मऊ में दिनांक 23 जून 2026 को आगामी त्योहारों को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आनंद वर्धन और पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने मधुबन मोड़ से बड़ागांव कस्बा तक पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति ने आम जनता में सुरक्षा और विश्वास का माहौल स्थापित किया। पैदल गश्त के दौरान अधिकारियों ने बाजारों, प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों, धर्मगुरुओं और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर त्योहारों के दौरान आपसी भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों ने जोर दिया कि त्योहार हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं, जिन्हें सभी नागरिकों को परस्पर सम्मान और सहयोग की भावना के साथ मनाना चाहिए। जिलाधिकारी ने आम जनता से संवाद करते हुए बताया कि जिला प्रशासन द्वारा त्योहारों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने नागरिकों से किसी भी प्रकार की समस्या या सूचना को तत्काल प्रशासन के संज्ञान में लाने, अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर किसी भी भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री को प्रसारित न करने की अपील की। पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और अराजक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। पैदल गश्त के दौरान अधिकारियों ने यातायात व्यवस्था, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं और सुझाव भी सुने और उनके त्वरित समाधान हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित किया। प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा किए गए इस फ्लैग मार्च और पैदल गश्त का मुख्य उद्देश्य आम जनता में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना तथा आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है, विशेषकर थाना घोसी क्षेत्रान्तर्गत।
मऊ में दिनांक 23 जून 2026 को आगामी त्योहारों को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आनंद वर्धन और पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने मधुबन मोड़ से बड़ागांव कस्बा तक पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति ने आम जनता में सुरक्षा और विश्वास का माहौल स्थापित किया। पैदल गश्त के दौरान अधिकारियों ने बाजारों, प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों, धर्मगुरुओं
और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर त्योहारों के दौरान आपसी भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों ने जोर दिया कि त्योहार हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं, जिन्हें सभी नागरिकों को परस्पर सम्मान और सहयोग की भावना के साथ मनाना चाहिए। जिलाधिकारी ने आम जनता से संवाद करते हुए बताया कि जिला प्रशासन द्वारा त्योहारों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने नागरिकों से किसी भी प्रकार की समस्या या सूचना को तत्काल प्रशासन के संज्ञान में
लाने, अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर किसी भी भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री को प्रसारित न करने की अपील की। पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और अराजक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। पैदल गश्त के दौरान अधिकारियों
ने यातायात व्यवस्था, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं और सुझाव भी सुने और उनके त्वरित समाधान हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित किया। प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा किए गए इस फ्लैग मार्च और पैदल गश्त का मुख्य उद्देश्य आम जनता में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना तथा आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है, विशेषकर थाना घोसी क्षेत्रान्तर्गत।
- बृजभूषण शरण सिंह ने बिहार में हुए भारत तिवारी एनकाउंटर को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना के संदर्भ में मौजूदा न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आजकल एक न्याय सिस्टम शुरू हुआ है, जिसमें 'मार दो' का सिद्धांत अपनाया जा रहा है, और यह सरासर गलत है।2
- Post by SONI DEVI1
- उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रानीपुर थाना क्षेत्र के असलपुर और लरेवा गांवों में बुधवार को शराब के एक नए ठेके के विरोध में ग्रामीणों का भारी गुस्सा देखा गया। सैकड़ों की संख्या में स्थानीय महिलाओं और पुरुषों ने सड़क पर उतरकर निर्माणाधीन ठेके का काम रुकवा दिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे गांव के भीतर और स्कूलों के पास किसी भी कीमत पर शराब की दुकान नहीं खुलने देंगे। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों, जिनमें सचिन चौहान, धर्मराज चौहान, जितेंद्र चौहान, अमरजीत चौहान, सत्यपाल चौहान और विपिन चौहान शामिल थे, ने बताया कि जिस स्थान पर शराब का ठेका खोला जा रहा है, उसके मात्र 100 मीटर के दायरे में दो प्राथमिक विद्यालय, एक उच्च प्राथमिक विद्यालय और एक पवित्र मंदिर स्थित हैं। ग्रामीणों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी जगह पर शराब की दुकान खुलने से बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर बेहद नकारात्मक असर पड़ेगा। साथ ही, यह गांव की महिलाओं और स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा बन जाएगा। विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं, जिनमें सरिता चौहान, प्रेमा देवी, सुशीला, अंजनी, गीता, अनीता, कौशिल्या और रीता चौहान थीं, ने प्रशासन के रवैये पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने जानकारी दी कि इस समस्या को लेकर पहले भी जिलाधिकारी (डीएम) को एक लिखित ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें ठेके को निरस्त करने या उसे किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। हालांकि, प्रशासनिक आश्वासन के बावजूद, बुधवार को ठेके वाले स्थान पर चोरी-छिपे फिर से काम शुरू करा दिया गया। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी भनक लगी, भारी संख्या में पुरुष और महिलाएं मौके पर इकट्ठा हो गए और एकजुट होकर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल बंद करवा दिया। सिकन्दर चौहान और सतीश कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं और शराब के ठेके को वहां से नहीं हटाया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। ग्रामीणों ने दृढ़ता से कहा कि अपनी बहू-बेटियों के सम्मान और बच्चों के उज्जवल भविष्य की रक्षा के लिए वे बहुत जल्द एक बड़े आंदोलन के साथ भूख हड़ताल पर बैठने को विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।2
