सीहोर जिले के कोठरी क्षेत्र में गुरुवार को एक युवक का शव उसकी किराए की दुकान के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई, जिसके बाद अमलाह चौकी पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान हर्ष जोहारे के रूप में हुई है, जो सीहोर के सुदामा नगर का निवासी था और कोठरी में किराए की दुकान संचालित करता था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया, पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए आष्टा भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मौत के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है, और पुलिस इसे अज्ञात कारणों से हुई मौत मानते हुए सभी संभावित पहलुओं से जांच कर रही है। अमलाह चौकी पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है, वहीं मृतक के परिजनों में गहरा शोक है और क्षेत्रवासियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीहोर जिले के कोठरी क्षेत्र में गुरुवार को एक युवक का शव उसकी किराए की दुकान के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई, जिसके बाद अमलाह चौकी पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान हर्ष जोहारे के रूप में हुई है, जो सीहोर के सुदामा नगर का निवासी था और कोठरी में किराए की दुकान संचालित करता था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया, पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए आष्टा भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मौत के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है, और पुलिस इसे अज्ञात कारणों से हुई मौत मानते हुए सभी संभावित पहलुओं से जांच कर रही है। अमलाह चौकी पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है, वहीं मृतक के परिजनों में गहरा शोक है और क्षेत्रवासियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- सीहोर जिले के कोठरी क्षेत्र में गुरुवार को एक युवक का शव उसकी किराए की दुकान के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई, जिसके बाद अमलाह चौकी पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान हर्ष जोहारे के रूप में हुई है, जो सीहोर के सुदामा नगर का निवासी था और कोठरी में किराए की दुकान संचालित करता था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया, पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए आष्टा भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मौत के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है, और पुलिस इसे अज्ञात कारणों से हुई मौत मानते हुए सभी संभावित पहलुओं से जांच कर रही है। अमलाह चौकी पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है, वहीं मृतक के परिजनों में गहरा शोक है और क्षेत्रवासियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- मध्य प्रदेश में इंदौर-भोपाल हाईवे मार्ग पर सोनकच्छ के पास एक स्कॉर्पियो वाहन पलट गया। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दस अन्य घायल हो गए। वाहन इंदौर से भोपाल की ओर जा रहा था। मृतकों में 38 वर्षीय मयूरेश गर्ग पिता संतोष गर्ग और 51 वर्षीय संगीता अग्रवाल पति सुनील अग्रवाल शामिल हैं। घायलों में सुनील अग्रवाल (62 वर्ष), शर्मिला गर्ग पति स्वप्निल गर्ग (36 वर्ष), 10 वर्षीय कनब गर्ग पिता स्वप्निल गर्ग, सुरभि अग्रवाल पति मयूरेश गर्ग (28 वर्ष), डेढ़ साल की एक बालिका सुरभि, पलक पिता सुनील अग्रवाल (26 वर्ष), रिमी अग्रवाल पति प्रखर (30 वर्ष), प्रखर अग्रवाल पिता सुनील अग्रवाल (32 वर्ष), स्वप्निल गर्ग पिता संतोष गर्ग (37 वर्ष) और 2 वर्षीय दूरविक गर्ग शामिल हैं। सभी घायलों को सोनकच्छ के अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया।1
- देवास जिले के कन्नौद स्थित श्री राम वल्लभ मंदिर माहेश्वरी भवन में पुरुषोत्तम मास के समापन और प्रथम मंगलवार के अवसर पर सुंदरकांड रामायण पाठ का आयोजन किया गया। यह पाठ श्री जानकी नाथ भगवान, हनुमान जी और भगवान भोले नाथ के श्री चरणों में सुंदरकांड रामायण मंडल द्वारा संपन्न किया गया। इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ हिस्सा लिया। भक्ति रस से परिपूर्ण भजनों की शानदार प्रस्तुति के साथ रामायण पाठ किया गया। पाठ के उपरांत महाआरती की गई, जिसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया। मंदिर के महंत श्री रोहित दूबे महाराज ने इस अवसर पर कहा कि प्रभु की कृपा से सभी धार्मिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न होते हैं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति गौरव का विषय है। उन्होंने व्यक्त किया कि सभी प्रभु की कृपा से आनंद में हैं। इस दौरान कई श्रद्धालु उपस्थित थे।1
