देहरादून पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत नशे के तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत, विकासनगर पुलिस ने दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में मारुक उर्फ काला और नफीस शामिल हैं। पुलिस ने मारुक उर्फ काला के कब्जे से 212 ग्राम अवैध चरस बरामद की है, जबकि अभियुक्त नफीस से 6.81 ग्राम अवैध स्मैक मिली है। दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से पकड़ा गया और उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जाँच के दौरान यह भी सामने आया है कि मारुक उर्फ काला पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। दून पुलिस उत्तराखंड को "ड्रग फ्री देवभूमि" बनाने के अपने संकल्प के तहत लगातार नशा तस्करों पर शिकंजा कस रही है, और यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
देहरादून पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत नशे के तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत, विकासनगर पुलिस ने दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में मारुक उर्फ काला और नफीस शामिल हैं। पुलिस ने मारुक उर्फ काला के कब्जे से 212 ग्राम अवैध चरस बरामद की है, जबकि अभियुक्त नफीस से 6.81 ग्राम अवैध स्मैक मिली है। दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से पकड़ा गया और उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जाँच के दौरान यह भी सामने आया है कि मारुक उर्फ काला पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। दून पुलिस उत्तराखंड को "ड्रग फ्री देवभूमि" बनाने के अपने संकल्प के तहत लगातार नशा तस्करों पर शिकंजा कस रही है, और यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- बिजनौर जिले के नजीबाबाद में एक टीम राहगीरों को ठंडा शरबत पिलाने का कार्य कर रही है।1
- हरिद्वार के कोतवाली नगर क्षेत्र में प्रशासन और पुलिस द्वारा हर की पैड़ी से लगातार अतिक्रमण हटाया जा रहा है। यह संयुक्त कार्रवाई मेले के मद्देनजर, साथ ही वीकेंड और सोमवती अमावस्या स्नान के कारण श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। इस अभियान के तहत नगर कोतवाली पुलिस उद्घोषणाएं करके सड़कों से अतिक्रमण हटवा रही है, ताकि अवैध अतिक्रमण को हटाकर घाटों और मार्गों को लगातार व्यवस्थित किया जा सके।1
- Post by अमित पंवार गांव तेज्जूपूर बांडर डाकखाना चूडियाला ब्लॉक भगवानपुर छोटी-तहसिल भगवानपुर बड़ी तहसील रूड़की जिला हरिद्वार राज्य उत्तराखंड बांडर पर रहता हूं मूंछ देश के नाम से जाना जाता है हिन्दी भाषा चलती है हिन्दी भाषा चलाता हूं4
- हरिद्वार जिले के लक्सर स्थित शिव चौक पर सैनी समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में सैनी समाज के कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान सैनी समाज ने लक्सर विधानसभा से सबसे बड़ी पार्टी भाजपा से टिकट दिए जाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई। बैठक में सैनी समाज ने अपनी एकता पर जोर देते हुए महाराजा भागीरथ की प्रतिमा अपने खर्चे पर स्थापित करने का भी ऐलान किया। डॉक्टर रिशिपाल सैनी फतवा ने स्पष्ट किया कि जब तक सैनी समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक समाज को कुछ भी हासिल नहीं होगा। उन्होंने दोहराया कि सैनी समाज अपने खर्च पर महाराजा भागीरथ की प्रतिमा स्थापित करेगा और एकजुट होकर लक्सर विधानसभा से टिकट की मांग करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर नगर पालिका लक्सर, शिव चौक पर महाराजा भागीरथ की मूर्ति लगाती है, तो सैनी समाज के लोग इतने मजबूत और आर्थिक रूप से सक्षम हैं कि वे अपने खर्चे से यह काम कर सकते हैं। डॉक्टर सुभाष सैनी ने बताया कि आज की बैठक महाराजा भागीरथ की मूर्ति को लेकर हुई है, जिसका मुख्य बल सैनी समाज की एकता पर था। उन्होंने अपनी भाजपा से पहले से ही जुड़ाव की बात कही और बताया कि वे हमेशा भाजपा को ही वोट देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि टिकट तय हो जाने के बाद बिरादरी की एक और बैठक बुलाई जाएगी, और बिरादरी जिस दिशा में चलेगी, उसी अनुसार वोट दिया जाएगा। सैनी समाज के जिलाध्यक्ष बाबूराम सैनी ने कहा कि महाराजा भागीरथ की मूर्ति पर हो रही राजनीति को शांत करने के उद्देश्य से यह मुख्य लोगों की बैठक बुलाई गई थी। इसमें यह तय किया गया है कि महाराजा भागीरथ की मूर्ति सैनी समाज के सौजन्य से ही स्थापित की जाएगी।1
- लक्सर के शिव चौक स्थित स्वागत गेस्ट हाउस में सैनी समाज की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने महाराजा भागीरथ की मूर्ति की स्थापना अपने स्वयं के खर्चे पर कराने का निर्णय लिया। सैनी समाज ने नेताओं द्वारा महाराजा भागीरथ की मूर्ति को लेकर की जा रही राजनीति को बंद किए जाने पर भी विशेष जोर दिया। इसी बैठक के दौरान, सैनी समाज ने आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से अपने समाज के लिए टिकट की मांग भी रखी।1
