logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

श्रीमद् जगद्गुरू शंकराचार्य प्रकटोत्सव आद्य शंकराचार्य का 1238 वां प्रकटोत्सव सायं काल मंगलवार को फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में आयोजित किया गया गुना विश्वगीता प्रतिष्ठानम् गुना द्वारा संचालित गीता संस्कृत स्वाध्याय मंडल के तत्वावधान में श्रीमद् जगद्गुरू शंकराचार्य प्रकटोत्सव आद्य शंकराचार्य का 1238 वां प्रकटोत्सव सायं काल मंगलवार को फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मूर्धन्य विद्वानों ने अपने विचार प्रकट कर शंकराचार्य जी के व्यक्तित्व और कृतित्व से अवगत कराते हुए सनातन धर्म राष्ट्रभक्त देश प्रेम और समानता आदि का महत्व बताया। वक्ता - नितिन जी अग्रवाल आर्यावर्त की अखण्डता पर ही देश की शान्ति निर्भर है और शंकराचार्य जी ने देश की अखण्डता हेतु अनेकों यात्राएं कीं। उस समय तक विदेशी पंथों का भारत पर प्रभाव नहीं था। बौद्ध मत के भ्रामक प्रचार ने जोर पकड़ लिया था धर्म को कर्मकांड तक सीमित माना जाने लगा था ऐसे में आचार्य शंकर ने वैदिक धर्म के प्रचार-प्रसार का कार्य किया। सनातन विचारधारा पर आधारित बौद्ध, जैन आदि दर्शन मूल रूप में गलत नहीं है परन्तु समय के साथ अनेक दोष उत्पन्न हो गये जिनसे जनमानस में अनेक भ्रम उत्पन्न हुए जिनका उन्मूलन उस समय आदि गुरू शंकर के द्वारा किया गया। आदि गुरु शंकर नें इस हेतु अनेक शास्त्रार्थ किये जिनमें मंडन मिश्र के साथ हुआ शास्त्रार्थ प्रसिद्ध है जिसमें भारत में नारी की गरिमा के प्रमाण मिलते हैं। इस शास्त्रार्थ में मंडन मिश्र की पत्नी भारती,भारत की पहली महिला जज बनीं उसी काल में इटली में वकालत की शिक्षा ले रही महिला को जला दिया गया। भारतीय इतिहास ऐसे अनेक उदाहरणों से भरा हुआ है जिनसे पता चलता है कि सनातन धर्म में समानता को पर्याप्त स्थान दिया गया था। आचार्य शंकर ने अनेक कार्य किए जिनमें गीता का प्रथम संस्कृत भाष्य,विश्वविख्यात श्रृंगेरी, बदरीनाथ, जगन्नाथ पुरी व द्वारिका मठ के संस्थापक, ब्रह्मसूत्र,सभीउपनिषदों-श्रीमद्भगवद्गीता जैसे महान ग्रंथों के संस्कृत भाष्यकार , दर्शन और तंत्र के गूढ़ रहस्यों से युक्त शताधिक संस्कृत कृतियों की रचना की । उन्होंने 32 वर्षीय जीवन काल में पाखंड, अंधविश्वास से घिरे पतनोन्मुख धर्म का पुनरुद्धार करके 820 ईसवी में देह को त्याग किया। ऐसे अनेक सामाजिक सांस्कृतिक महत्व के विचार संघ के विभाग प्रचारक श्री नितिन अग्रवाल ने व्यक्त किये। वक्ता 2 डॉ जवाहरलाल द्विवेदी इस अवसर पर विश्वगीता प्रतिष्ठानम् के केंद्रीय मार्गदर्शक डॉ जवाहरलाल द्विवेदी ने अपने उद्बोधन में इस प्रकार के बौद्धिक आयोजनों की आवश्यकता पर बल देते हुए बताया कि शंकराचार्य जी सन्यासी होते हुए जननी और जन्मभूमि के प्रति कर्त्तव्य निष्ठ रहे । भारत दिग्विजय कर चार मठों की स्थापना , माता से विदा औरअंतिमसंस्कार ,पुरी,गिरी ,नाथ,नागा आदि दशनामी संप्रदाय की स्थापना इसका प्रमाण है।

