निरीक्षण के दौरान जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बैरक, साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था, बंदियों के रिकॉर्ड, प्रवेश-निकास व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी का जायजा लिया गया। रायसेन की घटना के बाद बैतूल जिला जेल में औचक निरीक्षण, बंदियों के सामान की हुई सघन तलाशी रिपोर्टर: सुरेन्द्र बावने, बैतूल बैतूल। रायसेन जेल में हुई घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बैतूल जिला प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में 2 सितंबर 2026 को कलेक्टर बैतूल श्री संजय सोनवणे एवं पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने जिला जेल बैतूल का संयुक्त औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बैरक, साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था, बंदियों के रिकॉर्ड, प्रवेश-निकास व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी का जायजा लिया गया। सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस बल की मौजूदगी में बंदियों के बैरकों में रखे सामान और बिस्तरों की सघन चेकिंग की गई। तलाशी के दौरान नशीले पदार्थ, धूम्रपान सामग्री, अवैध कट्टा-चाकू, मोबाइल अथवा अन्य प्रतिबंधित सामग्री बरामद नहीं हुई। अधिकारियों ने जेल के मुख्य प्रवेश द्वार पर आगंतुकों के प्रवेश-निकास रजिस्टर तथा बंदियों से मिलने आने वाले परिजनों और अन्य आगंतुकों के रिकॉर्ड की भी जांच की। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने जेल प्रशासन को नियमित चेकिंग, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने तथा सभी आवश्यक अभिलेखों का विधिवत संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी किए जाएंगे। निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक योगेंद्र तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे, एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम सहित पुलिस एवं जेल विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बैरक, साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था, बंदियों के रिकॉर्ड, प्रवेश-निकास व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी का जायजा लिया गया। रायसेन की घटना के बाद बैतूल जिला जेल में औचक निरीक्षण, बंदियों के सामान की हुई सघन तलाशी रिपोर्टर: सुरेन्द्र बावने, बैतूल बैतूल। रायसेन जेल में हुई घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बैतूल जिला प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में 2 सितंबर 2026 को कलेक्टर बैतूल श्री संजय सोनवणे एवं पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने जिला जेल बैतूल का संयुक्त औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बैरक, साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था, बंदियों के रिकॉर्ड, प्रवेश-निकास व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी का जायजा लिया गया। सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस बल की मौजूदगी में बंदियों के बैरकों
में रखे सामान और बिस्तरों की सघन चेकिंग की गई। तलाशी के दौरान नशीले पदार्थ, धूम्रपान सामग्री, अवैध कट्टा-चाकू, मोबाइल अथवा अन्य प्रतिबंधित सामग्री बरामद नहीं हुई। अधिकारियों ने जेल के मुख्य प्रवेश द्वार पर आगंतुकों के प्रवेश-निकास रजिस्टर तथा बंदियों से मिलने आने वाले परिजनों और अन्य आगंतुकों के रिकॉर्ड की भी जांच की। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने जेल प्रशासन को नियमित चेकिंग, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने तथा सभी आवश्यक अभिलेखों का विधिवत संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी किए जाएंगे। निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक योगेंद्र तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे, एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम सहित पुलिस एवं जेल विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
- अपना दल यस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल का देवरिया में होगा आगमन अपना दल यस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल का देवरिया में होगा आगमन नगर के टाउन हॉल सभागार में जनसभा को करेगी संबोधन। कार्यक्रम की तैयारियों में जुट पार्टी के कार्यकर्ता व पदाधिकारी।2
- पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर संदिग्ध आरोपियों की पहचान कर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। युवक की हत्या का 24 घंटे में खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार CCTV फुटेज और तकनीकी जांच से पुलिस को मिले अहम सुराग, तीन आरोपी अब भी फरार रिपोर्टर: दुर्गेश यादव, मध्यप्रदेश हेड जन जन की आवाज न्यूज़ 24 बैतूल। जिले में गंभीर एवं जघन्य अपराधों के खिलाफ पुलिस की त्वरित कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में थाना गंज पुलिस ने युवक की हत्या के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में तीन अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। मोबाइल पर फोन आने के बाद घर से निकला था युवक पुलिस के अनुसार, 31 अगस्त 2026 की रात मृतक देवेन्द्र उर्फ डिब्बी, पिता मनोज राजपूत, उम्र 23 वर्ष, निवासी माचना नगर, गोयल फैक्ट्री के पास, बैतूल को मोबाइल पर फोन आने के बाद उसके दोस्तों द्वारा बुलाया गया था। इसके बाद वह घर से बाहर चला गया। रात करीब 11:16 बजे युवक घर के आंगन में असामान्य अवस्था में मिला। उसके कपड़े गीले थे तथा दोनों पैरों, हाथ, पीठ और आंख के पास चोट के निशान पाए गए। परिजन युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल बैतूल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर उसे अन्य अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मारपीट से चोट के कारण मौत का प्रथम दृष्टया मामला मर्ग जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और मृतक की मां के कथनों के आधार पर प्रथम दृष्टया मारपीट से आई चोटों के कारण मृत्यु होना सामने आया। इसके बाद थाना गंज में धारा 103(1) बीएनएस के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। CCTV और तकनीकी जांच से मिले सुराग मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश कुमार खरपुसे एवं एसडीओपी सुश्री अन्नपूर्णा सिरसाम के नेतृत्व में थाना प्रभारी गंज निरीक्षक नीरज पाल को आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर संदिग्ध आरोपियों की पहचान कर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। तीन आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया— हर्षित पिता जगत पंवार, निवासी ग्रीनसिटी, बैतूल शिवम उर्फ लाला पिता चिन्धु उर्फ चिन्ध्या साहू, उम्र 18 वर्ष, निवासी ग्रीनसिटी वार्ड, बैतूल पीयूष उर्फ छोटू पिता दशरथ बचले, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्रीनसिटी, गंज, बैतूल पुलिस द्वारा तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। तीन आरोपी फरार, गिरफ्तारी के प्रयास जारी पुलिस के मुताबिक मामले में अजय पिता जगन्नाथ डहेरिया, शुभम पंवार पिता कलीराम पंवार एवं दीपक उर्फ दीपु उर्फ डेबरी पिता वासुदेव दंवडे, सभी निवासी ग्रीनसिटी, बैतूल, फरार हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम द्वारा संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। इनकी रही विशेष भूमिका पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी गंज निरीक्षक नीरज पाल, उपनिरीक्षक उत्तमनंदन मस्तकार, उपनिरीक्षक संदीप परतेती, उपनिरीक्षक इरफान कुरैशी, सहायक उपनिरीक्षक किशोरीलाल सल्लाम सहित थाना गंज पुलिस टीम तथा साइबर सेल के राजेन्द्र, आरक्षक बलराम एवं आरक्षक पंकज की विशेष भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं और विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जन-जन की आवाज़ न्यूज़ 24 — खबर वही, जो जनता की आवाज़ बने।2
- मईल पुलिस ने बरेजी पुल के पास से दोनों वांछित आरोपियों को पकड़ा, चांदमती की शादी के बाद दहेज मांगने का आरोप दहेज उत्पीड़न के मामले में पति और सास गिरफ्तार देवरिया। मईल थाना पुलिस ने दहेज उत्पीड़न और विवाहिता की हत्या से संबंधित मामले में वांछित पति और सास को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को 1 सितंबर 2026 को मुखबिर की सूचना पर बरेजी पुल के पास से गिरफ्तार किया। मामले में पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, थाना मईल में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 163/2026 में धारा 85, 80(2), 115(2), 352, 351(3) बीएनएस तथा 3/4 डीपी एक्ट के तहत आरोपियों की तलाश की जा रही थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू साहनी (26) पुत्र जयप्रकाश साहनी और पानमती देवी (45) पत्नी जयप्रकाश साहनी, निवासी डेहरी, थाना मईल, जनपद देवरिया के रूप में हुई है। शादी के बाद दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ना का आरोप पुलिस के मुताबिक, वादी मन्शी बीन की बहन चांदमती की शादी 13 मई 2026 को सोनू साहनी के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद पति सोनू साहनी, सास पानमती देवी और ननद अनीता द्वारा दहेज की मांग को लेकर चांदमती को प्रताड़ित किया गया। दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर देने का भी आरोप लगाया गया है। प्रार्थना पत्र के आधार पर मईल थाने में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है। पुलिस टीम ने की गिरफ्तारी गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक रमेश चन्द्र कुशवाहा, कांस्टेबल सुनील कुमार पाल, कांस्टेबल दुर्गेश पाल और महिला कांस्टेबल पूनम यादव शामिल रहे। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवरिया अभिजित आर. शंकर के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी बरहज रंजना सचान के पर्यवेक्षण में मईल पुलिस ने की।1
- यूपी के सहारनपुर के पंजाब नेशनल बैंक में कैसे आए 7 करोड़ 40 लाख के नकली नोट ?1
- गंडक उफान पर, नहरें सूखी; धान की सिंचाई को तरसे किसान, पानी छोड़ने पर विभाग ने जताया खतरा1
