राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, मध्य प्रदेश के आह्वान पर प्रदेशभर में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन पूरी ताकत के साथ जारी है। नरसिंहपुर समेत प्रदेशभर में यह आंदोलन दिन-ब-दिन उग्र होता जा रहा है और कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह धरना समाप्त नहीं होगा। आंदोलन के तीसरे दिन आज कर्मचारियों ने शासन-प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए 'ठेंगड़ी भवन, भोपाल' से तय कार्ययोजना के अनुसार अनोखा रास्ता चुना, जिसमें जिला मुख्यालयों और धरना स्थलों पर सामूहिक रूप से सुंदरकांड पाठ और प्रार्थना का आयोजन किया गया। कर्मचारियों का मानना है कि सरकार की न्यायपूर्ण मांगों के त्वरित निराकरण के लिए भगवान की शरण में जाना बेहद जरूरी हो गया है। इससे पहले, आंदोलन के पहले दिन (2 जून) कर्मचारियों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा जारी अप्रेजल संबंधी आदेशों की सांकेतिक प्रतियां जलाकर सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया था, वहीं दूसरे दिन (3 जून) आम जनता का समर्थन हासिल करने के लिए जिला अस्पतालों, प्रमुख चौराहों और धरना स्थलों पर 'प्याऊ' की स्थापना कर राहगीरों को पानी पिलाया था। आंदोलन के चौथे दिन यानी कल, कर्मचारी व्यापक स्तर पर सोशल मीडिया अभियान जिसे 'डिजिटल स्ट्राइक' कहा गया है, चलाने जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाना और देशव्यापी जनसमर्थन जुटाना है। संघ ने सोशल मीडिया को इस आंदोलन का सबसे बड़ा हथियार बताया है, जिसे रोज़ाना की गतिविधि में शामिल किया गया है। पांचवें दिन, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के समक्ष ज्ञापन सौंपकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद, छठवें दिन प्रशासन की बेरुखी पर तंज कसते हुए कर्मचारी प्रतीकात्मक रूप से "भैंस के आगे बीन" बजाकर प्रदर्शन करेंगे। यह आंदोलन प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र भदोरिया, प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र यदुवंशी और प्रदेश संयोजक विजय ठक्कर के नेतृत्व में चल रहा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, मध्य प्रदेश के आह्वान पर प्रदेशभर में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन पूरी ताकत के साथ जारी है। नरसिंहपुर समेत प्रदेशभर में यह आंदोलन दिन-ब-दिन उग्र होता जा रहा है और कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह धरना समाप्त नहीं होगा। आंदोलन के तीसरे दिन आज कर्मचारियों ने शासन-प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए 'ठेंगड़ी भवन, भोपाल' से तय कार्ययोजना के अनुसार अनोखा रास्ता चुना, जिसमें जिला मुख्यालयों और धरना स्थलों पर सामूहिक रूप से सुंदरकांड पाठ और प्रार्थना का आयोजन किया गया।
कर्मचारियों का मानना है कि सरकार की न्यायपूर्ण मांगों के त्वरित निराकरण के लिए भगवान की शरण में जाना बेहद जरूरी हो गया है। इससे पहले, आंदोलन के पहले दिन (2 जून) कर्मचारियों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा जारी अप्रेजल संबंधी आदेशों की सांकेतिक प्रतियां जलाकर सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया था, वहीं दूसरे दिन (3 जून) आम जनता का समर्थन हासिल करने के लिए जिला अस्पतालों, प्रमुख चौराहों और धरना स्थलों पर 'प्याऊ' की स्थापना कर राहगीरों को पानी पिलाया था। आंदोलन के चौथे दिन यानी कल, कर्मचारी व्यापक स्तर पर सोशल मीडिया अभियान जिसे 'डिजिटल स्ट्राइक' कहा गया
है, चलाने जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाना और देशव्यापी जनसमर्थन जुटाना है। संघ ने सोशल मीडिया को इस आंदोलन का सबसे बड़ा हथियार बताया है, जिसे रोज़ाना की गतिविधि में शामिल किया गया है। पांचवें दिन, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के समक्ष ज्ञापन सौंपकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद, छठवें दिन प्रशासन की बेरुखी पर तंज कसते हुए कर्मचारी प्रतीकात्मक रूप से "भैंस के आगे बीन" बजाकर प्रदर्शन करेंगे। यह आंदोलन प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र भदोरिया, प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र यदुवंशी और प्रदेश संयोजक विजय ठक्कर के नेतृत्व में चल रहा है।
