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कौशल विकास भत्ता योजना को बहाल करने की मांग की गई है। इस संबंध में राज्य में यह मांग सामने आई है।
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कौशल विकास भत्ता योजना को बहाल करने की मांग की गई है। इस संबंध में राज्य में यह मांग सामने आई है।
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- ऊना जिले की ग्राम पंचायत सेरी में नवनिर्वाचित पंचों ने गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। इस अवसर पर उन्होंने पंचायत के समग्र विकास और उसे नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।1
- भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र सिंह राणा ने हमीरपुर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर की जमकर प्रशंसा की। राणा ने कहा कि अनुराग ठाकुर ने अपने कार्यकाल में विकास की ऐसी मजबूत नींव रखी, जिसके परिणाम आज भी पूरे संसदीय क्षेत्र को मिल रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि अनुराग ठाकुर ने राजनीति को केवल चुनाव तक सीमित नहीं रखा, बल्कि विकास और जनसेवा को अपना मूल उद्देश्य बनाया, जिसके चलते हमीरपुर संसदीय क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल में अभूतपूर्व कार्य हुए। राणा ने विशेष रूप से बताया कि अनुराग ठाकुर के प्रयासों से 24 मार्च 2022 को हमीरपुर में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना हुई, जहाँ बैडमिंटन, बॉक्सिंग, जूडो, हॉकी, कुश्ती और एथलेटिक्स जैसी छह खेल विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने धर्मशाला में विश्व स्तरीय क्रिकेट स्टेडियम, नादौन का अमतर क्रिकेट ग्राउंड और एचपीसीए के माध्यम से ऋषि धवन व सुषमा वर्मा जैसे अनेक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के उभरने को भी अनुराग ठाकुर की सोच का परिणाम बताया, जिसने खेलों के क्षेत्र में हिमाचल को राष्ट्रीय पहचान दिलाई। इसी वार्ता में राजेंद्र राणा ने प्रदेश की सुक्खू सरकार पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि सुबह भर्ती होती है और शाम को कर्मचारी सेवानिवृत्त हो जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल सरकार ने लोगों पर पांच तरह के सेस लगाकर उन्हें परेशान कर दिया है। राणा ने मुख्यमंत्री को झूठ बोलने में माहिर बताते हुए दावा किया कि उन्होंने बिहार में बयान दिया कि हिमाचल की 2,85,000 महिलाओं को सरकार द्वारा ₹1500 दे दिए गए हैं, जो कि एक झूठी बयानबाजी है। राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री पर आए दिन झूठे बयान देकर लोगों को गुमराह करने और विद्यार्थी जीवन से ही साजिश वाली राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में सुख सरकार द्वारा महिलाओं को ₹1500 का आवंटन कर दिया जाएगा और फिर से हिमाचल की जनता को कांग्रेस द्वारा ठगने का काम किया जाएगा, क्योंकि कांग्रेस सरकार द्वारा दी गई गारंटियां अभी तक पूरी नहीं हुई हैं।2
- परागपुर पंचायत समिति के चुनावों में गुरुवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहाँ कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने 28 साल बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर शानदार जीत दर्ज की है। एसडीएम देहरा कुलवंत सिंह पोटन और बीडीओ मीना शर्मा की देखरेख में हुए इन चुनावों में नरेश कुमार पुट्टू अध्यक्ष चुने गए, जिन्हें 17 वोट मिले, जबकि भाजपा के विशाल पटियाल को मात्र 6 वोट ही हासिल हुए। उपाध्यक्ष पद के लिए अनिल किशोर ने 16 वोटों के साथ जीत हासिल की, वहीं भाजपा की विजय कुमारी को 7 वोटों से संतोष करना पड़ा। इस जीत के साथ कांग्रेस ने 1996-98 के बाद से चले आ रहे भाजपा के दबदबे को खत्म कर दिया है, जो पिछले 28 सालों से इस समिति पर कायम था। जीत के तुरंत बाद, नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने अपनी सफलता का श्रेय कांग्रेस महासचिव सुरिंदर मनकोटिया को दिया। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ एक विजय रैली निकालकर अपनी खुशी का इजहार किया। इस अवसर पर सुरिंदर मनकोटिया ने घोषणा की कि यह जीत एक बड़े बदलाव की शुरुआत है और अब जसवां-परागपुर में भी कांग्रेस का विधायक बनेगा। इस चुनाव परिणाम ने क्षेत्र के पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर और कांग्रेस महासचिव सुरिंदर मनकोटिया के बीच की आपसी सियासी खींचतान को और भी दिलचस्प बना दिया है।4
- हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के सुजानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत री भलाना चलोखर मार्ग पर एक सड़क दुर्घटना हो गई। इस हादसे में एक बाइक चालक टिप्पर की चपेट में आ गया, लेकिन सौभाग्यवश उसकी जान बाल-बाल बच गई।1
- प्रदेश सरकार के नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने शनिवार, 27 जून को घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में नवगठित देहरा हटवाड़ पंचायत के कार्यालय का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पंचायतों को सरकार और जनता के बीच सबसे मजबूत कड़ी बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की सबसे छोटी इकाई होने के बावजूद पंचायतें ग्रामीण विकास की सबसे सशक्त आधारशिला हैं। मंत्री ने नव-निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों से पारदर्शिता, ईमानदारी और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का आह्वान किया। मंत्री धर्माणी ने बताया कि वर्तमान प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को घर-द्वार पर बेहतर प्रशासनिक एवं विकासात्मक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंचायतों का पुनर्गठन कर रही है। उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार पर जिला बिलासपुर में कई बड़ी पंचायतों को यथावत रखते हुए छोटी पंचायतों का पुनर्गठन करने का आरोप लगाया, जबकि वर्तमान सरकार ने लोगों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए हटवाड़, डंगार और मरहाणा जैसी बड़ी पंचायतों को अलग-अलग पंचायतों में विभाजित किया है, ताकि ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर ही बेहतर सेवाएँ और योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी घोषणा की कि देहरा हटवाड़ पंचायत द्वारा उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने पर, प्रदेश सरकार यहाँ लगभग 1 करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त आधुनिक पंचायत भवन का निर्माण करेगी, जो पंचायत प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाएगा और विभिन्न सरकारी सेवाओं का एकीकृत केंद्र बनेगा। शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि राज्य के 100 से अधिक सरकारी विद्यालयों को उन्नत कर अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित करते हुए सीबीएसई से संबद्ध किया गया है। विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पाँचवीं और आठवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएँ पुनः लागू की गई हैं, और 'नो डिटेंशन पॉलिसी' समाप्त कर दी गई है। शिक्षकों के क्षमता विकास के लिए सिंगापुर की प्रिंसिपल्स अकादमी के साथ समझौता किया गया है। स्कूलों एवं महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक पुस्तकालय और डिजिटल सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूनेस्को की सिफारिशों के अनुरूप रटने की प्रवृत्ति समाप्त कर व्यावहारिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रणाली विकसित की जा रही है, जिसकी शुरुआत पीएम श्री विद्यालयों से की गई है। उन्होंने बीपीएल चयन के आठवें चरण में पात्रता मानदंडों को अधिक मानवीय बनाने की जानकारी दी। अब 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग मुखिया वाले परिवार, ऐसे परिवार जिनके सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम एक दिन कार्य किया है, गंभीर बीमारियों अथवा स्थायी दिव्यांगता से प्रभावित कमाने वाले सदस्य वाले परिवार, तथा भूमिहीन परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल किया जाएगा। वहीं, आयकरदाता परिवार, सभी स्रोतों से 75 हजार रूपए से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार, एक हेक्टेयर से अधिक भूमि रखने वाले तथा सरकारी, अर्द्धसरकारी अथवा निजी नौकरी करने वाले सदस्य वाले परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर रखा जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में पुरानी मशीनरी को आधुनिक उपकरणों से बदला जा रहा है। आईजीएमसी शिमला में अत्याधुनिक पेट स्कैन मशीन स्थापित की जा चुकी है, और शीघ्र ही हमीरपुर, नेरचौक और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) के सहयोग से लगभग 3000 करोड़ रूपए की लागत से स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की परियोजना पर कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत मेडिकल कॉलेजों एवं प्रमुख अस्पतालों में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं। साथ ही, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। राजेश धर्माणी ने हिमकेयर योजना में पूर्व सरकार के समय बड़े स्तर पर हुई अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार इनकी जाँच करवा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हिमकेयर योजना के अंतर्गत पाँच लाख रूपए तक की स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध है, लेकिन गंभीर बीमारियों के उपचार में यह राशि कई बार पर्याप्त नहीं होती। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार इस योजना का दायरा बढ़ाकर 7 से 10 लाख रूपए तक करने तथा इसे बीमा मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति आर्थिक कारणों से उपचार से वंचित न रहे। उन्होंने घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष बल देने की बात कही। हटवाड़ क्षेत्र के आसपास विभिन्न सड़कों के सुधार एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। लगभग 20 करोड़ रूपए की लागत से डे-बोर्डिंग स्कूल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 65 से अधिक नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश सरकार गांवों के समग्र विकास, मजबूत आधारभूत ढांचे और जनकल्याण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है तथा प्रत्येक क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर पंचायत प्रधान मनोज कुमारी, उपप्रधान देशराज, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष चेम्बल सिंह, हटवाड़ पंचायत प्रधान काशीराम, हम्बोट पंचायत प्रधान मति देवी, बीडीसी सदस्य सुभाष चंद्र, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- कौशल विकास भत्ता योजना को बहाल करने की मांग की गई है। इस संबंध में राज्य में यह मांग सामने आई है।1
- हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में जिला मुख्यालय के पास स्थित लाल सिंघी गांव में शनिवार सुबह एक भीषण अग्निकांड हुआ। इस भयावह घटना में लगभग 40 से 45 झुग्गियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। आग की चपेट में आने से झुग्गियों के भीतर रखा सारा घरेलू सामान भी नष्ट हो गया। गनीमत रही कि इस भीषण हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।1