मईल पुलिस ने बरेजी पुल के पास से दोनों वांछित आरोपियों को पकड़ा, चांदमती की शादी के बाद दहेज मांगने का आरोप दहेज उत्पीड़न के मामले में पति और सास गिरफ्तार देवरिया। मईल थाना पुलिस ने दहेज उत्पीड़न और विवाहिता की हत्या से संबंधित मामले में वांछित पति और सास को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को 1 सितंबर 2026 को मुखबिर की सूचना पर बरेजी पुल के पास से गिरफ्तार किया। मामले में पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, थाना मईल में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 163/2026 में धारा 85, 80(2), 115(2), 352, 351(3) बीएनएस तथा 3/4 डीपी एक्ट के तहत आरोपियों की तलाश की जा रही थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू साहनी (26) पुत्र जयप्रकाश साहनी और पानमती देवी (45) पत्नी जयप्रकाश साहनी, निवासी डेहरी, थाना मईल, जनपद देवरिया के रूप में हुई है। शादी के बाद दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ना का आरोप पुलिस के मुताबिक, वादी मन्शी बीन की बहन चांदमती की शादी 13 मई 2026 को सोनू साहनी के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद पति सोनू साहनी, सास पानमती देवी और ननद अनीता द्वारा दहेज की मांग को लेकर चांदमती को प्रताड़ित किया गया। दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर देने का भी आरोप लगाया गया है। प्रार्थना पत्र के आधार पर मईल थाने में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है। पुलिस टीम ने की गिरफ्तारी गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक रमेश चन्द्र कुशवाहा, कांस्टेबल सुनील कुमार पाल, कांस्टेबल दुर्गेश पाल और महिला कांस्टेबल पूनम यादव शामिल रहे। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवरिया अभिजित आर. शंकर के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी बरहज रंजना सचान के पर्यवेक्षण में मईल पुलिस ने की।
मईल पुलिस ने बरेजी पुल के पास से दोनों वांछित आरोपियों को पकड़ा, चांदमती की शादी के बाद दहेज मांगने का आरोप दहेज उत्पीड़न के मामले में पति और सास गिरफ्तार देवरिया। मईल थाना पुलिस ने दहेज उत्पीड़न और विवाहिता की हत्या से संबंधित मामले में वांछित पति और सास को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को 1 सितंबर 2026 को मुखबिर की सूचना पर बरेजी पुल के पास से गिरफ्तार किया। मामले में पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, थाना मईल में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 163/2026 में धारा 85, 80(2), 115(2), 352, 351(3) बीएनएस तथा 3/4 डीपी एक्ट के तहत आरोपियों की तलाश की जा रही थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू साहनी (26) पुत्र जयप्रकाश साहनी और पानमती देवी (45) पत्नी जयप्रकाश साहनी, निवासी डेहरी, थाना मईल, जनपद देवरिया के रूप में हुई है। शादी के बाद दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ना का आरोप पुलिस के मुताबिक, वादी मन्शी बीन की बहन चांदमती की शादी 13 मई 2026 को सोनू साहनी के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद पति सोनू साहनी, सास पानमती देवी और ननद अनीता द्वारा दहेज की मांग को लेकर चांदमती को प्रताड़ित किया गया। दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर देने का भी आरोप लगाया गया है। प्रार्थना पत्र के आधार पर मईल थाने में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है। पुलिस टीम ने की गिरफ्तारी गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक रमेश चन्द्र कुशवाहा, कांस्टेबल सुनील कुमार पाल, कांस्टेबल दुर्गेश पाल और महिला कांस्टेबल पूनम यादव शामिल रहे। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवरिया अभिजित आर. शंकर के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी बरहज रंजना सचान के पर्यवेक्षण में मईल पुलिस ने की।
- हिमाचल के चंबा में नवविवाहित दंपति ने पेश की इंसानियत की मिसाल: "नव विवाहिता का दुपट्टा बना जीवन की डोर" हिमाचल के भटियात, चंबा में एक नवविवाहित दंपति ने अपनी जान की परवाह किए बिना फ्लैश फ्लड में फंसे एक युवा बाइक सवार की जान बचाने के लिए जोखिम उठाया। युवक तेज बहाव में फंस गया था और महज कुछ सेकंड में पानी के साथ बह सकता था। स्थिति को देखते हुए नवविवाहिता ने अपनी दुपट्टा देकर मदद का प्रयास किया। इसके बाद पति-पत्नी ने मिलकर युवक को खींचकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। दंपति की सूझबूझ और साहस से युवक की जान बच गई।1