6 hrs ago
user_रणधीर चदेल
रणधीर चदेल
पत्रकार (फोटोग्राफर) गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
6 hrs ago

श्रीमद् जगद्गुरू शंकराचार्य प्रकटोत्सव आद्य शंकराचार्य का 1238 वां प्रकटोत्सव सायं काल मंगलवार को फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में आयोजित किया गया गुना विश्वगीता प्रतिष्ठानम् गुना द्वारा संचालित गीता संस्कृत स्वाध्याय मंडल के तत्वावधान में श्रीमद् जगद्गुरू शंकराचार्य प्रकटोत्सव आद्य शंकराचार्य का 1238 वां प्रकटोत्सव सायं काल मंगलवार को फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मूर्धन्य विद्वानों ने अपने विचार प्रकट कर शंकराचार्य जी के व्यक्तित्व और कृतित्व से अवगत कराते हुए सनातन धर्म राष्ट्रभक्त देश प्रेम और समानता आदि का महत्व बताया। वक्ता - नितिन जी अग्रवाल आर्यावर्त की अखण्डता पर ही देश की शान्ति निर्भर है और शंकराचार्य जी ने देश की अखण्डता हेतु अनेकों यात्राएं कीं। उस समय तक विदेशी पंथों का भारत पर प्रभाव नहीं था। बौद्ध मत के भ्रामक प्रचार ने जोर पकड़ लिया था धर्म को कर्मकांड तक सीमित माना जाने लगा था ऐसे में आचार्य शंकर ने वैदिक धर्म के प्रचार-प्रसार का कार्य किया। सनातन विचारधारा पर आधारित बौद्ध, जैन आदि दर्शन मूल रूप में गलत नहीं है परन्तु समय के साथ अनेक दोष उत्पन्न हो गये जिनसे जनमानस में अनेक भ्रम उत्पन्न हुए जिनका उन्मूलन उस समय आदि गुरू शंकर के द्वारा किया गया। आदि गुरु शंकर नें इस हेतु अनेक शास्त्रार्थ किये जिनमें मंडन मिश्र के साथ हुआ शास्त्रार्थ प्रसिद्ध है जिसमें भारत में नारी की गरिमा के प्रमाण मिलते हैं। इस शास्त्रार्थ में मंडन मिश्र की पत्नी भारती,भारत की पहली महिला जज बनीं उसी काल में इटली में वकालत की शिक्षा ले रही महिला को जला दिया गया। भारतीय इतिहास ऐसे अनेक उदाहरणों से भरा हुआ है जिनसे पता चलता है कि सनातन धर्म में समानता को पर्याप्त स्थान दिया गया था। आचार्य शंकर ने अनेक कार्य किए जिनमें गीता का प्रथम संस्कृत भाष्य,विश्वविख्यात श्रृंगेरी, बदरीनाथ, जगन्नाथ पुरी व द्वारिका मठ के संस्थापक, ब्रह्मसूत्र,सभीउपनिषदों-श्रीमद्भगवद्गीता जैसे महान ग्रंथों के संस्कृत भाष्यकार , दर्शन और तंत्र के गूढ़ रहस्यों से युक्त शताधिक संस्कृत कृतियों की रचना की । उन्होंने 32 वर्षीय जीवन काल में पाखंड, अंधविश्वास से घिरे पतनोन्मुख धर्म का पुनरुद्धार करके 820 ईसवी में देह को त्याग किया। ऐसे अनेक सामाजिक सांस्कृतिक महत्व के विचार संघ के विभाग प्रचारक श्री नितिन अग्रवाल ने व्यक्त किये। वक्ता 2 डॉ जवाहरलाल द्विवेदी इस अवसर पर विश्वगीता प्रतिष्ठानम् के केंद्रीय मार्गदर्शक डॉ जवाहरलाल द्विवेदी ने अपने उद्बोधन में इस प्रकार के बौद्धिक आयोजनों की आवश्यकता पर बल देते हुए बताया कि शंकराचार्य जी सन्यासी होते हुए जननी और जन्मभूमि के प्रति कर्त्तव्य निष्ठ रहे । भारत दिग्विजय कर चार मठों की स्थापना , माता से विदा औरअंतिमसंस्कार ,पुरी,गिरी ,नाथ,नागा आदि दशनामी संप्रदाय की स्थापना इसका प्रमाण है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • *शिवपुरी 'राजगढ़ 'गुना जैसे जिलों में बनाया 'महिलाओं को निशाना' झूठे ढोंग बताकर करता था ठगी का शिकार*
