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“ट्रेन में सीट के लिए विश्व युद्ध होना आम बात है… ऐसे युद्ध में बड़े-बड़े अस्त्र-शस्त्र भी बेकार हो जाते हैं। यहाँ जीत उसी की होती है जो सही समय पर सीट पकड़ ले। बाक़ी सब तो ठीक ही है…!” 😄🚆
Bhupendra Rai दबंग इंडिया
“ट्रेन में सीट के लिए विश्व युद्ध होना आम बात है… ऐसे युद्ध में बड़े-बड़े अस्त्र-शस्त्र भी बेकार हो जाते हैं। यहाँ जीत उसी की होती है जो सही समय पर सीट पकड़ ले। बाक़ी सब तो ठीक ही है…!” 😄🚆
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- आकाश सिंह राजपूत बने ग्रामीण प्रतिभावान खिलाड़ियों के शिल्पकार हजारों खिलाड़ियों को दिया मंच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आकाश सिंह राजपूत और युवा शक्ति संगठन की सराहना की सागर, दिनांक 13 मार्च 2026। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के भव्य उद्घाटन समारोह के अवसर पर आकाश सिंह राजपूत और उनके नेतृत्व में कार्य कर रहे युवा शक्ति संगठन की खुलकर सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव-गांव के क्रिकेट खिलाड़ियों को एक मंच देने की जो अनोखी सोच आकाश सिंह राजपूत और उनके संगठन ने दिखाई है, वह वास्तव में प्रशंसनीय और प्रेरणादायक है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्रिकेट महाकुंभ में भाग लेने वाले सैकड़ों खिलाड़ियों का सम्मान भी किया। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं है, बल्कि यह युवाओं के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और टीम भावना को मजबूत करने का भी सशक्त साधन है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं होती, आवश्यकता केवल उन्हें सही मंच और अवसर देने की होती है। क्रिकेट महाकुंभ जैसे आयोजनों के माध्यम से गांव-गांव की प्रतिभाएं सामने आ रही हैं और युवाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन प्रदेश के खेल और युवा विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आकाश सिंह राजपूत की पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए ऐसे प्रयास समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति संगठन द्वारा किया गया यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का माध्यम बना है, बल्कि इससे क्षेत्र में खेलों को भी बढ़ावा मिला है। मुख्यमंत्री ने आयोजन की सफलता के लिए युवा शक्ति संगठन के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बधाई दी और कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण के कारण यह आयोजन ऐतिहासिक रूप से सफल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन लगातार होते रहेंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने के और अधिक अवसर मिलेंगे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित खिलाड़ियों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया। मुख्यमंत्री द्वारा खिलाड़ियों का सम्मान किए जाने से युवाओं का मनोबल और भी बढ़ा और उन्होंने भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खिलाड़ी और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे। समारोह ने खेल, शिक्षा और युवाओं की ऊर्जा को एक साथ जोड़ते हुए क्षेत्र के लिए एक प्रेरणादायक संदेश दिया। वल्र्ड बुक आफ रिकॉर्ड लंदन में दर्ज है क्रिकेट महाकुंभ सागर जिले में युवाओं की प्रतिभा को मंच देने वाला क्रिकेट महाकुंभ आज एक विशाल और प्रेरणादायक आयोजन के रूप में स्थापित हो चुका है। युवाशक्ति संगठन द्वारा शुरू किया गया यह टूर्नामेंट वर्ष 2021 से निरंतर आयोजित किया जा रहा है और पिछले पाँच वर्षों में इसने क्षेत्र के खेल इतिहास में एक नई पहचान बनाई है। यह आयोजन केवल क्रिकेट प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा, खेल भावना और संगठनात्मक क्षमता का अद्भुत उदाहरण बन चुका