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मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के रैपुरा में गंगा स्वसहायता समूह की अध्यक्ष ने राशन विक्रेता पर आरोप लगाए हैं। अध्यक्ष का कहना है कि फिंगर लगवाने के बाद भी विक्रेता ने पिछले 6 महीने से राशन नहीं दिया है। राशन न मिलने के कारण कई दिनों तक मध्यान भोजन भी प्रभावित रहा है।
Lakhan Sahu
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के रैपुरा में गंगा स्वसहायता समूह की अध्यक्ष ने राशन विक्रेता पर आरोप लगाए हैं। अध्यक्ष का कहना है कि फिंगर लगवाने के बाद भी विक्रेता ने पिछले 6 महीने से राशन नहीं दिया है। राशन न मिलने के कारण कई दिनों तक मध्यान भोजन भी प्रभावित रहा है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- पन्ना जिले के रैपुरा क्षेत्र में मडवा घाटी निर्माण कार्य को लेकर युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया है। इस निर्माण कार्य को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों ने भी जल्द से जल्द कार्य पूर्ण कराने की अपील की है। मडवा घाटी के इस निर्माण कार्य को लेकर अब नीरज बडगांव की प्रतिक्रिया भी सामने आई है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर मांग की है कि जिम्मेदार लोग इस पर जवाब दें।1
- कटनी के सब्जी मंडी स्थित श्री झूलेलाल मंदिर में झूलेलाल चालीहा महोत्सव समिति के तत्वावधान में 40 दिवसीय झूलेलाल चालीहा महोत्सव का श्रद्धा और भक्ति के साथ शुभारंभ हो गया है। इस महोत्सव के प्रथम रविवार को सुबह सिंधी समाज के श्रद्धालुओं ने कटाए घाट नदी पहुंचकर विधि-विधान से जल देवता का पूजन-अर्चन किया। इस दौरान नदी घाट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा और श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। इस धार्मिक आयोजन के अवसर पर भजन-कीर्तन, अखो और पल्लव जैसे पारंपरिक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। समिति के पदाधिकारियों ने जानकारी दी है कि यह चालीहा महोत्सव आगामी 40 दिनों तक पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस अवधि के दौरान प्रतिदिन भगवान झूलेलाल की विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और अन्य सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सिंधी समाज के लिए चालीहा महोत्सव को आस्था, संयम और भक्ति का एक प्रमुख पर्व माना जाता है।1
- दमोह के बटियागढ़ ब्लॉक के कनोरा कला के आदिवासियों ने एकता परिषद के बैनर तले कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है।1
- जन संगठन एकता परिषद के बैनर तले दमोह जिले के बटियागढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कनौरा कला के पीड़ित आदिवासी महिला-पुरुष बरसते पानी में पैदल चलकर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वन विभाग द्वारा किए जा रहे कथित अन्याय, अत्याचार, तानाशाही और अवैध कदाचार के विरोध में डिप्टी कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर प्रताप नारायण सिंह यादव को ज्ञापन सौंपकर अपने अधिकारों की पुरजोर मांग की। एकता परिषद के जिला समन्वयक सुजात खान, शिवलाल आदिवासी, बलराम पटेल, मोहन सिंह आदिवासी, रामकली बाई आदिवासी, रेखा रानी, कौशल बाई, प्रेम लाल, गोवर्धन, ज्ञानी सिंह, तुलसा रानी और बाबू आदिवासी सहित अन्य पीड़ितों ने बताया कि जिला प्रशासन और जनजातीय विभाग दमोह द्वारा वनाधिकार कानून के लंबित दावों के निराकरण में लगातार जानबूझकर लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 22 दिसंबर 2025 की जिला समन्वय बैठक में लिए गए निर्णयों पर समय सीमा में आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी लापरवाही के कारण बरसों से वन भूमि पर काबिज पात्र आदिवासियों को वन विभाग जबरन बेदखल कर रहा है। आदिवासियों के अनुसार, विगत 19 जुलाई 2026 को वन विभाग की टीम