झांसी से सामने आए एक कथित वीडियो में एक दरोगा का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया, जिसके बाद उसने एक व्यक्ति को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। यह घटना मामूली से विवाद के बाद हुई और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दरोगा द्वारा मारा गया यह थप्पड़ पूरे मामले का सबसे चर्चित हिस्सा बन गया है, जिससे पुलिस के व्यवहार और उनके अधिकारों के इस्तेमाल को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस वायरल वीडियो को देखने वाले लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो का केवल एक ही हिस्सा सामने आया है। विवाद की शुरुआत कैसे हुई, इससे पहले क्या घटनाएँ घटीं और दोनों पक्षों की क्या भूमिका रही, इन सभी पहलुओं की जानकारी अभी सामने नहीं आई है और यह जांच का विषय है। ऐसे में, पूरी सच्चाई सामने आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं होगा। यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या वर्दी की गरिमा के अनुरूप यह व्यवहार था, या इसके पीछे कोई ऐसी परिस्थिति थी जो वीडियो में स्पष्ट नहीं है।
झांसी से सामने आए एक कथित वीडियो में एक दरोगा का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया, जिसके बाद उसने एक व्यक्ति को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। यह घटना मामूली से विवाद के बाद हुई और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दरोगा द्वारा मारा गया यह थप्पड़ पूरे मामले का सबसे चर्चित हिस्सा बन गया है, जिससे पुलिस के व्यवहार और उनके अधिकारों के इस्तेमाल को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस वायरल वीडियो को देखने वाले लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो का केवल एक ही हिस्सा सामने आया है। विवाद की शुरुआत कैसे हुई, इससे पहले क्या घटनाएँ घटीं और दोनों पक्षों की क्या भूमिका रही, इन सभी पहलुओं की जानकारी अभी सामने नहीं आई है और यह जांच का विषय है। ऐसे में, पूरी सच्चाई सामने आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं होगा। यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या वर्दी की गरिमा के अनुरूप यह व्यवहार था, या इसके पीछे कोई ऐसी परिस्थिति थी जो वीडियो में स्पष्ट नहीं है।
- रवि कुमारसिकंदरा राव, हाथरस, उत्तर प्रदेशयह क्या हो रहा है कानून के रखवारे जब आम जनता से गलत व्यवहार करेंगे या चपेट लगाएंगे तो जनता क्या करेगी जनता आक्रोश में आकर के कुछ भी हो सकता है1 hr ago
- झांसी से सामने आए एक कथित वीडियो में एक दरोगा का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया, जिसके बाद उसने एक व्यक्ति को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। यह घटना मामूली से विवाद के बाद हुई और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दरोगा द्वारा मारा गया यह थप्पड़ पूरे मामले का सबसे चर्चित हिस्सा बन गया है, जिससे पुलिस के व्यवहार और उनके अधिकारों के इस्तेमाल को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस वायरल वीडियो को देखने वाले लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो का केवल एक ही हिस्सा सामने आया है। विवाद की शुरुआत कैसे हुई, इससे पहले क्या घटनाएँ घटीं और दोनों पक्षों की क्या भूमिका रही, इन सभी पहलुओं की जानकारी अभी सामने नहीं आई है और यह जांच का विषय है। ऐसे में, पूरी सच्चाई सामने आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं होगा। यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या वर्दी की गरिमा के अनुरूप यह व्यवहार था, या इसके पीछे कोई ऐसी परिस्थिति थी जो वीडियो में स्पष्ट नहीं है।1
- राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र की पिपरसंड ग्रामसभा में सड़क निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। बाबा जय सिंह मंदिर मार्ग से गुला खेड़ा तक बनाई जा रही यह सड़क पूरी तरह तैयार भी नहीं हुई थी कि इसकी परतें कई जगहों से उखड़ने लगीं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि जिस सड़क को बनने में महीनों की प्रक्रिया, सरकारी फंडिंग और विभागीय मंजूरी लगती है, वही सड़क अगर कुछ ही घंटों में टूटने लगे तो यह सीधे तौर पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करता है। क्षेत्र में सड़क की ऐसी हालत देखकर लोग न केवल नाराज़ हैं, बल्कि इसका मज़ाक भी उड़ा रहे हैं। कई युवाओं ने उखड़ती सड़क के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर रील डालनी शुरू कर दी हैं, जिससे यह घटना एक 'सरकारी मज़ाक' का रूप ले चुकी है। लोगों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अगर नई-नवेली लाखों की सड़क का यही हाल है, तो यह आने वाले समय में कितने दिन टिक पाएगी, इसका अंदाज़ा आसानी से लगाया जा