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एसडीएम आकांक्षा मिश्रा ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर तत्काल संज्ञान लिया। एसडीएम आकांक्षा मिश्रा ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर तत्काल संज्ञान लिया। पीड़ित की बात को गंभीरता से सुना और हर संभव न्याय दिलाने का भरोसा दिया। प्रशासन की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का दिखा बेहतर उदाहरण। #SDMAkankshaMishra #संवेदनशील_प्रशासन #तत्काल_कार्रवाई #पीड़ित_के_साथ_प्रशासन #न्याय_का_भरोसा
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एसडीएम आकांक्षा मिश्रा ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर तत्काल संज्ञान लिया। एसडीएम आकांक्षा मिश्रा ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर तत्काल संज्ञान लिया। पीड़ित की बात को गंभीरता से सुना और हर संभव न्याय दिलाने का भरोसा दिया। प्रशासन की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का दिखा बेहतर उदाहरण। #SDMAkankshaMishra #संवेदनशील_प्रशासन #तत्काल_कार्रवाई #पीड़ित_के_साथ_प्रशासन #न्याय_का_भरोसा
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- एसडीएम आकांक्षा मिश्रा ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर तत्काल संज्ञान लिया। पीड़ित की बात को गंभीरता से सुना और हर संभव न्याय दिलाने का भरोसा दिया। प्रशासन की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का दिखा बेहतर उदाहरण। #SDMAkankshaMishra #संवेदनशील_प्रशासन #तत्काल_कार्रवाई #पीड़ित_के_साथ_प्रशासन #न्याय_का_भरोसा1
- सुकरौली विकास खंड के पंडरी शेखपुरवा गांव में श्री श्री 108 शिवलिंग एवं शिव परिवार की मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर मंगलवार को भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था और श्रद्धा से ओत-प्रोत इस आयोजन में गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कलश यात्रा की शुरुआत पंडरी शेखपुरवा गांव से हुई, जो गाजे-बाजे और धार्मिक जयघोषों के साथ मां मंदरिया देवी के स्थान तक पहुंची। वहां विधि-विधान से कलशों में जल भरा गया, जिसके बाद यात्रा पुनः मंदिर परिसर लौटी। यात्रा में 1001 कन्याओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया, जो पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रहीं। महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सिर पर कलश लेकर भक्ति भाव से चलती नजर आईं, वहीं बच्चे और युवा धार्मिक ध्वज, फूल-मालाओं और जयकारों के साथ यात्रा की शोभा बढ़ाते रहे। ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय मां मंदरिया देवी’ के उद्घोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। आयोजन समिति ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर गांव में विशेष उत्साह है। आगामी दिनों में हवन-पूजन, रुद्राभिषेक और भंडारे सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।1
- भारतीय संस्कृति के अनुसार स्टार पब्लिक स्कूल पैकौली सुकरौली कुशीनगर के छात्राओं द्वारा स्वागत गीत पर प्रस्तुति ।1
- कंधों पर सजे सितारे… और उसके साथ बढ़ी जिम्मेदारी। कुशीनगर पुलिस महकमे के लिए आज का दिन गर्व और सम्मान से भरा रहा। जनपद में तैनात उपनिरीक्षक जयश्री यादव और उपनिरीक्षक हरेराम सिंह यादव को उनकी वर्षों की निष्ठावान सेवा का प्रतिफल मिला। वरिष्ठता के आधार पर दोनों अधिकारियों को पुलिस निरीक्षक (नागरिक पुलिस) के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित औपचारिक समारोह में एसपी कुशीनगर केशव कुमार, आईपीएस ने स्वयं दोनों पदोन्नत अधिकारियों के कंधों पर निरीक्षक पद के नवीन सितारे लगाए। जैसे ही सितारे सजे, सभागार तालियों की गूंज से भर उठा—सम्मान भी था और नई जिम्मेदारी का अहसास भी। इस मौके पर एसपी केशव कुमार ने दोनों निरीक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह पदोन्नति एक दिन की नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए पद पर भी दोनों अधिकारी कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जनसेवा में पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।1