- आजमगढ़ के जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में और मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निर्देशन में जनपद में एक विशेष अग्नि सुरक्षा जागरूकता एवं निरीक्षण अभियान चलाया गया। यह पहल 22 जून 2026 को जनपद लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुई दुखद अग्निकांड की घटना को देखते हुए की गई। इस अभियान के तहत, आजमगढ़ जनपद के विभिन्न कोचिंग संस्थानों, कंप्यूटर सेंटरों, पुस्तकालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान, संस्थानों में उपलब्ध अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया, जिसमें अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत वायरिंग की सुरक्षा, फायर एनओसी की वैधता तथा आपदा की स्थिति में सुरक्षित निकासी संबंधी व्यवस्थाएं शामिल थीं। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं नहीं मिलीं, उन्हें तत्काल आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से होना चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि की संभावना को कम से कम किया जा सके। अभियान के दौरान संस्थान संचालकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव, विद्युत सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित निकासी के उपायों की जानकारी भी दी गई। साथ ही, अग्निशमन विभाग द्वारा जागरूकता संदेश देते हुए सभी संस्थानों से नियमित सुरक्षा जांच और उपकरणों के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई।3
- बिल्थरारोड के उभांव थाना क्षेत्र के नगर पंचायत वार्ड नंबर 6 में एक महिला ने अपने जीजा पर यौन शोषण और मारपीट का आरोप लगाया है। महिला हिना खान की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उभांव पुलिस ने उमरगंज निवासी जीजा सोनू फरसाटारी, उसकी बहन और बहन के लड़के के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। महिला ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर एक शिकायती पत्र दिया था, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसके जीजा ने शादी का झांसा देकर लगभग 17 वर्षों तक उसका यौन शोषण किया और उसके साथ मारपीट भी की। इसी शिकायती पत्र के आधार पर, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धाराओं 69, 115(2), 352, और 351(3) के तहत मामला पंजीकृत किया है। गौरतलब है कि इस मामले में दो सप्ताह पहले भी प्रशासन द्वारा धोखाधड़ी, धमकी और मारपीट जैसी विभिन्न धाराओं के तहत ‘मिनी गुंडा एक्ट’ की कार्रवाई की जा चुकी है।2
- देवों की नगरी कहे जाने वाले देवरिया जिले में योग दिवस को बड़े ही उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और योग के महत्व को समझा।1
- मऊ जनपद के मधुबन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत गाजियापुर में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब घाघरा नदी में स्नान के दौरान दो सगी बहनें गहरे पानी में डूब गईं। इस दर्दनाक हादसे के बाद परिजनों में गहरा कोहराम मच गया है, जबकि ग्रामीण और प्रशासन की टीम लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार, गाजियापुर निवासी किसान रामविलास यादव का परिवार एकादशी पर्व पर घाघरा नदी में स्नान करने गया था। उनके साथ पत्नी, दो पुत्रियां, एक पुत्र, भाई का परिवार और गांव की अन्य महिलाएं व बच्चे भी ट्रैक्टर-ट्रॉली से नदी तट पर पहुंचे थे। सुबह लगभग 10 बजे स्नान के दौरान रामविलास यादव का पुत्र अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। भाई को बचाने के लिए सबसे पहले बड़ी बहन प्रियांशु नदी में कूद गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रियांशु ने अपने भाई को धक्का देकर सुरक्षित कर दिया, लेकिन खुद पानी के तेज बहाव में फंसकर डूबने लगी। बहन को संकट में देख छोटी बहन प्रतिज्ञा भी उसे बचाने के लिए नदी में उतर गई, लेकिन वह भी गहरे पानी में समा गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपने स्तर से कई घंटों तक दोनों बच्चियों की तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद, मधुबन क्षेत्राधिकारी दिनेश दत्त मिश्रा और मधुबन थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अब पुलिस और स्थानीय प्रशासन की निगरानी में दोनों बच्चियों की तलाश कराई जा रही है। रामविलास यादव एक किसान हैं और खेती-किसानी से अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल व्याप्त है।4
- देवरिया में पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध-विरोधी अभियान के तहत थाना लार पुलिस को बुधवार को एक बड़ी सफलता मिली है। चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने 480 पेटी अवैध शराब और बीयर बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई जा रही है। इस दौरान पुलिस ने दो अंतरराज्यीय तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शेख खालिद, पुत्र शेख शाबिर, निवासी केन्द्रापरा, ओडिशा, और शोएब, पुत्र कलीम, निवासी चतरा, झारखंड के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये दोनों आरोपी अवैध शराब की खेप लेकर जा रहे थे और चेकिंग के दौरान उन्हें दबोच लिया गया। थाना लार पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्राधिकारी सलेमपुर गौरव सिंह ने बताया कि जनपद में अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।1