डूंगरपुर जिले में झूठे मुकदमों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, धम्बोला थाना क्षेत्र के एक मामले में न्यायालय ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता पर ₹4000 का जुर्माना लगाया है। इसे जिले में इस प्रकार की पहली दंडात्मक कार्रवाई माना जा रहा है। यह मामला पाडलिया निवासी राजेन्द्र कुमार रोत से संबंधित है, जिन्होंने 3 मार्च 2026 को होली के दौरान गांव के होली चौक में मारपीट, पत्थरबाजी और तलवार लेकर धमकाने का आरोप लगाते हुए एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। धम्बोला थाना पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें प्रार्थी, गवाहों के बयान, घटनास्थल निरीक्षण और अन्य साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया गया। पुलिस जांच में यह सामने आया कि शिकायत के आरोप तथ्यहीन और मिथ्या थे। जांच से स्पष्ट हुआ कि शिकायतकर्ता ने संबंधित व्यक्तियों को परेशान करने और कानूनी कार्रवाई में उलझाने के उद्देश्य से जानबूझकर झूठी सूचना दी थी। इसके बाद, पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के आदेश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और सीमलवाड़ा वृत्ताधिकारी मदनलाल बिश्नोई के सुपरविजन में धम्बोला थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 एवं 248 के तहत न्यायालय में इस्तगासा पेश किया। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने शिकायतकर्ता को दोषी मानते हुए उस पर ₹4000 का जुर्माना लगाया। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने इस कार्रवाई पर जोर देते हुए कहा कि जिले में 100 से अधिक झूठे प्रकरणों की पहचान की जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डूंगरपुर जिले में झूठे मुकदमों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, धम्बोला थाना क्षेत्र के एक मामले में न्यायालय ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता पर ₹4000 का जुर्माना लगाया है। इसे जिले में इस प्रकार की पहली दंडात्मक कार्रवाई माना जा रहा है। यह मामला पाडलिया निवासी राजेन्द्र कुमार रोत से संबंधित है, जिन्होंने 3 मार्च 2026 को होली के दौरान गांव के होली चौक में मारपीट, पत्थरबाजी और तलवार लेकर धमकाने का आरोप लगाते हुए एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। धम्बोला थाना पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें प्रार्थी, गवाहों के बयान, घटनास्थल निरीक्षण और अन्य साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया गया। पुलिस जांच में यह सामने आया कि शिकायत के आरोप तथ्यहीन और मिथ्या थे। जांच से स्पष्ट हुआ कि शिकायतकर्ता ने संबंधित व्यक्तियों को परेशान करने और कानूनी कार्रवाई में उलझाने के उद्देश्य से जानबूझकर झूठी सूचना दी थी। इसके बाद, पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के आदेश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और सीमलवाड़ा वृत्ताधिकारी मदनलाल बिश्नोई के सुपरविजन में धम्बोला थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 एवं 248 के तहत न्यायालय में इस्तगासा पेश किया। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने शिकायतकर्ता को दोषी मानते हुए उस पर ₹4000 का जुर्माना लगाया। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने इस कार्रवाई पर जोर देते हुए कहा कि जिले में 100 से अधिक झूठे प्रकरणों की पहचान की जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- डूंगरपुर जिले में झूठे मुकदमों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, धम्बोला थाना क्षेत्र के एक मामले में न्यायालय ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता पर ₹4000 का जुर्माना लगाया है। इसे जिले में इस प्रकार की पहली दंडात्मक कार्रवाई माना जा रहा है। यह मामला पाडलिया निवासी राजेन्द्र कुमार रोत से संबंधित है, जिन्होंने 3 मार्च 2026 को होली के दौरान गांव के होली चौक में मारपीट, पत्थरबाजी और तलवार लेकर धमकाने का आरोप लगाते हुए एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। धम्बोला थाना पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें प्रार्थी, गवाहों के बयान, घटनास्थल निरीक्षण और अन्य साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया गया। पुलिस जांच में यह सामने आया कि शिकायत के आरोप तथ्यहीन और मिथ्या थे। जांच से स्पष्ट हुआ कि शिकायतकर्ता ने संबंधित व्यक्तियों को परेशान करने और कानूनी कार्रवाई में उलझाने के उद्देश्य से जानबूझकर झूठी सूचना दी थी। इसके बाद, पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के आदेश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और सीमलवाड़ा वृत्ताधिकारी मदनलाल बिश्नोई के सुपरविजन में धम्बोला थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 एवं 248 के तहत न्यायालय में इस्तगासा पेश किया। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने शिकायतकर्ता को दोषी मानते हुए उस पर ₹4000 का जुर्माना लगाया। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने इस कार्रवाई पर जोर देते हुए कहा कि जिले में 100 से अधिक झूठे प्रकरणों की पहचान की जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- राजस्थान के डूंगरपुर में जिला पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली थाना पुलिस ने बीते 5 जून को हुई एक नकबजनी की वारदात का कुछ ही दिनों में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एक शातिर हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से चोरी की गई चांदी की चूड़ियां, पायजेब, सोने के झुमके और मोबाइल सहित पूरा माल बरामद कर लिया गया है। डूंगरपुर के पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत एक विशेष टीम गठित की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह राठौड़ और वृत्ताधिकारी पारसमल के मार्गदर्शन में, कोतवाली थानाधिकारी अजय सिंह राव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी प्रयास के तहत पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए शातिर अपराधी लोकेश उर्फ चौधरी निवासी भाटपुर फला हुकी बावड़ी को धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी थाना सदर का घोषित हिस्ट्रीशीटर है और एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले से ही लूट, चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 9 मामले दर्ज हैं। पुलिस पूछताछ में यह सामने आया है कि आरोपी अकेले ही घूमकर बंद पड़े मकानों की रेकी करता था और सूना मकान पाते ही बेहद कम समय में वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाता था। वह चोरी के माल को बेचकर अपने ऐश-ओ-आराम और शौक पूरे करता था। इस कार्रवाई की जानकारी कोतवाली थाना डूंगरपुर के एसआई रफीक मोहम्मद ने दी।1
- डूंगरपुर जिला अस्पताल के सेमिनार हॉल में 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ब्लड सेंटर सामान्य चिकित्सालय और रेड क्रॉस सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें स्वयं सेवी संस्थाओं, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों, सभी एनजीओ तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महेंद्र डामोर ने की, जबकि इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के डॉ. दलजीत यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर शिशु विशेषज्ञ डॉ. नीलेश गोटी और नेत्र विशेषज्ञ डॉ. भाविन रोट ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ब्लड सेंटर के नोडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सरैया, ब्लड सेंटर के प्रभारी मोहनलाल यादव और जनसंपर्क अधिकारी खुमानसिंह चौहान ने अतिथियों का उपर्णा ओढ़ाकर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से रक्तदान के महत्व और इसकी आवश्यकता पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। मुख्य अतिथि डॉ. दलजीत यादव ने अपने संबोधन में रक्तदान को हमारा धर्म, कर्म और फर्ज बताया, वहीं अध्यक्ष डॉ. महेंद्र डामोर ने इसे हमारी नैतिक जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व करार दिया। इस खास मौके पर जिले के सर्वाधिक रक्तदाताओं में हर्षवर्धन जैन, मोहन कोटेड और नूर मकरानी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन सामान्य चिकित्सालय डूंगरपुर के नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ ने किया, जबकि प्रोजेक्टर सेवा अमित सैनी द्वारा प्रदान की गई। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने ब्लड सेंटर की टीम का भी उपर्णा ओढ़ाकर स्वागत किया। ब्लड सेंटर के नोडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सरैया ने सभी उपस्थित लोगों को निस्वार्थ रक्तदान के लिए शपथ दिलाई। कार्यक्रम के अंत में, जनसंपर्क अधिकारी ने सभी रक्तदाताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- जोशी सोलर हब अडानी, वारी, टाटा और पैनासोनिक सहित सभी प्रमुख ब्रांडों के सोलर समाधान उपलब्ध करा रहा है। उनका लक्ष्य सोलर लगाकर बिजली के बिल को शून्य करना है। जोशी सोलर हब लोगों से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने और देश के हित में आगे बढ़ने के लिए संपर्क करने का आह्वान करता है। अधिक जानकारी के लिए 6377889877 पर संपर्क किया जा सकता है।4
