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नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव नगर में एक जिला बदर आरोपी के संबंध में सार्वजनिक घोषणा डुगडुगी पिटवाकर की गई है। इस कार्रवाई की जानकारी एसडीओपी मनीष त्रिपाठी के वक्तव्य के माध्यम से सामने आई है।
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नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव नगर में एक जिला बदर आरोपी के संबंध में सार्वजनिक घोषणा डुगडुगी पिटवाकर की गई है। इस कार्रवाई की जानकारी एसडीओपी मनीष त्रिपाठी के वक्तव्य के माध्यम से सामने आई है।
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- नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव नगर में एक जिला बदर आरोपी के संबंध में सार्वजनिक घोषणा डुगडुगी पिटवाकर की गई है। इस कार्रवाई की जानकारी एसडीओपी मनीष त्रिपाठी के वक्तव्य के माध्यम से सामने आई है।2
- एक शातिर अपराधी छोटू उर्फ किशन को एक साल की अवधि के लिए जिला बदर कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण फैसले की सार्वजनिक घोषणा नगाड़ा बजवाकर की गई, जिससे सभी संबंधित लोगों को इसकी जानकारी मिल सके।1
- नरसिंहपुर जिले में खाद की कालाबाजारी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। सुआतला थाना पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर डीएपी खाद से भरे एक ट्रक को पकड़ा है। इस ट्रक का नंबर एमपी 28 जी 3256 बताया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।2
- नरसिंहपुर जिले में सेवा भूमिधारी कोटवारों ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें आगामी खरीफ सीजन की बोआई से पहले यूरिया और डीएपी खाद की गंभीर किल्लत को हल करने के लिए तत्काल 'फार्मर आईडी' (किसान आईडी) बनाने की माँग की गई है। कोटवारों के सामने खाद का यह बड़ा संकट तकनीकी दिक्कतों के कारण खड़ा हो गया है। पोर्टल पर उनकी किसान आईडी नहीं बन पा रही है, जिसके चलते उन्हें ई-टोकन और आवश्यक खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इस समस्या के निवारण हेतु कोटवार वेलफेयर सोसायटी संघ ने कलेक्टर महोदया से बैतूल जिले की तर्ज पर जल्द से जल्द आईडी जनरेट कराने और बोआई शुरू होने से पूर्व खाद उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। कोटवारों का कहना है कि नाम मात्र के पारिश्रमिक के बीच खेती ही उनके जीवनयापन का एकमात्र सहारा है, इसलिए प्रशासन को इस मुद्दे पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नरसिंहपुर जिला मुख्यालय स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रकृति के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराना और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना था। समारोह की शुरुआत आश्रम के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलन कर की। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण का सीधा संबंध हमारे विचारों और जीवनशैली से है, और यदि हम अपने आंतरिक विचारों को शुद्ध रखेंगे, तो बाहरी वातावरण स्वतः ही स्वच्छ और सुंदर बन जाएगा। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष नीरज महाराज और भाजपा महिला जिलाध्यक्ष निशा सोनी सहित समाजसेवी महिलाओं ने पर्यावरण को हरा-भरा बनाए रखने और प्लास्टिक का उपयोग न करने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।1
- फार्म्स ऐप को किसानों के लिए एक उपयोगी पहल बताया गया है, जो मिट्टी के स्वास्थ्य और फसल की आवश्यकताओं के अनुसार खाद की सटीक मात्रा निर्धारित करके कृषि लागत को कम करने और उत्पादन को बढ़ाने में सहायता करता है। इस ऐप का लाइव डेमो रायसेन में देखा गया, जिस पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। किसानों से आग्रह किया गया है कि वे इस तकनीक को अपनाएं ताकि वे 'धरती माँ' के स्वास्थ्य की रक्षा कर सकें और अपनी आय में वृद्धि कर सकें।1
- ग्रामीणों ने पंचायत में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस संबंध में शिकायतें किए जाने के बावजूद भी अधिकारी किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण आक्रोशित हैं।1
- नरसिंहपुर जिले की विभिन्न राशन दुकानों में उपभोक्ताओं को दो माह का राशन वितरण किया गया था, जिसकी अंतिम तिथि भी शासन द्वारा जारी की गई थी। इसके बावजूद कई लोगों को राशन नहीं मिल सका, जिससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव से एक मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला को राशन से वंचित कर दिया गया। पीड़ित महिला निर्मला साहू अपनी पात्रता पर्ची लेकर सरकारी राशन दुकान पहुँची, लेकिन उसे राशन नहीं मिला। निर्मला साहू का कहना है कि उसके बच्चे की तबीयत खराब होने के कारण वह पहले राशन लेने नहीं आ सकी थी। जब वह आज मार्केटिंग सोसायटी राशन दुकान पहुँची, तो सेल्समैन ममता छिरा ने यह कहकर राशन देने से इनकार कर दिया कि पोर्टल बंद हो गया है और अब राशन नहीं मिलेगा। इसके बाद निर्मला साहू सेल्समैन के सामने रोती हुई बहुत मिन्नतें करती रही, लेकिन उसे राशन नहीं दिया गया। राशन न मिलने पर महिला निर्मला साहू एसडीएम कार्यालय पहुँची और वहाँ उपस्थित रीडर मयंक दुबे से शिकायत की। रीडर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल खाद्य निरीक्षक को फोन पर पूरी स्थिति से अवगत कराया। खाद्य निरीक्षक ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए महिला को जल्द से जल्द राशन दिलाने का आश्वासन दिया है।2