राजस्थान के नागौर जिले स्थित रियां बड़ी क्षेत्र में अपने गांव की पहली महिला डॉक्टर बनीं प्रेरणा जाखड़ के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर पूरे गांव में उत्सव का माहौल देखने को मिला, जहाँ ग्रामीणों ने प्रेरणा को साफा पहनाकर और फूल-मालाओं से सम्मानित किया। इसके बाद डीजे की धुन पर पूरे गांव में एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए। जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर प्रेरणा का अभिनंदन किया और उनकी इस उपलब्धि पर गर्व जताया। डॉक्टर प्रेरणा जाखड़ ने बताया कि उनका बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना था, जिसे उन्होंने लगातार मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग से साकार किया है। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने का दृढ़ संकल्प हो, तो कठिन से कठिन मंजिल भी हासिल की जा सकती है। प्रेरणा ने विद्यार्थियों, विशेषकर बेटियों से शिक्षा को प्राथमिकता देने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। प्रेरणा के पिता सुगना राम जाखड़, जो खेती करते हैं, ने अपनी बेटी की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बच्चों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। उनकी माता अंजू देवी ने बताया कि वे घर के कामकाज और पशुओं की देखभाल के साथ-साथ बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करती थीं। वहीं प्रेरणा के भाई राकेश जाखड़ और अन्य ग्रामीणों ने इस उपलब्धि को पूरे गांव के लिए गर्व का विषय बताया और उम्मीद जताई कि इससे गांव की अन्य बेटियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
राजस्थान के नागौर जिले स्थित रियां बड़ी क्षेत्र में अपने गांव की पहली महिला डॉक्टर बनीं प्रेरणा जाखड़ के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर पूरे गांव में उत्सव का माहौल देखने को मिला, जहाँ ग्रामीणों ने प्रेरणा को साफा पहनाकर और फूल-मालाओं से सम्मानित किया। इसके बाद डीजे की धुन पर पूरे गांव में एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए। जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर प्रेरणा का अभिनंदन किया और उनकी इस उपलब्धि पर गर्व जताया। डॉक्टर प्रेरणा जाखड़ ने बताया कि उनका बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना था, जिसे उन्होंने लगातार मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग से साकार किया है। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने का दृढ़ संकल्प हो, तो कठिन से कठिन मंजिल भी हासिल की जा सकती है। प्रेरणा ने विद्यार्थियों, विशेषकर बेटियों से शिक्षा को प्राथमिकता देने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। प्रेरणा के पिता सुगना राम जाखड़, जो खेती करते हैं, ने अपनी बेटी की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बच्चों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। उनकी माता अंजू देवी ने बताया कि वे घर के कामकाज और पशुओं की देखभाल के साथ-साथ बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करती थीं। वहीं प्रेरणा के भाई राकेश जाखड़ और अन्य ग्रामीणों ने इस उपलब्धि को पूरे गांव के लिए गर्व का विषय बताया और उम्मीद जताई कि इससे गांव की अन्य बेटियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
- राजस्थान के नागौर जिले स्थित रियां बड़ी क्षेत्र में अपने गांव की पहली महिला डॉक्टर बनीं प्रेरणा जाखड़ के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर पूरे गांव में उत्सव का माहौल देखने को मिला, जहाँ ग्रामीणों ने प्रेरणा को साफा पहनाकर और फूल-मालाओं से सम्मानित किया। इसके बाद डीजे की धुन पर पूरे गांव में एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए। जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर प्रेरणा का अभिनंदन किया और उनकी इस उपलब्धि पर गर्व जताया। डॉक्टर प्रेरणा जाखड़ ने बताया कि उनका बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना था, जिसे उन्होंने लगातार मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग से साकार किया है। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने का दृढ़ संकल्प हो, तो कठिन से कठिन मंजिल भी हासिल की जा सकती है। प्रेरणा ने विद्यार्थियों, विशेषकर बेटियों से शिक्षा को प्राथमिकता देने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। प्रेरणा के पिता सुगना राम जाखड़, जो खेती करते हैं, ने अपनी बेटी की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बच्चों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। उनकी माता अंजू देवी ने बताया कि वे घर के कामकाज और पशुओं की देखभाल के साथ-साथ बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करती थीं। वहीं प्रेरणा के भाई राकेश जाखड़ और अन्य ग्रामीणों ने इस उपलब्धि को पूरे गांव के लिए गर्व का विषय बताया और उम्मीद जताई कि इससे गांव की अन्य बेटियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।1
