डूंगरपुर जिला अस्पताल के सेमिनार हॉल में 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन ब्लड सेंटर सामान्य चिकित्सालय एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के संयुक्त तत्वाधान में हुआ, जिसमें स्वयंसेवी संस्थाओं, धार्मिक, सामाजिक संगठनों, सभी गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) तथा अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महेंद्र डामोर ने की, जबकि इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के डॉ. दलजीत यादव मुख्य अतिथि रहे। शिशु विशेषज्ञ डॉ. नीलेश गोटी और नेत्र विशेषज्ञ डॉ. भाविन रोट भी इस अवसर पर मौजूद थे। ब्लड सेंटर के नोडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सरैया, ब्लड सेंटर के प्रभारी मोहनलाल यादव और जनसंपर्क अधिकारी खुमानसिंह चौहान ने उपर्णा ओढ़ाकर अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से रक्तदान के महत्व और आवश्यकता पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। मुख्य अतिथि डॉ. दलजीत यादव ने रक्तदान को हमारा 'धर्म, कर्म एवं फर्ज' बताया, वहीं अध्यक्ष डॉ. महेंद्र डामोर ने इसे 'धर्म, नैतिक जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व' करार दिया। कार्यक्रम में जिले के सर्वाधिक रक्तदाताओं - हर्षवर्धन जैन, मोहन कोटेड और नूर मकरानी को सम्मानित किया गया। मंच संचालन सामान्य चिकित्सालय डूंगरपुर के नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ ने किया, जबकि अमित सेनी ने प्रोजेक्टर पर अपनी सेवाएं दीं। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने ब्लड सेंटर की टीम को भी उपर्णा ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में, ब्लड सेंटर के नोडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सरैया ने सभी उपस्थित लोगों को निस्वार्थ रक्तदान की शपथ दिलाई। जनसंपर्क अधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी रक्तदाताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
डूंगरपुर जिला अस्पताल के सेमिनार हॉल में 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन ब्लड सेंटर सामान्य चिकित्सालय एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के संयुक्त तत्वाधान में हुआ, जिसमें स्वयंसेवी संस्थाओं, धार्मिक, सामाजिक संगठनों, सभी गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) तथा अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महेंद्र डामोर ने की, जबकि इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के डॉ. दलजीत यादव मुख्य अतिथि रहे। शिशु विशेषज्ञ डॉ. नीलेश गोटी और नेत्र विशेषज्ञ डॉ. भाविन रोट भी इस अवसर पर मौजूद थे। ब्लड सेंटर के नोडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सरैया, ब्लड सेंटर के प्रभारी मोहनलाल यादव और जनसंपर्क अधिकारी खुमानसिंह चौहान ने उपर्णा ओढ़ाकर अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से रक्तदान के महत्व और आवश्यकता पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। मुख्य अतिथि डॉ. दलजीत यादव ने रक्तदान को हमारा 'धर्म, कर्म एवं फर्ज' बताया, वहीं अध्यक्ष डॉ. महेंद्र डामोर ने इसे 'धर्म, नैतिक जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व' करार दिया। कार्यक्रम में जिले के सर्वाधिक रक्तदाताओं - हर्षवर्धन जैन, मोहन कोटेड और नूर मकरानी को सम्मानित किया गया। मंच संचालन सामान्य चिकित्सालय डूंगरपुर के नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ ने किया, जबकि अमित सेनी ने प्रोजेक्टर पर अपनी सेवाएं दीं। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने ब्लड सेंटर की टीम को भी उपर्णा ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में, ब्लड सेंटर के नोडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सरैया ने सभी उपस्थित लोगों को निस्वार्थ रक्तदान की शपथ दिलाई। जनसंपर्क अधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी रक्तदाताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
- भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक प्रत्याशी बंशीलाल कटारा ने राजस्थान सरकार के सामाजिक कल्याण विभाग के कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत को पत्र लिखकर डूंगरपुर जिले में 'दिव्यांगजन स्कूटी योजना' के तहत आवंटित स्कूटियों का कोटा बढ़ाने की आधिकारिक मांग की है। उन्होंने क्षेत्र की विषम भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष में इस कोटे को बढ़ाकर 200 से 250 करने का आग्रह किया है। भाजपा नेता बंशीलाल कटारा ने अपने पत्र में कैबिनेट मंत्री को बताया कि डूंगरपुर जिले की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति और दिव्यांगों की व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए वर्तमान निर्धारित कोटा बेहद कम है। उन्होंने जानकारी दी कि विगत वित्तीय वर्ष 2025-2026 में सरकार द्वारा डूंगरपुर जिले के लिए केवल 45 स्कूटियों का लक्ष्य रखा गया था, जबकि इसके विपरीत जिले से लगभग 500 दिव्यांगजनों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इस बेहद कम लक्ष्य के कारण सैकड़ों पात्र और जरूरतमंद दिव्यांगजन इस महत्वाकांक्षी योजना के लाभ से पूरी तरह वंचित रह गए, जिससे उन्हें भारी निराशा हुई। 'आपणो संस्थान राजस्थान' एवं समस्त जिलावासियों की ओर से कटारा ने कैबिनेट मंत्री से सहृदय प्रार्थना करते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-2027 में डूंगरपुर के लिए विशेष राहत देने की वकालत की है। उन्होंने मांग की है कि लंबित आवेदनों की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए इस बार जिले का कोटा कम से कम 200 से 250 किया जाए, ताकि पिछले वर्ष वंचित रहे पात्र आवेदकों को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित कर स्वावलंबन की राह दिखाई जा सके। कटारा ने उम्मीद जताई है कि संवेदनशील राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सुलभ आवागमन से जुड़ी इस गंभीर समस्या पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेगी।1
- सीमलवाड़ा के ग्राम पंचायत रतनपुरा में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव और पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा के बड़े भाई स्वर्गीय भगत कालूराम भगोरा की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। भगोरा परिवार द्वारा आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में देर रात से लेकर भोर तक भक्ति की रसधारा प्रवाहित हुई, जहाँ संगीतमय भजनों और गुरु महिमा के गुणगान से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा, और श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए। इस अवसर पर लसूडिया धाम के गादीपति परम पूज्य संत श्री महेंद्र दास जी महाराज और परम पूज्य विक्रम दास जी महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। स्वर्गीय कालूराम भगोरा के पुत्र प्रेमचंद भगोरा, रूपचंद भगोरा, विभीषण भगोरा और समस्त भगोरा परिवार की ओर से, ललित भगोरा, पूर्व प्रधान निमिषा भगोरा, बबली देवी भगोरा, सीता भगोरा सहित अन्य परिजनों ने पारंपरिक तरीके से फूल-मालाओं, तिलक, दीप प्रज्वलन और पद प्रक्षालन कर संतों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान गणपति की वंदना और गुरु पूजन के साथ हुई, जिसके बाद भजन मंडलियों ने गुरु महिमा, माता-पिता के सम्मान, धर्म, संस्कार और मानव जीवन की सार्थकता पर आधारित एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए। मधुर संगीत और भक्ति रस से ओत-प्रोत इन प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे, जिससे पूरा परिसर “जय गुरुदेव” के जयघोष से गूंज उठा। संत महेंद्र दास जी महाराज और विक्रम दास जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु ही जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं, और उनके ज्ञान तथा आशीर्वाद से व्यक्ति आध्यात्मिक व सामाजिक उन्नति प्राप्त करता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्म, सेवा, सदाचार और सत्संग के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने अपने स्वागत उद्बोधन में गुरु भक्ति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इसके बिना जीवन अधूरा और निरर्थक है। उन्होंने आज की युवा पीढ़ी को भक्ति और संस्कारों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया, तथा गांव-गांव में नियमित रूप से पूजा-पाठ, सत्संग और धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन का आह्वान किया। उन्होंने समाज में व्याप्त नशाखोरी और सामाजिक कुरीतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की अपील की और कहा कि गुरु महाराज के आशीर्वाद तथा धर्म जागरण के माध्यम से आदिवासी अंचल में नई चेतना का संचार किया जाएगा। इस भजन संध्या में धर्म और अध्यात्म के प्रति लोगों की गहरी आस्था दिखी, जहाँ महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक शंकरलाल अहारी, सरपंच सजू देवी भगोरा, गौतम महाराज, कांति महाराज, खाटूराम जी, शंभू महाराज, शंकर भाई महाराज, नानूराम जी, कचरा महाराज, अर्जुन भाई, सुरेश भोई, दिनेश आहारी, अनुराग भगोरा, प्रवीण पाटीदार, जगदीश पाटीदार, योगेश, देवा भाई, कांति भाई, विश्राम भाई भगोरा सहित क्षेत्र के अनेक धर्मप्रेमी एवं सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में पूर्व सरपंच और आयोजक प्रेमचंद भगोरा ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया, साथ ही धर्म और भक्ति की इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। भक्ति, श्रद्धा और गुरु महिमा से परिपूर्ण यह आयोजन क्षेत्र में आध्यात्मिक जागरण का संदेश देकर संपन्न हुआ।3
- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा के बड़े भाई स्वर्गीय भगत कालूराम भगोरा की प्रथम पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में ग्राम पंचायत रतनपुरा स्थित उनके निवास पर एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। प्रेमचंद भगोरा, रूपचंद भगोरा, विभीषण भगोरा और भगोरा परिवार द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम संत श्री सुरमाल दास जी महाराज लसूडिया धाम के गादीपति परम पूज्य गुरुदेव महेंद्र दास जी महाराज एवं परम पूज्य गुरुदेव विक्रम दास जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर लख चौरासी क्षेत्र के धूणीधारी, महंत, भक्तजन, मेट, कोतवाल और धर्मप्रेमी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूर्व विधायक शंकरलाल अहारी, सरपंच सजू देवी भगोरा, ओबीसी प्रदेश सचिव सुरेश भोई, दिनेश आहारी तथा गौतम महाराज, कांति महाराज, खाटूराम, शंभू महाराज, शंकर महाराज, नानूराम, कचरा महाराज, अर्जुन भाई जैसे अनेक गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। भजन संध्या की शुरुआत भगोरा परिवार द्वारा संतों के स्वागत से हुई, जहाँ स्वर्गीय भगत कालूराम भगोरा की पुत्रवधू ललिता भगोरा, पूर्व प्रधान निमिषा भगोरा, बबली देवी भगोरा, सीता भगora एवं अन्य परिजनों ने पुष्पमाला, पद प्रक्षालन, तिलक एवं दीप प्रज्वलन के साथ संतों की अगवानी की। इसके उपरांत भगवान गणपति की आरती एवं गुरु चरणों में पूजा-अर्चना कर भजन संध्या का विधिवत शुभारंभ किया गया। संगीतमय भजनों में गुरु महिमा, माता-पिता के संस्कार एवं धर्म के महत्व का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिससे देर रात तक वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस अवसर पर संत महेंद्र दास महाराज एवं विक्रम दास महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए गुरु भक्ति को जीवन का आधार बताया। पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने अपने स्वागत उद्बोधन में स्पष्ट किया कि गुरु की भक्ति के बिना जीवन निरर्थक है। उन्होंने युवाओं को भक्ति और संस्कारों से जोड़ने के लिए नियमित पूजा-पाठ एवं धार्मिक आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही, उन्होंने समाज में नशाबंदी और मांसाहार छोड़कर जागरूकता लाने का भी आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में, पूर्व सरपंच भगत प्रेमचंद भगोरा ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।1
- डूंगरपुर के आसपुर में रविवार को श्री जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ के तत्वावधान में 40 जैन मुनियों और साध्वी भगवंतों का गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया गया। पूंजपुर से विहार कर आसपुर पहुंचे इन संतों के टोकवासा मोड़ पर पहुंचते ही जयकारे गूंज उठे, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर परम पूज्य आचार्य श्री हेमप्रभसूरीश्वरजी महाराज सा के सुशिष्यरत्न प्रवर्तक मुनिराज, श्री बोधीप्रभ विजयजी, म.सा. और प्रवचनकार गणिवर्य श्री निर्मोहप्रभ विजयजी, म.सा. सहित वर्धमान तपोनिधि प.पू. साध्वी श्री अरिहंतप्रभाश्रीजी म.सा. और प.पू. साध्वी श्री सिद्धप्रभाश्रीजी म.सा. आदि कुल 33 साधु-साध्वी भगवंतों सहित 40 संतों का अक्षत गवली से अभिनंदन किया गया। इसके बाद, गाजे-बाजे के साथ उन्हें मंदिर तक लाया गया, जहाँ रास्ते भर सर्व समाज के लोगों ने जगह-जगह फूल बरसाकर उनका अभिनंदन किया। मंदिर पहुँचने के बाद, मुनियों ने पूजा-अर्चना की और समाजजनों को अपने प्रवचनों से लाभान्वित किया। इस मंगल अवसर पर श्री संघ के अध्यक्ष संतोष सेमलावत, महिला मंडल अध्यक्ष संगीता बैन, विहार सेवक जेकी सेमलावत, अखिल सुरावत, गगन भमावत, मिथुन कोठारी, महेंद्र सेमलावत, श्रीपाल सेमलावत, संजय भमावत, अशोक भमावत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- Post by Bapulal Ahari1