- झांसी की रानी, रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवंबर 1828 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ था। उनके बचपन का नाम 'मणिकर्णिका' था, लेकिन लोग उन्हें प्यार से 'मनु' कहकर बुलाते थे। उनके पिता का नाम मोरोपंत तांबे और माता का नाम भागीरथी था। रानी लक्ष्मीबाई का जन्म वाराणसी के असीघाट क्षेत्र में हुआ था, जिसे काशी के नाम से भी जाना जाता है। उनके जीवन और ब्रिटिशकालीन इतिहास में उनके योगदान के बारे में अधिक जानकारी विकिपीडिया और ब्रिटानिका पर उपलब्ध है।1
- डिवाइडर पर चढ़कर पलटी कार, बड़ा हादसा टला डिवाइडर पर चढ़कर पलटी कार, बड़ा हादसा टला शाजापुर। शहर के डिपो के पास गुरुवार को एक कार अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर पर चढ़ गई और पलट गई। घटना में कार सवार लोगों को किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं आई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन चालक को डिवाइडर दिखाई नहीं देने के कारण कार अचानक डिवाइडर पर चढ़ गई और संतुलन बिगड़ने से पलट गई। दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से वाहन को सुरक्षित हटाया गया। क्षेत्रवासियों का कहना है कि उक्त डिवाइडर पर रिफ्लेक्टर एवं पर्याप्त चेतावनी संकेतक नहीं लगाए गए हैं। विशेषकर रात्रि के समय डिवाइडर स्पष्ट दिखाई नहीं देता, जिसके कारण यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग से डिवाइडर पर रिफ्लेक्टर, संकेतक एवं प्रकाश व्यवस्था की उचित व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोका जा सके। हालांकि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।4
- सीहोर प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों और बिना अनुमति के की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे अवैध कॉलोनाइजरों और नियमों का उल्लंघन कर भूखंडों की बिक्री करने वालों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर रहा है जहाँ बिना वैधानिक स्वीकृति के कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। संबंधित विभागों की संयुक्त टीमों ने मौके पर पहुँचकर जाँच शुरू कर दी है, और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति विकसित की गई कॉलोनियों में नागरिकों को मूलभूत सुविधाएँ नहीं मिल पातीं, जिससे उन्हें भविष्य में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और अवैध निर्माण एवं प्लॉटिंग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड या प्लॉट की खरीदारी से पहले उसकी वैधानिक स्वीकृतियों और दस्तावेजों की जाँच अवश्य कर लें, ताकि भविष्य में उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एक बड़ी मुहिम माना जा रहा है, जिससे शहर में अवैध प्लॉटिंग के बढ़ते कारोबार पर अंकुश लगने की उम्मीद है।1
- मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के कालापीपल स्थित पंचमुखी चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद यह स्थान एक सियासी अखाड़ा और रणभूमि में तब्दील हो गया। प्रदर्शन के दौरान पानी की बौछारें चलाई गईं और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाज़ी की। इस राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता शामिल थे, जिसमें मनीष परमार और मीनाक्षी नटराजन का भी जिक्र है। यह प्रदर्शन राज्यसभा चुनाव और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर था, जिसके चलते कार्यकर्ताओं में रोष देखने को मिला। इस पूरे घटनाक्रम को 'लोकतंत्र की लड़ाई' का दावा करते हुए, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की वाटर कैनन का सामना किया। यह टकराव पंचमुखी चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच एक खुले राजनीतिक संघर्ष के रूप में उभरा।1