- राजस्थान के थांवला के पास पीह स्थित सद्गुरु कबीर चेतन आश्रम में कबीर पंथ के 16वें वंशाचार्य पंथ श्री हुजूर उदितमुनिनाम साहेब का कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा (छत्तीसगढ़) से शुभ आगमन हुआ। महंत श्री हरिसिंह जी राठौर साहब की तपोस्थली माने जाने वाले इस आश्रम में उनके पधारने पर पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। इस पावन अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ राजस्थान के लगभग सभी जिलों से हजारों की संख्या में कबीरपंथी श्रद्धालु, साधु-संत और महंत पीह पहुंचे और गुरु परंपरा के प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट की। कबीर आश्रम पीह के वर्तमान महंत श्री सतनामसिंह जी राठौड़ साहेब ने बताया कि पंथ श्री हुजूर उदितमुनिनाम साहेब के आगमन पर महिला मंडल द्वारा एक भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद, सायंकाल लगभग 7 बजे पंथ श्री हुजूर साहेब के करकमलों द्वारा समस्त जीवों के कल्याण एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए सात्विक यज्ञ, आनंदी चौका एवं आरती का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर सत्संग का लाभ उठाया। आयोजन के दौरान दोपहर से लेकर देर रात्रि तक एक विशाल सद्गुरु भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम में अनुशासन, सेवा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन की जमकर सराहना करते हुए इसे अपने जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा और सद्गुरु की कृपा प्राप्त करने का एक दुर्लभ अवसर बताया।1
- अजमेर के मांगलियावास थाना क्षेत्र के दौलत खेड़ा गांव में एक विशेष जाति द्वारा कराए जा रहे देहव्यापार के धंधे से स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। दौलत खेड़ा-जेठाना रोड पर चल रहे इस गंदे व्यापार के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद भी प्रशासन द्वारा इस अवैध धंधे की रोकथाम के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इस गंदे व्यापार का बुरा असर दौलत खेड़ा से जेठाना पढ़ने के लिए आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है।1
- अजमेर के मांगलियावास में पुलिस ने चेकिंग के दौरान अवैध रूप से खनिज पत्थर ले जा रहे एक डम्पर को जब्त करने की कार्रवाई की है। मांगलियावास थानाधिकारी हरीश चौधरी द्वारा अवैध खनन की रोकथाम के लिए गठित विशेष टीम ने चेकिंग के दौरान इस डम्पर को रोका था। चालक के पास कोई दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस ने डम्पर को जब्त कर सुरक्षा की दृष्टि से थाना परिसर में खड़ा करवा दिया है। इस मामले की पूरी सूचना अजमेर खनन विभाग को दे दी गई है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाधिकारी हरीश चौधरी के साथ हैड कांस्टेबल सुरेश कुमार और कांस्टेबल बलवन्त शामिल रहे। थानाधिकारी हरीश चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- अजमेर के पुष्कर में डंपर बजरी माफिया की वजह से स्थिति बहुत गंभीर बनी हुई है, जिसे लेकर अजमेर के अधिकारियों और राजस्थान सरकार से संज्ञान लेने की मांग की गई है। देशहित से जुड़ी इस बेहद जरूरी जानकारी के माध्यम से यह बात उठाई गई है कि प्रशासन को आम जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही इस बात पर भी चिंता जताई गई है कि सारे कानून सिर्फ गरीब जनता पर ही लागू होते हैं, जबकि देश में कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए।1
- ब्यावर जिले के रास थाना क्षेत्र स्थित सुमेल गांव से एक 17 वर्षीय नाबालिग बच्ची के लापता होने और अपहरण का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि रास थाने में एफआईआर दर्ज करवाने के बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा बीते कई दिनों से कोई ठोस कार्रवाई या तफ्तीश नहीं की गई, जिससे स्थानीय पुलिस की ढिलाई और लापरवाही साफ उजागर होती है। इसी कार्यशैली से आहत और परेशान होकर आज पीड़ित माता-पिता और बड़ी संख्या में ग्रामवासी ब्यावर एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर अपनी बेटी की जल्द से जल्द दस्तयाबी और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने शीघ्र ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।1
- नागौर के रियां बड़ी क्षेत्र में आने वाले राईका बाग चौराहे पर नाली के ऊपर लगी वर्षों पुरानी लोहे की जाली टूट गई है, जो आमजन के लिए बड़ा खतरा बन गई है। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण इस जाली में कई जगह बड़े गैप बन गए हैं, जिससे बाइक, स्कूटी और तीन पहिया टेम्पो चालक आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन ने अब तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। समाजसेवी आरिफ सिसोदिया ने एक हालिया हादसे का जिक्र करते हुए बताया कि कुछ दिन पहले ही यहां एक मां-बेटी की जान बाल-बाल बची। एक महिला अपनी छोटी बच्ची के साथ स्कूटी से जाली पार कर रही थी, तभी सामने से आ रहे पिकअप वाहन को रास्ता देने के लिए उसने स्कूटी किनारे की, लेकिन गाड़ी का अगला पहिया टूटी जाली में फंस गया। संतुलन बिगड़ने पर महिला पिकअप की ओर गिरी और बच्ची नाली में जा गिरी, जिन्हें आसपास के दुकानदारों ने तुरंत दौड़कर सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय निवासी मोहम्मद फिरोज के अनुसार, इस मुख्य मार्ग से रोजाना सैकड़ों वाहन और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे गुजरते हैं, और कई लोग पहिया फंसने से गिरकर घायल हो चुके हैं। फारूक खां सिलावट ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर नगर पालिका अधिकारी धर्मेंद्र सहित अन्य अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें सौंपी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक नई जाली लगाने या मरम्मत की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस प्रशासनिक अनदेखी से नाराज क्षेत्र के दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों, जिनमें मोहम्मद फिरोज, चांदमोहम्मद, दिनेश और कालूराम शामिल हैं, ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि हादसों को रोकने के लिए टूटी जाली को तुरंत बदलकर मजबूत जाली लगाई जाए और नाली की नियमित सफाई भी सुनिश्चित की जाए।1
- जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। वहां जुटे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया है।1