धामनोद विकास के नाम पर घटिया निर्माण, धंसती सड़कें और बढ़ता खतरा... धामनोद में सीवरेज परियोजना पर जनता का फूटा गुस्सा रोज हो रही दुर्घटनाये धामनोद विकास के नाम पर अव्यवस्था दो साल से अधूरा सीवरेज कार्य बना जनता की मुसीबत... सीवरेज निर्माण की लापरवाही से धामनोद की सड़कें बनीं हादसों का अड्डा, जिम्मेदारों पर उठे सवाल घटिया निर्माण, धंसती सड़कें और बढ़ता खतरा... धामनोद में सीवरेज परियोजना पर जनता का फूटा गुस्स धामनोद धार जिले के धामनोद नगर में, विकास के नाम पर चल रहा सीवरेज प्रोजेक्ट अब लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य आधा भी पूरा नहीं हो सका है। नगर की प्रमुख सड़कों को जगह-जगह खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे सड़कें बड़े-बड़े गड्ढ़ों में सब्दात हो गई है स्थानीय लोगों का आरोप है कि, पाइप लाइन बिछाने के बाद, गट्टाँ को तकनीकी मानकों के अनुसार नहीं भरा जा रहा, बल्कि केवल खानापूर्ति करते हुए घटिया सामग्री से पेचवर्क किया जा रहा है। मुख्य मार्ग पर करीब 20 से 25 दिन पहले भरे गए एक छह इंच गहरे गड्ढे के लगातार धंसने से वह अब लगभग तीन फीट तक गहरा हो चुका है। गड्ढे के पास बिजली की डीपी होने से किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। नागरिकों का कहना है कि कई बार मजबूत बेस बनाकर गड्ढे भरने की मांग की गई, लेकिन ठेकेदार द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया गया। सूत्रों के अनुसार करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे इस प्रोजेक्ट में कई स्थानों पर गुणवत्ता संबंधी सवाल खड़े हो रहे हैं। पहली ही बारिश में पेचवर्क उखड़ने लगा है और सड़कें कीचड़ व जलभराव से भर गई हैं। पुराने बस स्टैंड से लेकर फूडी चौराहा बायपास तक मुख्य मार्ग की हालत सबसे अधिक खराब बताई जा रही है, जहां आए दिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। धूल और कीचड़ के कारण दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है और बाहर से आने वाले ग्राहक भी धामनोद आने से बच रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शिकायत करने पर, संबंधित ठेकेदार, संतोषजनक जवाब नहीं देते, जबकि संबंधित अधिकारी भी शिकायतों पर समय पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच नहीं हुई और सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई तो बारिश के दौरान हालात और गंभीर हो सकते हैं। इस पूरे मामले में धामनोद के नायब तहसीलदार राजेश भिंडे ने कहा कि नगर में सीवरेज कार्य के कारण लोगों को हो रही परेशानियों की जानकारी उन्हें मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर संबंधित ठेकेदार को बुलाया जाएगा और जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराया जायेगा
धामनोद विकास के नाम पर घटिया निर्माण, धंसती सड़कें और बढ़ता खतरा... धामनोद में सीवरेज परियोजना पर जनता का फूटा गुस्सा रोज हो रही दुर्घटनाये धामनोद विकास के नाम पर अव्यवस्था दो साल से अधूरा सीवरेज कार्य बना जनता की मुसीबत... सीवरेज निर्माण की लापरवाही से धामनोद की सड़कें बनीं हादसों का अड्डा, जिम्मेदारों पर उठे सवाल घटिया निर्माण, धंसती सड़कें और बढ़ता खतरा... धामनोद में सीवरेज परियोजना पर जनता का फूटा गुस्स धामनोद धार जिले के धामनोद नगर में, विकास के नाम पर चल रहा सीवरेज प्रोजेक्ट अब लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य आधा भी पूरा नहीं हो सका है। नगर की प्रमुख सड़कों को जगह-जगह खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे सड़कें बड़े-बड़े गड्ढ़ों में सब्दात हो गई है स्थानीय लोगों का आरोप है कि, पाइप लाइन बिछाने के बाद, गट्टाँ को तकनीकी मानकों के अनुसार नहीं भरा जा रहा, बल्कि केवल खानापूर्ति करते हुए घटिया सामग्री से पेचवर्क किया जा रहा है। मुख्य मार्ग पर करीब 20 से 25 दिन पहले भरे गए एक छह इंच गहरे गड्ढे के लगातार धंसने से वह अब लगभग तीन फीट तक गहरा हो चुका है। गड्ढे के पास बिजली की डीपी होने से किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। नागरिकों का