विशेष एचपीवी टीकाकरण अभियान 29 मार्च से 21 जून तक ऊना में सर्वाइकल कैंसर से बचाव को चलेगा अभियान : उपायुक्त उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) से बचाव एवं सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम के उद्देश्य से जिले में 29 मार्च से 21 जून तक विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने यह जानकारी मंगलवार को ज़िला मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आयोजित एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर गठित ज़िला टास्क फ़ोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। बैठक में अभियान की रणनीति, लक्षित आयु वर्ग की पहचान, पंजीकरण प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों का टीकाकरण किया जाएगा। अभियान से पूर्व 10 मार्च तक सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों तथा प्रवासी श्रमिक परिवारों का हाउस-टू-हाउस पंजीकरण और 20 मार्च तक ऑनलाइन पंजीकरण पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है और समय पर टीकाकरण से इसके जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने अभियान को लेकर जन-जागरूकता पर विशेष जोर दिया। विभिन्न विभागों के समन्वय से व्यापक जागरूकता गतिविधियां संचालित करने को कहा ताकि लक्षित आयु वर्ग की प्रत्येक पात्र किशोरी का टीकाकरण सुनिश्चित हो सके। उपायुक्त ने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए आशा वर्कर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूह तथा पंचायती राज संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। साथ ही शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए कि विद्यालयों में आयोजित पैरेंट्स मीटिंग्स के माध्यम से अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण एवं टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र किशोरियां इस अभियान से लाभान्वित हों। उपायुक्त ने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित कर उन्हें गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने में सहयोग करें। वहीं, सीएमओ डॉ. संजीव वर्मा ने बताया कि ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) विश्व स्तर पर सबसे आम संक्रमणों में से एक है। समय रहते रोकथाम न होने पर यह वायरस सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण, सुरक्षित व्यवहार, नियमित जांच तथा व्यापक जन-जागरूकता के माध्यम से एचपीवी से होने वाली बीमारियों को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण खाली पेट नहीं किया जाएगा तथा टीका लगाने के उपरांत किशोरियों को आधे घंटे तक निगरानी (ऑब्जर्वेशन) में रखा जाएगा, ताकि किसी भी संभावित प्रतिकूल प्रतिक्रिया की स्थिति में तुरंत आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। किशोरियां स्वयं भी https://uwin.mohfw.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकती हैं। 23 से 28 फरवरी तक मनाया जाएगा नेशनल डी-वॉर्मिंग सप्ताह उपायुक्त ने जानकारी दी कि 23 से 28 फरवरी तक ऊना जिले में नेशनल डी-वॉर्मिंग सप्ताह मनाया जाएगा। इस दौरान जिले में 1,53,544 बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही 41,358 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक प्रदान करने का लक्ष्य भी रखा गया है, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को बेहतर बनाया जा सके। इस अवसर पर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर रिचा, जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार,जिला भाषा अधिकारी निकुराम सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
विशेष एचपीवी टीकाकरण अभियान 29 मार्च से 21 जून तक ऊना में सर्वाइकल कैंसर से बचाव को चलेगा अभियान : उपायुक्त उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) से बचाव एवं सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम के उद्देश्य से जिले में 29 मार्च से 21 जून तक विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने यह जानकारी मंगलवार को ज़िला मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आयोजित एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर गठित ज़िला टास्क फ़ोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। बैठक में अभियान की रणनीति, लक्षित आयु वर्ग की पहचान, पंजीकरण प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों का टीकाकरण किया जाएगा। अभियान से पूर्व 10 मार्च तक सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों तथा प्रवासी श्रमिक परिवारों का हाउस-टू-हाउस पंजीकरण और 20 मार्च तक ऑनलाइन पंजीकरण पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है और समय पर टीकाकरण से इसके जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने अभियान को लेकर जन-जागरूकता पर विशेष जोर दिया। विभिन्न विभागों के समन्वय से व्यापक जागरूकता गतिविधियां संचालित करने को कहा ताकि लक्षित आयु वर्ग की प्रत्येक पात्र किशोरी का टीकाकरण सुनिश्चित हो सके। उपायुक्त ने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए आशा वर्कर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूह तथा पंचायती राज संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। साथ ही शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए कि विद्यालयों में आयोजित पैरेंट्स मीटिंग्स के माध्यम से अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण एवं टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र किशोरियां इस अभियान से लाभान्वित हों। उपायुक्त ने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित कर उन्हें गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने में सहयोग करें। वहीं, सीएमओ डॉ. संजीव वर्मा ने बताया कि ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) विश्व स्तर पर सबसे आम संक्रमणों में से एक है। समय रहते रोकथाम न होने पर यह वायरस सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण, सुरक्षित व्यवहार, नियमित जांच तथा व्यापक जन-जागरूकता के माध्यम से एचपीवी से होने वाली बीमारियों को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण खाली पेट नहीं किया जाएगा तथा टीका लगाने के उपरांत किशोरियों को आधे घंटे तक निगरानी (ऑब्जर्वेशन) में रखा जाएगा, ताकि किसी भी संभावित प्रतिकूल प्रतिक्रिया की स्थिति में तुरंत आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। किशोरियां स्वयं भी https://uwin.mohfw.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकती हैं। 23 से 28 फरवरी तक मनाया जाएगा नेशनल डी-वॉर्मिंग सप्ताह उपायुक्त ने जानकारी दी कि 23 से 28 फरवरी तक ऊना जिले में नेशनल डी-वॉर्मिंग सप्ताह मनाया जाएगा। इस दौरान जिले में 1,53,544 बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही 41,358 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक प्रदान करने का लक्ष्य भी रखा गया है, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को बेहतर बनाया जा सके। इस अवसर पर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर रिचा, जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार,जिला भाषा अधिकारी निकुराम सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
- चौकी मन्यार स्कूल में एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौकीमन्यार स्कूल में आर.ए.ए. (RAA) के अंतर्गत विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन बड़े उत्साह और सक्रिय भागीदारी के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा की अध्यक्षता में प्रातःकालीन सभा से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने आर.ए.ए. के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों द्वारा गणित एवं विज्ञान विषय के माडल एवं चार्ट बनाने की प्रतियोंगिता के साथ साथ गणित ओलंपियाड एवं विज्ञान प्रश्नोत्तरी का आयोजन करवाया गया। बहीं पर स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा ने विद्यार्थियों को अनुशासन, सहयोग और समाज सेवा के महत्व के साथ विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं इस प्रकार की गतिविधियों में बढ़ चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में बढ़िया प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं को बाद में सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा, कार्यक्रम के अध्यक्ष संजीव कुमार,अशोक कुमार,सीमा देवी विजय शर्मा,अजय शर्मा सहित अन्य स्कूल स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।2
