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शबे मेराज 2026 मुबारक हो

22 hrs ago
user_Maulana Chand Miyan alvi barkati
Maulana Chand Miyan alvi barkati
Kasganj, Uttar Pradesh•
22 hrs ago

शबे मेराज 2026 मुबारक हो

  • user_Sayyadtahir
    Sayyadtahir
    Tiloi, Amethi
    😂
    2 hrs ago
  • user_पंकज कुमार  महादेव मौर्य सम्राट
    पंकज कुमार महादेव मौर्य सम्राट
    सहवार, कासगंज, उत्तर प्रदेश
    😂
    6 hrs ago
  • user_पंकज कुमार  महादेव मौर्य सम्राट
    पंकज कुमार महादेव मौर्य सम्राट
    सहवार, कासगंज, उत्तर प्रदेश
    😂
    6 hrs ago
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
  • शबे मेराज 2026 मुबारक हो
    1
    शबे मेराज 2026 मुबारक हो
    user_Maulana Chand Miyan alvi barkati
    Maulana Chand Miyan alvi barkati
    Kasganj, Uttar Pradesh•
    22 hrs ago
  • कासगंज जिले के सोरों थाना क्षेत्र के मनिकापुर पुख्ता गांव में भूसा में दबने से एक 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब युवक अपने पशुओं के लिए भूसा निकालने गया था। मृतक की पहचान रामरतन पुत्र वीरीसिंह के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, रामरतन गांव से कुछ दूरी पर स्थित सुबह करीब 10:00 बजे अपनी बुर्जी में भूसा निकाल रहे थे। इसी दौरान अचानक सारा भूसा उनके ऊपर गिर गया, जिससे वे उसमें दब गए। घटना के समय रामरतन के बच्चे बाहर खड़े थे। बच्चों को भूसा गिरने के लगभग 20-30 मिनट बाद घटना का पता चला, जिसके बाद उन्होंने शोर मचाना शुरू किया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर रामरतन को भूसा से बाहर निकाला। उन्हें तत्काल कासगंज जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रामरतन की शादी करीब 15 वर्ष पहले हुई थी। उनकी पत्नी का नाम रविता है और उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें दो लड़कियां और एक लड़का शामिल है। रामरतन एक किसान परिवार से थे।
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    कासगंज जिले के सोरों थाना क्षेत्र के मनिकापुर पुख्ता गांव में भूसा में दबने से एक 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब युवक अपने पशुओं के लिए भूसा निकालने गया था।
मृतक की पहचान रामरतन पुत्र वीरीसिंह के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, रामरतन गांव से कुछ दूरी पर स्थित सुबह करीब 10:00 बजे अपनी बुर्जी में भूसा निकाल रहे थे। इसी दौरान अचानक सारा भूसा उनके ऊपर गिर गया, जिससे वे उसमें दब गए।
घटना के समय रामरतन के बच्चे बाहर खड़े थे। बच्चों को भूसा गिरने के लगभग 20-30 मिनट बाद घटना का पता चला, जिसके बाद उन्होंने शोर मचाना शुरू किया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर रामरतन को भूसा से बाहर निकाला।
उन्हें तत्काल कासगंज जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
रामरतन की शादी करीब 15 वर्ष पहले हुई थी। उनकी पत्नी का नाम रविता है और उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें दो लड़कियां और एक लड़का शामिल है। रामरतन एक किसान परिवार से थे।
    user_देवेन्द्र प्रताप सिंह
    देवेन्द्र प्रताप सिंह
    Local News Reporter Sahawar, Kasganj•
    4 hrs ago
  • यह है सही 🙏
    1
    यह है सही 🙏
    user_Vishnu kumar
    Vishnu kumar
    Voice of people सिकंदरा राव, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • Post by Sudhir kumar
    1
    Post by Sudhir kumar
    user_Sudhir kumar
    Sudhir kumar
    पटियाली, कासगंज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Satyaveer singh
    1
    Post by Satyaveer singh
    user_Satyaveer singh
    Satyaveer singh
    Journalist Sahaswan, Budaun•
    5 hrs ago
