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बहुत बड़ा सांप है साथियो जमुना कॉलरी से पकडे है आज का पहला रेस्कीयू है लाइक जरूर करें और हमको सपोट करें धन्यवाद आपका सभी का दोस्त भारत बाबा जी

12 hrs ago
user_भारत बाबा जी
भारत बाबा जी
कोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
12 hrs ago

बहुत बड़ा सांप है साथियो जमुना कॉलरी से पकडे है आज का पहला रेस्कीयू है लाइक जरूर करें और हमको सपोट करें धन्यवाद आपका सभी का दोस्त भारत बाबा जी

  • user_भारत बाबा जी
    भारत बाबा जी
    कोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश
    🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
    11 hrs ago
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मृगेन्द्र सिंह अनूपपुर जिले में बुधवार की शाम अध्यापक/शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर हुंकार भर दी है। दोपहर को सामतपुर तालाब पर मोर्चा के पदाधिकारी सदस्य एकत्रित हुए जहां आम बैठक पर चर्चाएं हुई। इसके बाद शाम 4 बजे संयुक्त मोर्चा सदस्यों ने सामतपुर तिराहा से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पदयात्रा रैली निकाली। संयुक्त मोर्चा के जिला पदाधिकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दो टूक शब्दों में कहा कि प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा TET की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। साथ ही शिक्षकों की सेवा अवधि की गणना उनके प्रथम नियुक्ति दिनांक से की जाए ताकि उन्हें पेंशन और ग्रेच्युटी जैसे लाभ मिल सकें। संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार मिश्रा, शासकीय शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष निवास तिवारी और मप्र शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय निगम ने बताया कि लोक शिक्षण संचालनालय और जनजातीय कार्य विभाग द्वारा नॉन-TET शिक्षकों पर परीक्षा उत्तीर्ण करने का दबाव बनाया जा रहा है। 2001 के पहले और बाद में नियुक्त संविदा शिक्षकों के साथ-साथ 2011-14 के बीच गुरुजी से संविदा शिक्षक बने कर्मियों को TET से छूट प्राप्त है। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने फैसलों में इस छूट का समर्थन किया है। इसके बावजूद विभाग द्वारा जारी नए आदेश 2 मार्च और 26 मार्च 2026 नियमों के विरुद्ध हैं। लोक शिक्षण और जनजातीय विभाग द्वारा मार्च 2026 में जारी किए गए TET संबंधी आदेशों को तत्काल रद्द किया जाए। शासन हाई कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर डेढ़ लाख शिक्षकों को इस मानसिक तनाव से राहत दिलाए। नवीन शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों की सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से की जाए, ताकि उन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी और अवकाश नगदीकरण का वैधानिक लाभ मिल सके। विभागीय आयुक्तों द्वारा शिक्षकों को TET के लिए बाध्य करना कोर्ट के निर्णय की अवहेलना है। संयुक्त मोर्चा पदाधिकारियों का कहना है कि हम चाहते हैं कि पदोन्नति और क्रमोन्नति की तरह ही अन्य लाभों के लिए भी हमारी पुरानी सेवाओं को आधार माना जाए।
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    मृगेन्द्र सिंह 
अनूपपुर जिले में बुधवार की शाम अध्यापक/शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर हुंकार भर दी है। दोपहर को सामतपुर तालाब पर मोर्चा के पदाधिकारी सदस्य एकत्रित हुए जहां आम बैठक पर चर्चाएं हुई। इसके बाद शाम 4 बजे संयुक्त मोर्चा सदस्यों ने सामतपुर तिराहा से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पदयात्रा रैली निकाली। संयुक्त मोर्चा के जिला पदाधिकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दो टूक शब्दों में कहा कि प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा TET की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। साथ ही शिक्षकों की सेवा अवधि की गणना उनके प्रथम नियुक्ति दिनांक से की जाए ताकि उन्हें पेंशन और ग्रेच्युटी जैसे लाभ मिल सकें। संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार मिश्रा, शासकीय शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष निवास तिवारी और मप्र शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय निगम ने बताया कि लोक शिक्षण संचालनालय और जनजातीय कार्य विभाग द्वारा नॉन-TET शिक्षकों पर परीक्षा उत्तीर्ण करने का दबाव बनाया जा रहा है। 2001 के पहले और बाद में नियुक्त संविदा शिक्षकों के साथ-साथ 2011-14 के बीच गुरुजी से संविदा शिक्षक बने कर्मियों को TET से छूट प्राप्त है। