जनपद सीतापुर के रामपुर मथुरा क्षेत्र में प्रशासन ने नौनिहालों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक बड़ा अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत, क्षेत्र के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों में सालों से जर्जर और असुरक्षित हो चुके कुल 64 स्कूल भवनों और कमरों को ध्वस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जिसमें जेसीबी का 'पीला पंजा' इस्तेमाल किया जा रहा है। यह कार्रवाई शनिवार से शुरू हुई और अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार्य की गति बनाए रखने के लिए दिन के साथ-साथ रात में भी मशीनें गरज रही हैं। शनिवार को ग्राम पंचायत सरैया मसूदपुर के एक असुरक्षित विद्यालय भवन को ढहाया गया, वहीं जरावन ग्राम पंचायत में रात के सन्नाटे के बीच चार विद्यालयों के जर्जर भवनों को तेजी से ध्वस्त किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) उदयमणि पटेल ने बताया कि विकासखंड के 64 विद्यालयों में जर्जर कमरे और भवन चिन्हित किए गए थे, और बच्चों की सुरक्षा के लिए इन्हें हटाना बेहद आवश्यक था। उन्होंने जानकारी दी कि इन अनुपयोगी ढांचों के हटने के बाद भविष्य में आवश्यकतानुसार नए और आधुनिक स्कूल भवनों का निर्माण कराया जा सकेगा। BEO ने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीकी कारणों से नीलामी प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण ध्वस्तीकरण की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंपी गई है। ध्वस्तीकरण से निकलने वाला मलबा ग्राम पंचायत के पास सुरक्षित रहेगा और इसका उपयोग विद्यालयों के सुंदरीकरण, ग्राउंड भराई या अन्य विकास कार्यों में आवश्यकतानुसार किया जाएगा। प्रशासन के इस त्वरित कदम से स्कूली बच्चों और अभिभावकों ने जहां राहत की सांस ली है, वहीं क्षेत्र के स्कूलों की सूरत बदलने की उम्मीद भी जगी है।
जनपद सीतापुर के रामपुर मथुरा क्षेत्र में प्रशासन ने नौनिहालों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक बड़ा अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत, क्षेत्र के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों में सालों से जर्जर और असुरक्षित हो चुके कुल 64 स्कूल भवनों और कमरों को ध्वस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जिसमें जेसीबी का 'पीला पंजा' इस्तेमाल किया जा रहा है। यह कार्रवाई शनिवार से शुरू हुई और अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार्य की गति बनाए रखने के लिए दिन के साथ-साथ रात में भी मशीनें गरज रही हैं। शनिवार को ग्राम पंचायत सरैया मसूदपुर के एक असुरक्षित विद्यालय भवन को ढहाया गया, वहीं जरावन ग्राम पंचायत में रात के सन्नाटे के बीच चार विद्यालयों के जर्जर भवनों को तेजी से ध्वस्त किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) उदयमणि पटेल ने बताया कि विकासखंड के 64 विद्यालयों में जर्जर कमरे और भवन चिन्हित किए गए थे, और बच्चों की सुरक्षा के लिए इन्हें हटाना बेहद आवश्यक था। उन्होंने जानकारी दी कि इन अनुपयोगी ढांचों के हटने के बाद भविष्य में आवश्यकतानुसार नए और आधुनिक स्कूल भवनों का निर्माण कराया जा सकेगा। BEO ने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीकी कारणों से नीलामी प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण ध्वस्तीकरण की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंपी गई है। ध्वस्तीकरण से निकलने वाला मलबा ग्राम पंचायत के पास सुरक्षित रहेगा और इसका उपयोग विद्यालयों के सुंदरीकरण, ग्राउंड भराई या अन्य विकास कार्यों में आवश्यकतानुसार किया जाएगा। प्रशासन के इस त्वरित कदम से स्कूली बच्चों और अभिभावकों ने जहां राहत की सांस ली है, वहीं क्षेत्र के स्कूलों की सूरत बदलने की उम्मीद भी जगी है।
- शादाब चौहान ने एक बड़ा बयान देते हुए सवाल उठाया है कि क्या मुख्यमंत्री योगी सिर्फ हिंदुओं के मुख्यमंत्री हैं।1
- एक नाली की सफाई कई महीनों से नहीं हुई है।1
- लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में ससुराल पक्ष के खिलाफ एक अभियोग पंजीकृत किया गया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पूर्व में ससुराल पक्ष द्वारा भी पीड़िता के विरुद्ध एक मामला दर्ज कराया गया था। प्रकरण की निष्पक्ष जांच प्रचलित है, जिसके बाद प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्यवाही की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश में एक मामूली विवाद के बाद दरोगा जी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया, जिसका नतीजा कैमरे में कैद हुआ एक जोरदार थप्पड़ था। यह घटना अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिससे व्यापक चर्चा छिड़ गई है। झांसी का बताया जा रहा यह वीडियो, जिसमें दरोगा का थप्पड़ सबसे चर्चित हिस्सा बन गया है। इस घटना के बाद पुलिस के व्यवहार और उनके अधिकारों के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। वायरल वीडियो देखने वाले लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, और एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या यह व्यवहार वर्दी की गरिमा के अनुरूप था, या फिर इसके पीछे कोई ऐसी परिस्थिति थी जो वीडियो में दिखाई नहीं दे रही। हालांकि, वीडियो का केवल एक हिस्सा ही सामने आया है। विवाद की शुरुआत कैसे हुई, उससे पहले क्या हुआ था, और दोनों पक्षों की क्या भूमिका रही, यह अभी जाँच का विषय है। पूरी सच्चाई सामने आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं होगा।1