- हमीरपुर हमीरपुर जिला के दुग्ध उत्पादक किसानों ने उपायुक्त हमीरपुर को ज्ञापन सौंप कर दुग्ध सबंधी आ रही समस्या से अवगत करवाया है। प्रतिनिधिमंडल के दौरान आए हुए दुग्ध उत्पादकों ने बताया कि दुग्ध उत्पादन के लिए विभाग के द्वारा दिलचस्पी नही दिखाई दे रही है जिसके चलते पिछले कुछ महीनों से दुग्ध उत्पादकों को समस्या हो रही है। इस अवसर पर किसान अनिल कुमार, रंजन सिंह के अलावा अन्य दूध उत्पादक मौजूद रहे। दूध उत्पादकों ने उपायुक्त हमीरपुर गर्धवा राठौर को ज्ञापन सौंपा और जल्द समस्या हल करने की गुहार लगाइ्र है। किसान अनिल कुमार ने बताया कि पिछले लगभग छह माह से पशुपालन विभाग द्वारा अन्य विभागों के सहयोग से विशेषकर हिमफैड की मदद से सोसायटियों का गठन युद्धस्तर पर किया गया था और किसानों को आश्वस्त किया गया था कि घर.द्वार से दुग्ध एकत्रण की व्यवस्था की जाएगी तथा पशुपालकों को चारा और कम रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसलिए इन योजनाओं से प्रेरित होकर अनेक किसानों ने अतिरिक्त दुग्ध उत्पादन शुरू कर दिया।लेकिन अभी तक जिले में दुग्ध एकत्रण प्रणाली प्रभावी रूप से शुरू नहीं हो पाई है जिससे दुग्ध उत्पादक किसानों को आर्थिक नुकसान और विपणन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वही अन्य किसानों ने विभाग से मांग की है कि इस दिशा में शीघ्र और प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके।प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि विभाग की उद्यमशीलता और सकारात्मक पहल पशुपालकों के लिए वरदान सिद्ध होगी। वहीं किसान रंजन ने बताया कि दुग्ध उत्पादकों के द्वारा दूध की पैदावार तेा की जा रही है लेकिन दूध बेचने के लिए अब समस्या बन रही है इसलिए जिला उपायुकत से आज मुलाकात की जा रही है। उन्हांेने बताया कि दूध उत्पादन में दो सौ लीटर की क्षमता पूरी की जा रही है लेकिन खपत के लिए कोई काम सरकार नही कर रही है जिसके लिए दुध उत्पादकों के द्वारा अब जिला प्रशासन से इस समरूस्या का हल करने के लिए गुहार लगाइ्र है1
- हिमाचल प्रदेश में रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट (आरडीजी) को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार के बीच वित्तीय अधिकारों को लेकर चल रही खींचतान अब नेताओं के तीखे बयानों तक पहुंच गई है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने मंगलवार को ऊना में पत्रकार वार्ता करते हुए भाजपा और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर पर सीधा हमला बोला। रायजादा ने आरोप लगाया कि हिमाचल के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भाजपा नेता चुप्पी साधे हुए हैं और जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से आरडीजी बंद करने संबंधी कथित दावों पर सवाल उठाते हुए प्रमाण सार्वजनिक करने की मांग की। बयानबाजी के इस दौर ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जहां वित्तीय सहयोग और राज्य के अधिकारों को लेकर राजनीतिक दल आमने-सामने नजर आ रहे हैं।1
- Post by Dinesh Kumar1
- ग्रामीणों के श्रमदान से सजी आस्था की मिसाल — मोईन शिव मंदिर में महाशिवरात्रि उत्सव का भव्य समापन खबर: प्राचीन शिव मंदिर मोईन में महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का सोमवार को पूर्ण आहुति, हवन-पूजन और विशाल भंडारे के साथ भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर श्रद्धा, परंपरा और सामूहिक सहयोग का अनूठा संगम देखने को मिला। वर्षों से चली आ रही परंपरा को जीवंत रखते हुए इस बार भी ग्रामीणों ने एकजुट होकर आयोजन को सफल बनाया। लोगों ने न केवल आर्थिक सहयोग दिया, बल्कि बढ़-चढ़कर श्रमदान करते हुए पूरे आयोजन की व्यवस्था संभाली, जिससे मंदिर परिसर में भक्तिभाव का अद्भुत वातावरण बना रहा। प्रसाद पैकिंग बनी विशेष आकर्षण इस भंडारे की सबसे खास बात यह रही कि मंदिर में आने वाले हर श्रद्धालु को सम्मानपूर्वक भोजन कराने के साथ-साथ प्रसाद की पैकिंग भी भेंट की गई। मंदिर कमेटी के अनुसार यह अनूठी परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है, ताकि कोई भी श्रद्धालु खाली हाथ न लौटे और सभी तक प्रसाद का लाभ पहुंचे। नई पीढ़ी संभाल रही विरासत मंदिर कमेटी के सदस्य राजेश पाराशर, अरुण शर्मा, पंकज शर्मा और मुख्य सदस्य रजनीश कुमार ने बताया कि मंदिर स्थापना के समय से ही बुजुर्गों ने महाशिवरात्रि को उत्सव के रूप में मनाने की परंपरा शुरू की थी। आज नई पीढ़ी भी उसी समर्पण और उत्साह के साथ इन परंपराओं को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक सहयोग की मिसाल भी है, जो हर वर्ष लोगों को एक सूत्र में जोड़ देता है।2