- लक्सर के शिव चौक पर सैनी समाज की एक विशाल बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में समाज की एकता को मजबूत करने, राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने और महाराजा भागीरथ की प्रतिमा स्थापित करने जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक के दौरान, समाज के नेताओं ने लक्सर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा सैनी समाज के उम्मीदवार को टिकट दिए जाने की पुरज़ोर मांग उठाई। इसके साथ ही, यह भी घोषणा की गई कि महाराजा भागीरथ की प्रतिमा को समाज अपने स्वयं के खर्चे पर स्थापित करेगा, जो उनकी एकजुटता और स्वावलंबन को दर्शाता है। इस मौके पर डॉ. रिशिपाल फतवा, डॉ. सुभाष सैनी और जिला अध्यक्ष बाबूराम सैनी सहित कई प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इन नेताओं ने सैनी समाज की एकजुटता और उनके राजनीतिक अधिकारों के महत्व पर ज़ोर दिया, जिससे समाज में नई ऊर्जा और दिशा का संचार हुआ।1
- उत्तराखंड के देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में आज एक भव्य पासिंग आउट परेड (POP) का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 515 ऑफिसर कैडेट सेना अधिकारी बनने की दहलीज पर पहुँचे। इस गौरवपूर्ण अवसर पर, भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने परेड का निरीक्षण किया और कैडेटों की सलामी ली। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह भी उपस्थित रहे। पासआउट हुए कुल 515 कैडेटों में 481 भारतीय कैडेट और 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट शामिल थे। इस बार की POP की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि पहली बार राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) से प्रशिक्षण प्राप्त महिला कैडेटों का पहला बैच IMA से पासआउट हुआ। इस परेड में 158वें रेगुलर कोर्स, 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स, 56वें SCO कोर्स और 47वें TES कोर्स के कैडेट शामिल रहे, जिन्होंने अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा का अद्भुत प्रदर्शन किया। देहरादून की धरती ने एक बार फिर देश को नए सैन्य अधिकारी सौंपे। यह पल गर्व, सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत रहा, जिससे 'अपना देहरादून' गौरव का साक्षी बना।1
- एसएसपी हरिद्वार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, फायर स्टेशन मायापुर की टीम ने आज दिनांक 12.06.2026 को हरिद्वार क्षेत्र में स्थित विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट, होमस्टे और अन्य संस्थानों का अग्नि सुरक्षा के दृष्टिकोण से गहन निरीक्षण किया। इस अभियान के तहत, मायापुर फायर स्टेशन की टीम ने विशेष रूप से होटल हरी हेरिटेज भूपतवाला, होटल पार्क ग्रेस भूपतवाला, होटल शर्मा परिवार भूपतवाला और होटल गंगा विलिस भूपतवाला जैसे प्रतिष्ठानों की जाँच की। निरीक्षण के दौरान आपातकालीन निकास मार्ग व्यवस्था, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था, प्राथमिक अग्निशमन यंत्रों की कार्यक्षमता एवं वैधता के साथ-साथ अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की भी गहनता से पड़ताल की गई। निरीक्षण के उपरांत, इन संस्थानों के प्रबंधकों को निर्देशित किया गया कि वे अपने अग्निशमन उपकरणों को सदैव कार्यशील स्थिति में रखें। फायर स्टेशन मायापुर ने अपने क्षेत्र में संचालित सभी होटल, रेस्टोरेंट, होमस्टे और अन्य संस्थानों में यह अभियान चलाया।1
- एक संयुक्त कार्रवाई में एक शातिर साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो आम लोगों के बैंक खातों और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) को अपने साइबर अपराध का माध्यम बना रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों अंकित चौहान और विशाल चौहान को गिरफ्तार किया है, जो सहारनपुर जिले के बेहट थाना क्षेत्र के शाहपुर निवासी हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद चालाकी से काम करता था। आरोपी ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करते थे, कभी अपने पिता को कैंसर का मरीज बताकर तो कभी गाड़ी जब्त होने की झूठी कहानी सुनाकर नकद रुपये मांगते थे। नकद लेने के बदले में वे संबंधित व्यक्ति के खाते में ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर करते थे। शुरुआत में लोगों को यह सामान्य लेनदेन लगता था, लेकिन कुछ समय बाद उनके बैंक खाते फ्रीज हो जाते थे, तब उन्हें ठगी का अहसास होता था। जांच में पता चला कि यह पैसा साइबर ठगी से हासिल किया गया होता था, जिसके लिए आरोपी विशेष APK फाइलों और अन्य ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल करते थे। ठगी की गई रकम को सीधे CSC सेंटरों और अन्य बैंक खातों में भेजा जाता था ताकि उसके वास्तविक स्रोत को छिपाया जा सके। इसके बाद आरोपी नकद रकम को विभिन्न कैश डिपॉजिट मशीनों (CDM) के जरिए अपने साथियों के खातों में जमा कराते थे, जिसका मुख्य उद्देश्य साइबर अपराध से जुड़ी धनराशि के निशान मिटाना और जांच एजेंसियों को गुमराह करना था। इस गिरोह का खुलासा तब हुआ जब दाबकी कला गांव के दो CSC संचालकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों ने उनसे अलग-अलग बहाने बनाकर नकद पैसे लिए और उनके खातों में संदिग्ध रकम डाली, जिसके बाद उनके खाते फ्रीज हो गए और साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ाई, जिसमें आरोपियों के मोबाइल फोन की व्हाट्सएप चैट से कई QR स्कैनर और संदिग्ध लेनदेन के स्क्रीनशॉट भी बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कुल 1 लाख 48 हजार रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल किया गया एक POCO मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पुलिस फिलहाल इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी है और जल्द ही इस गिरोह के बाकी सदस्यों की भी गिरफ्तारी की उम्मीद है।1