- नरसिंहपुर जिले में सेवा भूमिधारी कोटवारों ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें आगामी खरीफ सीजन की बोआई से पहले यूरिया और डीएपी खाद की गंभीर किल्लत को हल करने के लिए तत्काल 'फार्मर आईडी' (किसान आईडी) बनाने की माँग की गई है। कोटवारों के सामने खाद का यह बड़ा संकट तकनीकी दिक्कतों के कारण खड़ा हो गया है। पोर्टल पर उनकी किसान आईडी नहीं बन पा रही है, जिसके चलते उन्हें ई-टोकन और आवश्यक खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इस समस्या के निवारण हेतु कोटवार वेलफेयर सोसायटी संघ ने कलेक्टर महोदया से बैतूल जिले की तर्ज पर जल्द से जल्द आईडी जनरेट कराने और बोआई शुरू होने से पूर्व खाद उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। कोटवारों का कहना है कि नाम मात्र के पारिश्रमिक के बीच खेती ही उनके जीवनयापन का एकमात्र सहारा है, इसलिए प्रशासन को इस मुद्दे पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नरसिंहपुर जिला मुख्यालय स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रकृति के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराना और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना था। समारोह की शुरुआत आश्रम के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलन कर की। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण का सीधा संबंध हमारे विचारों और जीवनशैली से है, और यदि हम अपने आंतरिक विचारों को शुद्ध रखेंगे, तो बाहरी वातावरण स्वतः ही स्वच्छ और सुंदर बन जाएगा। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष नीरज महाराज और भाजपा महिला जिलाध्यक्ष निशा सोनी सहित समाजसेवी महिलाओं ने पर्यावरण को हरा-भरा बनाए रखने और प्लास्टिक का उपयोग न करने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।1
- फार्म्स ऐप को किसानों के लिए एक उपयोगी पहल बताया गया है, जो मिट्टी के स्वास्थ्य और फसल की आवश्यकताओं के अनुसार खाद की सटीक मात्रा निर्धारित करके कृषि लागत को कम करने और उत्पादन को बढ़ाने में सहायता करता है। इस ऐप का लाइव डेमो रायसेन में देखा गया, जिस पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। किसानों से आग्रह किया गया है कि वे इस तकनीक को अपनाएं ताकि वे 'धरती माँ' के स्वास्थ्य की रक्षा कर सकें और अपनी आय में वृद्धि कर सकें।1
- ग्रामीणों ने पंचायत में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस संबंध में शिकायतें किए जाने के बावजूद भी अधिकारी किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण आक्रोशित हैं।1
- करेली से मिली जानकारी के अनुसार, एक शातिर अपराधी जिसे छोटू उर्फ किशन के नाम से जाना जाता है, उसे एक साल की अवधि के लिए जिले से बाहर कर दिया गया है। इस आदेश की सार्वजनिक घोषणा नगाड़े बजवाकर की गई।1
- नरसिंहपुर में एस.आर. ट्रस्ट एलिमको के माध्यम से एक निःशुल्क दिव्यांगजन सहायता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में दिव्यांगजनों का चिन्हांकन किया गया और उनकी आवश्यकतानुसार, उन्हें मौके पर ही कृत्रिम हाथ-पैर एवं कैलिपर्स निःशुल्क प्रदान किए गए।1
- नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव नगर में एक जिला बदर आरोपी के संबंध में सार्वजनिक घोषणा डुगडुगी पिटवाकर की गई है। इस कार्रवाई की जानकारी एसडीओपी मनीष त्रिपाठी के वक्तव्य के माध्यम से सामने आई है।2
- नरसिंहपुर पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के अपने अभियान के तहत आदतन अपराधी छोटू उर्फ किशन को एक साल के लिए जिले से बाहर कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देश पर गोटेगांव पुलिस ने की है। पुलिस ने इस आदेश की सार्वजनिक घोषणा शहर में डुग्गी पिटवाकर मुनादी के ज़रिए की, जिससे आम जनता को इसकी जानकारी मिल सके। गोटेगांव के नर्मदा मंदिर के पास रहने वाले इस अपराधी, छोटू उर्फ किशन (पिता रवि चौधरी), पर मारपीट, बलवा, अपहरण, महिला के शीलभंग और विस्फोटक अधिनियम जैसे कुल सात गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसकी लगातार बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और लोक शांति पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव के कारण पुलिस ने उसके खिलाफ जिला बदर का प्रस्ताव तैयार किया था। पुलिस के इस प्रस्ताव पर सुनवाई करते हुए, जिला दण्डाधिकारी (कलेक्टर) नरसिंहपुर ने मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 के तहत यह आदेश जारी किया। आदेश के तहत, छोटू उर्फ किशन को नरसिंहपुर जिले और उसके सभी पड़ोसी (सीमावर्ती) जिलों की राजस्व सीमाओं से एक वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया है। मुनादी के बाद पुलिस द्वारा आरोपी को जिले की सीमा से बाहर खदेड़ने की वैधानिक कार्रवाई भी की गई। नरसिंहपुर पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिले में शांति व्यवस्था भंग करने वाले गुंडों और असामाजिक तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और अपराधियों के खिलाफ यह सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा।3