है। क्रिकेट महाकुंभ की शुरुआत से ही इसे समाज और खेल जगत के प्रतिष्ठित लोगों का सहयोग और प्रोत्साहन मिलता रहा है। इसके पहले संस्करण में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान के सुपुत्र कार्तिकेय सिंह चैहान विशेष रूप से शामिल हुए थे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए युवाओं के इस प्रयास की सराहना की और इसे क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की एक महत्वपूर्ण पहल बताया। इसके बाद वर्ष 2023 में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सुपुत्र तथा मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष महाआर्यमन भी इस आयोजन में शामिल हुए। उन्होंने क्रिकेट महाकुंभ की भव्यता और युवाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं में खेल के प्रति अनुशासन, समर्पण और नेतृत्व की भावना विकसित करते हैं। वहीं फरवरी 2025 में भारत के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हरभजन सिंह इस क्रिकेट महाकुंभ में शामिल हुए। उन्होंने इस टूर्नामेंट की भव्यता और व्यापकता की प्रशंसा करते हुए कहा कि सागर जैसे शहर में इतने बड़े स्तर पर क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने इस आयोजन की चर्चा ई पी एल जैसे बड़े मंच पर भी की, जिससे इस महाकुंभ की पहचान राष्ट्रीय स्तर तक पहुँची। इस क्रिकेट महाकुंभ की सबसे बड़ी विशेषता इसकी व्यापक भागीदारी है। इस टूर्नामेंट में 650 से अधिक टीमें 9,500 से अधिक खिलाड़ी भाग लेते हैं, जो इसे क्षेत्र के सबसे बड़े क्रिकेट आयोजनों में से एक बनाता है। इतने बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए युवाशक्ति संगठन की लगभग 500 से अधिक सदस्यों वाली कोर कमेटी लगातार कार्य करती है। टूर्नामेंट का संचालन बेहद व्यवस्थित तरीके से किया जाता है। यह प्रतियोगिता 5 मैदानों पर प्रतिदिन 5 मैचों के साथ आयोजित होती है और तीन माह से अधिक समय तक लगातार चलती है। इस क्रिकेट महाकुंभ की भव्यता और सुव्यवस्थित संचालन को देखते हुए इसे वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन में भी दर्ज किया गया है, जो इस आयोजन की ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जाती है यह उपलब्धि न केवल आयोजकों के लिए गर्व की बात है, बल्कि सागर और पूरे क्षेत्र के लिए भी सम्मान का विषय है। आज क्रिकेट महाकुंभ केवल एक टूर्नामेंट नहीं रहा, बल्कि यह युवाओं की प्रतिभा को पहचान देने, खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक आयोजन बन चुका है। आने वाले वर्षों में यह महाकुंभ निश्चित रूप से और अधिक ऊँचाइयों को छुएगा और क्षेत्र के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देने की सोच युवा शक्ति संगठन के अध्यक्ष आकाश सिंह राजपूत का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें अवसर और मंच की आवश्यकता होती है। मंत्री क्रिकेट महाकुंभ के माध्यम से ऐसी प्रतिभाओं को सामने लाने का प्रयास किया गया है, ताकि गांवों के खिलाड़ी भी अपनी क्षमता दिखा सकें और आगे बढ़ सकें। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में युवा शक्ति संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, खिलाड़ी एवं आसपास के ग्रामों से आए ग्रामीणजन उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान खेल प्रेमियों में भारी उत्साह देखने को मिला और तालियों की गूंज के बीच क्रिकेट महाकुंभ का भव्य समापन हुआ।1
- दोस्तों अभी बुरे दिन का दौर चल रहा है, मुस्कुराना तो नहीं चाहिए ,लेकिन यह जिंदगी है, कब तक ठोकरे खाकर रोते रहेंगे मुस्कुराते रहिए और दूसरों को भी मुस्कुराने देना चाहिए..! 😊👍💛🎉😀 #GoodnightEveryone 🌉🌃🌹🌺🥀💐❤️ #photography #viralphoto #photochalleng #nonfollowersviewersfollowers #foryou9
