राजस्थान के डूंगरपुर में जिला पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली थाना पुलिस ने बीते 5 जून को हुई एक नकबजनी की वारदात का कुछ ही दिनों में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एक शातिर हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से चोरी की गई चांदी की चूड़ियां, पायजेब, सोने के झुमके और मोबाइल सहित पूरा माल बरामद कर लिया गया है। डूंगरपुर के पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत एक विशेष टीम गठित की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह राठौड़ और वृत्ताधिकारी पारसमल के मार्गदर्शन में, कोतवाली थानाधिकारी अजय सिंह राव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी प्रयास के तहत पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए शातिर अपराधी लोकेश उर्फ चौधरी निवासी भाटपुर फला हुकी बावड़ी को धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी थाना सदर का घोषित हिस्ट्रीशीटर है और एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले से ही लूट, चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 9 मामले दर्ज हैं। पुलिस पूछताछ में यह सामने आया है कि आरोपी अकेले ही घूमकर बंद पड़े मकानों की रेकी करता था और सूना मकान पाते ही बेहद कम समय में वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाता था। वह चोरी के माल को बेचकर अपने ऐश-ओ-आराम और शौक पूरे करता था। इस कार्रवाई की जानकारी कोतवाली थाना डूंगरपुर के एसआई रफीक मोहम्मद ने दी।
राजस्थान के डूंगरपुर में जिला पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली थाना पुलिस ने बीते 5 जून को हुई एक नकबजनी की वारदात का कुछ ही दिनों में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एक शातिर हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से चोरी की गई चांदी की चूड़ियां, पायजेब, सोने के झुमके और मोबाइल सहित पूरा माल बरामद कर लिया गया है। डूंगरपुर के पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत एक विशेष टीम गठित की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह राठौड़ और वृत्ताधिकारी पारसमल के मार्गदर्शन में, कोतवाली थानाधिकारी अजय सिंह राव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी प्रयास के तहत पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए शातिर अपराधी लोकेश उर्फ चौधरी निवासी भाटपुर फला हुकी बावड़ी को धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी थाना सदर का घोषित हिस्ट्रीशीटर है और एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले से ही लूट, चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 9 मामले दर्ज हैं। पुलिस पूछताछ में यह सामने आया है कि आरोपी अकेले ही घूमकर बंद पड़े मकानों की रेकी करता था और सूना मकान पाते ही बेहद कम समय में वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाता था। वह चोरी के माल को बेचकर अपने ऐश-ओ-आराम और शौक पूरे करता था। इस कार्रवाई की जानकारी कोतवाली थाना डूंगरपुर के एसआई रफीक मोहम्मद ने दी।
- राजस्थान के डूंगरपुर में जिला पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली थाना पुलिस ने बीते 5 जून को हुई एक नकबजनी की वारदात का कुछ ही दिनों में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एक शातिर हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से चोरी की गई चांदी की चूड़ियां, पायजेब, सोने के झुमके और मोबाइल सहित पूरा माल बरामद कर लिया गया है। डूंगरपुर के पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत एक विशेष टीम गठित की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह राठौड़ और वृत्ताधिकारी पारसमल के मार्गदर्शन में, कोतवाली थानाधिकारी अजय सिंह राव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी प्रयास के तहत पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए शातिर अपराधी लोकेश उर्फ चौधरी निवासी भाटपुर फला हुकी बावड़ी को धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी थाना सदर का घोषित हिस्ट्रीशीटर है और एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले से ही लूट, चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 9 मामले दर्ज हैं। पुलिस पूछताछ में यह सामने आया है कि आरोपी अकेले ही घूमकर बंद पड़े मकानों की रेकी करता था और सूना मकान पाते ही बेहद कम समय में वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाता था। वह चोरी के माल को बेचकर अपने ऐश-ओ-आराम और शौक पूरे करता था। इस कार्रवाई की जानकारी कोतवाली थाना डूंगरपुर के एसआई रफीक मोहम्मद ने दी।1