- देवरिया, 10 फरवरी, 2026। जिले में मंगलवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) मनाया गया। इसके तहत 1 से 19 वर्ष तक के लाभार्थियों को पेट के कीड़े निकालने की दवा खिलाई गई। जिला पंचायत अध्यक्ष गिरीश चंद्र तिवारी व सीएमओ डॉ अनिल कुमार गुप्ता ने शहर के पीएमश्री कस्तूरबा गांधी बालिका इंटर कॉलेज में अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने छात्राओं के साथ दवा का सेवन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। वहीं जिले के पेशेंट स्टेक होल्डर प्लेटफार्म (पीएसपी) गठित ब्लाकों में पीएसपी सदस्यों ग्राम प्रधान, सीएचओ, एएनएम, शिक्षक, आशा, आंगनबाड़ी, फाइलेरिया मरीजों ने अभियान में सभागिता निभाते हुए विद्यालय व आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दवा के फायदे बताकर कृमि नाशक दवा का सेवन कराया। इस दौरान छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। कृमि मुक्ति की दवा के गुणों के बारे में भी विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम के जिला पंचायत अध्यक्ष गिरीश चंद्र तिवारी ने कहा कि पेट में कृमि संक्रमण को रोकने के लिए पेट से कीड़े निकालने की दवा खाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिले के करीब 17 लाख से अधिक लाभार्थियों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित है। जो लाभार्थी राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर दवा का सेवन नहीं कर सके हैं, उन्हें 13 को माप अप राउंड के दौरान दवा खिलाई जाएगी। जिले के सरकारी स्कूलों, निजी स्कूलों और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों को पेट से कृमि निकालने की दवा खिलाई जानी है। सीएमओ डॉ अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि स्वस्थ आदतों का विकास करके भी कृमि संक्रमण से बचा जा सकता है। शरीर में कृमि संक्रमण के कारण खून की कमी, कुपोषण, थकावट व बीमारी एवं कमजोरी की दिक्कत हो जाती है। इससे बचाव के लिए प्रत्येक छह माह में खिलाई जाने वाली दवा पूरी तरह से सुरक्षित है। इसी क्रम में 10 फरवरी को दवा खिलाई गई है। उन्होंने कहा कि अभियान में किसी कारण दवा न खाने वाले लाभार्थियों के अभिभावक, उनसे जुड़े शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उन्हें 13 फरवरी को मॉप अप राउंड के दौरान इस दवा का सेवन अवश्य करवा दें। इस मौके पर कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ अजीत, डिप्टी सीएमओ डॉ आरपी यादव, डॉ अश्विनी पाण्डेय, डॉ हरेंद्र कुमार, डीएमओ सीपी मिश्रा, डीपीएम पूनम, विश्वनाथ मल्ल सहित विद्यालय के शिक्षक और छात्राएं आदि मौजूद रहे।1
- देवरिया जिले के भटनी विकास खंड क्षेत्र के साहोपार में संचालित प्राइवेट विद्यालय छात्रों से कार्य करते देखे गए। जो पहले से ही मानक विहित है सवालों के घेरे में है।4
- गर्लफ्रेंड से मिलने गया था, लोगों ने पकड़ लिया; बुलाए गए पंडित, देवरिया में करा दी अनोखी शादी देवरिया में एक प्रेमी युगल को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। दोनों के परिजनों को बुलाकर पंचायत हुई। फिर दोनों पक्षों के राजी होने के बाद प्रेमी युगल की शादी करा दी। उत्तर प्रदेश के देवरिया में एक ऐसी शादी हुई, जिसमें न तो बारात निकली, न बैंड बाजा बजा और न ही कोई भोज हुआ। पंडित ने वर कन्या के परिजनों और कुछ गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में मंत्र पढ़ कर प्रेमी युगल की शादी करा दी। शादी संपन्न होने के बाद वहां मौजूद लोगों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर दूल्हा-दुल्हन के उज्जवल भविष्य की कामना की और दोनों को खुश रहने का आशीर्वाद दिया।1