- मां नर्मदा मंदिर गोटेगांव में आज नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। यह परिक्रमा वासी नासिक (महाराष्ट्र) से आए हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ भोजन प्रसादी ग्रहण की तथा मां नर्मदा जी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान “नर्मदे हर” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। नर्मदे हर… नर्मदे हर… 🙏1
- छतरपुर जिले से लगे हुए पन्ना जिले से खबर आ रही है निकालकर केन–बेतवा लिंक परियोजना, मझगाय मध्यम सिंचाई परियोजना और रूँझ मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसानों और आदिवासी परिवारों द्वारा जय किसान संगठन के बैनर तले चलाया जा रहा “न्याय सत्याग्रह” आंदोलन दूसरे दिन कई उतार-चढ़ावों के बाद एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंचा। दिन भर चले तनावपूर्ण घटनाक्रम, ताला बंदी, गिरफ्तारी और हल्के लाठीचार्ज जैसे घटनाक्रमों के बीच अंततः प्रशासन को किसानों के साथ वार्ता करनी पड़ी और कुछ प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने कहा कि आंदोलन स्थगित किया गया है, समाप्त नहीं। उन्होंने स्पष्ट कहा “यदि प्रशासन अपने वादे से मुकरा या तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन पहले से ज्यादा व्यापक और तेज होगा। आंदोलन का दूसरा दिन रहा बेहद तनावपूर्ण दूसरे दिन भी हजारों किसान और आदिवासी महिलाएं कलेक्ट्रेट परिसर में डटी रहीं। प्रशासन द्वारा पानी की सप्लाई रोक दिए जाने के बावजूद आंदोलनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ बल्कि लोगों की संख्या और बढ़ती गई। भीड़ बढ़ने और आंदोलन मजबूत होने से जिला प्रशासन पर दबाव बढ़ता गया। इसी बीच प्रशासन ने कलेक्ट्रेट के कुछ हिस्सों को बंद कर दिया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। जब प्रशासन ने आंदोलनकारी नेता अमित भटनागर को चर्चा के लिए बुलाया तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी प्राथमिक मांग है कि परियोजना से संबंधित सभी दस्तावेज प्रभावित ग्रामीणों को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे पूरी जानकारी के साथ आगे की प्रक्रिया तय कर सकें। बताया जाता है कि प्रशासन ने उन्हें दस्तावेज दिखाने के नाम पर अंदर बुलाया, लेकिन उसी दौरान परिसर में धारा 144 लागू करने की घोषणा कर दी गई और अमित भटनागर को उससे संबंधित नोटिस थमा दिया गया। इस कार्रवाई को आंदोलनकारियों ने प्रशासन की तानाशाही और अमानवीय रवैया बताते हुए विरोध किया। इसी दौरान एसडीएम और आंदोलनकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। गिरफ्तारी की घोषणा, महिलाओं का आक्रोश स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अमित भटनागर ने अपनी गिरफ्तारी देने की घोषणा कर दी। उनकी घोषणा के बाद पन्ना एसडीएम ने उनको गिरफ्तार कर अंदर ले जाने लगे। उनके समर्थन में बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं और किसानों ने भी गिरफ्तारी देने का ऐलान कर दिया। इस दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी और हल्का लाठीचार्ज भी हुआ, इसी दौरान अमित भटनागर और एसडीएम पन्ना के बीच में तीखी नोकझोंक भी हुई। जय किसान संगठन के कार्यकर्ता मंगल यादव को भी इस दौरान चोट लगने की जानकारी सामने आई है। स्थिति बिगड़ते देख प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया, लेकिन हजारों किसानों और महिलाओं ने आंदोलन स्थल छोड़ने से साफ इनकार कर दिया और गिरफ्तारी देने पर अड़ गए। दबाव में प्रशासन को करनी पड़ी वार्ता बड़ी संख्या में महिलाओं और किसानों के गिरफ्तारी देने की घोषणा के बाद प्रशासन के सामने स्थिति जटिल हो गई। अंततः प्रशासन ने आंदोलनकारियों को वार्ता के लिए बुलाया और कुछ प्रमुख मांगों पर सहमति बनी। इसके बाद जय किसान संगठन ने निम्नलिखित शर्तों पर “न्याय सत्याग्रह” आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने की घोषणा की। सहमति के मुख्य बिंदु परियोजना