  • यूपी | अलीगढ़ में दो लड़कियां सड़क पर मारपीट कर रही थीं। पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों को कस्टडी में लिया तो पता चला कि मामला सेक्स रैकेट से जुड़ा है। फिर 2 होटलों पर छापेमारी हुई। यहां से कुल 7 लड़की, 8 लड़कों की गिरफ्तारी हुई। होटल मालिक रविन्द्र सिंह, राहुल वार्ष्णेय, शुभम शर्मा सेक्स रैकेट चलवा रहे थे। झारखंड, दिल्ली की महिलाएं भी सेक्स रैकेट में शामिल थीं।
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    यूपी | अलीगढ़ में दो लड़कियां सड़क पर मारपीट कर रही थीं। पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों को कस्टडी में लिया तो पता चला कि मामला सेक्स रैकेट से जुड़ा है। फिर 2 होटलों पर छापेमारी हुई। यहां से कुल 7 लड़की, 8 लड़कों की गिरफ्तारी हुई। होटल मालिक रविन्द्र सिंह, राहुल वार्ष्णेय, शुभम शर्मा सेक्स रैकेट चलवा रहे थे। झारखंड, दिल्ली की महिलाएं भी सेक्स रैकेट में शामिल थीं।
    user_MAKKI TV NEWS
    MAKKI TV NEWS
    Journalist Atrauli, Aligarh•
    18 min ago
  • *बेरनी बिजली घर में शर्मनाक नंगा नाच: सरकारी संपत्ति बनी शराबियों का अड्डा, तथाकथित पत्रकार पुरुषोत्तम यादव सहित नशेड़ियों की महफिल ने सिस्टम की पोल खोल दी, प्रशासन अब भी सो रहा है?* जलेसर ब्लॉक (एटा जिला, उत्तर प्रदेश) के बेरनी बिजली घर का हाल देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सरकारी बिजलीघर, जहां बिजली आपूर्ति और रखरखाव का पवित्र कार्य होना चाहिए, वहां अब नशे की खुली महफिल सज रही है। वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है—लोग फर्श पर लेटे-बैठे शराब के नशे में धुत्त, पीला हेलमेट में संदिग्ध पीला तरल भरा पड़ा, बोतलें इधर-उधर बिखरीं, किताबें-कागजात गंदगी में लथपथ, और पूरा कमरा कूड़े-कर्कट का ढेर बना हुआ। एक तरफ काला कोट पहने व्यक्ति लेटा है, दूसरी तरफ लोग नशे में झूमते-झूमते काम कर रहे हैं, जबकि आसपास हरे-भरे कपड़ों वाले लोग भी इस गंदगी में शामिल नजर आ रहे हैं। यह कोई एकाध घटना नहीं, बल्कि लगातार चल रही शर्मिंदगी है। वीडियो में तथाकथित *पत्रकार* एवं *एसएसओ* पुरुषोत्तम यादव सहित कई लोग शराब पीते और नशे की हालत में कैद हो चुके हैं। क्षेत्रवासियों की बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन की आंखें बंद हैं। सोशल मीडिया पर यह सामग्री तेजी से फैल रही है, और अब जनता का गुस्सा फटने को तैयार है। क्या बिजलीघर अब बिजली सप्लाई का केंद्र है या *शराबियों* का *क्लब* ? यह सवाल पूरे एटा जिले में गूंज रहा है। *वायरल सामग्री का खौफनाक सच* *वीडियो में साफ नजर आ रहा:* लोग फर्श पर लेटे, शराब की बोतलें हाथ में, नशे में बेसुध। एक व्यक्ति काले कपड़ों में लेटा, दूसरा हेलमेट के पास पीला तरल भरा बाल्टी रखा। *तस्वीरों में गंदगी का मंजर:* कमरा कूड़े से भरा, किताबें-नोटबुक बिखरीं, प्लास्टिक की बोतलें, तारें इधर-उधर, और नशेड़ी लोग बेखौफ बैठे। *सार्वजनिक संपत्ति का दुरुपयोग:* सरकारी बिजलीघर में यह सब चल रहा है, जहां हाई वोल्टेज उपकरण और बिजली के खतरनाक तार हैं। कोई दुर्घटना हुई तो जिम्मेदार कौन? *प्रशासन के लिए बाध्यकारी मांगें—* *तुरंत कार्रवाई हो* जनता अब सिर्फ शिकायत नहीं, सख्त रूलिंग मांग रही है। ये मांगें प्रशासन के लिए चुनौती हैं। *तत्काल जांच और FIR:* पुलिस अधीक्षक एटा द्वारा वायरल वीडियो/तस्वीरों पर संज्ञान लेते हुए तुरंत FIR दर्ज हो। जांच SIT या एसएसपी स्तर की टीम को सौंपी जाए, जिसमें बिजली विभाग, पुलिस और आबकारी विभाग शामिल हों। जांच 7 दिनों में पूरी हो और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। *शराबबंदी कानून के तहत सख्त मुकदमा:* उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34 (सार्वजनिक स्थान पर नशा), धारा 54 (अवैध शराब) सहित अन्य धाराओं के तहत पुरुषोत्तम यादव और सभी शामिल लोगों पर मुकदमा। IPC की धारा 188 (सरकारी आदेश अवज्ञा) और 269 (सार्वजनिक खतरा) भी जोड़ी जाए। *सरकारी संपत्ति दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई:* UPPCL/UPRVUNL द्वारा बेरनी बिजली घर को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए। शामिल लोगों पर पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट के तहत मुकदमा और भारी जुर्माना। प्रभारी अधिकारी/कर्मचारियों पर लापरवाही/मिलीभगत के लिए विभागीय जांच, सस्पेंशन/बर्खास्तगी हो। *सुरक्षा-निगरानी की मजबूत व्यवस्था:* तत्काल CCTV कैमरे लगें, सुरक्षा गार्ड तैनात हों, नियमित पुलिस गश्त हो। परिसर साफ कराया जाए, बिखरा सामान हटाया जाए और इसे असली बिजली कार्यालय बनाया जाए। आसपास पुलिस पिकेट स्थापित हो ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। *पत्रकारिता की गरिमा बचाएं:* तथाकथित पत्रकार पुरुषोत्तम यादव की हरकत पर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और उत्तर प्रदेश पत्रकार संघ में शिकायत दर्ज हो। यदि किसी मीडिया से जुड़े हैं, तो स्पष्टीकरण मांगा जाए। ऐसे लोगों को पत्रकारिता का दुरुपयोग रोकने की सख्त चेतावनी। *क्षेत्रवासियों की सुनवाई और मुआवजा:* प्रभावित ग्रामीणों की जन सुनवाई हो। यदि नशे से कोई दुर्घटना/असुविधा हुई, तो मुआवजा दिया जाए। प्रशासन लिखित आश्वासन दे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी। *जनता की चेतावनी:* अब और नहीं सहेगी! यह सिर्फ मांग नहीं, बल्कि अल्टीमेटम है। अन्य जिलों में ऐसे मामलों में जांच, सस्पेंशन और लाइन हाजिर जैसी कार्रवाई हो चुकी है। यदि एटा प्रशासन 48 घंटे में ठोस कदम नहीं उठाता, तो जनाक्रोश सड़कों पर उतरेगा। *उच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग* में याचिका दायर होगी। बेरनी बिजली घर को नशे का अड्डा नहीं, बिजली का घर बनाना होगा—अब समय आ गया है। *प्रशासन जागो! जनता जाग चुकी है।*
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    *बेरनी बिजली घर में शर्मनाक नंगा नाच: सरकारी संपत्ति बनी शराबियों का अड्डा, तथाकथित पत्रकार पुरुषोत्तम यादव सहित नशेड़ियों की महफिल ने सिस्टम की पोल खोल दी, प्रशासन अब भी सो रहा है?* 
जलेसर ब्लॉक (एटा जिला, उत्तर प्रदेश) के बेरनी बिजली घर का हाल देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सरकारी बिजलीघर, जहां बिजली आपूर्ति और रखरखाव का पवित्र कार्य होना चाहिए, वहां अब नशे की खुली महफिल सज रही है। वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है—लोग फर्श पर लेटे-बैठे शराब के नशे में धुत्त, पीला हेलमेट में संदिग्ध पीला तरल भरा पड़ा, बोतलें इधर-उधर बिखरीं, किताबें-कागजात गंदगी में लथपथ, और पूरा कमरा कूड़े-कर्कट का ढेर बना हुआ। एक तरफ काला कोट पहने व्यक्ति लेटा है, दूसरी तरफ लोग नशे में झूमते-झूमते काम कर रहे हैं, जबकि आसपास हरे-भरे कपड़ों वाले लोग भी इस गंदगी में शामिल नजर आ रहे हैं। यह कोई एकाध घटना नहीं, बल्कि लगातार चल रही शर्मिंदगी है। वीडियो में तथाकथित *पत्रकार* एवं *एसएसओ* पुरुषोत्तम यादव सहित कई लोग शराब पीते और नशे की हालत में कैद हो चुके हैं। क्षेत्रवासियों की बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन की आंखें बंद हैं। सोशल मीडिया पर यह सामग्री तेजी से फैल रही है, और अब जनता का गुस्सा फटने को तैयार है। क्या बिजलीघर अब बिजली सप्लाई का केंद्र है या *शराबियों* का *क्लब* ? यह सवाल पूरे एटा जिले में गूंज रहा है।
*वायरल सामग्री का खौफनाक सच* 
*वीडियो में साफ नजर आ रहा:*  लोग फर्श पर लेटे, शराब की बोतलें हाथ में, नशे में बेसुध। एक व्यक्ति काले कपड़ों में लेटा, दूसरा हेलमेट के पास पीला तरल भरा बाल्टी रखा।
*तस्वीरों में गंदगी का मंजर:* कमरा कूड़े से भरा, किताबें-नोटबुक बिखरीं, प्लास्टिक की बोतलें, तारें इधर-उधर, और नशेड़ी लोग बेखौफ बैठे।
*सार्वजनिक संपत्ति का दुरुपयोग:* सरकारी बिजलीघर में यह सब चल रहा है, जहां हाई वोल्टेज उपकरण और बिजली के खतरनाक तार हैं। कोई दुर्घटना हुई तो जिम्मेदार कौन?