कहना है कि कई बार मजबूत बेस बनाकर गड्ढे भरने की मांग की गई, लेकिन ठेकेदार द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया गया। सूत्रों के अनुसार करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे इस प्रोजेक्ट में कई स्थानों पर गुणवत्ता संबंधी सवाल खड़े हो रहे हैं। पहली ही बारिश में पेचवर्क उखड़ने लगा है और सड़कें कीचड़ व जलभराव से भर गई हैं। पुराने बस स्टैंड से लेकर फूडी चौराहा बायपास तक मुख्य मार्ग की हालत सबसे अधिक खराब बताई जा रही है, जहां आए दिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। धूल और कीचड़ के कारण दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है और बाहर से आने वाले ग्राहक भी धामनोद आने से बच रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शिकायत करने पर, संबंधित ठेकेदार, संतोषजनक जवाब नहीं देते, जबकि संबंधित अधिकारी भी शिकायतों पर समय पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच नहीं हुई और सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई तो बारिश के दौरान हालात और गंभीर हो सकते हैं। इस पूरे मामले में धामनोद के नायब तहसीलदार राजेश भिंडे ने कहा कि नगर में सीवरेज कार्य के कारण लोगों को हो रही परेशानियों की जानकारी उन्हें मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर संबंधित ठेकेदार को बुलाया जाएगा और जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराया जायेगा
- धामनोद विकास के नाम पर घटिया निर्माण, धंसती सड़कें और बढ़ता खतरा... धामनोद में सीवरेज परियोजना पर जनता का फूटा गुस्सा रोज हो रही दुर्घटनाये धामनोद विकास के नाम पर अव्यवस्था दो साल से अधूरा सीवरेज कार्य बना जनता की मुसीबत... सीवरेज निर्माण की लापरवाही से धामनोद की सड़कें बनीं हादसों का अड्डा, जिम्मेदारों पर उठे सवाल घटिया निर्माण, धंसती सड़कें और बढ़ता खतरा... धामनोद में सीवरेज परियोजना पर जनता का फूटा गुस्स धामनोद धार जिले के धामनोद नगर में, विकास के नाम पर चल रहा सीवरेज प्रोजेक्ट अब लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य आधा भी पूरा नहीं हो सका है। नगर की प्रमुख सड़कों को जगह-जगह खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे सड़कें बड़े-बड़े गड्ढ़ों में सब्दात हो गई है स्थानीय लोगों का आरोप है कि, पाइप लाइन बिछाने के बाद, गट्टाँ को तकनीकी मानकों के अनुसार नहीं भरा जा रहा, बल्कि केवल खानापूर्ति करते हुए घटिया सामग्री से पेचवर्क किया जा रहा है। मुख्य मार्ग पर करीब 20 से 25 दिन पहले भरे गए एक छह इंच गहरे गड्ढे के लगातार धंसने से वह अब लगभग तीन फीट तक गहरा हो चुका है। गड्ढे के पास बिजली की डीपी होने से किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। नागरिकों का कहना है कि कई बार मजबूत बेस बनाकर गड्ढे भरने की मांग की गई, लेकिन ठेकेदार द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया गया। सूत्रों के अनुसार करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे इस प्रोजेक्ट में कई स्थानों पर गुणवत्ता संबंधी सवाल खड़े हो रहे हैं। पहली ही बारिश में पेचवर्क उखड़ने लगा है और सड़कें कीचड़ व जलभराव से भर गई हैं। पुराने बस स्टैंड से लेकर फूडी चौराहा बायपास तक मुख्य मार्ग की हालत सबसे अधिक खराब बताई जा रही है, जहां आए दिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। धूल और कीचड़ के कारण दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है और बाहर से आने वाले ग्राहक भी धामनोद आने से बच रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शिकायत करने पर, संबंधित ठेकेदार, संतोषजनक जवाब नहीं देते, जबकि संबंधित अधिकारी भी शिकायतों पर समय पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच नहीं हुई और सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई तो बारिश के दौरान हालात और गंभीर हो सकते हैं। इस पूरे मामले में धामनोद के नायब तहसीलदार राजेश भिंडे ने कहा कि नगर में सीवरेज कार्य के कारण लोगों को हो रही परेशानियों की जानकारी उन्हें मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर संबंधित ठेकेदार को बुलाया जाएगा और जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराया जायेगा1