- राजकीय बाल गृह में बुनियादी सुविधाओं का जिला जज ने लिया जायजा बच्चों के समग्र विकास पर जोर, साफ-सफाई, सुरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और कौशल विकास को लेकर दिए आवश्यक निर्देश देवरिया। माननीय उच्च न्यायालय किशोर न्याय समिति के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के तत्वावधान में जिला एवं सत्र न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में राजकीय बाल गृह देवरिया का निरीक्षण किया गया। इस दौरान बाल गृह में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं, बच्चों की वर्तमान संख्या, स्वीकृत क्षमता के सापेक्ष अधिभोग, प्राकृतिक सूर्य के प्रकाश एवं वायु संचार, खुले स्थान तथा खेल मैदान की उपलब्धता का जायजा लिया गया। निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में राजकीय बाल गृह में बच्चों के योग, क्रीड़ा, रंगमंच, चित्रकारी, बागवानी, संगीत, व्यावसायिक गतिविधियों, सुरक्षा, आहार एवं स्वास्थ्य सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अध्ययन कक्ष, शयन कक्ष, भोजनालय, विश्राम कक्ष और प्रसाधन गृह का निरीक्षण करते हुए साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर रखने के निर्देश दिए। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अर्चना द्वितीय ने कहा कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा बाल गृह में आवासित बच्चों के समग्र विकास के लिए दिए गए निर्देशों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने संस्था की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ ही रंगमंच के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने तथा चित्रकला के माध्यम से उनकी रचनात्मक एवं क्रियात्मक क्षमता के विकास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक देवरिया अभिजीत आर. शंकर ने बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन, बिस्तर, वस्त्र एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की उपलब्धता का आकलन किया। उन्होंने कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से बच्चों में रोजगारपरक कौशल विकसित करने पर विशेष जोर दिया। मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए नियमित रूप से योग एवं ध्यान की शिक्षा देने के निर्देश दिए। वहीं, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रज्ञा सिंह ने बच्चों के स्वास्थ्य का नियमित परीक्षण कराने तथा किसी भी प्रकार की शारीरिक समस्या या विकार सामने आने पर उसका तत्काल उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण एवं बैठक के दौरान अधिकारियों ने बाल गृह में रह रहे बच्चों के सुरक्षित वातावरण, बेहतर स्वास्थ्य, गुणवत्तापूर्ण पोषण, शिक्षा, रचनात्मक गतिविधियों और भविष्य के लिए कौशल विकास को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।1
- ललही छठ पर महिलाओं ने रखा व्रत, संतान की लंबी उम्र के लिए विधि-विधान से की पूजा1
- जमीन विवाद में जाफ़र अमीन डक्कू गिरफ्तार, जिला जेल भेजे गए; बोले- ‘मैं बिल्कुल बेकसूर हूं’* * गोरखपुर। जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद के मामले में राजघाट पुलिस ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री जफर अमीन उर्फ डक्कू को गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल परीक्षण के लिए पुलिस टीम उन्हें गोरखपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां मीडिया से बातचीत के दौरान जफर अमीन डक्कू ने खुद को पूरी तरह बेकसूर बताया। मेडिकल के बाद पुलिस ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में गोरखपुर जिला जेल भेज दिया। जफर अमीन डाकू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मामले में उनका पक्ष जानने की कोशिश नहीं की गई और उनके खिलाफ एकतरफा खबरें चलाई गईं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर भी उनसे कोई सफाई नहीं मांगी गई। उनका आरोप है कि उनके साथ अन्याय हो रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। *पीड़ित महिला की तहरीर पर हुई कार्रवाई* इस मामले में पुलिस ने पीड़ित महिला की तहरीर के आधार पर राजघाट थाने में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की है। महिला ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि वह करीब 70 वर्षों से विवादित जमीन पर काबिज है और अपने दो जवान बेटियों के साथ वहां रहती है। महिला ने आरोप लगाया कि जफर अमीन डक्कू अपने करीब 50 से 60 समर्थकों के साथ उसके घर पहुंचे और मकान में तोड़फोड़ कर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। महिला का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उसकी गर्दन दबाने की भी कोशिश की गई। महिला के मुताबिक, घटना के बाद उसने पुलिस को तहरीर देकर पूरे मामले की जानकारी दी, जिसके आधार पर राजघाट पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। *शब्बीर कुरैशी समेत अन्य पर भी मुकदमा* पुलिस के मुताबिक एफआईआर में जफर अमीन डक्कू और समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी को नामजद किया गया है, जबकि आठ-दस अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया था कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने जांच की थी। पीड़ित महिला की तहरीर मिलने के बाद सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद हुआ था और मौके पर दूसरे पक्ष को डराने-धमकाने तथा मारपीट किए जाने की बात सामने आई थी। *जफर अमीन बोले- मेरा पक्ष नहीं सुना गया* जिला अस्पताल में मेडिकल के लिए लाए गए जफर अमीन डक्कू ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह बिल्कुल बेकसूर हैं। उनका कहना था कि मीडिया में उनके खिलाफ खबरें चलाने से पहले उनका पक्ष जानना चाहिए था। उन्होंने वायरल वीडियो के संबंध में भी कहा कि उनसे इस बारे में सफाई नहीं मांगी गई। *सपा कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध* जफर अमीन डक्कू की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई की निंदा की है। सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि जफर अमीन डक्कू और महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी के खिलाफ की गई कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल जफर अमीन डक्कू को न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया गया है। वहीं शब्बीर कुरैशी समेत अन्य आरोपियों के संबंध में पुलिस की विवेचना जारी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। #सपा1
- योगी सरकार का बड़ा तोहफा,60 साल पूरी कर चुकी महिलाएं, परिवहन निगम की बसों में कर सकेंगी निशुल्क यात्रा,इन दस्तावेजों की होगी जरूर उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की वरिष्ठ महिला नागरिकों को बड़ी सौगात दी है।29 तारीख से शुरू हुई 'लोकमाता निशुल्क यात्रा योजना' के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को बस यात्रा में पूरी तरह से छूट दी जा रही है।इस योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाएं उत्तर प्रदेश में कहीं भी, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (UPSRTC) की सभी सामान्य श्रेणी की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकती हैं।परिवहन विभाग की ओर से सभी बस कंडक्टरों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं और दैनिक आधार पर इसकी निगरानी की जा रही है।यात्रा के लिए महिलाओं को केवल अपना आधार कार्ड या वोटर आईडी में से कोई एक पहचान पत्र कंडक्टर को दिखाना अनिवार्य होगा। लोकमाता निशुल्क यात्रा योजना के शुरू होने से प्रदेश भर की बुजुर्ग महिलाओं में उत्साह है।उत्तर प्रदेश की नागरिकता रखने वाली 60 साल या उससे ऊपर की महिलाओं को यात्रा के दौरान सिर्फ अपना कोई एक मान्य दस्तावेज—जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड—साथ रखना होगा।कंडक्टर को यह पहचान पत्र दिखाते ही उन्हें मुफ्त सफर की सुविधा मिल जाएगी।परिवहन विभाग के अनुसार,आने वाले समय में इस व्यवस्था को और सुगम बनाने के लिए एक विशेष 'डिजिटल कार्ड' भी जारी करने की तैयारी चल रही है।जैसे ही शासन की ओर से निर्देश प्राप्त होंगे, इसे लागू कर दिया जाएगा।अगर गोरखपुर क्षेत्र की बात करें, तो यहाँ भी योजना का लाभ उठाकर महिलाओं की यात्रा सुगम हो रही है। अधिकारियों के मुताबिक प्रतिदिन आंकड़ों की निगरानी की जा रही है, जहाँ कल के आंकड़ों के अनुसार 505 महिला यात्रियों ने इस निशुल्क सेवा का लाभ उठाया।प्रदेश के अन्य जिलों से भी ऐसे ही सकारात्मक आंकड़े सामने आ रहे हैं और अब तक योजना को लेकर कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है। बाइट-लव कुमार सिंह क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम गोरखपुर।1
- राजन जायसवाल के स्वागत में निकली भव्य रैली, कार्यकर्ताओं दिखा जोश पडरौना में राजन जायसवाल का भव्य स्वागत, सुभाष चौक से तिलक चौक तक निकली रैली, गूंजे जयकारे, नेताजी की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण1
- सड़क दुर्घटनाओं पर डीएम सख्त, ब्लैक स्पॉट पर होंगे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम मार्गवार दुर्घटनाओं की होगी समीक्षा, स्कूल वाहनों में सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन कराने के निर्देश देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनपद में सड़क सुरक्षा गतिविधियों और सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रभावी एवं ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा गतिविधियों से संबंधित आंकड़ों की नियमित निगरानी करने तथा जनपद की सीमा के अंतर्गत मार्गवार सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा करने को कहा। उन्होंने दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान और उनका अध्ययन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर वहां सड़क सुरक्षा संकेतक, रोड मार्किंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य जरूरी सुरक्षात्मक उपाय तत्काल सुनिश्चित किए जाएं। अधिक दुर्घटनाओं वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। अधिक दुर्घटना वाले विकास खंडों में चलेगा विशेष अभियान जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग और एआरटीओ को निर्देशित किया कि जिन विकास खंडों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या