पन्ना जिले में आदिवासी दलित क्रांति सेना (बुंदेलखंड) की न्याय पदयात्रा को पुलिस प्रशासन द्वारा बीच रास्ते में रोके जाने के बाद भारी आक्रोश और तनाव की स्थिति बन गई। ग्राम लमतरा से शाहनगर जा रही इस पदयात्रा को रोकने पर, संगठन के कार्यकर्ताओं ने उग्र रुख अख्तियार करते हुए लमतरा में ही मुख्य मार्ग पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह पदयात्रा आदिवासियों और दलितों के हक तथा विभिन्न स्थानीय मांगों को लेकर आदिवासी दलित क्रांति सेना के पन्ना जिला प्रभारी केपी सिंह बुंदेला के नेतृत्व में निकाली जा रही थी। पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग लगाकर शांतिपूर्ण यात्रा रोके जाने पर संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भड़क उठे, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। जिला प्रभारी केपी सिंह बुंदेला ने प्रशासन के इस कदम को "तानाशाही और लोकतंत्र की हत्या" बताते हुए कहा कि आदिवासी दलित क्रांति सेना पुलिस की लाठी-ताकत से दबने वाली नहीं है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन थमेगा नहीं। जैसे ही यात्रा रोके जाने की खबर आस-पास के गांवों में फैली, लमतरा में धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ने लगी और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया गया, तो यह आंदोलन पूरे पन्ना जिले में चक्काजाम का रूप ले लेगा। मामले की गंभीरता और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए शाहनगर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अमला हरकत में आया। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद, आंदोलनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसीलदार और एसडीएम से मिला। अधिकारियों ने संगठन द्वारा उठाई गई मांगों और समस्याओं पर त्वरित व निष्पक्ष जांच का ठोस आश्वासन दिया। शाहनगर पुलिस और आला अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई के लिखित/मौखिक आश्वासन के बाद ही आदिवासी दलित क्रांति सेना ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि, संगठन ने साफ किया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर आदिवासियों और दलितों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो अगली बार यह क्रांति सेना सीधे जिला मुख्यालय का घेराव करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पन्ना जिला प्रशासन की होगी।
पन्ना जिले में आदिवासी दलित क्रांति सेना (बुंदेलखंड) की न्याय पदयात्रा को पुलिस प्रशासन द्वारा बीच रास्ते में रोके जाने के बाद भारी आक्रोश और तनाव की स्थिति बन गई। ग्राम लमतरा से शाहनगर जा रही इस पदयात्रा को रोकने पर, संगठन के कार्यकर्ताओं ने उग्र रुख अख्तियार करते हुए लमतरा में ही मुख्य मार्ग पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह पदयात्रा आदिवासियों और दलितों के हक तथा विभिन्न स्थानीय मांगों को लेकर आदिवासी दलित क्रांति सेना के पन्ना जिला प्रभारी केपी सिंह बुंदेला के नेतृत्व में निकाली जा रही थी। पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग लगाकर शांतिपूर्ण यात्रा रोके जाने पर संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भड़क उठे, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। जिला प्रभारी केपी सिंह बुंदेला ने प्रशासन के इस कदम को "तानाशाही और लोकतंत्र की हत्या" बताते हुए कहा कि आदिवासी दलित क्रांति सेना पुलिस की लाठी-ताकत से दबने वाली नहीं है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन थमेगा नहीं। जैसे ही यात्रा रोके जाने की खबर आस-पास के गांवों में फैली, लमतरा में धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ने लगी और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया गया, तो यह आंदोलन पूरे पन्ना जिले में चक्काजाम का रूप ले लेगा। मामले की गंभीरता और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए शाहनगर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अमला हरकत में आया। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद, आंदोलनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसीलदार और एसडीएम से मिला। अधिकारियों ने संगठन द्वारा उठाई गई मांगों और समस्याओं पर त्वरित व निष्पक्ष जांच का ठोस आश्वासन दिया। शाहनगर पुलिस और आला अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई के लिखित/मौखिक आश्वासन के बाद ही आदिवासी दलित क्रांति सेना ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि, संगठन ने साफ किया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर आदिवासियों और दलितों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो अगली बार यह क्रांति सेना सीधे जिला मुख्यालय का घेराव करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पन्ना जिला प्रशासन की होगी।
- गढ़ी पड़रिया स्थित पवित्र गौरीशंकर मंदिर में प्रत्येक मंगलवार को नियमित रूप से सुन्दरकाण्ड पाठ एवं भजन-कीर्तन का धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में ग्रामवासी बढ़-चढ़कर सहभागिता निभा रहे हैं, जहाँ श्रद्धालु रामभक्ति में लीन होकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं। हाल ही में हुए एक आयोजन में प्रसाद की व्यवस्था भक्त रतनलाल दहायत द्वारा की गई थी। उनके इस सहयोग के लिए मंदिर समिति और समस्त ग्रामवासियों ने हार्दिक आभार व्यक्त किया है।3
