उदयपुर ज़िले के झाड़ोल थाना क्षेत्र के वाड़द गांव में एक विवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कुएं में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह विवाहिता पिछले तीन दिनों से लापता थी, जिसकी जानकारी मिलने के बाद से पुलिस मामले की जाँच में जुटी हुई है। मृतका की उम्र करीब 45 वर्ष बताई जा रही है। मृतका के पति शंकर लाल खराड़ी ने बताया कि उनकी पत्नी घर से राशन के लिए गेहूं लेने जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन फिर वापस नहीं लौटी। झाड़ोल उप प्रधान मोहब्बत सिंह राणावत ने जानकारी दी कि रविवार को गांव के एक कुएं में महिला का शव दिखाई देने पर ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलने पर झाड़ोल पुलिस मौके पर पहुँची और ग्रामीणों की सहायता से शव को कुएं से बाहर निकलवाया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए झाड़ोल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। इसके साथ ही, पुलिस ने मृतका के पीहर पक्ष को नला गांव में भी सूचना दे दी है। पुलिस फिलहाल मामले की जाँच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही विवाहिता की मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो पाएगा। इस घटना को लेकर क्षेत्र में विभिन्न तरह की चर्चाएँ बनी हुई हैं।
उदयपुर ज़िले के झाड़ोल थाना क्षेत्र के वाड़द गांव में एक विवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कुएं में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह विवाहिता पिछले तीन दिनों से लापता थी, जिसकी जानकारी मिलने के बाद से पुलिस मामले की जाँच में जुटी हुई है। मृतका की उम्र करीब 45 वर्ष बताई जा रही है। मृतका के पति शंकर लाल खराड़ी ने बताया कि उनकी पत्नी घर से राशन के लिए गेहूं लेने जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन फिर वापस नहीं लौटी। झाड़ोल उप प्रधान मोहब्बत सिंह राणावत ने जानकारी दी कि रविवार को गांव के एक कुएं में महिला का शव दिखाई देने पर ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलने पर झाड़ोल पुलिस मौके पर पहुँची और ग्रामीणों की सहायता से शव को कुएं से बाहर निकलवाया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए झाड़ोल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। इसके साथ ही, पुलिस ने मृतका के पीहर पक्ष को नला गांव में भी सूचना दे दी है। पुलिस फिलहाल मामले की जाँच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही विवाहिता की मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो पाएगा। इस घटना को लेकर क्षेत्र में विभिन्न तरह की चर्चाएँ बनी हुई हैं।
- उदयपुर ज़िले के झाड़ोल थाना क्षेत्र के वाड़द गांव में एक विवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कुएं में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह विवाहिता पिछले तीन दिनों से लापता थी, जिसकी जानकारी मिलने के बाद से पुलिस मामले की जाँच में जुटी हुई है। मृतका की उम्र करीब 45 वर्ष बताई जा रही है। मृतका के पति शंकर लाल खराड़ी ने बताया कि उनकी पत्नी घर से राशन के लिए गेहूं लेने जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन फिर वापस नहीं लौटी। झाड़ोल उप प्रधान मोहब्बत सिंह राणावत ने जानकारी दी कि रविवार को गांव के एक कुएं में महिला का शव दिखाई देने पर ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलने पर झाड़ोल पुलिस मौके पर पहुँची और ग्रामीणों की सहायता से शव को कुएं से बाहर निकलवाया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए झाड़ोल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। इसके साथ ही, पुलिस ने मृतका के पीहर पक्ष को नला गांव में भी सूचना दे दी है। पुलिस फिलहाल मामले की जाँच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही विवाहिता की मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो पाएगा। इस घटना को लेकर क्षेत्र में विभिन्न तरह की चर्चाएँ बनी हुई हैं।1