- सुजानपुर हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि झूठ और भ्रम की राजनीति के सहारे प्रदेश नहीं चल सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बार-बार रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट (आर.डी.जी ) को लेकर केंद्र सरकार पर निराधार आरोप लगा रहे हैं, जबकि 15वें वित्त आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह ग्रांट चरणबद्ध तरीके से समाप्त की जाएगी और राज्यों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि जिन 17 राज्यों को इस संबंध में पहले से सचेत किया गया था, उनमें से 11 राज्य भाजपा शासित हैं, लेकिन वहां की सरकारों ने केंद्र पर दोषारोपण करने के बजाय अपने संसाधन बढ़ाने और वित्तीय प्रबंधन सुधारने पर ध्यान दिया। हिमाचल प्रदेश को भी इसी दिशा में काम करना चाहिए था, लेकिन सुक्खू सरकार बहानेबाजी की राजनीति में उलझी हुई है। उन्होंने कहा कि पूर्व यूपीए सरकार के कार्यकाल में हिमाचल को लगभग 18,000 करोड़ रुपये की रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट मिली थी, जबकि पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने प्रदेश को लगभग 88,000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र पर लगातार आरोप लगाना पूरी तरह राजनीतिक और तथ्यों से परे है। राजेंद्र राणा ने कहा कि राज्य सरकार का दायित्व होता है कि वह प्रदेश की आय बढ़ाने के लिए ठोस नीतियां बनाए, नए राजस्व स्रोत विकसित करे और वित्तीय अनुशासन लागू करे। लेकिन वर्तमान सरकार का रवैया ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन चलाने के बजाय छात्र संगठन की राजनीति की जा रही हो, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने विधानसभा बजट सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यपाल द्वारा सरकार के अभिभाषण को पढ़ने से इनकार करना प्रदेश के इतिहास की अभूतपूर्व घटना है। यह सरकार की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। यदि सरकार के दावों में दम होता, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती। राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में वित्तीय संसाधनों के दुरुपयोग ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को और कमजोर किया है। महंगाई, बेरोजगारी और विकास कार्यों की धीमी गति से जनता त्रस्त है और अब सरकार से जवाब मांग रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश हित में आवश्यक है कि सरकार आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर आत्मनिर्भरता, राजस्व वृद्धि और सुशासन पर ध्यान केंद्रित करे। हिमाचल प्रदेश की जनता एक जिम्मेदार, पारदर्शी और दूरदर्शी नेतृत्व की अपेक्षा रखती है1
- जिला बिलासपुर के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए शिक्षा विभाग का प्लान कारगर साबित हुआ है। शिक्षा विभाग बिलासपुर द्वारा कमजोर बच्चों को पढ़ाई में मजबूत करने को लेकर एक प्लान तैयार किया था, जिसके साकारात्मक परिणाम भी सामने आएंगे। इस प्लान के तहत 18 जनवरी से 18 फरवरी तक शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाई गई हैं, इसका लाभ इन बच्चों को मिला है। इस नए प्लान को तैयार करने को लेकर उच्च शिक्षा विभाग बिलासपुर की उप निदेशक रेणू कौशल की ओर से किए गए प्रयास सराहनीय रहे हैं। वहीं, अब जल्द ही अचीवर बच्चों पर भी फोकस किया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा बेहतर प्रयासा किए गए हैं। उधर, इस बारे में उच्च शिक्षा उपनिदेशक बिलासपुर रेणु कौशल ने यह जानकारी दी।1
- चौकी मन्यार स्कूल में एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौकीमन्यार स्कूल में आर.ए.ए. (RAA) के अंतर्गत विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन बड़े उत्साह और सक्रिय भागीदारी के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा की अध्यक्षता में प्रातःकालीन सभा से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने आर.ए.ए. के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों द्वारा गणित एवं विज्ञान विषय के माडल एवं चार्ट बनाने की प्रतियोंगिता के साथ साथ गणित ओलंपियाड एवं विज्ञान प्रश्नोत्तरी का आयोजन करवाया गया। बहीं पर स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा ने विद्यार्थियों को अनुशासन, सहयोग और समाज सेवा के महत्व के साथ विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं इस प्रकार की गतिविधियों में बढ़ चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में बढ़िया प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं को बाद में सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा, कार्यक्रम के अध्यक्ष संजीव कुमार,अशोक कुमार,सीमा देवी विजय शर्मा,अजय शर्मा सहित अन्य स्कूल स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।2