सकता है। ग्रामीणों ने अब निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- लखनऊ के सीतापुर रोड पर स्थित माड़ियावा के शिव नगर में सियाराम वाली गली की इंटरलॉकिंग जगह-जगह से पूरी तरह टूट गई है। यह समस्या खास तौर पर मुर्गी फार्म और शिवम मोबाइल के पास तथा गली के बाहर के क्षेत्र में गंभीर बनी हुई है। इस टूटी हुई इंटरलॉकिंग के कारण कई बार लोग गिरते-गिरते बचे हैं, जिससे किसी भी समय कोई बड़ा हादसा होने की आशंका है। स्थानीय निवासी अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय सभासद जी से शिकायत की गई है, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी इस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और प्रशासन से इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने तथा आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।4
- राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र से जुड़े एक प्रकरण के संबंध में पुलिस उपायुक्त पश्चिमी कमलेश दीक्षित ने एक बाइट (बयान) जारी किया है।1
- लखनऊ में एक महिला दरोगा ने अपने ससुर पर दुष्कर्म करने तथा पति पर गोली मारकर हत्या का प्रयास करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने से नाराज होकर महिला दरोगा गुरुवार को अपने मायके वालों और किसान यूनियन के सदस्यों के साथ थाने पहुंचीं और लगभग दो घंटे तक हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने उनकी तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। वहीं, ससुर ने भी बहू पर पलटवार करते हुए केस दर्ज कराया है। महिला दरोगा, जो वर्तमान में प्रयागराज में तैनात हैं, के अनुसार, उनकी शादी पिछले साल पारा निवासी एक युवक से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही ससुर, पति, सास और ननद उन पर जातिसूचक टिप्पणियां करने लगे और नौकरी छोड़ने का दबाव बनाने लगे। महिला दरोगा ने दावा किया है कि उनके ससुर ने उनके साथ दुष्कर्म किया और बाद में उन्हें चूहे मारने की दवा खिलाने की कोशिश की। उन्होंने यह भी बताया कि जब उनके पिता ससुराल पहुंचे, तो आरोपियों ने उन्हें असलहे के बल पर धमकी दी। चार दिन पहले पुलिस में शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर महिला दरोगा ने यह प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने पुलिस कर्मियों पर मिलीभगत का आरोप भी लगाया और बेहोश हो गईं। इंस्पेक्टर सुरेश सिंह ने जानकारी दी कि दोनों पक्षों की तरफ से एफआईआर दर्ज कर ली गई है और विवेचना में मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- लखनऊ में आदर्श मीडिया एसोसिएशन के अपने चैनल AMA LIVE NEWS ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जहाँ इसे मात्र 30 दिनों के भीतर 1 मिलियन (10 लाख) व्यूज मिले हैं। चैनल ने इस सफलता के लिए अपने सभी दर्शकों, शुभचिंतकों, पत्रकार साथियों और सहयोगियों का दिल से आभार व्यक्त किया है। AMA LIVE NEWS ने बताया कि दर्शकों के विश्वास, प्रेम और समर्थन ने उन्हें निष्पक्ष, निर्भीक एवं जनहित की पत्रकारिता को और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी है। चैनल ने यह भी संकल्प लिया कि वह जनता की आवाज़ को प्रमुखता से उठाता रहेगा और सत्य, निष्पक्षता एवं जनसेवा के मार्ग पर निरंतर कार्य करेगा। उनके अनुसार, यह स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।1
- बकरीद के दूसरे दिन डीसीपी पश्चिमी कमलेश दीक्षित ने एडीसीपी पश्चिमी, एसीपी चौक और पुलिस बल के साथ मिलकर थाना चौक क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त की। इस दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया।1
- राजधानी लखनऊ के अमौसी मोड़ पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों की कथित अवैध वसूली से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। पीड़ित द्वारा स्वयं यह वीडियो बनाकर वायरल किए जाने से यह मामला और भी चर्चा का विषय बन गया है। सूत्रों के अनुसार, अमौसी मोड़ पर वाहन चालकों और पुलिस कर्मियों के बीच आए दिन विवाद होते रहते हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि कैमरे और सोशल मीडिया के दौर में यह स्थिति है, तो बिना कैमरे के हालात कैसे होते होंगे। कानूनी जानकारों के मुताबिक, यदि किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा अवैध धन उगाही या पद का दुरुपयोग सिद्ध होता है, तो यह भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे मामलों में विभागीय जांच, निलंबन और आपराधिक मुकदमा दर्ज होने जैसी प्रक्रियाएँ लागू हो सकती हैं। इस वायरल वीडियो के बाद अब वरिष्ठ अधिकारियों पर निगाहें टिकी हैं कि क्या इस मामले में कार्रवाई केवल “जांच जारी है” तक सीमित रहती है या वास्तव में जिम्मेदारों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।1