    2
    *शिवपुरी 'राजगढ़ 'गुना जैसे जिलों में बनाया 'महिलाओं को निशाना' झूठे ढोंग बताकर करता था ठगी का शिकार*
    user_Shivkumar Jogi
    Shivkumar Jogi
    गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • गुना विश्वगीता प्रतिष्ठानम् गुना द्वारा संचालित गीता संस्कृत स्वाध्याय मंडल के तत्वावधान में श्रीमद् जगद्गुरू शंकराचार्य प्रकटोत्सव आद्य शंकराचार्य का 1238 वां प्रकटोत्सव सायं काल मंगलवार को फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मूर्धन्य विद्वानों ने अपने विचार प्रकट कर शंकराचार्य जी के व्यक्तित्व और कृतित्व से अवगत कराते हुए सनातन धर्म राष्ट्रभक्त देश प्रेम और समानता आदि का महत्व बताया। वक्ता - नितिन जी अग्रवाल आर्यावर्त की अखण्डता पर ही देश की शान्ति निर्भर है और शंकराचार्य जी ने देश की अखण्डता हेतु अनेकों यात्राएं कीं। उस समय तक विदेशी पंथों का भारत पर प्रभाव नहीं था। बौद्ध मत के भ्रामक प्रचार ने जोर पकड़ लिया था धर्म को कर्मकांड तक सीमित माना जाने लगा था ऐसे में आचार्य शंकर ने वैदिक धर्म के प्रचार-प्रसार का कार्य किया। सनातन विचारधारा पर आधारित बौद्ध, जैन आदि दर्शन मूल रूप में गलत नहीं है परन्तु समय के साथ अनेक दोष उत्पन्न हो गये जिनसे जनमानस में अनेक भ्रम उत्पन्न हुए जिनका उन्मूलन उस समय आदि गुरू शंकर के द्वारा किया गया। आदि गुरु शंकर नें इस हेतु अनेक शास्त्रार्थ किये जिनमें मंडन मिश्र के साथ हुआ शास्त्रार्थ प्रसिद्ध है जिसमें भारत में नारी की गरिमा के प्रमाण मिलते हैं। इस शास्त्रार्थ में मंडन मिश्र की पत्नी भारती,भारत की पहली महिला जज बनीं उसी काल में इटली में वकालत की शिक्षा ले रही महिला को जला दिया गया। भारतीय इतिहास ऐसे अनेक उदाहरणों से भरा हुआ है जिनसे पता चलता है कि सनातन धर्म में समानता को पर्याप्त स्थान दिया गया था। आचार्य शंकर ने अनेक कार्य किए जिनमें गीता का प्रथम संस्कृत भाष्य,विश्वविख्यात श्रृंगेरी, बदरीनाथ, जगन्नाथ पुरी व द्वारिका मठ के संस्थापक, ब्रह्मसूत्र,सभीउपनिषदों-श्रीमद्भगवद्गीता जैसे महान ग्रंथों के संस्कृत भाष्यकार , दर्शन और तंत्र के गूढ़ रहस्यों से युक्त शताधिक संस्कृत कृतियों की रचना की । उन्होंने 32 वर्षीय जीवन काल में पाखंड, अंधविश्वास से घिरे पतनोन्मुख धर्म का पुनरुद्धार करके 820 ईसवी में देह को त्याग किया। ऐसे अनेक सामाजिक सांस्कृतिक महत्व के विचार संघ के विभाग प्रचारक श्री नितिन अग्रवाल ने व्यक्त किये। वक्ता 2 डॉ जवाहरलाल द्विवेदी इस अवसर पर विश्वगीता प्रतिष्ठानम् के केंद्रीय मार्गदर्शक डॉ जवाहरलाल द्विवेदी ने अपने उद्बोधन में इस प्रकार के बौद्धिक आयोजनों की आवश्यकता पर बल देते हुए बताया कि शंकराचार्य जी सन्यासी होते हुए जननी और जन्मभूमि के प्रति कर्त्तव्य निष्ठ रहे । भारत दिग्विजय कर चार मठों की स्थापना , माता से विदा औरअंतिमसंस्कार ,पुरी,गिरी ,नाथ,नागा आदि दशनामी संप्रदाय की स्थापना इसका प्रमाण है।