प्रभावित प्रत्येक गांव में ग्रामीण प्रशासन द्वारा दिए गए प्रारूप में परियोजना से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख करेंगे। इन समस्याओं को जिला प्रशासन को सौंपने के बाद 7 दिन के भीतर उनके निराकरण की प्रक्रिया कर दी जाएगी। जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक प्रभावित गांवों में किसी भी प्रकार की बेदखली की कार्रवाई नहीं की जाएगी। केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगाय और रूँझ परियोजना से संबंधित प्रशासनिक आदेश, धारा 11 की कार्यवाही, ग्राम सभा की कार्यवाही, अवार्ड तथा अन्य सभी दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतिलिपि 5 दिन के भीतर उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन के माध्यम से सरकार को भेजी जाएंगी ये मांगें प्रभावित किसानों और आदिवासी परिवारों से उनके बसे-बसाए गांव जबरन न छीने जाएं। यदि विस्थापन आवश्यक हो तो भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पुनर्वास किया जाए। प्रभावित परिवारों को गांव के बदले गांव बसाकर और कृषि भूमि देकर पुनर्वास किया जाए। प्रभावित महिलाओं के लिए विशेष पुनर्वास पैकेज प्रदान किया जाए। आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन आंदोलन की जानकारी मिलने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी मामले का संज्ञान लिया और अपने प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव को आंदोलन स्थल भेजा। मनोज यादव ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर अखिलेश यादव का संदेश पढ़कर सुनाया और किसानों के आंदोलन को खुला समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि किसानों और आदिवासी परिवारों को अपनी मांगों के लिए दो-दो दिन तक आंदोलन करना पड़ रहा है, जिससे सरकार की संवेदनहीनता उजागर होती है। व्यापक जनसमर्थन के साथ हुआ आंदोलन इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान, आदिवासी महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। पन्ना जिले में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में किसान और आदिवासी अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए एकजुट होते दिखाई दिए इसमें प्रमुख रूप से अमित भटनागर के साथ, बब्लू यादव, महेश आदिवासी, दिव्या अहिरवार, चिरौनिया आदिवासी,सारनिया आदिवासी, कमलाबाई मंगल यादव, पप्पू आदिवासी, राजू आदिवासी, केदार आदिवासी, लेखराम यादव, लक्ष्मी प्रसाद विश्वकर्मा, कल्लू आदिवासी गनपत, आदिवासी राजाबेटी आदिवासी, अभू आदिवासी, हल्कुश यादव, रवि आदिवासी,रामकिशोर यादव, राजकुमार तिवारी, शंकर आदिवासी, मुकुंदे आदिवासी, वंश गोपाल सोनी, कमलारानी आदिवासी, शिवरतन दयाराम आदिवासी, महेश आदिवासी, जगदीश आदिवासी, यादव, विद्या रानी, आदिवासी राजू आदिवासी सहित हजारों आदिवासी किसान सहभागी हुये। मीडिया सेल जय किसान संगठन ✊ जय किसान4
- राहुल गांधी ने कहा नरेंद्रर कंप्रोमाइज हो गया है1
- अह रिचार्ज कराकर अपना मोबाइल फोन चलाने वाले अह मोबाइल फोन users का मुद्दा उठाया और दो अहम बातें रखी पहली कि किस प्रकार से आपका रिचार्ज जब समाप्त हो जाता है validity सब over हो जाती है तो outgoing कॉल का बंद होना समझ में आता है लेकिन incoming कॉल भी उसके साथ बंद कर देना उचित नहीं है ये टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी है जिस पे रोक लगनी चाहिए आज हमने आपके मोबाइल फोन से सब कुछ लिंक कर दिया आपका यूपीआई आपका आधार आपके बैंक के ओटीपी ट्रेन टिकट के ओटीपी तमाम चीजें लेकिन आपकी तमाम incoming calls और incoming एसएमएस इसलिए जाते हैं क्योंकि आप एक रिचार्ज कराना भूल गए जो कि नहीं होना चाहिए। मैंने सदन में कोई फ्री आउटगोइंग कॉल्स देने की मांग नहीं रखी, फ्री डेटा देने की मांग नहीं रखी लेकिन एक साधारण सी बात रखी कि इनकमिंग कॉल कम से कम एक साल तक from the