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ब्यावर जिले के रास थाना क्षेत्र स्थित सुमेल गांव से एक 17 वर्षीय नाबालिग बच्ची के लापता होने और अपहरण का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि रास थाने में एफआईआर दर्ज करवाने के बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा बीते कई दिनों से कोई ठोस कार्रवाई या तफ्तीश नहीं की गई, जिससे स्थानीय पुलिस की ढिलाई और लापरवाही साफ उजागर होती है। इसी कार्यशैली से आहत और परेशान होकर आज पीड़ित माता-पिता और बड़ी संख्या में ग्रामवासी ब्यावर एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर अपनी बेटी की जल्द से जल्द दस्तयाबी और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने शीघ्र ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
Vijay mehraniya
ब्यावर जिले के रास थाना क्षेत्र स्थित सुमेल गांव से एक 17 वर्षीय नाबालिग बच्ची के लापता होने और अपहरण का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि रास थाने में एफआईआर दर्ज करवाने के बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा बीते कई दिनों से कोई ठोस कार्रवाई या तफ्तीश नहीं की गई, जिससे स्थानीय पुलिस की ढिलाई और लापरवाही साफ उजागर होती है। इसी कार्यशैली से आहत और परेशान होकर आज पीड़ित माता-पिता और बड़ी संख्या में ग्रामवासी ब्यावर एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर अपनी बेटी की जल्द से जल्द दस्तयाबी और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने शीघ्र ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
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- ब्यावर जिले के रास थाना क्षेत्र स्थित सुमेल गांव से एक 17 वर्षीय नाबालिग बच्ची के लापता होने और अपहरण का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि रास थाने में एफआईआर दर्ज करवाने के बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा बीते कई दिनों से कोई ठोस कार्रवाई या तफ्तीश नहीं की गई, जिससे स्थानीय पुलिस की ढिलाई और लापरवाही साफ उजागर होती है। इसी कार्यशैली से आहत और परेशान होकर आज पीड़ित माता-पिता और बड़ी संख्या में ग्रामवासी ब्यावर एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर अपनी बेटी की जल्द से जल्द दस्तयाबी और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने शीघ्र ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।1
- ब्यावर के ग्राम राजियावास में बारिश न होने के कारण सूखा और भीषण गर्मी का प्रकोप बना हुआ है, जिससे किसानों को भारी तकलीफ उठानी पड़ सकती है। बारिश का कोई अता-पता न होने से परेशान ग्रामीणों का मानना है कि भगवान कहीं न कहीं उनसे नाराज हैं। भगवान को खुश करने और बारिश के आगमन की कामना के साथ गांव की महिलाओं और पुरुषों ने मिलकर एक अनूठी पहल की। वे डीजे बजाते हुए अपने धार्मिक स्थल वीर तेजाजी महाराज के मंदिर में झंडा लेकर पहुंचे। वहां ग्रामीणों के लिए प्रसाद चढ़ाया गया और झंडे का परिचय देते हुए इस कार्य को संपन्न किया गया, साथ ही पूरे गांव में मिठाइयां भी बांटी गईं। इस धार्मिक अनुष्ठान के बाद अब ग्रामीणों को केवल बारिश का इंतजार है।2
- अजमेर के मांगलियावास थाना क्षेत्र के दौलत खेड़ा गांव में एक विशेष जाति द्वारा कराए जा रहे देहव्यापार के धंधे से स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। दौलत खेड़ा-जेठाना रोड पर चल रहे इस गंदे व्यापार के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद भी प्रशासन द्वारा इस अवैध धंधे की रोकथाम के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इस गंदे व्यापार का बुरा असर दौलत खेड़ा से जेठाना पढ़ने के लिए आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है।1
- अजमेर के मांगलियावास में पुलिस ने चेकिंग के दौरान अवैध रूप से खनिज पत्थर ले जा रहे एक डम्पर को जब्त करने की कार्रवाई की है। मांगलियावास थानाधिकारी हरीश चौधरी द्वारा अवैध खनन की रोकथाम के लिए गठित विशेष टीम ने चेकिंग के दौरान इस डम्पर को रोका था। चालक के पास कोई दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस ने डम्पर को जब्त कर सुरक्षा की दृष्टि से थाना परिसर में खड़ा करवा दिया है। इस मामले की पूरी सूचना अजमेर खनन विभाग को दे दी गई है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाधिकारी हरीश चौधरी के साथ हैड कांस्टेबल सुरेश कुमार और कांस्टेबल बलवन्त शामिल रहे। थानाधिकारी हरीश चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- ब्यावर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की अजमेर इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्यावर सदर थाना के हेड कांस्टेबल रामाकिशन और दलाल कानाराम को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में सामने आया कि परिवादी की बहन द्वारा ब्यावर