- उदयपुर ज़िले के झाड़ोल थाना क्षेत्र के वाड़द गांव में एक विवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कुएं में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह विवाहिता पिछले तीन दिनों से लापता थी, जिसकी जानकारी मिलने के बाद से पुलिस मामले की जाँच में जुटी हुई है। मृतका की उम्र करीब 45 वर्ष बताई जा रही है। मृतका के पति शंकर लाल खराड़ी ने बताया कि उनकी पत्नी घर से राशन के लिए गेहूं लेने जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन फिर वापस नहीं लौटी। झाड़ोल उप प्रधान मोहब्बत सिंह राणावत ने जानकारी दी कि रविवार को गांव के एक कुएं में महिला का शव दिखाई देने पर ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलने पर झाड़ोल पुलिस मौके पर पहुँची और ग्रामीणों की सहायता से शव को कुएं से बाहर निकलवाया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए झाड़ोल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। इसके साथ ही, पुलिस ने मृतका के पीहर पक्ष को नला गांव में भी सूचना दे दी है। पुलिस फिलहाल मामले की जाँच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही विवाहिता की मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो पाएगा। इस घटना को लेकर क्षेत्र में विभिन्न तरह की चर्चाएँ बनी हुई हैं।1
- डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र के ओडा बडा गांव में हुए चर्चित हत्याकांड के मामले में पुलिस ने करीब एक महीने से फरार चल रहे आठवें वांछित आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया है। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार द्वारा अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन शिकंजा" के तहत यह बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 8 मई 2026 का है, जब ओडा बडा निवासी रामा डामोर ने बिछीवाड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि घटना के दिन प्रार्थी, उसका पुत्र तेजराम और पत्नी कावी घर पर काम कर रहे थे। उसी दौरान शाम करीब 6 बजे आरोपी सुरेश डामोर, नरेश डामोर, आशीष, प्रकाश, अंकित, गणेश, जयेश, रोहित वरहात और कुछ अन्य लोग मोटरसाइकिलों पर लोहे की पाइप, चैन और लाठियों से लैस होकर आए। उन्होंने घर के आंगन में घुसकर तेजराम पर जानलेवा हमला कर दिया, तथा बीच-बचाव करने आए माता-पिता के साथ भी मारपीट की। गंभीर रूप से घायल तेजराम को पहले डूंगरपुर के सरकारी अस्पताल और फिर हालत गंभीर होने पर उदयपुर रेफर किया गया, जहां 22 मई 2026 को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह के निर्देशन और वृत्ताधिकारी पारस के सुपरविजन में थानाधिकारी कैलाशचन्द्र सोनी के नेतृत्व वाली टीम ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को गुजरात के विशनगर से डिटेन किया, जिसे पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस पहले ही सात आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त लाठी और चैन बरामद कर चुकी है। घटना के बाद से अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगभग एक माह से फरार चल रहे वांछित आरोपी विपुल पुत्र रूपलाल वरहात, निवासी झिंझवा थाना बिछीवाड़ा को पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद गुजरात से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। इस सराहनीय कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में एसएचओ कैलाशचन्द्र सोनी के साथ हेड कांस्टेबल सुनील कुमार, कांस्टेबल कुन्दनसिंह, विनोद कुमार और फतहलाल शामिल रहे।1
- विद्युत विभाग ने घोषणा की है कि 33 केवी पीठ लाइन पर आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते सोमवार, 15 जून को क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति प्रभावित रहेगी। सहायक अभियंता हर्षद पंचाल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह आपूर्ति सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक, यानी कुल छह घंटे के लिए बंद रहेगी। इस रखरखाव कार्य के कारण, 33 केवी पीठ लाइन से जुड़े 33/11 केवी सरथुना और बंदेला जीएसएस की बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इसके साथ ही, 33/11 केवी पीठ जीएसएस से संबंधित 11 केवी भण्डारी एवं सीएनजी फीडर की विद्युत आपूर्ति भी इसी निर्धारित अवधि तक प्रभावित होगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस दौरान अपने आवश्यक कार्यों को पहले ही पूरा कर लें और विद्युत विभाग के इस कार्य में सहयोग बनाए रखें।2
- Post by Bapulal Ahari1