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने फैसलों में इस छूट का समर्थन किया है। इसके बावजूद विभाग द्वारा जारी नए आदेश 2 मार्च और 26 मार्च 2026 नियमों के विरुद्ध हैं। लोक शिक्षण और जनजातीय विभाग द्वारा मार्च 2026 में जारी किए गए TET संबंधी आदेशों को तत्काल रद्द किया जाए। शासन हाई कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर डेढ़ लाख शिक्षकों को इस मानसिक तनाव से राहत दिलाए। नवीन शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों की सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से की जाए, ताकि उन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी और अवकाश नगदीकरण का वैधानिक लाभ मिल सके। विभागीय आयुक्तों द्वारा शिक्षकों को TET के लिए बाध्य करना कोर्ट के निर्णय की अवहेलना है। संयुक्त मोर्चा पदाधिकारियों का कहना है कि हम चाहते हैं कि पदोन्नति और क्रमोन्नति की तरह ही अन्य लाभों के लिए भी हमारी पुरानी सेवाओं को आधार माना जाए।
    user_Mrigendra  Singh Gaharwar
    Mrigendra Singh Gaharwar
    कोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • नगर पालिका परिषद कोतमा (अनूपपुर): गैस किल्लत और कालाबाजारी से त्रस्त जनता, प्रशासन की चुप्पी पर उठते सवाल
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    नगर पालिका परिषद कोतमा (अनूपपुर): गैस किल्लत और कालाबाजारी से त्रस्त जनता, प्रशासन की चुप्पी पर उठते सवाल
    user_Ravindra chaturvedi News india
    Ravindra chaturvedi News india
    कोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • ये गोविंगा कॉलरी से पकडे है आज का दूसरा रेस्कीयू है साथियो आप लोग हमारा सपोट करें धन्यवाद आप सभी का साथियो
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    ये गोविंगा कॉलरी से पकडे है आज का दूसरा रेस्कीयू है साथियो आप लोग हमारा सपोट करें धन्यवाद आप सभी का साथियो
    user_भारत बाबा जी
    भारत बाबा जी
    कोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Post by Manoj shrivastav
    1
    Post by Manoj shrivastav
    user_Manoj shrivastav
    Manoj shrivastav
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • Post by Manoj Gupta Driver
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    Post by Manoj Gupta Driver
    user_Manoj Gupta Driver
    Manoj Gupta Driver
    Drafting equipment supplier अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • Shahdol जिले के बुढ़ार से बिछिया पहुंच मार्ग पर बन रही करीब 4 करोड़ रुपये की लागत वाली सीसी सड़क अब सवालों के घेरे में है। आरोप है कि सड़क निर्माण में सीमेंट-कंक्रीट की जगह मिट्टी डालकर काम किया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह निर्माण कार्य पूरी तरह से मानकों की अनदेखी कर किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग (PWD) अब तक गहरी नींद में दिखाई दे रहा है। जनता में आक्रोश: ग्रामीणों ने इस मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की हालत पहले से भी बदतर हो सकती है। 👉 अब बड़ा सवाल ये है — क्या 4 करोड़ की सड़क सिर्फ कागजों में ही बन रही है?
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    Shahdol जिले के बुढ़ार से बिछिया पहुंच मार्ग पर बन रही करीब 4 करोड़ रुपये की लागत वाली सीसी सड़क अब सवालों के घेरे में है। आरोप है कि सड़क निर्माण में सीमेंट-कंक्रीट की जगह मिट्टी डालकर काम किया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह निर्माण कार्य पूरी तरह से मानकों की अनदेखी कर किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग (PWD) अब तक गहरी नींद में दिखाई दे रहा है।
जनता में आक्रोश:
ग्रामीणों ने इस मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की हालत पहले से भी बदतर हो सकती है।
👉 अब बड़ा सवाल ये है —
क्या 4 करोड़ की सड़क सिर्फ कागजों में ही बन रही है?
    user_Sumit Singh Chandel
    Sumit Singh Chandel
    Local News Reporter गोहपारू, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • आ प्रभु राम मेरे पर प्यारा भजन सुनने से मन को शांति प्राप्त होती है। एक बार जरूर सुने
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    आ प्रभु राम मेरे पर प्यारा भजन सुनने से मन को शांति प्राप्त होती है।
एक बार जरूर सुने
    user_पत्रकार
    पत्रकार
    भैयाथान, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • बहुत बड़ा सांप है साथियो जमुना कॉलरी से पकडे है आज का पहला रेस्कीयू है लाइक जरूर करें और हमको सपोट करें धन्यवाद आपका सभी का दोस्त भारत बाबा जी
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    बहुत बड़ा सांप है साथियो जमुना कॉलरी से पकडे है आज का पहला रेस्कीयू है लाइक जरूर करें और हमको सपोट करें धन्यवाद आपका सभी का दोस्त भारत बाबा जी
    user_भारत बाबा जी
    भारत बाबा जी
    कोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
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