ने तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाते हुए आदिवासियों के खेतों में बनी लगभग 26 झोपड़ियों को बर्बाद कर दिया और वहां रखा राशन-पानी व कृषि संबंधी सामान लूट ले गए। इस दौरान हथियारों से लैस वन कर्मियों ने वर्दी का खौफ दिखाकर आदिवासियों, महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट व अभद्र गाली-गलौज की और उन्हें विस्थापित कर दिया, जिससे ये परिवार दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। मध्य प्रदेश एकता परिषद के जिलाध्यक्ष सुजात खान ने आरोप लगाया कि जिले में वन विभाग, पन्ना टाइगर रिजर्व बफर जोन प्रबंधन और नौरादेही अभ्यारण्य प्रबंधन द्वारा लगातार आदिवासियों और वनवासियों के साथ इसी तरह का अवैध व अनैतिक व्यवहार कर उन्हें भूमिहीन व बेघर बनाया जा रहा है। तथाकथित विकास के नाम पर उन्हें भय, भूख, गरीबी और पलायन के दलदल में धकेला जा रहा है, जिससे पूरे जिले के आदिवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। एकता परिषद ने मांग की है कि कनौरा कला सहित दमोह के सभी गरीब आदिवासियों के लंबित दावों का निराकरण किया जाए, त्रुटिपूर्ण दावों में सुधार हो, उन्हें भू-राजस्व पट्टे दिए जाएं और इस प्रकार की गुंडागर्दी पूर्ण बेदखली की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। इसके साथ ही, वनाधिकार कानून, भू-राजस्व कानून, विस्थापन और आजीविका के मुद्दों के स्थायी व शांतिपूर्ण समाधान के लिए जिला स्तर पर शीघ्र जिला समन्वय बैठक बुलाने की भी पुरजोर मांग की गई है।1
- मध्य प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के लिए 27% आरक्षण की मांग को लेकर विधानसभा का घेराव करने पहुंची ओबीसी महासभा पर पुलिस ने बल प्रयोग किया है। आंदोलनकारियों को रोकने के लिए पुलिस द्वारा वाटर कैनन का उपयोग किया गया, जिसके बाद वहां पर मौजूद लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसी कार्रवाई के दौरान भोपाल पुलिस ने ओबीसी महासभा के जिला अध्यक्ष रवि लोधी को भी गिरफ्तार कर लिया है। जिला अध्यक्ष की गिरफ्तारी का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।1
- कटनी के सरस्वाही स्थित माता शबरी कन्या शिक्षा परिषद छात्रावास में 20 से अधिक छात्राओं के बीमार होने के मामले में आक्रोशित अभिभावकों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर छात्रावास प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। अभिभावकों का कहना है कि हॉस्टल में लंबे समय से पेयजल संकट, भोजन की खराब गुणवत्ता और अव्यवस्थाओं की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। बीती 18 जुलाई को सुबह का नाश्ता और भोजन करने के बाद छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई, जिससे कई छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ज्ञापन के माध्यम से अभिभावकों ने छात्रावास की अधीक्षिका एवं स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और वर्तमान अधीक्षिका को हटाकर दूसरे जिले से नई अधीक्षिका की नियुक्ति करने की मांग की है। इसके अलावा, मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने, तीसरी मंजिल तक स्वच्छ पेयजल व वाटर फिल्टर की व्यवस्था करने, छात्राओं का नियमित मेडिकल चेकअप कराने, आर्ट विषय के शिक्षक की नियुक्ति करने, परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा छात्रावास और मेस के संचालन की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी उठाई गई है। अभिभावकों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
- दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर दानीताल पुलिया के पास रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया। यहाँ क्रॉसिंग के दौरान एक बस अचानक अनियंत्रित होकर साइड पट्टी में धंस गई। इस घटना के बाद राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।2