_* _*गुणवत्तापूर्ण एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश*_ *रायबरेली, 06 अगस्त 2026* जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने आज विकास खण्ड सरेनी में जल जीवन मिशन के अंतर्गत धनपालपुर पेयजल योजना का स्थलीय निरीक्षण कर योजना के संचालन, पेयजल गुणवत्ता एवं जलापूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को नियमित, निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जाना हर स्थिति में सुनिश्चित किया जाए। धनपालपुर पेयजल योजना वर्ष 2021-22 में ₹232.66 लाख की लागत से स्वीकृत की गई है, जिसके माध्यम से ग्राम पंचायत धनपालपुर की लगभग 2,725 आबादी को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के अंतर्गत एक नलकूप, 175 केएल क्षमता का 16 मीटर ऊंचा ओवरहेड टैंक, 12,080 मीटर वितरण पाइपलाइन, 513 गृह नल संयोजन, एक पम्प हाउस, 25 किलोवाट सोलर प्लांट, 17.5 एचपी पम्पिंग प्लांट तथा बाउंड्रीवाल का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पम्प हाउस, ऑटोमेशन सिस्टम, ओवरहेड टैंक (ओएचटी) एवं क्लोरीनेशन सिस्टम का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने जल निगम के अधिशासी अभियन्ता के साथ ऑटोमेशन प्रणाली, पेयजल आपूर्ति व्यवस्था तथा जल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्थापित क्लोरीनेशन सिस्टम की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। साथ ही सोलर प्रणाली एवं डीजी (जनरेटर) व्यवस्था का भी निरीक्षण कर उनके सुचारु संचालन की जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने योजना पर कार्यरत ऑपरेटर से जलापूर्ति के समय एवं मानदेय के संबंध में जानकारी ली। ऑपरेटर ने बताया कि योजना से नियमित जलापूर्ति की जा रही है तथा मानदेय का भुगतान समय से प्राप्त हो रहा है। ग्राम प्रधान नीतू सिंह ने अवगत कराया कि कार्यदायी संस्था एनसीसी (NCC) द्वारा योजना के सभी निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं तथा ग्राम के प्रत्येक मजरे एवं घर तक सफलतापूर्वक पेयजल पहुंचाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने हिम्मतपुर मजरा में लाभार्थी शिव चरण पुत्र गंगाधर एवं माया देवी पत्नी शिवमोहन के घरों का निरीक्षण कर नल कनेक्शनों की जांच की। दोनों स्थानों पर पर्याप्त दबाव के साथ जलापूर्ति होती पाई गई। ग्रामीणों एवं उपभोक्ताओं से बातचीत में बताया गया कि प्रतिदिन दो समय—प्रातः 9:00 बजे से 11:00 बजे तक तथा अपराह्न 3:30 बजे से सायं 5:30 बजे तक नियमित जलापूर्ति की जा रही है। ग्रामीणों ने उपलब्ध कराए जा रहे जल को पेय योग्य बताते हुए जल की गुणवत्ता एवं नियमित आपूर्ति पर संतोष व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने योजना के संचालन एवं अनुरक्षण की सराहना करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता एवं नियमितता निरंतर बनाए रखी जाए तथा सभी उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी लालगंज राजेश श्रीवास्तव, जल निगम के अधिशासी अभियन्ता रणविजय सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।
_* _*गुणवत्तापूर्ण एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश*_ *रायबरेली, 06 अगस्त 2026* जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने आज विकास खण्ड सरेनी में जल जीवन मिशन के अंतर्गत धनपालपुर पेयजल योजना का स्थलीय निरीक्षण कर योजना के संचालन, पेयजल गुणवत्ता एवं जलापूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को नियमित, निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जाना हर स्थिति में सुनिश्चित किया जाए। धनपालपुर पेयजल योजना वर्ष 2021-22 में ₹232.66 लाख की लागत से स्वीकृत की गई है, जिसके माध्यम से ग्राम पंचायत धनपालपुर की लगभग 2,725 आबादी को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के अंतर्गत एक नलकूप, 175 केएल क्षमता का 16 मीटर ऊंचा ओवरहेड टैंक, 12,080 मीटर वितरण पाइपलाइन, 513 गृह नल संयोजन, एक पम्प हाउस, 25 किलोवाट सोलर प्लांट, 17.5 एचपी पम्पिंग प्लांट तथा बाउंड्रीवाल का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पम्प हाउस, ऑटोमेशन सिस्टम, ओवरहेड टैंक (ओएचटी) एवं क्लोरीनेशन सिस्टम का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने जल निगम के अधिशासी अभियन्ता के साथ ऑटोमेशन प्रणाली, पेयजल आपूर्ति व्यवस्था तथा जल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्थापित क्लोरीनेशन सिस्टम की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। साथ ही सोलर प्रणाली एवं डीजी (जनरेटर) व्यवस्था का भी निरीक्षण कर उनके सुचारु संचालन की जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने योजना पर कार्यरत ऑपरेटर से जलापूर्ति के समय एवं मानदेय के संबंध में जानकारी ली। ऑपरेटर ने बताया कि योजना से नियमित जलापूर्ति की जा रही है तथा मानदेय का भुगतान समय से प्राप्त हो रहा है। ग्राम प्रधान नीतू सिंह ने अवगत कराया कि कार्यदायी संस्था एनसीसी (NCC) द्वारा योजना के सभी निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं तथा ग्राम के प्रत्येक मजरे एवं घर तक सफलतापूर्वक पेयजल पहुंचाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने हिम्मतपुर मजरा में लाभार्थी शिव चरण पुत्र गंगाधर एवं माया देवी पत्नी शिवमोहन के घरों का निरीक्षण कर नल कनेक्शनों की जांच की। दोनों स्थानों पर पर्याप्त दबाव के साथ जलापूर्ति होती पाई गई। ग्रामीणों एवं उपभोक्ताओं से बातचीत में बताया गया कि प्रतिदिन दो समय—प्रातः 9:00 बजे से 11:00 बजे तक तथा अपराह्न 3:30 बजे से सायं 5:30 बजे तक नियमित जलापूर्ति की जा रही है। ग्रामीणों ने उपलब्ध कराए जा रहे जल को पेय योग्य बताते हुए जल की गुणवत्ता एवं नियमित आपूर्ति पर संतोष व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने योजना के संचालन एवं अनुरक्षण की सराहना करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता एवं नियमितता निरंतर बनाए रखी जाए तथा सभी उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी लालगंज राजेश श्रीवास्तव, जल निगम के अधिशासी अभियन्ता रणविजय सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।
- रायबरेली में कुषाणकालीन रहस्यमयी सुरंग बनी खतरा, बारिश के बाद दिखने लगीं प्राचीन दीवारें रायबरेली। जिले के ओई गांव में जमीन धंसने से उजागर हुई रहस्यमयी सुरंग का मामला दो सप्ताह बाद भी चर्चा का विषय बना हुआ है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सुरंग अब और गहरी व खतरनाक होती जा रही है। बारिश के पानी से मिट्टी बहने के बाद सुरंग के भीतर प्राचीन ईंटों से बनी दीवारें और मिट्टी के बर्तन स्पष्ट दिखाई देने लगे हैं। घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एसडीएम महराजगंज चंद्र प्रकाश गौतम, सीओ प्रदीप कुमार और पुलिस बल की मौजूदगी में क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया था। इसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की सात सदस्यीय टीम ने डॉ. राजेंद्र यादव के नेतृत्व में लगातार तीन दिनों तक सुरंग के भीतर उतरकर जांच की थी। टीम ने आसपास के टीले से मिले करीब 2000 वर्ष पुराने कुषाणकालीन अवशेषों को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए अपने कब्जे में लिया था। अब बारिश के कारण सुरंग के अंदर नए अवशेष सामने आने से ग्रामीणों में उत्सुकता बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से सुरंग के आसपास जाने से बचने की अपील की है। फिलहाल ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन की नजरें एएसआई की विस्तृत रिपोर्ट पर टिकी हैं। रायबरेली में कुषाणकालीन रहस्यमयी सुरंग बनी खतरा, बारिश के बाद दिखने लगीं प्राचीन दीवारें रायबरेली। जिले के ओई गांव में जमीन धंसने से उजागर हुई रहस्यमयी सुरंग का मामला दो सप्ताह बाद भी चर्चा का विषय बना हुआ है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सुरंग अब और गहरी व खतरनाक होती जा रही है। बारिश के पानी से मिट्टी बहने के बाद सुरंग के भीतर प्राचीन ईंटों से बनी दीवारें और मिट्टी के बर्तन स्पष्ट दिखाई देने लगे हैं। घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एसडीएम महराजगंज चंद्र प्रकाश गौतम, सीओ प्रदीप कुमार और पुलिस बल की मौजूदगी में क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया था। इसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की सात सदस्यीय टीम ने डॉ. राजेंद्र यादव के नेतृत्व में लगातार तीन दिनों तक सुरंग के भीतर उतरकर जांच की थी। टीम ने आसपास के टीले से मिले करीब 2000 वर्ष पुराने कुषाणकालीन अवशेषों को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए अपने कब्जे में लिया था। अब बारिश के कारण सुरंग के अंदर नए अवशेष सामने आने से ग्रामीणों में उत्सुकता बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से सुरंग के आसपास जाने से बचने की अपील की है। फिलहाल ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन की नजरें एएसआई की विस्तृत रिपोर्ट पर टिकी हैं।1