*प्रशासन के लिए बाध्यकारी मांगें—* 
*तुरंत कार्रवाई हो* जनता अब सिर्फ शिकायत नहीं, सख्त रूलिंग मांग रही है। ये मांगें प्रशासन के लिए चुनौती हैं।
*तत्काल जांच और FIR:* पुलिस अधीक्षक एटा द्वारा वायरल वीडियो/तस्वीरों पर संज्ञान लेते हुए तुरंत FIR दर्ज हो। जांच SIT या एसएसपी स्तर की टीम को सौंपी जाए, जिसमें बिजली विभाग, पुलिस और आबकारी विभाग शामिल हों। जांच 7 दिनों में पूरी हो और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
*शराबबंदी कानून के तहत सख्त मुकदमा:* उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34 (सार्वजनिक स्थान पर नशा), धारा 54 (अवैध शराब) सहित अन्य धाराओं के तहत पुरुषोत्तम यादव और सभी शामिल लोगों पर मुकदमा। IPC की धारा 188 (सरकारी आदेश अवज्ञा) और 269 (सार्वजनिक खतरा) भी जोड़ी जाए।
*सरकारी संपत्ति दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई:* UPPCL/UPRVUNL द्वारा बेरनी बिजली घर को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए। शामिल लोगों पर पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट के तहत मुकदमा और भारी जुर्माना। प्रभारी अधिकारी/कर्मचारियों पर लापरवाही/मिलीभगत के लिए विभागीय जांच, सस्पेंशन/बर्खास्तगी हो।
*सुरक्षा-निगरानी की मजबूत व्यवस्था:* तत्काल CCTV कैमरे लगें, सुरक्षा गार्ड तैनात हों, नियमित पुलिस गश्त हो। परिसर साफ कराया जाए, बिखरा सामान हटाया जाए और इसे असली बिजली कार्यालय बनाया जाए। आसपास पुलिस पिकेट स्थापित हो ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
*पत्रकारिता की गरिमा बचाएं:* तथाकथित पत्रकार पुरुषोत्तम यादव की हरकत पर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और उत्तर प्रदेश पत्रकार संघ में शिकायत दर्ज हो। यदि किसी मीडिया से जुड़े हैं, तो स्पष्टीकरण मांगा जाए। ऐसे लोगों को पत्रकारिता का दुरुपयोग रोकने की सख्त चेतावनी।
*क्षेत्रवासियों की सुनवाई और मुआवजा:* प्रभावित ग्रामीणों की जन सुनवाई हो। यदि नशे से कोई दुर्घटना/असुविधा हुई, तो मुआवजा दिया जाए। प्रशासन लिखित आश्वासन दे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।
*जनता की चेतावनी:* अब और नहीं सहेगी! यह सिर्फ मांग नहीं, बल्कि अल्टीमेटम है। अन्य जिलों में ऐसे मामलों में जांच, सस्पेंशन और लाइन हाजिर जैसी कार्रवाई हो चुकी है। यदि एटा प्रशासन 48 घंटे में ठोस कदम नहीं उठाता, तो जनाक्रोश सड़कों पर उतरेगा। *उच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग* में याचिका दायर होगी। बेरनी बिजली घर को नशे का अड्डा नहीं, बिजली का घर बनाना होगा—अब समय आ गया है। *प्रशासन जागो! जनता जाग चुकी है।*
    user_आदित्य कुमार  पत्रकार
    आदित्य कुमार पत्रकार
    Journalist जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • यह मामला व्यौर कासिमाबाद का है जहां एक प्रभात विधि पुलिस के द्वारा रुकी गई
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    यह मामला व्यौर कासिमाबाद का है जहां एक प्रभात विधि पुलिस के द्वारा रुकी गई
    user_Satyaveer singh
    Satyaveer singh
    Journalist Sahaswan, Budaun•
    20 hrs ago
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