- पन्ना जिले में आदिवासी दलित क्रांति सेना (बुंदेलखंड) की न्याय पदयात्रा को पुलिस प्रशासन द्वारा बीच रास्ते में रोके जाने के बाद भारी आक्रोश और तनाव की स्थिति बन गई। ग्राम लमतरा से शाहनगर जा रही इस पदयात्रा को रोकने पर, संगठन के कार्यकर्ताओं ने उग्र रुख अख्तियार करते हुए लमतरा में ही मुख्य मार्ग पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह पदयात्रा आदिवासियों और दलितों के हक तथा विभिन्न स्थानीय मांगों को लेकर आदिवासी दलित क्रांति सेना के पन्ना जिला प्रभारी केपी सिंह बुंदेला के नेतृत्व में निकाली जा रही थी। पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग लगाकर शांतिपूर्ण यात्रा रोके जाने पर संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भड़क उठे, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। जिला प्रभारी केपी सिंह बुंदेला ने प्रशासन के इस कदम को "तानाशाही और लोकतंत्र की हत्या" बताते हुए कहा कि आदिवासी दलित क्रांति सेना पुलिस की लाठी-ताकत से दबने वाली नहीं है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन थमेगा नहीं। जैसे ही यात्रा रोके जाने की खबर आस-पास के गांवों में फैली, लमतरा में धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ने लगी और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया गया, तो यह आंदोलन पूरे पन्ना जिले में चक्काजाम का रूप ले लेगा। मामले की गंभीरता और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए शाहनगर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अमला हरकत में आया। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद, आंदोलनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसीलदार और एसडीएम से मिला। अधिकारियों ने संगठन द्वारा उठाई गई मांगों और समस्याओं पर त्वरित व निष्पक्ष जांच का ठोस आश्वासन दिया। शाहनगर पुलिस और आला अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई के लिखित/मौखिक आश्वासन के बाद ही आदिवासी दलित क्रांति सेना ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि, संगठन ने साफ किया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर आदिवासियों और दलितों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो अगली बार यह क्रांति सेना सीधे जिला मुख्यालय का घेराव करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पन्ना जिला प्रशासन की होगी।1
- पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर की टक्कर से परिवार के इकलौते कमाऊ बेटे की मौत हो गई। इस घटना से घर का इकलौता चिराग बुझ गया और बुढ़ापे का सहारा छिन गया। अपने इकलौते बेटे की मौत के बाद न्याय की गुहार लेकर बेबस बुजुर्ग मां पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है और दोषियों के खिलाफ इंसाफ दिलाने की अपील की है।1
- मध्य प्रदेश के पन्ना में राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर जनता की आवाज अनसुनी करने का आरोप है। शिकायत है कि नागरिक कई बार सीमांकन आदेश लेकर आते हैं, फिर भी राजस्व विभाग के कर्मचारी उनकी बात पर ध्यान नहीं देते, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- पन्ना जिले के अमानगंज-सिमरिया रोड स्थित पुरैना क्षेत्र में जेके कंपनी द्वारा कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। व्यापारियों का आरोप है कि तालाब के किनारे रखे उनके टीन शेड और डिब्बीनुमा अस्थायी ढांचे मुख्य सड़क से करीब 30 से 35 फीट की दूरी पर स्थित थे, इसके बावजूद उन्हें ध्वस्त कर दिया गया। प्रभावित व्यापारियों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान उन्हें अपना सामान निकालने तक का पर्याप्त समय और मौका नहीं दिया गया, और देखते ही देखते उनकी दुकानें तोड़ दी गईं। इस कार्रवाई के कारण कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि स्थानीय लोगों के अनुसार, इन दुकानों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 200 लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ था। व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि जेके कंपनी स्थानीय लोगों को रोजगार तो दे नहीं रही है, बल्कि छोटे व्यापारियों के पेट पर भी लात मारने का काम कर रही है। उन्होंने इस कार्रवाई को अमानवीय, तानाशाहीपूर्ण और निंदनीय बताते हुए कहा कि यदि सड़क निर्माण या अन्य किसी विकास कार्य के लिए अतिक्रमण हटाना आवश्यक था, तो प्रशासन और कंपनी को पहले नोटिस जारी कर उचित समय देना चाहिए था ताकि दुकानदार अपना सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचा सकें। अब प्रभावित व्यापारियों ने शासन-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने और उनके पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के इस तरह की कार्रवाई गरीब और मेहनतकश परिवारों के साथ अन्याय है। प्रभावित लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।1
- भीषण गर्मी का सामना कर रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। तेज रफ्तार हवाओं के साथ हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों ने राहत की साँस ली है।1
- पन्ना जिले में पुरैना तालाब पर अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई की गई है। इस अभियान के तहत बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण की गई भूमि को मुक्त कराया गया।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले में, जिला पंचायत सदस्य के पति अन्नू सिंह मतहा पर आरोप है कि उन्होंने एक सेल्समैन पर अपनी गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। यह घटना कथित तौर पर तब हुई जब उन्हें मुफ्त शराब नहीं मिली।1