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शादाब जगती एक बार फिर कट करें के घेरे में खड़े होने के लिए तैयार हो रहे हैं
SACHIN SHIVALIA
शादाब जगती एक बार फिर कट करें के घेरे में खड़े होने के लिए तैयार हो रहे हैं
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- मुज़फ्फरनगर न्यूज़ ब्यूरो कबीर भारत-अमेरिका समझौता या किसान विनाश का ब्लूप्रिंट? अन्नदाता को बाजार में कुचलने की साजिश पर राष्ट्रपति को ज्ञापन एंकर मुज़फ्फरनगर। भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर किसान संगठनों ने आर-पार का ऐलान कर दिया है। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा ने इस समझौते को सीधे तौर पर “किसान विनाश का ब्लूप्रिंट” बताते हुए महामहिम राष्ट्रपति को तीखा ज्ञापन भेजा है। संगठन ने चेताया है कि अगर कृषि और डेरी क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के हवाले किया गया, तो यह देश के करोड़ों किसानों को आर्थिक मौत की ओर धकेलने जैसा होगा। Vo राष्ट्रीय अध्यक्ष मौ० शाह आलम ने कहा कि अमेरिका में कृषि और डेरी उत्पादों पर अरबों डॉलर की सब्सिडी दी जाती है। ऐसे में वहां का चीज, मिल्क पाउडर, प्रोटीन, मक्का, सोयाबीन, कपास और बादाम भारतीय बाजार में उतरे, तो देसी किसान प्रतिस्पर्धा में टिक ही नहीं पाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार अन्नदाता को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सामने निहत्था खड़ा करना चाहती है? ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई है कि कृषि और उससे जुड़े सभी उत्पादों को भविष्य के हर अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते से स्थायी रूप से बाहर रखने की संवैधानिक गारंटी दी जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि किसानों की सहमति के बिना कोई भी कृषि समझौता लागू करना संविधान और लोकतंत्र दोनों का अपमान है। मोर्चा ने MSP को कानूनी दर्जा देने की मांग को देश की कृषि सुरक्षा की बुनियाद बताते हुए कहा कि बिना कानूनी MSP के किसान पूरी तरह बाजार के रहमोकरम पर होगा। छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की मांग करते हुए संगठन ने कहा कि वैश्विक कीमतों का उतार-चढ़ाव किसानों को तबाह कर देगा। किसान नेताओं ने दो टूक कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की आत्मनिर्भरता, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक संतुलन की रीढ़ है। यदि कृषि को कमजोर किया गया, तो इसका असर पूरे देश पर पड़ेगा। उन्होंने राष्ट्रपति से तत्काल संवैधानिक हस्तक्षेप की मांग की है। इस तीखे ज्ञापन के साथ किसान संगठनों ने सरकार को साफ संकेत दे दिया है कि अगर किसानों की अनदेखी हुई, तो देश एक बार फिर बड़े किसान आंदोलन की ओर बढ़ेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। 👇 बायट,,राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह आलम1
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- Post by रेनू सिंह राणा1
- मंडी धनौरा शुक्रवार को गाजियाबाद से आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने धनौरा सी एच सी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने जनरल वार्ड, जनरल ओ टी, इमरजेंसी कक्ष, औषधि वितरण कक्ष, ओ पी डी, शौचालय आदि व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण करने वाली टीम में डी टी ओ डॉक्टर अनिल यादव डी पी सी-एन टी ई पी राघवेंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।1
- अगर आपके गांव या मोहल्ले में भी सूट बेचने वाले घूमते हैं और आपके घरों में महिलाएं अकेली रहती हैं और या फिर छोटे बच्चे रहते हैं तो आज इस वीडियो को उनको जरूर दिखाएं और अपने परिवार को सुरक्षित करें क्योंकि सूट बेचने वाले अक्षर क्राइम करके चले जाते हैं और बाद में लोग पछताते रहते हैं1