- मांडू के 120 छात्रों को होटल मैनेजमेंट की ट्रेनिंग: जिला प्रशासन की पहल, स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य मांडू के 120 छात्रों को होटल मैनेजमेंट की ट्रेनिंग: जिला प्रशासन की पहल, स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/धार जिले के मांडू नगर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को 120 विद्यार्थियों को होटल मैनेजमेंट की व्यावसायिक ट्रेनिंग दी गई। यह पहल जिला प्रशासन द्वारा मांडू के विकास में स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना मांडू को पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर दे रहे हैं। इसी कड़ी में स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को पर्यटन और होटल मैनेजमेंट क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मांडू में आने वाले नए निवेशकों और होटल-रिसॉर्ट्स में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। आज की ट्रेनिंग में होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को गेस्ट हैंडलिंग, हॉस्पिटैलिटी और सर्विस सेक्टर की बारीकियों से अवगत कराया।होटल मैनेजमेंट के अलावा, विद्यार्थियों को लकड़ी कला और मांडू के इतिहास व धरोहर के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रशासन का लक्ष्य है कि स्थानीय विद्यार्थियों में अपनी धरोहर के प्रति सम्मान और सुरक्षा का भाव जागृत हो। ट्रेनिंग के बाद इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए आगे की रणनीति भी तय की गई है। इस पहल के माध्यम से प्रशासन विद्यार्थियों और युवाओं को मांडू के विकास में सहभागी बनाना चाहता है। ट्रेनिंग में उन्हें बताया गया कि विकास में उनकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। जिन निवेशकों को जमीन आवंटित की गई है, उनसे प्रभावित ग्रामीण और परिवारों को रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना और उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। ट्रेनिंग के दौरान यह मौजूद रहे सहायक कलेक्टर आशी शर्मा, नालछा तहसीलदार आशीष राठौर, नायब तहसीलदार राहुल गायकवाड़ ,विकासखंड शिक्षा अधिकारी बीएन कोचलें, प्राचार्य सोम सिंह वास्केल,भाजपा धार ग्रामीण मन की बात प्रभारी रविंद्र परिहार, सोमनाथ तिवारी, वरिष्ठ शिक्षक राजेश राठौर, रविंद्र तिवारी, संजय तिवारी, सचिन मंडवाल, पार्षद प्रतिनिधि चलिया , सहित बड़ी संख्या में अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।4
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- नगर परिषद अध्यक्ष स्वर्गीय श्रीमती रेलम चौहान की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित, जनप्रतिनिधियों व नागरिकों ने दी श्रद्धासुमन अर्पित. कुक्षी। नगर परिषद अध्यक्ष स्वर्गीय श्रीमती रेलम चौहान की पावन स्मृति में शनिवार को माधवश्री प्रसादम् में श्रद्धांजलि सभा, ब्राह्मण भोज एवं अस्थि दान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों एवं नगर के गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ज्ञात हो कि श्रीमती रेलम चौहान का 16 जुलाई 2026 को आकस्मिक निधन हो गया था। उनकी आत्मा की शांति एवं पुण्य स्मरण हेतु आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती रेलम चौहान ने नगर परिषद अध्यक्ष रहते हुए जनहित और विकास कार्यों को सदैव प्राथमिकता दी। उन्होंने सामाजिक सेवा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया, जिसे नगरवासी लंबे समय तक याद रखेंगे। श्रद्धांजलि सभा में भाजपा एवं कांग्रेस के पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, प्रेस क्लब के सदस्य तथा नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की गई।1
- aam Janata aane jaane ki samasya gram punasala se Shimla jaane ka rasta Nadi mein pul nahin Hai gram p punasala tahsil jhirniya jila khargon Madhya Pradesh1