जमीन विवाद में जाफ़र अमीन डक्कू गिरफ्तार, जिला जेल भेजे गए; बोले- ‘मैं बिल्कुल बेकसूर हूं’* * गोरखपुर। जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद के मामले में राजघाट पुलिस ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री जफर अमीन उर्फ डक्कू को गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल परीक्षण के लिए पुलिस टीम उन्हें गोरखपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां मीडिया से बातचीत के दौरान जफर अमीन डक्कू ने खुद को पूरी तरह बेकसूर बताया। मेडिकल के बाद पुलिस ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में गोरखपुर जिला जेल भेज दिया। जफर अमीन डाकू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मामले में उनका पक्ष जानने की कोशिश नहीं की गई और उनके खिलाफ एकतरफा खबरें चलाई गईं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर भी उनसे कोई सफाई नहीं मांगी गई। उनका आरोप है कि उनके साथ अन्याय हो रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। *पीड़ित महिला की तहरीर पर हुई कार्रवाई* इस मामले में पुलिस ने पीड़ित महिला की तहरीर के आधार पर राजघाट थाने में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की है। महिला ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि वह करीब 70 वर्षों से विवादित जमीन पर काबिज है और अपने दो जवान बेटियों के साथ वहां रहती है। महिला ने आरोप लगाया कि जफर अमीन डक्कू अपने करीब 50 से 60 समर्थकों के साथ उसके घर पहुंचे और मकान में तोड़फोड़ कर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। महिला का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उसकी गर्दन दबाने की भी कोशिश की गई। महिला के मुताबिक, घटना के बाद उसने पुलिस को तहरीर देकर पूरे मामले की जानकारी दी, जिसके आधार पर राजघाट पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। *शब्बीर कुरैशी समेत अन्य पर भी मुकदमा* पुलिस के मुताबिक एफआईआर में जफर अमीन डक्कू और समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी को नामजद किया गया है, जबकि आठ-दस अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया था कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने जांच की थी। पीड़ित महिला की तहरीर मिलने के बाद सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद हुआ था और मौके पर दूसरे पक्ष को डराने-धमकाने तथा मारपीट किए जाने की बात सामने आई थी। *जफर अमीन बोले- मेरा पक्ष नहीं सुना गया* जिला अस्पताल में मेडिकल के लिए लाए गए जफर अमीन डक्कू ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह बिल्कुल बेकसूर हैं। उनका कहना था कि मीडिया में उनके खिलाफ खबरें चलाने से पहले उनका पक्ष जानना चाहिए था। उन्होंने वायरल वीडियो के संबंध में भी कहा कि उनसे इस बारे में सफाई नहीं मांगी गई। *सपा कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध* जफर अमीन डक्कू की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई की निंदा की है। सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि जफर अमीन डक्कू और महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी के खिलाफ की गई कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल जफर अमीन डक्कू को न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया गया है। वहीं शब्बीर कुरैशी समेत अन्य आरोपियों के संबंध में पुलिस की विवेचना जारी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। #सपा
जमीन विवाद में जाफ़र अमीन डक्कू गिरफ्तार, जिला जेल भेजे गए; बोले- ‘मैं बिल्कुल बेकसूर हूं’* * गोरखपुर। जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद के मामले में राजघाट पुलिस ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री जफर अमीन उर्फ डक्कू को गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल परीक्षण के लिए पुलिस टीम उन्हें गोरखपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां मीडिया से बातचीत के दौरान जफर अमीन डक्कू ने खुद को पूरी तरह बेकसूर बताया। मेडिकल के बाद पुलिस ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में गोरखपुर जिला जेल भेज दिया। जफर अमीन डाकू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मामले में उनका पक्ष जानने की कोशिश नहीं की गई और उनके खिलाफ एकतरफा खबरें चलाई गईं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर भी उनसे कोई सफाई नहीं मांगी गई। उनका आरोप है कि उनके साथ अन्याय हो रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। *पीड़ित महिला की तहरीर पर हुई कार्रवाई* इस मामले में पुलिस ने पीड़ित महिला की तहरीर के आधार पर राजघाट थाने में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की है। महिला ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि वह करीब 70 वर्षों से विवादित जमीन पर काबिज है और अपने दो जवान बेटियों के साथ वहां रहती है। महिला ने आरोप लगाया कि जफर अमीन डक्कू अपने करीब 50 से 60 समर्थकों के साथ उसके घर पहुंचे और मकान में तोड़फोड़ कर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। महिला का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उसकी गर्दन दबाने की भी कोशिश की गई। महिला के मुताबिक, घटना के बाद उसने पुलिस को तहरीर देकर पूरे मामले की