- सीतापुर जिले के खैराबाद ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत उनरसिया नासिया से एक अपील की गई है, जिसमें ग्रामीणों से अधूरे कामों के लिए आवाज़ उठाने का आग्रह किया गया है। यहाँ के सरकारी स्कूल की हालत को बहुत खराब बताया गया है; स्कूल में लगाए गए फ्रिज सिर्फ 'देखने के लिए' हैं क्योंकि उनमें पानी की टंकी नहीं है, और सारे नल पूरी तरह से टूटे हुए हैं। इसके साथ ही, गांव की समग्र स्थिति और स्वच्छता को भी बहुत खराब बताया गया है। पोस्ट में सभी लोगों से इस समस्या के समाधान के लिए समर्थन की प्रार्थना की गई है।1
- जनपद सीतापुर के रामपुर मथुरा क्षेत्र में प्रशासन ने नौनिहालों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक बड़ा अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत, क्षेत्र के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों में सालों से जर्जर और असुरक्षित हो चुके कुल 64 स्कूल भवनों और कमरों को ध्वस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जिसमें जेसीबी का 'पीला पंजा' इस्तेमाल किया जा रहा है। यह कार्रवाई शनिवार से शुरू हुई और अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार्य की गति बनाए रखने के लिए दिन के साथ-साथ रात में भी मशीनें गरज रही हैं। शनिवार को ग्राम पंचायत सरैया मसूदपुर के एक असुरक्षित विद्यालय भवन को ढहाया गया, वहीं जरावन ग्राम पंचायत में रात के सन्नाटे के बीच चार विद्यालयों के जर्जर भवनों को तेजी से ध्वस्त किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) उदयमणि पटेल ने बताया कि विकासखंड के 64 विद्यालयों में जर्जर कमरे और भवन चिन्हित किए गए थे, और बच्चों की सुरक्षा के लिए इन्हें हटाना बेहद आवश्यक था। उन्होंने जानकारी दी कि इन अनुपयोगी ढांचों के हटने के बाद भविष्य में आवश्यकतानुसार नए और आधुनिक स्कूल भवनों का निर्माण कराया जा सकेगा। BEO ने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीकी कारणों से नीलामी प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण ध्वस्तीकरण की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंपी गई है। ध्वस्तीकरण से निकलने वाला मलबा ग्राम पंचायत के पास सुरक्षित रहेगा और इसका उपयोग विद्यालयों के सुंदरीकरण, ग्राउंड भराई या अन्य विकास कार्यों में आवश्यकतानुसार किया जाएगा। प्रशासन के इस त्वरित कदम से स्कूली बच्चों और अभिभावकों ने जहां राहत की सांस ली है, वहीं क्षेत्र के स्कूलों की सूरत बदलने की उम्मीद भी जगी है।1
- लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में ससुराल पक्ष के विरुद्ध एक अभियोग पंजीकृत किया गया है। यह उल्लेखनीय है कि इससे पहले ससुराल पक्ष द्वारा भी पीड़िता के विरुद्ध एक अभियोग दर्ज कराया गया था। इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच प्रचलित है, और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जाएगी। यह जानकारी डीसीपी वेस्ट लखनऊ द्वारा दी गई।1
- झांसी से सामने आए एक कथित वीडियो में एक दरोगा का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया, जिसके बाद उसने एक व्यक्ति को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। यह घटना मामूली से विवाद के बाद हुई और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दरोगा द्वारा मारा गया यह थप्पड़ पूरे मामले का सबसे चर्चित हिस्सा बन गया है, जिससे पुलिस के व्यवहार और उनके अधिकारों के इस्तेमाल को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस वायरल वीडियो को देखने वाले लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो का केवल एक ही हिस्सा सामने आया है। विवाद की शुरुआत कैसे हुई, इससे पहले क्या घटनाएँ घटीं और दोनों पक्षों की क्या भूमिका रही, इन सभी पहलुओं की जानकारी अभी सामने नहीं आई है और यह जांच का विषय है। ऐसे में, पूरी सच्चाई सामने आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं होगा। यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या वर्दी की गरिमा के अनुरूप यह व्यवहार था, या इसके पीछे कोई ऐसी परिस्थिति थी जो वीडियो में स्पष्ट नहीं है।1
- बाराबंकी के हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। सतरही रेलवे क्रॉसिंग के पास एक ट्रक और डंपर के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें ट्रक चालक की जिंदा जलकर मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, डंपर चालक और खलासी किसी तरह वाहन से बाहर निकलने में कामयाब रहे और उनकी जान बच गई।1