अधिक है, वहां विशेष सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जाए। अभियान के माध्यम से आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए। विद्यालयों में भी सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। राजमार्गों पर नियमित पेट्रोलिंग के निर्देश डीएम ने राजमार्गों पर एनएचएआई और पुलिस की नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने को कहा। राजमार्गों और मुख्य मार्गों पर सड़क सुरक्षा संकेतकों की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यकता के अनुसार नए संकेतक लगाए जाने तथा रोड सेफ्टी पॉलिसी का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्कूल वाहनों की होगी सघन निगरानी जिलाधिकारी ने स्कूल वाहनों में सड़क सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस, लोक निर्माण विभाग, परिवहन, स्वास्थ्य समेत सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा। दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 108 एंबुलेंस सेवा को सक्रिय रखने के भी निर्देश दिए। हेलमेट का प्रयोग करने की अपील जिलाधिकारी ने आमजन से वाहन चलाते समय यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट का प्रयोग करने तथा सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपेक्षा की। बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- गोरखपुर* किशोर को बंधक बनाकर नदी में फेंकने की धमकी देने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार,ई-रिक्शा बरामद गोरखपुर।जनपद के थाना सिकरीगंज पुलिस ने एक नाबालिग लड़के को जबरन अगवा कर बंधक बनाने और उसे जान से मारने की धमकी देने के मामले में त्वरित कार्रवाई की है।पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात में शामिल तीन बालिग और एक नाबालिग (बाल अपचारी) सहित कुल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार व हिरासत में लिया है।घटना में इस्तेमाल किया गया ई-रिक्शा भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।पुरानी रंजिश में दिया वारदात को अंजाम पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार,ग्राम हरदतपुर निवासी श्रीमती गायत्री देवी ने थाना सिकरीगंज में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी।उन्होंने बताया कि पुरानी पारिवारिक रंजिश के चलते 31 अगस्त 2026 को उनके 15 वर्षीय बेटे किशन को मोहल्ले के ही कुछ युवकों ने जबरन एक ई-रिक्शा में बैठा लिया।आरोपी उसे झौआ नदी के किनारे ले गए, जहां उसे रस्सी से बांधकर नदी में फेंकने की धमकी दी गई।हालांकि, पीड़ित किशोर किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागने में सफल रहा और घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती सुनाई।मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर दबोचावरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) गोरखपुर डॉ. कौस्तुभ और पुलिस अधीक्षक (SP) दक्षिणी दिनेश कुमार सिंह के निर्देशन में थाना प्रभारी आशीष कुमार दुबे की अगुवाई वाली पुलिस टीम ने इस मामले पर कड़ा एक्शन लिया। 1 सितंबर 2026 को मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की।पुलिस ने तीन मुख्य अभियुक्तों समसुद्दीन (30 वर्ष), आस मोहम्मद (20 वर्ष),और जाबिर अली (22 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।वहीं,घटना में शामिल एक 16 वर्षीय बाल अपचारी को भी पुलिस हिरासत में लिया गया है।पुलिस आरोपियों के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटा रही है।इस सफल कार्रवाई में उपनिरीक्षक (SI) बैजनाथ बिन्द, हेड कांस्टेबल रमेश कुमार साहनी, कांस्टेबल दिनेश कुमार, संदीप प्रजापति, आकाश और रामकेश प्रजापति की मुख्य भूमिका रही। बाइट-दीपांशी राठौर सीओ खजनी1
- गोरखपुर MR होम से भागे 3 युवक पकड़ाए, बताई भागने की वजह राजघाट स्थित राजकीय मानसिक मंदित आश्रय गृह से मंगलवार देर रात भागे चार संवासियों में से तीन को पुलिस ने पकड़ लिया है। रवि गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर मिला, जबकि बबलू और सोमारू आश्रय गृह के आसपास ही घूमते मिले। चौथे संवासी आजम उर्फ आलम की तलाश जारी है। पकड़े गए युवकों ने पूछताछ में कहा, हम स्वस्थ हैं, अब आश्रय गृह में नहीं रहना चाहते। अधिकारियों से कई बार कहा, लेकिन वापस नहीं भेजा गया, इसलिए भागना पड़ा। मंगलवार दी देर रात भागने से पहले युवकों ने एमआर होम में 16 सीसीटीवी और 8 फीट ऊंची दीवार के बावजूद चारों ने मेन गेट के कैमरे का तार काट दिया। ड्यूटी पर तैनात गार्ड यादव के सोने का फायदा उठाकर मेन गेट से फरार हो गए। एमआर होम में 48 संवासी रहते हैं, सुरक्षा में 3 गार्ड 8-8 घंटे की शिफ्ट में तैनात हैं। भागने वालों में रवि (22), आजम (19), बबलू (23) को 4 मई 2014 को लखनऊ बाल सुधार गृह से भेजा गया था, जबकि सोमारू (19) जून 2025 में आया था। बाहर दुकान चलाने वाले दुकानदार के मुताबिक रवि तेज-तर्रार है, उसी ने भागने की योजना बनाई होगी।1