    1
    गुना विश्वगीता प्रतिष्ठानम्  गुना द्वारा संचालित गीता संस्कृत स्वाध्याय मंडल के तत्वावधान में
श्रीमद् जगद्गुरू शंकराचार्य प्रकटोत्सव आद्य शंकराचार्य का 1238 वां प्रकटोत्सव सायं काल मंगलवार को फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मूर्धन्य विद्वानों ने अपने विचार प्रकट कर  शंकराचार्य जी के व्यक्तित्व और कृतित्व से अवगत कराते हुए सनातन धर्म राष्ट्रभक्त देश प्रेम और समानता आदि का महत्व बताया।
वक्ता - नितिन जी अग्रवाल 
आर्यावर्त की अखण्डता पर ही देश की शान्ति निर्भर है और शंकराचार्य जी ने देश की  अखण्डता हेतु अनेकों यात्राएं कीं। उस समय तक विदेशी पंथों का भारत पर प्रभाव नहीं था। बौद्ध मत के भ्रामक प्रचार ने जोर पकड़ लिया था धर्म को कर्मकांड तक सीमित माना जाने लगा था ऐसे में  आचार्य शंकर ने वैदिक धर्म के प्रचार-प्रसार का कार्य किया। सनातन विचारधारा पर आधारित बौद्ध, जैन आदि दर्शन मूल रूप में गलत नहीं है परन्तु समय के साथ अनेक दोष उत्पन्न हो गये जिनसे जनमानस में अनेक भ्रम उत्पन्न हुए जिनका उन्मूलन उस समय आदि गुरू शंकर के द्वारा किया गया। आदि गुरु शंकर नें इस हेतु अनेक शास्त्रार्थ किये जिनमें मंडन मिश्र के साथ हुआ शास्त्रार्थ प्रसिद्ध है जिसमें भारत में नारी की गरिमा के प्रमाण मिलते हैं। इस शास्त्रार्थ में मंडन मिश्र की पत्नी भारती,भारत की पहली महिला जज बनीं उसी काल में इटली में वकालत की शिक्षा ले रही महिला को जला दिया गया। भारतीय इतिहास ऐसे अनेक उदाहरणों से 
भरा हुआ है जिनसे पता चलता है कि सनातन धर्म में समानता को पर्याप्त स्थान दिया गया था।
आचार्य शंकर ने अनेक कार्य किए जिनमें गीता का प्रथम संस्कृत भाष्य,विश्वविख्यात श्रृंगेरी, बदरीनाथ, जगन्नाथ पुरी व द्वारिका मठ के संस्थापक, ब्रह्मसूत्र,सभीउपनिषदों-श्रीमद्भगवद्गीता जैसे महान ग्रंथों के संस्कृत भाष्यकार , दर्शन और तंत्र के गूढ़ रहस्यों से युक्त शताधिक संस्कृत कृतियों की रचना की । उन्होंने 32 वर्षीय  जीवन काल में पाखंड, अंधविश्वास से घिरे पतनोन्मुख  धर्म का पुनरुद्धार करके 820 ईसवी में देह को त्याग किया। ऐसे अनेक सामाजिक सांस्कृतिक महत्व के विचार संघ के विभाग प्रचारक श्री नितिन अग्रवाल ने व्यक्त किये।
वक्ता 2 डॉ जवाहरलाल द्विवेदी 
इस अवसर पर विश्वगीता प्रतिष्ठानम् के केंद्रीय मार्गदर्शक डॉ जवाहरलाल द्विवेदी ने अपने उद्बोधन में  इस प्रकार के बौद्धिक आयोजनों की आवश्यकता पर बल देते हुए बताया कि  शंकराचार्य जी सन्यासी होते हुए जननी और जन्मभूमि  के प्रति कर्त्तव्य निष्ठ रहे । भारत दिग्विजय कर चार मठों की स्थापना , माता से विदा औरअंतिमसंस्कार ,पुरी,गिरी ,नाथ,नागा आदि दशनामी संप्रदाय की स्थापना  इसका प्रमाण है।
