोरी। नेशनल हाईवे किनारे खड़ी थी गाड़ी सी सी टी वी में वारदात दर्ज देखे वीडियो।1
- हर बूथ कांग्रेस मजबूत मुहिम के तहत नंगल के गांव बरारी के नेहरू भवन में आयोजित कांग्रेस पार्टी के कार्यक्रम में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा बड़िग का भाषण #himachalpunjabnews1
- *आपका नेटवर्क ही आपकी नेट-वर्थ है, दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों से संपर्क बढ़ाएं, ज्ञान का आदान-प्रदान आपकी इंटरपर्सनल स्किल्स को करेगा मजबूत: अनुराग सिंह ठाकुर* *सैनिक स्कूल में पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने डिजिटल लैब और टेबल टेनिस हॉल का किया अनावरण पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने आज सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा में विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, राष्ट्र निर्माण और देश की रक्षा क्षमताओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए उन्हें जीवन में निरंतर सीखने, नए लोगों से जुड़ने और अपने ज्ञान का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आपका नेटवर्क ही आपकी नेट-वर्थ है। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल में देश के विभिन्न राज्यों से विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। ऐसे में जब भी विद्यार्थियों की दूसरे राज्यों से आए साथियों से मुलाकात हो, तो उन्हें आपस में संपर्क नंबर और ई-मेल आईडी जरूर साझा करनी चाहिए। भविष्य में जब वे उनके राज्यों में जाएं तो इन संपर्कों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपयोगी और सार्थक जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। इससे न केवल ज्ञान का आदान-प्रदान होगा, बल्कि विद्यार्थियों की समझ, आत्मविश्वास और इंटरपर्सनल स्किल्स भी मजबूत होंगी। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल केवल शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थान नहीं हैं, बल्कि देश के भविष्य के नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला तैयार करने वाले महत्वपूर्ण केंद्र हैं। यहां विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे गुण विकसित किए जाते हैं। यही गुण आगे चलकर देश की शक्ति और सामर्थ्य को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अनुराग सिंह ठाकुर ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भारतीय रक्षा सेनाओं की वीरता और शौर्यगाथाओं का अधिक से अधिक अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को देश के वीर सैनिकों के गैलेंट्री अवॉर्ड्स, उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के बारे में जानकारी हासिल करनी चाहिए। साथ ही भारत की सैन्य उपलब्धियों, स्वदेशी रक्षा उपकरणों, आधुनिक तकनीक, हथियार प्रणालियों और ऑर्डिनेंस क्षमताओं के बारे में भी अधिक से अधिक ज्ञान अर्जित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में आधुनिक रक्षा उपकरणों का निर्माण हो रहा है और भारतीय सेनाएं नई तकनीकों से सुसज्जित हो रही हैं। ऐसे समय में सैनिक स्कूलों के विद्यार्थियों को इन उपलब्धियों और देश की रक्षा शक्ति से परिचित होना आवश्यक है, ताकि उनमें राष्ट्र के प्रति गौरव और जिम्मेदारी की भावना और अधिक प्रबल हो। सांसद ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। उन्हें देश-दुनिया में हो रहे बदलावों, नई तकनीकों, भारतीय संस्कृति, इतिहास और राष्ट्र की उपलब्धियों के बारे में भी निरंतर सीखते रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को देश प्रेम को अपने जीवन का केंद्र बिंदु बनाते हुए अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूलों से निकलने वाले विद्यार्थी देश के विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभाते हैं। इसलिए इन संस्थानों की जिम्मेदारी केवल अच्छे विद्यार्थी तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे जागरूक, अनुशासित और राष्ट्रभक्त नागरिक तैयार करना भी है, जो देश की प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।2