उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रानीपुर थाना क्षेत्र के असलपुर और लरेवा गांवों में बुधवार को शराब के एक नए ठेके के विरोध में ग्रामीणों का भारी गुस्सा देखा गया। सैकड़ों की संख्या में स्थानीय महिलाओं और पुरुषों ने सड़क पर उतरकर निर्माणाधीन ठेके का काम रुकवा दिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे गांव के भीतर और स्कूलों के पास किसी भी कीमत पर शराब की दुकान नहीं खुलने देंगे। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों, जिनमें सचिन चौहान, धर्मराज चौहान, जितेंद्र चौहान, अमरजीत चौहान, सत्यपाल चौहान और विपिन चौहान शामिल थे, ने बताया कि जिस स्थान पर शराब का ठेका खोला जा रहा है, उसके मात्र 100 मीटर के दायरे में दो प्राथमिक विद्यालय, एक उच्च प्राथमिक विद्यालय और एक पवित्र मंदिर स्थित हैं। ग्रामीणों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी जगह पर शराब की दुकान खुलने से बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर बेहद नकारात्मक असर पड़ेगा। साथ ही, यह गांव की महिलाओं और स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा बन जाएगा। विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं, जिनमें सरिता चौहान, प्रेमा देवी, सुशीला, अंजनी, गीता, अनीता, कौशिल्या और रीता चौहान थीं, ने प्रशासन के रवैये पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने जानकारी दी कि इस समस्या को लेकर पहले भी जिलाधिकारी (डीएम) को एक लिखित ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें ठेके को निरस्त करने या उसे किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। हालांकि, प्रशासनिक आश्वासन के बावजूद, बुधवार को ठेके वाले स्थान पर चोरी-छिपे फिर से काम शुरू करा दिया गया। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी भनक लगी, भारी संख्या में पुरुष और महिलाएं मौके पर इकट्ठा हो गए और एकजुट होकर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल बंद करवा दिया। सिकन्दर चौहान और सतीश कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं और शराब के ठेके को वहां से नहीं हटाया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। ग्रामीणों ने दृढ़ता से कहा कि अपनी बहू-बेटियों के सम्मान और बच्चों के उज्जवल भविष्य की रक्षा के लिए वे बहुत जल्द एक बड़े आंदोलन के साथ भूख हड़ताल पर बैठने को विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रानीपुर थाना क्षेत्र के असलपुर और लरेवा गांवों में बुधवार को शराब के एक नए ठेके के विरोध में ग्रामीणों का भारी गुस्सा देखा गया। सैकड़ों की संख्या में स्थानीय महिलाओं और पुरुषों ने सड़क पर उतरकर निर्माणाधीन ठेके का काम रुकवा दिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे गांव के भीतर और स्कूलों के पास किसी भी कीमत पर शराब की दुकान नहीं खुलने देंगे। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों, जिनमें सचिन चौहान, धर्मराज चौहान, जितेंद्र चौहान, अमरजीत चौहान, सत्यपाल चौहान और विपिन चौहान शामिल थे, ने बताया कि जिस स्थान पर शराब का ठेका खोला जा रहा है, उसके मात्र 100 मीटर के दायरे में दो प्राथमिक विद्यालय, एक उच्च प्राथमिक विद्यालय और एक पवित्र मंदिर स्थित हैं। ग्रामीणों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी जगह पर शराब की दुकान खुलने से बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर बेहद नकारात्मक असर पड़ेगा। साथ ही, यह गांव की महिलाओं और स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा बन जाएगा। विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं, जिनमें सरिता चौहान, प्रेमा देवी,
सुशीला, अंजनी, गीता, अनीता, कौशिल्या और रीता चौहान थीं, ने प्रशासन के रवैये पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने जानकारी दी कि इस समस्या को लेकर पहले भी जिलाधिकारी (डीएम) को एक लिखित ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें ठेके को निरस्त करने या उसे किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। हालांकि, प्रशासनिक आश्वासन के बावजूद, बुधवार को ठेके वाले स्थान पर चोरी-छिपे फिर से काम शुरू करा दिया गया। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी भनक लगी, भारी संख्या में पुरुष और महिलाएं मौके पर इकट्ठा हो गए और एकजुट होकर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल बंद करवा दिया। सिकन्दर चौहान और सतीश कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं और शराब के ठेके को वहां से नहीं हटाया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। ग्रामीणों ने दृढ़ता से कहा कि अपनी बहू-बेटियों के सम्मान और बच्चों के उज्जवल भविष्य की रक्षा के लिए वे बहुत जल्द एक बड़े आंदोलन के साथ भूख हड़ताल पर बैठने को विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