    user_रणधीर चदेल
    रणधीर चदेल
    पत्रकार (फोटोग्राफर) गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Post by SHAMBHU DAYAL KUSHWAH
    1
    Post by SHAMBHU DAYAL KUSHWAH
    user_SHAMBHU DAYAL KUSHWAH
    SHAMBHU DAYAL KUSHWAH
    Grain Trader कुंभराज, गुना, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • पुलिसकर्मियों पर स्वर्ण चोरी का गंभीर आरोप मध्य प्रदेश पुलिस की छवि पर तब दाग लगा जब एक व्यवसायी ने आरोप लगाया कि एक ऑपरेशन के दौरान पांच पुलिसकर्मियों ने उसका 36 लाख रुपये का सोना चोरी कर लिया। विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पांचों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है।
    1
    पुलिसकर्मियों पर स्वर्ण चोरी का गंभीर आरोप
मध्य प्रदेश पुलिस की छवि पर तब दाग लगा जब एक व्यवसायी ने आरोप लगाया कि एक ऑपरेशन के दौरान पांच पुलिसकर्मियों ने उसका 36 लाख रुपये का सोना चोरी कर लिया। विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पांचों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है।
    user_Ravindra
    Ravindra
    Singer अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    22 min ago
  • Post by सी न्यूज़ चैनल
    4
    Post by सी न्यूज़ चैनल
    user_सी न्यूज़ चैनल
    सी न्यूज़ चैनल
    Social Media Manager अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • कलेक्‍टर द्वारा आवेदक की समस्‍या का निराकरण कर सौंपी खसरा एवं आदेश की प्रति -- गत दिवस मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर श्री साकेत मालवीय के समक्ष ग्राम रांवसर निवासी विकास अहिरवार द्वारा जनसुनवाई में प्लाट के नामांतरण आदेश को अमल कराये जाने हेतु आवेदन दिया गया था। कलेक्टर द्वारा प्राप्‍त आवेदन पर संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारी को कार्यवाही हेतु मौके पर निर्देश दिए गए थे। निर्देशों के परिपालन में तहसील अशोकनगर के तहसीलदार एवं पटवारी द्वारा नामांतरण आदेश को अमल कराये जाने की कार्यवाही की गई। आवेदन के निराकरण होने के पश्‍चात बुधवार को कलेक्‍टर श्री साकेत मालवीय द्वारा आवेदक को नामांतरण आदेश की प्रति एवं खसरे की नकल प्रदाय की गई। समस्‍या का निराकरण होने पर आवेदक द्वारा मुख्‍यमंत्री डॉ.मोहन यादव एवं जिला प्रशासन को धन्‍यवाद दिया।
    2
    कलेक्‍टर द्वारा आवेदक की समस्‍या का निराकरण कर सौंपी खसरा एवं आदेश की प्रति
--
गत दिवस मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर श्री साकेत मालवीय के समक्ष ग्राम रांवसर निवासी विकास अहिरवार द्वारा जनसुनवाई में प्लाट के नामांतरण आदेश को अमल कराये जाने हेतु आवेदन दिया गया था। कलेक्टर द्वारा प्राप्‍त आवेदन पर संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारी को कार्यवाही हेतु मौके पर निर्देश दिए गए थे। निर्देशों के परिपालन में तहसील अशोकनगर के तहसीलदार एवं पटवारी द्वारा नामांतरण आदेश को अमल कराये जाने की कार्यवाही की गई। आवेदन के निराकरण होने के पश्‍चात बुधवार को कलेक्‍टर श्री साकेत मालवीय द्वारा आवेदक को नामांतरण आदेश की प्रति एवं खसरे की नकल प्रदाय की गई। समस्‍या का निराकरण होने पर आवेदक द्वारा मुख्‍यमंत्री डॉ.मोहन यादव एवं जिला प्रशासन को धन्‍यवाद दिया।
