Shuru
Apke Nagar Ki App…
शाजापुर जिले के शुजालपुर रोड पर आधी रात को हड़कंप मच गया, जब एक बेकाबू डंपर दुकानों में जा घुसा। इस घटना में गनीमत रही कि एक बड़ा हादसा टल गया और किसी बड़ी जनहानि की खबर नहीं है।
Anil Sharma
शाजापुर जिले के शुजालपुर रोड पर आधी रात को हड़कंप मच गया, जब एक बेकाबू डंपर दुकानों में जा घुसा। इस घटना में गनीमत रही कि एक बड़ा हादसा टल गया और किसी बड़ी जनहानि की खबर नहीं है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- झांसी की रानी, रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवंबर 1828 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ था। उनके बचपन का नाम 'मणिकर्णिका' था, लेकिन लोग उन्हें प्यार से 'मनु' कहकर बुलाते थे। उनके पिता का नाम मोरोपंत तांबे और माता का नाम भागीरथी था। रानी लक्ष्मीबाई का जन्म वाराणसी के असीघाट क्षेत्र में हुआ था, जिसे काशी के नाम से भी जाना जाता है। उनके जीवन और ब्रिटिशकालीन इतिहास में उनके योगदान के बारे में अधिक जानकारी विकिपीडिया और ब्रिटानिका पर उपलब्ध है।1
- सीहोर जिले के कोठरी क्षेत्र में गुरुवार को एक युवक का शव उसकी किराए की दुकान के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई, जिसके बाद अमलाह चौकी पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान हर्ष जोहारे के रूप में हुई है, जो सीहोर के सुदामा नगर का निवासी था और कोठरी में किराए की दुकान संचालित करता था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया, पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए आष्टा भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मौत के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है, और पुलिस इसे अज्ञात कारणों से हुई मौत मानते हुए सभी संभावित पहलुओं से जांच कर रही है। अमलाह चौकी पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है, वहीं मृतक के परिजनों में गहरा शोक है और क्षेत्रवासियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- मध्य प्रदेश में इंदौर-भोपाल हाईवे मार्ग पर सोनकच्छ के पास एक स्कॉर्पियो वाहन पलट गया। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दस अन्य घायल हो गए। वाहन इंदौर से भोपाल की ओर जा रहा था। मृतकों में 38 वर्षीय मयूरेश गर्ग पिता संतोष गर्ग और 51 वर्षीय संगीता अग्रवाल पति सुनील अग्रवाल शामिल हैं। घायलों में सुनील अग्रवाल (62 वर्ष), शर्मिला गर्ग पति स्वप्निल गर्ग (36 वर्ष), 10 वर्षीय कनब गर्ग पिता स्वप्निल गर्ग, सुरभि अग्रवाल पति मयूरेश गर्ग (28 वर्ष), डेढ़ साल की एक बालिका सुरभि, पलक पिता सुनील अग्रवाल (26 वर्ष), रिमी अग्रवाल पति प्रखर (30 वर्ष), प्रखर अग्रवाल पिता सुनील अग्रवाल (32 वर्ष), स्वप्निल गर्ग पिता संतोष गर्ग (37 वर्ष) और 2 वर्षीय दूरविक गर्ग शामिल हैं। सभी घायलों को सोनकच्छ के अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया।1
- दतिया जेल अधीक्षक ओ.पी. पांडे जी की प्रेरणादायक जीवन यात्रा को प्रस्तुत किया गया है, जिसमें उनके संघर्ष और सफलता का सफर शामिल है। पांडे जी ने अपनी जिंदगी में 'लीक से हटकर' रास्ता चुना है, और उनका यह प्रेरक सफर दूसरों के लिए प्रेरणा का एक स्रोत है।1
- राजधानी भोपाल में मध्य प्रदेश राजपूत समाज द्वारा वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समाज के तत्वावधान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्मृति छात्रवृत्ति का वितरण, पौधारोपण और चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गईं। समाज के प्रतिभावान छात्रों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं, वहीं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण भी किया गया। चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी कला के माध्यम से देशभक्ति एवं इतिहास को प्रस्तुत किया। दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक भगवान दास सबनानी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने समाज की एकता और युवाओं को प्रेरित करने वाले इस आयोजन की सराहना की। कार्यक्रम में वीरता और स्वाभिमान के प्रतीक छत्रपति शिवाजी महाराज के योगदान को भी याद किया गया। बड़ी संख्या में राजपूत समाज के लोगों ने भाग लेकर इस आयोजन को सफल बनाया और महान वीरों के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।1
- मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे 'एक पेड़ अपने बुजुगों के नाम' अभियान में उलेमाओं ने भी सक्रिय रूप से भागीदारी की।1
- मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के कालापीपल स्थित पंचमुखी चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद यह स्थान एक सियासी अखाड़ा और रणभूमि में तब्दील हो गया। प्रदर्शन के दौरान पानी की बौछारें चलाई गईं और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाज़ी की। इस राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता शामिल थे, जिसमें मनीष परमार और मीनाक्षी नटराजन का भी जिक्र है। यह प्रदर्शन राज्यसभा चुनाव और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर था, जिसके चलते कार्यकर्ताओं में रोष देखने को मिला। इस पूरे घटनाक्रम को 'लोकतंत्र की लड़ाई' का दावा करते हुए, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की वाटर कैनन का सामना किया। यह टकराव पंचमुखी चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच एक खुले राजनीतिक संघर्ष के रूप में उभरा।1