- रायबरेली पत्रकारों की सुरक्षा और संगठन की मजबूती का हुआ मंथन। रायबरेली पत्रकारों की सुरक्षा और संगठन की मजबूती का हुआ मंथन हुआ।* JPM न्यूज़ लाइव रायबरेली विकास खण्ड सलोन सभागार मे राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद इकाई की बैठक जिला अध्यक्ष दुर्गेश अवस्थी के अध्यक्षता मे संपन्न हुई । बैठक मे संगठन के मजबूती के साथ पत्रकार के सुरक्षा मे विस्तार से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक मे जिला संरक्षक ई0 संदीप श्रीवास्तव जिला प्रभारी राघवेंद्र बहादुर सिंह जिला उपाध्यक्ष राम भवन कोरी जिला प्रवक्ता सेजल चौरसिया सलोन तहसील अध्यक्ष आयोजक रीता अग्रहरि सहित बड़ी संख्या मे पत्रकार मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कपिल त्रिपाठी ने किया वहीं बैठक के दौरान पत्रकारों के कार्य मे आने वाली समस्याओं की सुरक्षा को लेकर चर्चा की गई। पदाधिकारी ने कानून सुरक्षा लागू किये जाने की मांग की साथ ही टोल मुफ्त किये जाने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा की पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पर समाज और प्रशासन बीच महत्वपूर्ण का कार्य करते है।1
- रायबरेली जिले के डीह ब्लॉक स्थित प्रसिद्ध गलथरेश्वर धाम में सावन के दूसरे सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शिव भक्तों ने भगवान शंकर का जलाभिषेक करने के लिए सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया। मंदिर परिसर 'बम-बम भोले' के जयकारों से गूंज उठा। रायबरेली जिले के डीह ब्लॉक स्थित प्रसिद्ध गलथरेश्वर धाम में सावन के दूसरे सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शिव भक्तों ने भगवान शंकर का जलाभिषेक करने के लिए सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया। मंदिर परिसर 'बम-बम भोले' के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे। डीह थाना पुलिस की पूरी टीम सुबह से ही मंदिर परिसर में तैनात रही, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और व्यवस्था बनी रहे। डीह थाना प्रभारी जितेंद्र मोहन सरोज और उप निरीक्षक विनोद पांडे सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे। पुलिस की सक्रियता और मुस्तैदी के कारण दर्शन और जलाभिषेक का कार्य शांतिपूर्ण एवं अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ।1
- सावन के दूसरे सोमवार को रायबरेली के सर्वेश्वर महादेव मंदिर में दिखाई दी भक्तों की भीड़ सावन के दूसरे सोमवार को रायबरेली के सर्वेश्वर महादेव मंदिर में दिखाई दी भक्तों की भीड़1
- मौसमी बुखार को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, CMO ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील मौसमी बुखार को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, CMO ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील कन्नौज जिले में इन दिनों मौसमी बुखार के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। कन्नौज के मुख्य चिकित्सा अधिकारी विकास चंद्र ने लोगों से साफ-सफाई और मच्छरों से बचाव को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी विकास चंद्र ने बताया कि इस समय मौसमी बुखार का दौर चल रहा है, जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने कहा कि गंदगी और जगह-जगह जमा पानी के कारण डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को अपने आसपास साफ-सफाई रखने और पानी जमा न होने देने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। सीएमओ ने लोगों से अपील की कि डेंगू से बचाव के लिए दिन के समय भी पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, क्योंकि डेंगू का मच्छर मुख्य रूप से दिन में सक्रिय रहता है। वहीं मलेरिया के मच्छर से बचाव के लिए रात में सोते समय मच्छरदानी और पूरे कपड़ों का इस्तेमाल करें। उन्होंने लोगों को खान-पान का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हुए कहा कि बुखार या बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में जाकर चिकित्सकीय सलाह लें। वहीं सरकारी अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारों को लेकर सीएमओ ने कहा कि दूर-दराज से बड़ी संख्या में लोग सरकारी अस्पतालों में इलाज और दवा लेने पहुंच रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की कोई कमी नहीं है और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। सीएमओ ने डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवा लिखे जाने के मामले में भी सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी अस्पताल या सीएचसी में कोई डॉक्टर मरीज को बाहर से दवा खरीदने के लिए लिखता है, तो मरीज इसकी शिकायत सीधे मुख्य चिकित्सा अधिकारी से करें। मामले की जांच कर संबंधित के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि मौसमी बीमारियों से बचने के लिए साफ-सफाई, खान-पान और मच्छरों से बचाव को लेकर विशेष सतर्कता बरतें।1
- बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश सचिव पहुंचे अमिया गांव जन जागृति के माध्यम से चलो गांव की ओर जय मूलनिवासी जय भारत जय भीम जय संविधान बहुजन मुक्ति पार्टी जिंदाबाद बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश सचिव पहुंचे अमिया गांव जन जागृति के माध्यम से चलो गांव की ओर जय मूलनिवासी जय भारत जय भीम जय संविधान बहुजन मुक्ति पार्टी जिंदाबाद1
- रायबरेली में पत्रकारों की सुरक्षा और संगठन की मजबूती पर हुआ मंथन सलोंन रायबरेली। विकासखंड सलोन के सभागार में रविवार को राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद की सलोन इकाई की बैठक जिला अध्यक्ष दुर्गेश अवस्थी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में पत्रकारों की सुरक्षा, संगठन की मजबूती और पत्रकार हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला संरक्षक इं. संदीप श्रीवास्तव, जिला प्रभारी आरबी सिंह, जिला उपाध्यक्ष रामभवन कोरी, जिला प्रवक्ता सेहजल चौरसिया, सलोन तहसील अध्यक्ष एवं आयोजक रीता अग्रहरि तथा महासचिव शशिधर त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और पत्रकार मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कपिल त्रिपाठी ने किया। वक्ताओं ने पत्रकारों को कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। साथ ही पत्रकारों को टोल टैक्स में छूट दिए जाने की मांग सरकार के समक्ष रखने पर सहमति बनी। पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज और शासन-प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। बैठक में संगठन को तहसील और ग्रामीण स्तर तक मजबूत करने तथा पत्रकारों के हितों के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर जितेंद्र कुमार, सविता, धर्मवीर यादव, जिला महासचिव दीपक कुमार, शशि कुमार सिंह, अनिल कुमार, सुशील तिवारी सहित अन्य पत्रकार मौजूद रहे।1
- रायबरेली जिले के डीह ब्लॉक स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय बेतौरा में सोमवार को विद्यालय परिसर से कांटेदार बबूल और अन्य पेड़ों की डालियों को हटा दिया गया। इस कार्रवाई से बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित हुआ है। रायबरेली जिले के डीह ब्लॉक स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय बेतौरा में सोमवार को विद्यालय परिसर से कांटेदार बबूल और अन्य पेड़ों की डालियों को हटा दिया गया। इस कार्रवाई से बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित हुआ है। जानकारी के अनुसार, ये कांटेदार वृक्ष लंबे समय से परिसर में लटक रहे थे, जिससे विद्यालय की बाउंड्री वॉल सहित विद्यालय परिसर साफ नहीं था। इन पेड़ों के कारण परिसर में बच्चे सही प्रकार से अपनी दैनिक गतिविधियों को नहीं कर पा रहे थे। स्थानीय सफाईकर्मियों को जैसे ही इसकी सूचना मिली, उनकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची। सफाईकर्मी टीम लीडर विनोद कुमार के नेतृत्व में अशोक कुमार, मूलचंद और सुखदेव ने इन खतरनाक पेड़ों और डालियों की छंटाई का कार्य मुस्तैदी से पूरा किया। इस कार्य के बाद अब विद्यालय परिसर पूरी तरह से बाधा मुक्त और सुरक्षित हो गया है। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने इस पहल पर राहत व्यक्त की है, जिससे वे अब सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकेंगे।1
- रसमलाई खाने को लेकर खूनी विवाद। रसमलाई खाने को लेकर दो भाइयों के परिवार में हुआ विवाद। ब्रेकिंग न्यूज़। रसमलाई खाने को लेकर खूनी विवाद। रसमलाई खाने को लेकर दो भाइयों के परिवार में हुआ विवाद। कहासुनी के बाद पति-पत्नी पर लोहे की कैंची से हमला करने का आरोप। छोटे भाई नूर और उसकी पत्नी फातमा पर हमला करने का आरोप। हमले में शानू और उसकी पत्नी साबरीन हुए घायल। दोनों घायलों को देर रात जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती। अस्पताल में दोनों का इलाज जारी, हालत पर डॉक्टरों की नजर। घायल साबरीन ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू की जांच। बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र का मामला।1