- डूंगरपुर जिला अस्पताल के सेमिनार हॉल में 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ब्लड सेंटर सामान्य चिकित्सालय और रेड क्रॉस सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें स्वयं सेवी संस्थाओं, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों, सभी एनजीओ तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महेंद्र डामोर ने की, जबकि इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के डॉ. दलजीत यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर शिशु विशेषज्ञ डॉ. नीलेश गोटी और नेत्र विशेषज्ञ डॉ. भाविन रोट ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ब्लड सेंटर के नोडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सरैया, ब्लड सेंटर के प्रभारी मोहनलाल यादव और जनसंपर्क अधिकारी खुमानसिंह चौहान ने अतिथियों का उपर्णा ओढ़ाकर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से रक्तदान के महत्व और इसकी आवश्यकता पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। मुख्य अतिथि डॉ. दलजीत यादव ने अपने संबोधन में रक्तदान को हमारा धर्म, कर्म और फर्ज बताया, वहीं अध्यक्ष डॉ. महेंद्र डामोर ने इसे हमारी नैतिक जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व करार दिया। इस खास मौके पर जिले के सर्वाधिक रक्तदाताओं में हर्षवर्धन जैन, मोहन कोटेड और नूर मकरानी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन सामान्य चिकित्सालय डूंगरपुर के नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ ने किया, जबकि प्रोजेक्टर सेवा अमित सैनी द्वारा प्रदान की गई। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने ब्लड सेंटर की टीम का भी उपर्णा ओढ़ाकर स्वागत किया। ब्लड सेंटर के नोडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सरैया ने सभी उपस्थित लोगों को निस्वार्थ रक्तदान के लिए शपथ दिलाई। कार्यक्रम के अंत में, जनसंपर्क अधिकारी ने सभी रक्तदाताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- जोशी सोलर हब अडानी, वारी, टाटा और पैनासोनिक सहित सभी प्रमुख ब्रांडों के सोलर समाधान उपलब्ध करा रहा है। उनका लक्ष्य सोलर लगाकर बिजली के बिल को शून्य करना है। जोशी सोलर हब लोगों से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने और देश के हित में आगे बढ़ने के लिए संपर्क करने का आह्वान करता है। अधिक जानकारी के लिए 6377889877 पर संपर्क किया जा सकता है।4
- डूंगरपुर जिले में झूठे मुकदमों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, धम्बोला थाना क्षेत्र के एक मामले में न्यायालय ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता पर ₹4000 का जुर्माना लगाया है। इसे जिले में इस प्रकार की पहली दंडात्मक कार्रवाई माना जा रहा है। यह मामला पाडलिया निवासी राजेन्द्र कुमार रोत से संबंधित है, जिन्होंने 3 मार्च 2026 को होली के दौरान गांव के होली चौक में मारपीट, पत्थरबाजी और तलवार लेकर धमकाने का आरोप लगाते हुए एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। धम्बोला थाना पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें प्रार्थी, गवाहों के बयान, घटनास्थल निरीक्षण और अन्य साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया गया। पुलिस जांच में यह सामने आया कि शिकायत के आरोप तथ्यहीन और मिथ्या थे। जांच से स्पष्ट हुआ कि शिकायतकर्ता ने संबंधित व्यक्तियों को परेशान करने और कानूनी कार्रवाई में उलझाने के उद्देश्य से जानबूझकर झूठी सूचना दी थी। इसके बाद, पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के आदेश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और सीमलवाड़ा वृत्ताधिकारी मदनलाल बिश्नोई के सुपरविजन में धम्बोला थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 एवं 248 के तहत न्यायालय में इस्तगासा पेश किया। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने शिकायतकर्ता को दोषी मानते हुए उस पर ₹4000 का जुर्माना लगाया। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने इस कार्रवाई पर जोर देते हुए कहा कि जिले में 100 से अधिक झूठे प्रकरणों की पहचान की जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- Post by Bapulal Ahari1