- डूंगरपुर जिला अस्पताल के सेमिनार हॉल में 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ब्लड सेंटर सामान्य चिकित्सालय और रेड क्रॉस सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें स्वयं सेवी संस्थाओं, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों, सभी एनजीओ तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महेंद्र डामोर ने की, जबकि इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के डॉ. दलजीत यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर शिशु विशेषज्ञ डॉ. नीलेश गोटी और नेत्र विशेषज्ञ डॉ. भाविन रोट ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ब्लड सेंटर के नोडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सरैया, ब्लड सेंटर के प्रभारी मोहनलाल यादव और जनसंपर्क अधिकारी खुमानसिंह चौहान ने अतिथियों का उपर्णा ओढ़ाकर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से रक्तदान के महत्व और इसकी आवश्यकता पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। मुख्य अतिथि डॉ. दलजीत यादव ने अपने संबोधन में रक्तदान को हमारा धर्म, कर्म और फर्ज बताया, वहीं अध्यक्ष डॉ. महेंद्र डामोर ने इसे हमारी नैतिक जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व करार दिया। इस खास मौके पर जिले के सर्वाधिक रक्तदाताओं में हर्षवर्धन जैन, मोहन कोटेड और नूर मकरानी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन सामान्य चिकित्सालय डूंगरपुर के नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ ने किया, जबकि प्रोजेक्टर सेवा अमित सैनी द्वारा प्रदान की गई। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने ब्लड सेंटर की टीम का भी उपर्णा ओढ़ाकर स्वागत किया। ब्लड सेंटर के नोडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सरैया ने सभी उपस्थित लोगों को निस्वार्थ रक्तदान के लिए शपथ दिलाई। कार्यक्रम के अंत में, जनसंपर्क अधिकारी ने सभी रक्तदाताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- डूंगरपुर जिला अस्पताल के सेमिनार हॉल में 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन ब्लड सेंटर सामान्य चिकित्सालय एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के संयुक्त तत्वाधान में हुआ, जिसमें स्वयंसेवी संस्थाओं, धार्मिक, सामाजिक संगठनों, सभी गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) तथा अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महेंद्र डामोर ने की, जबकि इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के डॉ. दलजीत यादव मुख्य अतिथि रहे। शिशु विशेषज्ञ डॉ. नीलेश गोटी और नेत्र विशेषज्ञ डॉ. भाविन रोट भी इस अवसर पर मौजूद थे। ब्लड सेंटर के नोडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सरैया, ब्लड सेंटर के प्रभारी मोहनलाल यादव और जनसंपर्क अधिकारी खुमानसिंह चौहान ने उपर्णा ओढ़ाकर अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से रक्तदान के महत्व और आवश्यकता पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। मुख्य अतिथि डॉ. दलजीत यादव ने रक्तदान को हमारा 'धर्म, कर्म एवं फर्ज' बताया, वहीं अध्यक्ष डॉ. महेंद्र डामोर ने इसे 'धर्म, नैतिक जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व' करार दिया। कार्यक्रम में जिले के सर्वाधिक रक्तदाताओं - हर्षवर्धन जैन, मोहन कोटेड और नूर मकरानी को सम्मानित किया गया। मंच संचालन सामान्य चिकित्सालय डूंगरपुर के नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ ने किया, जबकि अमित सेनी ने प्रोजेक्टर पर अपनी सेवाएं दीं। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने ब्लड सेंटर की टीम को भी उपर्णा ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में, ब्लड सेंटर के नोडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सरैया ने सभी उपस्थित लोगों को निस्वार्थ रक्तदान की शपथ दिलाई। जनसंपर्क अधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी रक्तदाताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- जोशी सोलर हब अडानी, वारी, टाटा और पैनासोनिक सहित सभी प्रमुख ब्रांडों के सोलर समाधान उपलब्ध करा रहा है। उनका लक्ष्य सोलर लगाकर बिजली के बिल को शून्य करना है। जोशी सोलर हब लोगों से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने और देश के हित में आगे बढ़ने के लिए संपर्क करने का आह्वान करता है। अधिक जानकारी के लिए 6377889877 पर संपर्क किया जा सकता है।4