- वर्षों से खराब पड़ा इंडियामार्का हैंडपंप, झाड़ियों में घिरा फर्श सुकरौली (कुशीनगर)। सुकरौली विकासखंड क्षेत्र की ग्राम सभा गिदहा-धनहा में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगाया गया इंडियामार्का हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है। देखरेख के अभाव में हैंडपंप के आसपास झाड़ियां उग आई हैं। इसके नीचे बना फर्श भी मिट्टी में दब गया है। गंदगी और झाड़ियों के कारण हैंडपंप तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, सार्वजनिक स्थान पर काफी समय पहले हैंडपंप लगाया गया था। कुछ समय तक इससे आसपास के लोगों को पेयजल मिलता रहा, लेकिन खराब होने के बाद इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। धीरे-धीरे हैंडपंप के आसपास झाड़ियां बढ़ती गईं और फर्श भी मिट्टी में दब गया। वर्तमान में यह स्थान साफ-सफाई के अभाव में बदहाल नजर आ रहा है। मरम्मत नहीं होने से बढ़ी परेशानी ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए हैंडपंपों की समय-समय पर जांच और मरम्मत होनी चाहिए। लंबे समय से खराब हैंडपंप के कारण लोगों को पानी के लिए दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। गर्मी के दिनों में पेयजल की जरूरत बढ़ने पर समस्या और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि सरकारी धन से लगाए गए पेयजल संसाधनों के रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी है। यदि हैंडपंप लंबे समय से खराब है तो संबंधित विभाग या ग्राम पंचायत की ओर से अब तक इसकी मरम्मत क्यों नहीं कराई गई। लोगों ने हैंडपंपों की मरम्मत और रखरखाव की व्यवस्था की जांच कराने की भी मांग की है। हालांकि, इस मामले में सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच और सफाई की मांग ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर हैंडपंप की स्थिति की जांच कराने की मांग की है। साथ ही आसपास उगी झाड़ियों और गंदगी की सफाई कराने की बात कही है। लोगों का कहना है कि तकनीकी खराबी दूर कर हैंडपंप को जल्द चालू कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को दोबारा सार्वजनिक पेयजल की सुविधा मिल सके।1
- निरीक्षण के दौरान जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बैरक, साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था, बंदियों के रिकॉर्ड, प्रवेश-निकास व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी का जायजा लिया गया। रायसेन की घटना के बाद बैतूल जिला जेल में औचक निरीक्षण, बंदियों के सामान की हुई सघन तलाशी रिपोर्टर: सुरेन्द्र बावने, बैतूल बैतूल। रायसेन जेल में हुई घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बैतूल जिला प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में 2 सितंबर 2026 को कलेक्टर बैतूल श्री संजय सोनवणे एवं पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने जिला जेल बैतूल का संयुक्त औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बैरक, साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था, बंदियों के रिकॉर्ड, प्रवेश-निकास व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी का जायजा लिया गया। सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस बल की मौजूदगी में बंदियों के बैरकों में रखे सामान और बिस्तरों की सघन चेकिंग की गई। तलाशी के दौरान नशीले पदार्थ, धूम्रपान सामग्री, अवैध कट्टा-चाकू, मोबाइल अथवा अन्य प्रतिबंधित सामग्री बरामद नहीं हुई। अधिकारियों ने जेल के मुख्य प्रवेश द्वार पर आगंतुकों के प्रवेश-निकास रजिस्टर तथा बंदियों से मिलने आने वाले परिजनों और अन्य आगंतुकों के रिकॉर्ड की भी जांच की। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने जेल प्रशासन को नियमित चेकिंग, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने तथा सभी आवश्यक अभिलेखों का विधिवत संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी किए जाएंगे। निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक योगेंद्र तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे, एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम सहित पुलिस एवं जेल विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।2
- देवरिया: बारीपुर गांव में 62 वर्षीय व्यक्ति ने फांसी लगाकर की आत्महत्या देवरिया। भलुअनी थाना क्षेत्र के बारीपुर गांव में बुधवार को 62 वर्षीय व्यक्ति द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान रामध्यान कुशवाहा पुत्र स्वर्गीय सुबेदार कुशवाहा के रूप में हुई है। घटना की सूचना पर भलुअनी थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरने की कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी हाउस भेज दिया। आत्महत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्राधिकारी बरहज श्रीमती रंजना सचान ने बताया कि घटना के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। मौके पर कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।1