- डूंगरपुर जिला अस्पताल के सेमिनार हॉल में 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन ब्लड सेंटर सामान्य चिकित्सालय एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के संयुक्त तत्वाधान में हुआ, जिसमें स्वयंसेवी संस्थाओं, धार्मिक, सामाजिक संगठनों, सभी गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) तथा अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महेंद्र डामोर ने की, जबकि इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के डॉ. दलजीत यादव मुख्य अतिथि रहे। शिशु विशेषज्ञ डॉ. नीलेश गोटी और नेत्र विशेषज्ञ डॉ. भाविन रोट भी इस अवसर पर मौजूद थे। ब्लड सेंटर के नोडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सरैया, ब्लड सेंटर के प्रभारी मोहनलाल यादव और जनसंपर्क अधिकारी खुमानसिंह चौहान ने उपर्णा ओढ़ाकर अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से रक्तदान के महत्व और आवश्यकता पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। मुख्य अतिथि डॉ. दलजीत यादव ने रक्तदान को हमारा 'धर्म, कर्म एवं फर्ज' बताया, वहीं अध्यक्ष डॉ. महेंद्र डामोर ने इसे 'धर्म, नैतिक जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व' करार दिया। कार्यक्रम में जिले के सर्वाधिक रक्तदाताओं - हर्षवर्धन जैन, मोहन कोटेड और नूर मकरानी को सम्मानित किया गया। मंच संचालन सामान्य चिकित्सालय डूंगरपुर के नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ ने किया, जबकि अमित सेनी ने प्रोजेक्टर पर अपनी सेवाएं दीं। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने ब्लड सेंटर की टीम को भी उपर्णा ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में, ब्लड सेंटर के नोडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सरैया ने सभी उपस्थित लोगों को निस्वार्थ रक्तदान की शपथ दिलाई। जनसंपर्क अधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी रक्तदाताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा में कुआं थाना क्षेत्र के सालेड़ा गांव में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ट्रैक्टर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब चालक ने सड़क पर अचानक सामने आई गाय को बचाने की कोशिश की। इस प्रयास में ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे एक तालाब में पलट गई, जिससे चालक ट्रैक्टर के नीचे दब गया और उसकी जान चली गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया है। मृतक की पहचान सालेड़ा निवासी 49 वर्षीय गटु लाल पुत्र कालिया अहारी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, गटु लाल घरेलू उपयोग के लिए लकड़ियां लेकर गुलाबपुरा गए थे और वापस अपने गांव सालेड़ा लौट रहे थे। गमेला-भेंद्रा तालाब के पास एक गाय अचानक उनके ट्रैक्टर के सामने आ गई। गाय को बचाने के लिए उन्होंने ट्रैक्टर को मोड़ने का प्रयास किया, लेकिन वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क से उतरकर सीधे तालाब में गिरी और पलट गई। घटना के समय पीछे से आ रहे गांव के ही एक युवक ने यह सब अपनी आंखों से देखा और तत्काल मृतक के परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही मृतक के पुत्रों ने पंचायत प्रशासन और ग्रामीणों को घटना से अवगत कराया। सालेड़ा पंचायत के प्रशासक दिनेश डामोर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और कुआं थाना पुलिस का जाप्ता, जिसमें एएसआई अशोक कुमार पाटीदार, चौकी प्रभारी चिखली और कांस्टेबल चन्द्रवीर सिंह शामिल थे, घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से शव को तालाब से निकालकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुआं पहुंचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई की और शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के पुत्र थावरचंद की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने बताया कि गटु लाल अहारी एक मेहनतकश किसान थे और अपने पीछे पांच पुत्रों और एक पुत्री का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनमें से दो पुत्रों का विवाह हो चुका है। परिवार के मुखिया की अचानक हुई मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मौके पर सरपंच प्रतिनिधि रतनलाल अहारी, पूर्व उप प्रधान मणीलाल अहारी, कारीलाल डामोर, चम्पा डामोर, ईश्वरलाल अहारी, थावरचंद अहारी सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग भी की है।2