जानकारी दी, जिसके आधार पर राजघाट पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। *शब्बीर कुरैशी समेत अन्य पर भी मुकदमा* पुलिस के मुताबिक एफआईआर में जफर अमीन डक्कू और समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी को नामजद किया गया है, जबकि आठ-दस अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया था कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने जांच की थी। पीड़ित महिला की तहरीर मिलने के बाद सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद हुआ था और मौके पर दूसरे पक्ष को डराने-धमकाने तथा मारपीट किए जाने की बात सामने आई थी। *जफर अमीन बोले- मेरा पक्ष नहीं सुना गया* जिला अस्पताल में मेडिकल के लिए लाए गए जफर अमीन डक्कू ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह बिल्कुल बेकसूर हैं। उनका कहना था कि मीडिया में उनके खिलाफ खबरें चलाने से पहले उनका पक्ष जानना चाहिए था। उन्होंने वायरल वीडियो के संबंध में भी कहा कि उनसे इस बारे में सफाई नहीं मांगी गई। *सपा कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध* जफर अमीन डक्कू की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई की निंदा की है। सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि जफर अमीन डक्कू और महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी के खिलाफ की गई कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल जफर अमीन डक्कू को न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया गया है। वहीं शब्बीर कुरैशी समेत अन्य आरोपियों के संबंध में पुलिस की विवेचना जारी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। #सपा
- सपा नेता ज़फर अमीन डक्कू को हिरासत में लिए जाने के बाद ई0 सुनील सिंह की प्रतिक्रिया1
- जमीन विवाद में जाफ़र अमीन डक्कू गिरफ्तार, जिला जेल भेजे गए; बोले- ‘मैं बिल्कुल बेकसूर हूं’* * गोरखपुर। जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद के मामले में राजघाट पुलिस ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री जफर अमीन उर्फ डक्कू को गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल परीक्षण के लिए पुलिस टीम उन्हें गोरखपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां मीडिया से बातचीत के दौरान जफर अमीन डक्कू ने खुद को पूरी तरह बेकसूर बताया। मेडिकल के बाद पुलिस ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में गोरखपुर जिला जेल भेज दिया। जफर अमीन डाकू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मामले में उनका पक्ष जानने की कोशिश नहीं की गई और उनके खिलाफ एकतरफा खबरें चलाई गईं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर भी उनसे कोई सफाई नहीं मांगी गई। उनका आरोप है कि उनके साथ अन्याय हो रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। *पीड़ित महिला की तहरीर पर हुई कार्रवाई* इस मामले में पुलिस ने पीड़ित महिला की तहरीर के आधार पर राजघाट थाने में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की है। महिला ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि वह करीब 70 वर्षों से विवादित जमीन पर काबिज है और अपने दो जवान बेटियों के साथ वहां रहती है। महिला ने आरोप लगाया कि जफर अमीन डक्कू अपने करीब 50 से 60 समर्थकों के साथ उसके घर पहुंचे और मकान में तोड़फोड़ कर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। महिला का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उसकी गर्दन दबाने की भी कोशिश की गई। महिला के मुताबिक, घटना के बाद उसने पुलिस को तहरीर देकर पूरे मामले की जानकारी दी, जिसके आधार पर राजघाट पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। *शब्बीर कुरैशी समेत अन्य पर भी मुकदमा* पुलिस के मुताबिक एफआईआर में जफर अमीन डक्कू और समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी को नामजद किया गया है, जबकि आठ-दस अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया था कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने जांच की थी। पीड़ित महिला की तहरीर मिलने के बाद सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद हुआ था और मौके पर दूसरे पक्ष को डराने-धमकाने तथा मारपीट किए जाने की बात सामने आई थी। *जफर अमीन बोले- मेरा पक्ष नहीं सुना गया* जिला अस्पताल में मेडिकल के लिए लाए गए जफर अमीन डक्कू ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह बिल्कुल बेकसूर हैं। उनका कहना था कि मीडिया में उनके खिलाफ खबरें चलाने से पहले उनका पक्ष जानना चाहिए था। उन्होंने वायरल वीडियो के संबंध में भी कहा कि उनसे इस बारे में सफाई नहीं मांगी गई। *सपा कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध* जफर अमीन डक्कू की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई की निंदा की है। सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि जफर अमीन डक्कू और महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी के खिलाफ की गई कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल जफर अमीन डक्कू को न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया गया है। वहीं शब्बीर कुरैशी समेत अन्य आरोपियों के संबंध में पुलिस की विवेचना जारी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। #सपा1