date of the last recharge चलती रहनी चाहिए ताकि देश का आम आदमी अह अपना राइट to अह communication जो है वो सरेंडर ना करे उसका उस लहजे में अह अगर बात रखें तो उसका शोषण ना हो। दूसरी बात जो रखी वो ये रखी कि अह अह prepaid अह customers जो हैं वो एक और बड़ी शिकायत अह अह जो बार-बार उठाते हैं वो ये है कि अट्ठाईस दिन का monthly recharge होता है। कैलेंडर में महीने अह के हिसाब से या तो तीस का महीना होता है, इकतीस का महीना होता है। लेकिन ये टेलीकॉम operators जो हैं ये अट्ठाईस दिन का recharge प्लान बेचते हैं ताकि आपको साल में महीने भले बारह हो लेकिन recharge thirteen times कराना पड़े। अह thirteen times into twenty eight days is equal to three sixty four days यानी कि अगर आपको साल भर की validity चाहिए तो आपको तेरह बार recharge कराना पड़ेगा जो एक प्रकार से clever strategy है जिसके चलते एक अतिरिक्त रिचार्ज अटेरिकॉम ऑपरेटर जनता से कराते हैं, जो ठीक नहीं है, जो बंद होना चाहिए और monthly plans कैलेंडर के महीने के हिसाब से या तो तीस के या इकत्तीस के महीने के हिसाब से होना चाहिए, जैसे कि दुनिया में हर जगह बिलिंग साइकिल महीने के हिसाब से होती है, आपको सैलरी बेयरिंग साइकिल के हिसाब से मिलती है, बैंक की ईएमआई हो लैंडलॉर्ड का रेंट हो, तमाम चीजें कैलेंडर महीने के हिसाब से तीस या इकत्तीस दिन के हिसाब से होती है, उसी प्रकार रिचार्ज प्लान भी तीस या इकत्तीस दिन का होना चाहिए।1
- राहुल गांधी ने कहा साइकोलॉजी में हा र बीजेपी की हो चुकी है1
- 🔥 बरही में इतिहास रचेगा कृषि महोत्सव, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में विधायक संजय पाठक दिलाएंगे किसानों को बड़ी सौगात 🔥 कटनी जिले के विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बरही नगर में 14 मार्च 2026 को एक भव्य और ऐतिहासिक कृषि महोत्सव आयोजित होने जा रहा है। इस विशाल आयोजन में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह और तैयारियों का माहौल है। बरही के श्री विजयनाथ धाम मेला ग्राउंड में दोपहर 1:30 बजे से आयोजित होने वाले इस कृषि महोत्सव को विजयराघवगढ़ क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक Sanjay Satyendra Pathak के विशेष प्रयासों से भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। विधायक संजय पाठक लगातार किसानों की उन्नति और क्षेत्र के विकास के लिए प्रयासरत रहे हैं, और इसी कड़ी में यह कृषि महोत्सव किसानों के लिए नई उम्मीद और नई दिशा लेकर आ रहा है। इस आयोजन में हजारों किसान शामिल होंगे, जिन्हें आधुनिक खेती की तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई के आधुनिक साधन, कृषि उत्पादन बढ़ाने के नए तरीके और सरकार की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही किसानों के सम्मान में विशाल आभार रैली और संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने क्षेत्र की जनता और किसानों से अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में किसानों के हित में कई ऐतिहासिक योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका लाभ सीधे किसानों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि “किसान की समृद्धि ही प्रदेश और देश की समृद्धि की असली पहचान है, और हमारा प्रयास है कि विजयराघवगढ़ का हर किसान आत्मनिर्भर और समृद्ध बने।” उन्होंने क्षेत्रवासियों से आग्रह किया है कि वे बड़ी संख्या में बरही पहुंचकर इस ऐतिहासिक कृषि महोत्सव का हिस्सा बनें और किसानों के सम्मान में आयोजित इस महाआयोजन को सफल बनाएं। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और पार्टी संगठन द्वारा तैयारियां अंतिम चरण में हैं, वहीं पूरे बरही और आसपास के क्षेत्रों में इस आयोजन को लेकर जबरदस्त उत्साह और चर्चा का माहौल बना हुआ है। ✍️ पत्रकार – बालकिशन नामदेव 📞 मोबाइल – 89591 881111