- आजमगढ़ में सिविल लाइन स्थित प्रयास कार्यालय पर मंगलवार को सामाजिक संगठन "प्रयास" द्वारा सौरव सिंह का भव्य सम्मान किया गया। सौरव सिंह ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण कर जीएसटी विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर पद पर नियुक्ति पाई है। मूल रूप से बिलारी गांव के निवासी और वर्तमान में मड़या, आजमगढ़ में रहने वाले सौरव सिंह ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर यह सफलता प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया है। इस अवसर पर प्रयास संगठन के पदाधिकारियों ने सौरव सिंह और उनके पिता तेज बहादुर सिंह को अंगवस्त्र, माल्यार्पण और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रयास संगठन के अध्यक्ष रणजीत सिंह ने कहा कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर उत्तराखंड लोक सेवा आयोग जैसी प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त कर उच्च प्रशासनिक पद तक पहुंचना पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय है, और सौरव सिंह की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। सम्मान समारोह में सौरव सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों एवं शुभचिंतकों को दिया। उन्होंने युवाओं से निरंतर परिश्रम, सकारात्मक सोच और सही दिशा में प्रयास करने का आह्वान करते हुए यह भी कहा कि दृढ़ संकल्प के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इस अवसर पर शिव प्रसाद पाठक, संजीव राय, राणा बलवीर सिंह, इंजीनियर सुनील कुमार यादव, राजीव शर्मा, इंजीनियर अमित यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- बिल्थरारोड के उभांव थाना क्षेत्र के नगर पंचायत वार्ड नंबर 6 में एक महिला ने अपने जीजा पर यौन शोषण और मारपीट का आरोप लगाया है। महिला हिना खान की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उभांव पुलिस ने उमरगंज निवासी जीजा सोनू फरसाटारी, उसकी बहन और बहन के लड़के के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। महिला ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर एक शिकायती पत्र दिया था, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसके जीजा ने शादी का झांसा देकर लगभग 17 वर्षों तक उसका यौन शोषण किया और उसके साथ मारपीट भी की। इसी शिकायती पत्र के आधार पर, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धाराओं 69, 115(2), 352, और 351(3) के तहत मामला पंजीकृत किया है। गौरतलब है कि इस मामले में दो सप्ताह पहले भी प्रशासन द्वारा धोखाधड़ी, धमकी और मारपीट जैसी विभिन्न धाराओं के तहत ‘मिनी गुंडा एक्ट’ की कार्रवाई की जा चुकी है।2
- उत्तर प्रदेश की कुशवाहा मौर्य परिवार कल्याण समिति के तत्वावधान में 23 जून 2026, मंगलवार को गाजीपुर के कासिमाबाद स्थित फेमस मैरेज हॉल में एक भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, समाज के गणमान्य लोगों और समिति के पदाधिकारियों ने सहभागिता की। समारोह का शुभारंभ श्री चंद्रभान मौर्य द्वारा महामानव गौतम बुद्ध की वंदना के साथ हुआ। अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा, जमानियां के ब्लॉक प्रमुख संतोष कुशवाहा, अपनी जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार भारती, जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह कुशवाहा, रेनू मौर्य, सीमा कुशवाहा, इंदु मेहता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष कुशवाहा, कोषाध्यक्ष राधेश्याम कुशवाहा, जिलाध्यक्ष शिवजी वर्मा, संरक्षक वाल्मीकि कुशवाहा, कालिका कुशवाहा और अन्य सभी पदाधिकारी एवं सदस्य भी कार्यक्रम में सक्रिय रूप से मौजूद रहे। अपने प्रेरणादायक संबोधन में मुख्य अतिथि स्वामी प्रसाद मौर्य ने शिक्षा को व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के विकास का मार्ग प्रशस्त करने वाला माध्यम बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक शिक्षा ग्रहण करें, अनुशासन और परिश्रम को जीवन का आधार बनाएं, तथा समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनें। उन्होंने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह की अध्यक्षता समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष कुशवाहा ने की, वहीं जिला महासचिव रामध्यान कुशवाहा ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को उनके शैक्षणिक उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया और उनकी सराहना की गई। उपस्थित लोगों ने ऐसे आयोजनों को समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता और प्रतिस्पर्धी भावना बढ़ाने वाला करार दिया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, और आयोजकों ने अंत में सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।4
- yeh baat sun kar ruh kap jyega ga ap logo ka1