- योगी सरकार का बड़ा तोहफा,60 साल पूरी कर चुकी महिलाएं, परिवहन निगम की बसों में कर सकेंगी निशुल्क यात्रा,इन दस्तावेजों की होगी जरूर उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की वरिष्ठ महिला नागरिकों को बड़ी सौगात दी है।29 तारीख से शुरू हुई 'लोकमाता निशुल्क यात्रा योजना' के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को बस यात्रा में पूरी तरह से छूट दी जा रही है।इस योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाएं उत्तर प्रदेश में कहीं भी, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (UPSRTC) की सभी सामान्य श्रेणी की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकती हैं।परिवहन विभाग की ओर से सभी बस कंडक्टरों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं और दैनिक आधार पर इसकी निगरानी की जा रही है।यात्रा के लिए महिलाओं को केवल अपना आधार कार्ड या वोटर आईडी में से कोई एक पहचान पत्र कंडक्टर को दिखाना अनिवार्य होगा। लोकमाता निशुल्क यात्रा योजना के शुरू होने से प्रदेश भर की बुजुर्ग महिलाओं में उत्साह है।उत्तर प्रदेश की नागरिकता रखने वाली 60 साल या उससे ऊपर की महिलाओं को यात्रा के दौरान सिर्फ अपना कोई एक मान्य दस्तावेज—जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड—साथ रखना होगा।कंडक्टर को यह पहचान पत्र दिखाते ही उन्हें मुफ्त सफर की सुविधा मिल जाएगी।परिवहन विभाग के अनुसार,आने वाले समय में इस व्यवस्था को और सुगम बनाने के लिए एक विशेष 'डिजिटल कार्ड' भी जारी करने की तैयारी चल रही है।जैसे ही शासन की ओर से निर्देश प्राप्त होंगे, इसे लागू कर दिया जाएगा।अगर गोरखपुर क्षेत्र की बात करें, तो यहाँ भी योजना का लाभ उठाकर महिलाओं की यात्रा सुगम हो रही है। अधिकारियों के मुताबिक प्रतिदिन आंकड़ों की निगरानी की जा रही है, जहाँ कल के आंकड़ों के अनुसार 505 महिला यात्रियों ने इस निशुल्क सेवा का लाभ उठाया।प्रदेश के अन्य जिलों से भी ऐसे ही सकारात्मक आंकड़े सामने आ रहे हैं और अब तक योजना को लेकर कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है। बाइट-लव कुमार सिंह क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम गोरखपुर।1
- गोरखपुर MR होम से भागे 3 युवक पकड़ाए, बताई भागने की वजह राजघाट स्थित राजकीय मानसिक मंदित आश्रय गृह से मंगलवार देर रात भागे चार संवासियों में से तीन को पुलिस ने पकड़ लिया है। रवि गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर मिला, जबकि बबलू और सोमारू आश्रय गृह के आसपास ही घूमते मिले। चौथे संवासी आजम उर्फ आलम की तलाश जारी है। पकड़े गए युवकों ने पूछताछ में कहा, हम स्वस्थ हैं, अब आश्रय गृह में नहीं रहना चाहते। अधिकारियों से कई बार कहा, लेकिन वापस नहीं भेजा गया, इसलिए भागना पड़ा। मंगलवार दी देर रात भागने से पहले युवकों ने एमआर होम में 16 सीसीटीवी और 8 फीट ऊंची दीवार के बावजूद चारों ने मेन गेट के कैमरे का तार काट दिया। ड्यूटी पर तैनात गार्ड यादव के सोने का फायदा उठाकर मेन गेट से फरार हो गए। एमआर होम में 48 संवासी रहते हैं, सुरक्षा में 3 गार्ड 8-8 घंटे की शिफ्ट में तैनात हैं। भागने वालों में रवि (22), आजम (19), बबलू (23) को 4 मई 2014 को लखनऊ बाल सुधार गृह से भेजा गया था, जबकि सोमारू (19) जून 2025 में आया था। बाहर दुकान चलाने वाले दुकानदार के मुताबिक रवि तेज-तर्रार है, उसी ने भागने की योजना बनाई होगी।1
- यूपी में सपा नेता पर जमीन कब्जा और मारपीट का महिला ने लगाया आरोप,वीडियो वायरल,मुकदमा दर्ज यूपी में सपा नेता पर जमीन कब्जा और मारपीट का महिला ने लगाया आरोप,वीडियो वायरल,मुकदमा दर्ज1
- किसानों की हितैषी बताने वाली भाजपा की असली सच्चाई खुद किसान नेता ने ही बता डाला। भले ही किसानों को सम्मान निधि से लेकर फसल बीमा योजना तक का लाभ भाजपा दे रही है लेकिन किसानों की पीड़ा कम नहीं हो रही है। कारण साफ है सरकार की नीति में खोट का होना। पेट्रोल में इथेनॉल मिलावट भी एक बड़ा घोटाला है जिसकी सीबीआई जांच की मांग रखी गई है।1
- संतान की दीर्घायु के लिए माताओं ने रखा षष्ठी व्रत, कुश की पूजा कर मांगा आशीर्वाद गोरखपुर।भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर बुधवार को गोरखपुर सहित पूरे देश में महिलाओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ षष्ठी व्रत रखा। संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर मुख्य रूप से माताओं ने एक दिवसीय व्रत किया। इस अवसर पर महिलाओं ने कुश की पूजा-अर्चना कर संतान के कल्याण के लिए प्रार्थना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार षष्ठी व्रत के दिन भगवान बलराम (हल-मूसल) और छठ माता की पूजा की जाती है। पूजा में बिना जोते हुए खेतों से प्राप्त अन्न तथा भैंस के दूध-दही का विशेष रूप से प्रसाद चढ़ाया जाता है। सुबह से ही घरों में व्रत की तैयारियां शुरू हो गईं और महिलाओं ने विधि-विधान से पूजन कर संतान की दीर्घायु और निरोगी जीवन की कामना की। कई स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की। व्रत को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिली। मान्यता है कि इस व्रत के पालन से संतान पर आने वाले संकट दूर होते हैं और उसे दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।2
- सपा नेता ज़फर अमीन डक्कू को हिरासत में लिए जाने के बाद पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव की प्रतिक्रिया1