    user_रीड न्यूज मीडिया एजेंसी
    रीड न्यूज मीडिया एजेंसी
    पत्रकार अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • संवाददाता उस्मान खान जनसंवाद कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक हितिका वासल गुना कार्यक्रम का संचालन करते हुए एडवोकेट शराफत खान पत्रकार मधुसूदनगढ़ भोपाल रोड पर आयोजित किया गया जनसंवाद कार्यक्रम इस अवसर पर एसडीओपी जे यू सिद्दीकी नायब तहसीलदार कमल सिंह कोली थाना प्रभारी संदीप यादव थाना प्रभारी जामनेर बड़ी संख्या में पुलिस के अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे पुलिस विभाग द्वारा जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया था
    4
    संवाददाता उस्मान खान
जनसंवाद कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक हितिका वासल
गुना कार्यक्रम का संचालन करते हुए एडवोकेट शराफत खान पत्रकार मधुसूदनगढ़ भोपाल रोड पर आयोजित किया गया जनसंवाद कार्यक्रम
इस अवसर पर एसडीओपी   
जे यू सिद्दीकी नायब तहसीलदार कमल सिंह  कोली थाना प्रभारी संदीप यादव थाना प्रभारी जामनेर  बड़ी संख्या में पुलिस के अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे पुलिस विभाग द्वारा जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया था
    user_नवदुनिया संवाददाता उसमान खान पत्रकार
    नवदुनिया संवाददाता उसमान खान पत्रकार
    मकसूदनगढ़, गुना, मध्य प्रदेश•
    41 min ago
  • धार भोजशाला सर्वे: वीडियोग्राफी रिपोर्ट याचिकाकर्ताओं को मिलेगी धार की ऐतिहासिक भोजशाला में चल रहे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के सर्वे को लेकर नया अपडेट आया है। हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि सर्वे की वीडियोग्राफी और संबंधित दस्तावेज याचिकाकर्ताओं को भी उपलब्ध कराए जाएं। इससे इस संवेदनशील मामले में पारदर्शिता और स्पष्टता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
    1
    धार भोजशाला सर्वे: वीडियोग्राफी रिपोर्ट याचिकाकर्ताओं को मिलेगी
धार की ऐतिहासिक भोजशाला में चल रहे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के सर्वे को लेकर नया अपडेट आया है। हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि सर्वे की वीडियोग्राफी और संबंधित दस्तावेज याचिकाकर्ताओं को भी उपलब्ध कराए जाएं। इससे इस संवेदनशील मामले में पारदर्शिता और स्पष्टता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
    user_Ravindra
    Ravindra
    Singer अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.