सदर थाने में दर्ज कराए गए एक परिवाद में राजीनामा करवाने के बदले पुलिसकर्मियों द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत के अनुसार, हेड कांस्टेबल रामाकिशन और कांस्टेबल मनोज ने पहले 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी, जो सत्यापन के दौरान 8 हजार रुपये तय हुई थी। इस ट्रैप कार्रवाई को उप महानिरीक्षक पुलिस एसीबी अजमेर रेंज नारायण टोगस के सुपरविजन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजवीर सिंह चंपावत के नेतृत्व में निरीक्षक कुशालाराम व उनकी टीम ने अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान हेड कांस्टेबल रामाकिशन ने परिवादी से दलाल कानाराम को 8 हजार रुपये दिलवाए, लेकिन एसीबी की टीम को देखकर कानाराम ने वह राशि अपने परिचित राहुल काठात को थमा दी। राहुल मौके से रिश्वत की राशि लेकर फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है। एसीबी ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है। इस कार्रवाई के साथ ही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आमजन से भ्रष्टाचार के विरुद्ध सहयोग की अपील की है। विभाग ने सूचित किया है कि शिकायत दर्ज कराने के लिए एसीबी की टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 तथा व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9413502834 पर चौबीसों घंटे संपर्क किया जा सकता है।1
- राजस्थान के नागौर जिले स्थित रियां बड़ी क्षेत्र में अपने गांव की पहली महिला डॉक्टर बनीं प्रेरणा जाखड़ के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर पूरे गांव में उत्सव का माहौल देखने को मिला, जहाँ ग्रामीणों ने प्रेरणा को साफा पहनाकर और फूल-मालाओं से सम्मानित किया। इसके बाद डीजे की धुन पर पूरे गांव में एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए। जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर प्रेरणा का अभिनंदन किया और उनकी इस उपलब्धि पर गर्व जताया। डॉक्टर प्रेरणा जाखड़ ने बताया कि उनका बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना था, जिसे उन्होंने लगातार मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग से साकार किया है। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने का दृढ़ संकल्प हो, तो कठिन से कठिन मंजिल भी हासिल की जा सकती है। प्रेरणा ने विद्यार्थियों, विशेषकर बेटियों से शिक्षा को प्राथमिकता देने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। प्रेरणा के पिता सुगना राम जाखड़, जो खेती करते हैं, ने अपनी बेटी की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बच्चों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। उनकी माता अंजू देवी ने बताया कि वे घर के कामकाज और पशुओं की देखभाल के साथ-साथ बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करती थीं। वहीं प्रेरणा के भाई राकेश जाखड़ और अन्य ग्रामीणों ने इस उपलब्धि को पूरे गांव के लिए गर्व का विषय बताया और उम्मीद जताई कि इससे गांव की अन्य बेटियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।1
- पाली के बर ग्राम में जोधपुर रोड पर स्थित एक सूने मकान को निशाना बनाकर अज्ञात चोरों ने ताले तोड़े और कमरे में रखा सामान खंगालकर लाखों के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी पार कर दिए। वारदात के समय मकान मालिक जगदीश प्रसाद गहलोत और उनकी पत्नी दुर्गा देवी दोनों थैरेपी करवाने के लिए पाली गए हुए थे और उनका मकान पूरी तरह से बंद था। मकान मालिक जगदीश प्रसाद (पुत्र गोपीलाल गहलोत) ने बताया कि वे बुधवार 15 तारीख को अपनी पत्नी के साथ पाली गए थे और वहां अपने पुत्र मनीष गहलोत के पास रुक गए थे। जब वे मंगलवार शाम करीब 5 बजे वापस बर लौटे, तो उन्हें कमरे का ताला टूटा मिला और अंदर सारा सामान बिखरा पड़ा था। पीड़ित ने तुरंत बर पुलिस थाने को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। पीड़ित के अनुसार, अज्ञात चोर मकान से डेढ़ तोला सोने की रकड़ी, आधा किलो चांदी का कंदोरा, 250 ग्राम पायजेब की जोड़ी, चांदी के 5 सिक्के, 250 ग्राम चांदी के दो जोड़, 200 ग्राम चांदी की चेन, मंगलसूत्र के 5 सोने के मोती, 4 चांदी की अंगूठी, चांदी की बिछुड़ी की जोड़ी और 30 हजार रुपये नकद चुराकर ले गए हैं। चोरी की इस वारदात को लेकर मकान मालिक जगदीश प्रसाद गहलोत द्वारा बुधवार को बर थाने में लिखित रिपोर्ट दी जाएगी।1
- जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा के साथ हुई घटना को किसी ने अपने कैमरे में कैद किया है, जिसे देखने के बाद बयां करने के लिए सारे शब्द कहीं गहराइयों में दफन हो गए हैं और इस पर कुछ भी लिखने के लिए शब्द नहीं बचे हैं। इस स्थिति पर तीखा प्रहार करते हुए आक्रोश जताया गया है कि जब इंसान का अपना जमीर ही गुलामी की जंजीरों में कैद हो जाता है, तो उसे सामने मौजूद असली जंजीरें भी दिखाई नहीं देती हैं।1