- डूंगरपुर जिला पुलिस ने अपराधियों के प्रति अपनी "जीरो टॉलरेंस" नीति के तहत कार्रवाई करते हुए, गोठडा क्षेत्र में हुई एक "ब्लाइंड वारदात" का सनसनीखेज खुलासा किया है। जिला पुलिस की एक विशेष टीम ने त्वरित और अथक प्रयासों के बाद मामले के मुख्य आरोपी विनोद पुत्र बापू कनिपा को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया है। इस घटना में शामिल एक बाल अपचारी को भी कानून के दायरे में लेते हुए डिटेन किया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 29 मार्च की सुबह करीब 5 बजे की है। आसपुर थाना क्षेत्र के गोठडा डूंगरा फला निवासी प्रार्थी धुला पुत्र हकरु बारिया मीणा अपने दो छोटे बेटों के साथ भाटडा स्थित खेत में महुआ के फूल बीनने गए थे। इसी दौरान सुबह करीब 10 बजे मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए तीन अज्ञात बदमाशों ने प्रार्थी को जबरन पकड़ लिया और डरा-धमकाकर उसके हाथ में पहना हुआ करीब 20 तोला वजनी चांदी का डोला छीन लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित की रिपोर्ट पर आसपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर गहन अनुसंधान शुरू किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह के सुपरविजन और वृत्ताधिकारी प्रभुलाल कुमावत के कुशल निर्देशन में आसपुर थानाधिकारी मदनलाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आस-पास से तकनीकी साक्ष्य जुटाए, मुखबिरों को सक्रिय किया और विभिन्न मार्गों पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज और मुखबिर तंत्र से मिले हुलिए के आधार पर संदिग्धों की पहचान सुनिश्चित की गई। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी विनोद वारदात के बाद से ही अहमदाबाद में पहचान छुपाकर फरारी काट रहा है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने अहमदाबाद में दबिश देकर आरोपी विनोद को हिरासत में लिया और डूंगरपुर लाकर मनोवैज्ञानिक ढंग से पूछताछ की। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने 29 मार्च को अपने अन्य साथियों और बाल अपचारी के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी विनोद को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाल अपचारी को संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है। पुलिस अब वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और लूटे गए चांदी के आभूषणों की बरामदगी के संबंध में आगे की तफ्तीश कर रही है। इस पूरी अंधाधुंध लूट की गुत्थी को सुलझाने में आसपुर थानाधिकारी मदनलाल, हेड कांस्टेबल राकेश कुमार, कांस्टेबल कल्याण सिंह, श्रीधर, यशपाल सिंह, भागीरथ, विनोद कुमार तथा डूंगरपुर साइबर सेल के प्रभारी हेमेन्द्र सिंह, कांस्टेबल हंसराज सिंह और जितेन्द्र सिंह की सराहनीय और उल्लेखनीय भूमिका रही है। पुलिस अधीक्षक ने टीम के इस त्वरित कार्य की सराहना की है।1
- भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक प्रत्याशी बंशीलाल कटारा ने राजस्थान सरकार के सामाजिक कल्याण विभाग के कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत को पत्र लिखकर डूंगरपुर जिले में 'दिव्यांगजन स्कूटी योजना' के तहत आवंटित स्कूटियों का कोटा बढ़ाने की आधिकारिक मांग की है। उन्होंने क्षेत्र की विषम भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष में इस कोटे को बढ़ाकर 200 से 250 करने का आग्रह किया है। भाजपा नेता बंशीलाल कटारा ने अपने पत्र में कैबिनेट मंत्री को बताया कि डूंगरपुर जिले की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति और दिव्यांगों की व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए वर्तमान निर्धारित कोटा बेहद कम है। उन्होंने जानकारी दी कि विगत वित्तीय वर्ष 2025-2026 में सरकार द्वारा डूंगरपुर जिले के लिए केवल 45 स्कूटियों का लक्ष्य रखा गया था, जबकि इसके विपरीत जिले से लगभग 500 दिव्यांगजनों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इस बेहद कम लक्ष्य के कारण सैकड़ों पात्र और जरूरतमंद दिव्यांगजन इस महत्वाकांक्षी योजना के लाभ से पूरी तरह वंचित रह गए, जिससे उन्हें भारी निराशा हुई। 'आपणो संस्थान राजस्थान' एवं समस्त जिलावासियों की ओर से कटारा ने कैबिनेट मंत्री से सहृदय प्रार्थना करते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-2027 में डूंगरपुर के लिए विशेष राहत देने की वकालत की है। उन्होंने मांग की है कि लंबित आवेदनों की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए इस बार जिले का कोटा कम से कम 200 से 250 किया जाए, ताकि पिछले वर्ष वंचित रहे पात्र आवेदकों को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित कर स्वावलंबन की राह दिखाई जा सके। कटारा ने उम्मीद जताई है कि संवेदनशील राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सुलभ आवागमन से जुड़ी इस गंभीर समस्या पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेगी।1
- डूंगरपुर जिले के आसपुर स्थित खेड़ा तालाब के विकट मोड़ पर एक तेज रफ्तार स्कूटी अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे जा गिरी। इस हादसे में स्कूटी सवार घायल हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया और उनके परिजनों को घटना की सूचना दी।1