- डूंगरपुर जिला पुलिस ने अपराधियों के प्रति अपनी "जीरो टॉलरेंस" नीति के तहत कार्रवाई करते हुए, गोठडा क्षेत्र में हुई एक "ब्लाइंड वारदात" का सनसनीखेज खुलासा किया है। जिला पुलिस की एक विशेष टीम ने त्वरित और अथक प्रयासों के बाद मामले के मुख्य आरोपी विनोद पुत्र बापू कनिपा को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया है। इस घटना में शामिल एक बाल अपचारी को भी कानून के दायरे में लेते हुए डिटेन किया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 29 मार्च की सुबह करीब 5 बजे की है। आसपुर थाना क्षेत्र के गोठडा डूंगरा फला निवासी प्रार्थी धुला पुत्र हकरु बारिया मीणा अपने दो छोटे बेटों के साथ भाटडा स्थित खेत में महुआ के फूल बीनने गए थे। इसी दौरान सुबह करीब 10 बजे मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए तीन अज्ञात बदमाशों ने प्रार्थी को जबरन पकड़ लिया और डरा-धमकाकर उसके हाथ में पहना हुआ करीब 20 तोला वजनी चांदी का डोला छीन लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित की रिपोर्ट पर आसपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर गहन अनुसंधान शुरू किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह के सुपरविजन और वृत्ताधिकारी प्रभुलाल कुमावत के कुशल निर्देशन में आसपुर थानाधिकारी मदनलाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आस-पास से तकनीकी साक्ष्य जुटाए, मुखबिरों को सक्रिय किया और विभिन्न मार्गों पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज और मुखबिर तंत्र से मिले हुलिए के आधार पर संदिग्धों की पहचान सुनिश्चित की गई। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी विनोद वारदात के बाद से ही अहमदाबाद में पहचान छुपाकर फरारी काट रहा है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने अहमदाबाद में दबिश देकर आरोपी विनोद को हिरासत में लिया और डूंगरपुर लाकर मनोवैज्ञानिक ढंग से पूछताछ की। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने 29 मार्च को अपने अन्य साथियों और बाल अपचारी के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी विनोद को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाल अपचारी को संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है। पुलिस अब वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और लूटे गए चांदी के आभूषणों की बरामदगी के संबंध में आगे की तफ्तीश कर रही है। इस पूरी अंधाधुंध लूट की गुत्थी को सुलझाने में आसपुर थानाधिकारी मदनलाल, हेड कांस्टेबल राकेश कुमार, कांस्टेबल कल्याण सिंह, श्रीधर, यशपाल सिंह, भागीरथ, विनोद कुमार तथा डूंगरपुर साइबर सेल के प्रभारी हेमेन्द्र सिंह, कांस्टेबल हंसराज सिंह और जितेन्द्र सिंह की सराहनीय और उल्लेखनीय भूमिका रही है। पुलिस अधीक्षक ने टीम के इस त्वरित कार्य की सराहना की है।1
- Post by Bapulal Ahari1
- सीमलवाड़ा के ग्राम पंचायत रतनपुरा में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव और पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा के बड़े भाई स्वर्गीय भगत कालूराम भगोरा की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। भगोरा परिवार द्वारा आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में देर रात से लेकर भोर तक भक्ति की रसधारा प्रवाहित हुई, जहाँ संगीतमय भजनों और गुरु महिमा के गुणगान से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा, और श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए। इस अवसर पर लसूडिया धाम के गादीपति परम पूज्य संत श्री महेंद्र दास जी महाराज और परम पूज्य विक्रम दास जी महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। स्वर्गीय कालूराम भगोरा के पुत्र प्रेमचंद भगोरा, रूपचंद भगोरा, विभीषण भगोरा और समस्त भगोरा परिवार की ओर से, ललित भगोरा, पूर्व प्रधान निमिषा भगोरा, बबली देवी भगोरा, सीता भगोरा सहित अन्य परिजनों ने पारंपरिक तरीके से फूल-मालाओं, तिलक, दीप प्रज्वलन और पद प्रक्षालन कर संतों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान गणपति की वंदना और गुरु पूजन के साथ हुई, जिसके बाद भजन मंडलियों ने गुरु महिमा, माता-पिता के सम्मान, धर्म, संस्कार और मानव जीवन की सार्थकता पर आधारित एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए। मधुर संगीत और भक्ति रस से ओत-प्रोत इन