- मऊ में दिनांक 23 जून 2026 को आगामी त्योहारों को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आनंद वर्धन और पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने मधुबन मोड़ से बड़ागांव कस्बा तक पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति ने आम जनता में सुरक्षा और विश्वास का माहौल स्थापित किया। पैदल गश्त के दौरान अधिकारियों ने बाजारों, प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों, धर्मगुरुओं और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर त्योहारों के दौरान आपसी भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों ने जोर दिया कि त्योहार हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं, जिन्हें सभी नागरिकों को परस्पर सम्मान और सहयोग की भावना के साथ मनाना चाहिए। जिलाधिकारी ने आम जनता से संवाद करते हुए बताया कि जिला प्रशासन द्वारा त्योहारों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने नागरिकों से किसी भी प्रकार की समस्या या सूचना को तत्काल प्रशासन के संज्ञान में लाने, अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर किसी भी भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री को प्रसारित न करने की अपील की। पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और अराजक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। पैदल गश्त के दौरान अधिकारियों ने यातायात व्यवस्था, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं और सुझाव भी सुने और उनके त्वरित समाधान हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित किया। प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा किए गए इस फ्लैग मार्च और पैदल गश्त का मुख्य उद्देश्य आम जनता में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना तथा आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है, विशेषकर थाना घोसी क्षेत्रान्तर्गत।4
- आजमगढ़ में भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ की घटक इकाई हरिहरपुर संगीत महाविद्यालय में आयोजित एक माह की ग्रीष्मकालीन अभिरुचि कार्यशाला का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। इस समारोह का शुभारंभ कुलपति प्रोफेसर मांडवी सिंह, जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार और नोडल अधिकारी डॉक्टर पूनम श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलित कर किया था। इस कार्यशाला में लगभग 250 विद्यार्थियों ने शास्त्रीय गायन, सुगम संगीत, लोकगीत, हारमोनियम, तबला, ढोलक, कथक और लोकनृत्य का प्रशिक्षण प्राप्त किया। समापन समारोह में इन प्रतिभागियों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे सभी दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में संगीत और कला को व्यक्तित्व के विकास में महत्वपूर्ण बताया और विद्यार्थियों को निरंतर अभ्यास के लिए प्रेरित किया। वहीं, कुलपति प्रोफेसर मांडवी सिंह ने संगीत को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताते हुए ऐसे आयोजनों को युवाओं की रचनात्मकता के लिए बेहद महत्वपूर्ण करार दिया। कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस भव्य समारोह में शिक्षक, प्रशिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।2
- देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार, 24 जून को सुबह 8 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तरकुलवा का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और संबंधित अधिकारी उपस्थित पाए गए, लेकिन कुछ कर्मचारी अनुपस्थित मिले। अनुपस्थित कर्मचारियों के संबंध में जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. गुप्ता को निर्देश दिया कि उन्हें चेतावनी दी जाए और समय पर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान, एक गर्भवती महिला के मातृ-शिशु कार्ड की जांच की गई और उनके शुगर तथा ब्लड टेस्ट भी कराए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित आशा कार्यकर्ता को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी जांच संबंधी आंकड़े मातृ-शिशु कार्ड में अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाएं। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम (जिन्हें 'थ्री-ए' के रूप में संदर्भित किया गया) को ग्राम स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पोषण समिति के सत्रों में सक्रिय रखा जाए तथा नियमित क्षेत्र भ्रमण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, सीएचओ, एचईओ और एआरओ को भी क्षेत्र भ्रमण और स्वास्थ्य सत्रों में नियमित भागीदारी के निर्देश दिए गए। उन्होंने ड्यू लिस्ट के सत्यापन और गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं तथा बच्चों का निर्धारित रोस्टर के अनुसार समयबद्ध टीकाकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, साथ ही मातृ-शिशु कार्ड को शत-प्रतिशत अद्यतन रखने के लिए कहा। निरीक्षण के क्रम में, जिलाधिकारी ने ओपीडी, प्रसव केंद्र, पंजीकरण कक्ष, दवा वितरण केंद्र समेत पूरे अस्पताल परिसर का मुआयना किया और उपस्थिति पंजिका की भी जांच की। उन्होंने सभी कर्मचारियों को समय पर अस्पताल पहुंचने, मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1