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उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से एक बेहद सनसनीखेज और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ शरबत की एक घूंट पाँच लोगों के लिए जहर बन गई। आरोप है कि एक ठेकेदार ने खेत में काम कर रहे मजदूरों और एक युवक को जहरीला शरबत पिलाया, जिसके बाद सभी की हालत बिगड़ गई। गंभीर अवस्था में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जाँच में जुट गई है।
HARUN KHAN
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से एक बेहद सनसनीखेज और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ शरबत की एक घूंट पाँच लोगों के लिए जहर बन गई। आरोप है कि एक ठेकेदार ने खेत में काम कर रहे मजदूरों और एक युवक को जहरीला शरबत पिलाया, जिसके बाद सभी की हालत बिगड़ गई। गंभीर अवस्था में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जाँच में जुट गई है।
More news from Pilibhit and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी शिवम यादव ने अपने संघर्ष और कड़ी मेहनत से एक अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने एक तरफ जहाँ उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के तौर पर अपनी ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी की, वहीं किस्मत ने उन्हें एक बड़ी खुशखबरी अगले ही दिन दे दी। सिपाही की ट्रेनिंग खत्म होने के ठीक बाद बिहार लोक सेवा आयोग का परिणाम घोषित हुआ, जिसमें शिवम ने पूरे बिहार में 33वीं रैंक हासिल कर सबको हैरान कर दिया। शिवम यादव की यह कहानी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई है। एक सिपाही प्रशिक्षु के अफसर बनने का उनका यह सफर परिश्रम और सफलता का सच्चा प्रमाण है, जिसने यह साबित कर दिखाया कि आखिर कैसे एक सिपाही प्रशिक्षु ने अफसर बनने का अपना सपना सच कर दिखाया।1
- पीलीभीत जिले के मरौरी ब्लॉक में पड़ने वाले बाढ़ प्रभावित गांवों जैसे कंजा हरिया, ढेरम मंडरिया और सहराई से होकर गुजरने वाली काटना नदी की साफ-सफाई के काम में अनियमितताएं सामने आने लगी हैं। इस मामले में स्वामी प्रवक्ता नंद जी, जय किसान मंडल के संजीव प्रताप सिंह, दिलेर सिंह मल्ही और विजय सरकार के साथ-साथ योगी आदित्यनाथ और नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया गया है।1
- पीलीभीत में गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार का एक बयान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। मंत्री ने उन सवालों पर खुलकर जवाब दिया है, जो अपने भाषणों में अक्सर 'मियां' शब्द के इस्तेमाल को लेकर उठते रहे हैं। संजय सिंह गंगवार ने स्पष्ट कहा है कि जिस दिन 'मियां' हिंदू बन जाएंगे, वह उन्हें 'मियां' कहना छोड़ देंगे। अपने बयान को विस्तार देते हुए मंत्री ने यह भी कहा कि पहले सभी लोग हिंदू ही थे और वर्तमान मुस्लिम समाज के लोग कन्वर्टेड मुस्लिम हैं। गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार का यह बयान अब राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में गरमागरम बहस का मुद्दा बन गया है।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक बाढ़ मॉक ड्रील का आयोजन किया गया।1
- उत्तराखंड परिवहन की एक बस में तीन सीनियर सिटीजन यात्रियों को श्रीनगर से देहरादून की यात्रा के दौरान उनके आधार कार्ड को लेकर अपमानित किया गया और बस में बैठने से मना कर दिया गया। इस घटना में, परिचालक ने एक यात्री का आधार कार्ड अपने पास रख लिया और उसे वापस नहीं लौटाया। यात्रा शुरू करने वाली महिला पहले रोडवेज बस से श्रीनगर पहुँची थी और वहाँ से देहरादून जाने के लिए उत्तराखंड परिवहन की बस (UK 07P, A6694) में बैठीं। बस में बैठने के बाद, परिचालक ने तीनों सीनियर सिटीजन यात्रियों से स्पष्ट रूप से कहा कि "आधार कार्ड वाले यात्री इस बस में नहीं बैठ सकते, हमें इसके ऑर्डर मिले हैं।" जब यात्रियों ने विनम्रतापूर्वक इस संबंध में सरकार के किसी आदेश के बारे में पूछा, क्योंकि आम जनता को ऐसी कोई सूचना नहीं थी, तो इस बात को लेकर बहस शुरू हो गई। इसी दौरान, बस में मौजूद एक अन्य व्यक्ति भी बिना किसी कारण के यात्रियों से उलझ गया और उन्हें डरा-धमका कर बस से उतरने को कहने लगा। इस व्यवहार से यात्री स्वयं को असुरक्षित और अपमानित महसूस करने लगे, जिसके बाद उन्हें पूरी घटना का वीडियो बनाना पड़ा ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। हालांकि, कंडक्टर यात्रियों को ऋषिकेश तक ले आया, लेकिन एक यात्री का आधार कार्ड अपने पास रख लिया और उसे वापस नहीं किया। यात्रियों ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि सरकारी परिवहन में सुरक्षा, सम्मान और सुविधा की अपेक्षा करने वाले आम यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों के साथ यदि इस प्रकार का व्यवहार होगा, तो उनका विश्वास कैसे बना रहेगा। उन्होंने उत्तराखंड परिवहन की बसों में यात्रियों के साथ होने वाले व्यवहार पर कड़ी निगरानी रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। यात्रियों ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएँ आए दिन हो रही हैं और सवाल उठाया कि क्या पहाड़ी लोगों को घरों से बाहर ही नहीं निकलना चाहिए।1
- मोहर्रम के पावन अवसर पर टांडा में इंसानियत की एक अद्भुत मिसाल देखने को मिली है। हुसैनी लंगर कमेटी ने इस मौके पर शरबत की एक सबील लगाई, जिसके माध्यम से उन्होंने मानवता का संदेश दिया और आपसी सद्भाव का प्रदर्शन किया।1
- पीलीभीत जिले के माधोटांडा स्थित मां गोमती उद्गम स्थल पर आगामी बुधवार को होने वाले पावन स्नान पर्व से ठीक पहले मगरमच्छों की मौजूदगी ने श्रद्धालुओं की चिंता को बढ़ा दिया है। इस स्थिति के मद्देनज़र, वन विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गोमती झील में एक विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया गया, जिसके दौरान एक मगरमच्छ को सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया।1
- बरेली में कथित ठग कन्हैया गुलाटी ने धन दोगुना करने का लालच देकर कई लोगों की जिंदगी भर की कमाई हड़प ली है, लेकिन वह अभी तक कानून की गिरफ्त से बाहर है। उस पर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप है और वह लगभग दो दशक से निवेशकों को मोटे मुनाफे का झांसा देकर ठगी कर रहा है। फरार चल रहे कन्हैया गुलाटी पर अब बरेली पुलिस ने अपना शिकंजा और कस दिया है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए ₹25,000 का इनाम घोषित किया है और उसकी तलाश तेज कर दी गई है।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 'मियां को मियां न कहें तो क्या कहें'। अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए राज्य मंत्री गंगवार ने कहा कि 'मियां छोड़कर हिंदू बन जाएं, तो मियां कहना छोड़ देंगे'।1