प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे, जिससे पूरा परिसर “जय गुरुदेव” के जयघोष से गूंज उठा। संत महेंद्र दास जी महाराज और विक्रम दास जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु ही जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं, और उनके ज्ञान तथा आशीर्वाद से व्यक्ति आध्यात्मिक व सामाजिक उन्नति प्राप्त करता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्म, सेवा, सदाचार और सत्संग के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने अपने स्वागत उद्बोधन में गुरु भक्ति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इसके बिना जीवन अधूरा और निरर्थक है। उन्होंने आज की युवा पीढ़ी को भक्ति और संस्कारों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया, तथा गांव-गांव में नियमित रूप से पूजा-पाठ, सत्संग और धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन का आह्वान किया। उन्होंने समाज में व्याप्त नशाखोरी और सामाजिक कुरीतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की अपील की और कहा कि गुरु महाराज के आशीर्वाद तथा धर्म जागरण के माध्यम से आदिवासी अंचल में नई चेतना का संचार किया जाएगा। इस भजन संध्या में धर्म और अध्यात्म के प्रति लोगों की गहरी आस्था दिखी, जहाँ महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक शंकरलाल अहारी, सरपंच सजू देवी भगोरा, गौतम महाराज, कांति महाराज, खाटूराम जी, शंभू महाराज, शंकर भाई महाराज, नानूराम जी, कचरा महाराज, अर्जुन भाई, सुरेश भोई, दिनेश आहारी, अनुराग भगोरा, प्रवीण पाटीदार, जगदीश पाटीदार, योगेश, देवा भाई, कांति भाई, विश्राम भाई भगोरा सहित क्षेत्र के अनेक धर्मप्रेमी एवं सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में पूर्व सरपंच और आयोजक प्रेमचंद भगोरा ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया, साथ ही धर्म और भक्ति की इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। भक्ति, श्रद्धा और गुरु महिमा से परिपूर्ण यह आयोजन क्षेत्र में आध्यात्मिक जागरण का संदेश देकर संपन्न हुआ।3
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा में कुआं थाना क्षेत्र के सालेड़ा गांव में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ट्रैक्टर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब चालक ने सड़क पर अचानक सामने आई गाय को बचाने की कोशिश की। इस प्रयास में ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे एक तालाब में पलट गई, जिससे चालक ट्रैक्टर के नीचे दब गया और उसकी जान चली गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया है। मृतक की पहचान सालेड़ा निवासी 49 वर्षीय गटु लाल पुत्र कालिया अहारी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, गटु लाल घरेलू उपयोग के लिए लकड़ियां लेकर गुलाबपुरा गए थे और वापस अपने गांव सालेड़ा लौट रहे थे। गमेला-भेंद्रा तालाब के पास एक गाय अचानक उनके ट्रैक्टर के सामने आ गई। गाय को बचाने के लिए उन्होंने ट्रैक्टर को मोड़ने का प्रयास किया, लेकिन वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क से उतरकर सीधे तालाब में गिरी और पलट गई। घटना के समय पीछे से आ रहे गांव के ही एक युवक ने यह सब अपनी आंखों से देखा और तत्काल मृतक के परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही मृतक के पुत्रों ने पंचायत प्रशासन और ग्रामीणों को घटना से अवगत कराया। सालेड़ा पंचायत के प्रशासक दिनेश डामोर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और कुआं थाना पुलिस का जाप्ता, जिसमें एएसआई अशोक कुमार पाटीदार, चौकी प्रभारी चिखली और कांस्टेबल चन्द्रवीर सिंह शामिल थे, घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से शव को तालाब से निकालकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुआं पहुंचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई की और शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के पुत्र थावरचंद की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने बताया कि गटु लाल अहारी एक मेहनतकश किसान थे और अपने पीछे पांच पुत्रों और एक पुत्री का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनमें से दो पुत्रों का विवाह हो चुका है। परिवार के मुखिया की अचानक हुई मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मौके पर सरपंच प्रतिनिधि रतनलाल अहारी, पूर्व उप प्रधान मणीलाल अहारी, कारीलाल डामोर, चम्पा डामोर, ईश्वरलाल अहारी, थावरचंद अहारी सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग भी की है।2