- (विशुनपुरा थाना क्षेत्र के गिदहवा टैक्सी स्टैंड के पास घंटों चला हाईवोल्टेज ड्रामा, एसडीएम तमकुहीराज के मौके पर पहुंचने की सूचना) दुदही:कुशीनगर।जनपद के विशुनपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत दुदही नगर पंचायत के गिदहवा (गौरी श्रीराम) टैक्सी स्टैंड के समीप उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जमीनी विवाद से आहत एक व्यक्ति मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। बताया जा रहा है कि पीड़ित व्यक्ति लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद से मानसिक रूप से परेशान था और इसी कारण उसने यह खतरनाक कदम उठाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टॉवर पर चढ़ा व्यक्ति लगातार उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करता रहा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। समाचार लिखे जाने तक तमकुहीराज की उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के मौके पर पहुंचने की सूचना प्राप्त हुई थी। इस पूरे मामले की जड़ में एक अत्यंत गंभीर भूमि विवाद बताया जा रहा है, जिसमें प्रार्थिनी सुलेखा पत्नी रामभजन, निवासी ग्राम गौरी श्रीराम (घूसा टोला), थाना विशुनपुरा, तहसील तमकुहीराज, जनपद कुशीनगर ने अपने साथ धोखाधड़ी और बेदखली का आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार वह एक अत्यंत गरीब व असहाय महिला है। उसका एकमात्र रिहायशी मकान गाटा संख्या 2598 में दर्ज है, जो रेलवे स्टेशन एवं बाजार के समीप स्थित है। इसी मकान के अतिरिक्त उसके पास न तो कोई अन्य भूमि है और न ही कोई दूसरा आवास। पीड़िता के पति रोज़गार के सिलसिले में विदेश (दुबई) में कार्यरत थे, जिसके कारण वह लंबे समय तक घर पर अकेली रहती थी। आरोप है कि इसी स्थिति का फायदा उठाकर गांव के ही कुछ लोगों — सुगंती पत्नी सुशील, उर्मिला पत्नी नागेन्द्र तिवारी, नाजिर पुत्र अज्ञात, सरिता पत्नी सुजीत तथा राजेन्द्र पुत्र गणेश — ने आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए महिला को धोखे में रखा। दिनांक 26 सितंबर 2023 को आरोपियों ने यह कहकर कागजी कार्यवाही कराई कि केवल आधा कठ्ठा जमीन बच्चों के नाम दी जा रही है। पीड़िता अशिक्षित और कानूनी जानकारी से अनभिज्ञ थी, जिसके चलते वह उनके बहकावे में आ गई। पीड़िता का आरोप है कि उसे यह जानकारी ही नहीं दी गई कि धोखे से पूरे रिहायशी मकान का बैनामा करा लिया गया। लगभग एक सप्ताह बाद आरोपियों ने दबंगई दिखाते हुए उसके मकान का ताला तोड़कर जबरन कब्जा कर लिया और उसे खुलेआम बेदखल कर दिया। जब पीड़िता ने विरोध किया तो उसे यह कहकर चुप करा दिया गया कि अब यह मकान उनका है। इस घटना से पीड़िता पूरी तरह मानसिक रूप से टूट चुकी है। लगातार मिल रही धमकियों, अपमान और उत्पीड़न के कारण वह गंभीर मानसिक तनाव में है और आत्महत्या जैसे विचारों से भी गुजरने की बात कही गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक साधारण भूमि विवाद नहीं बल्कि सुनियोजित ढंग से की गई धोखाधड़ी और दबंगई का मामला है। यदि समय रहते प्रशासन द्वारा हस्तक्षेप नहीं किया गया तो कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है। फिलहाल, मोबाइल टॉवर पर चढ़े व्यक्ति को सुरक्षित नीचे उतारने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। पीड़िता ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र, धमकी और अवैध बेदखली की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।1