पन्ना जिले के अमानगंज-सिमरिया रोड स्थित पुरैना क्षेत्र में जेके कंपनी द्वारा कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। व्यापारियों का आरोप है कि तालाब के किनारे रखे उनके टीन शेड और डिब्बीनुमा अस्थायी ढांचे मुख्य सड़क से करीब 30 से 35 फीट की दूरी पर स्थित थे, इसके बावजूद उन्हें ध्वस्त कर दिया गया। प्रभावित व्यापारियों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान उन्हें अपना सामान निकालने तक का पर्याप्त समय और मौका नहीं दिया गया, और देखते ही देखते उनकी दुकानें तोड़ दी गईं। इस कार्रवाई के कारण कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि स्थानीय लोगों के अनुसार, इन दुकानों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 200 लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ था। व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि जेके कंपनी स्थानीय लोगों को रोजगार तो दे नहीं रही है, बल्कि छोटे व्यापारियों के पेट पर भी लात मारने का काम कर रही है। उन्होंने इस कार्रवाई को अमानवीय, तानाशाहीपूर्ण और निंदनीय बताते हुए कहा कि यदि सड़क निर्माण या अन्य किसी विकास कार्य के लिए अतिक्रमण हटाना आवश्यक था, तो प्रशासन और कंपनी को पहले नोटिस जारी कर उचित समय देना चाहिए था ताकि दुकानदार अपना सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचा सकें। अब प्रभावित व्यापारियों ने शासन-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने और उनके पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के इस तरह की कार्रवाई गरीब और मेहनतकश परिवारों के साथ अन्याय है। प्रभावित लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
पन्ना जिले के अमानगंज-सिमरिया रोड स्थित पुरैना क्षेत्र में जेके कंपनी द्वारा कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। व्यापारियों का आरोप है कि तालाब के किनारे रखे उनके टीन शेड और डिब्बीनुमा अस्थायी ढांचे मुख्य सड़क से करीब 30 से 35 फीट की दूरी पर स्थित थे, इसके बावजूद उन्हें ध्वस्त कर दिया गया। प्रभावित व्यापारियों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान उन्हें अपना सामान निकालने तक का पर्याप्त समय और मौका नहीं दिया गया, और देखते ही देखते उनकी दुकानें तोड़ दी गईं। इस कार्रवाई के कारण कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि स्थानीय लोगों के अनुसार, इन दुकानों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 200 लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ था। व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि जेके कंपनी स्थानीय लोगों को रोजगार तो दे नहीं रही है, बल्कि छोटे व्यापारियों के पेट पर भी लात मारने का काम कर रही है। उन्होंने इस कार्रवाई को अमानवीय, तानाशाहीपूर्ण और निंदनीय बताते हुए कहा कि यदि सड़क निर्माण या अन्य किसी विकास कार्य के लिए अतिक्रमण हटाना आवश्यक था, तो प्रशासन और कंपनी को पहले नोटिस जारी कर उचित समय देना चाहिए था ताकि दुकानदार अपना सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचा सकें। अब प्रभावित व्यापारियों ने शासन-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने और उनके पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के इस तरह की कार्रवाई गरीब और मेहनतकश परिवारों के साथ अन्याय है। प्रभावित लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
- सतना जिला अधिवक्ता संघ के 2026-28 चुनावों के लिए अध्यक्ष पद की चुनावी सरगर्मियाँ चरम पर हैं। इस क्रम में, अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार एडवोकेट प्रदीप कुमार पाण्डेय ने मंगलवार को सैकड़ों समर्थक अधिवक्ताओं के साथ जिला निर्वाचन कार्यालय पहुँचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन दाखिल करने से पहले, प्रदीप पाण्डेय ने अपने समर्थकों संग पूजा-अर्चना कर जीत का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके उपरांत, बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं के साथ वे निर्वाचन कार्यालय पहुँचे और विधिवत अपना नामांकन प्रस्तुत किया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान, अधिवक्ता संघ परिसर में जबरदस्त उत्साह का माहौल रहा, जहाँ समर्थकों ने प्रदीप पाण्डेय के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता मुन्नी खान, विष्णु नारायण गर्ग, बी.के. मिश्रा, संतोष यादव, विनोद गौतम, पुष्पेन्द्र बागरी, मोहन यादव, बृजेश यादव, सी.एल. यादव, सुरेंद्र शर्मा, शैलेंद्र सिंह, रज्जन श्रीवास्तव, के.पी. त्रिपाठी, विष्णुकांत पाठक, सुभाष विश्वकर्मा और राजेश खरे 'मंटू भैया' सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे। प्रदीप कुमार पाण्डेय के समर्थकों का कहना है कि वे लंबे समय से अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान और संघ की गरिमा को बढ़ाने में सक्रिय रहे हैं, जिस कारण उन्हें अधिवक्ता समुदाय का व्यापक समर्थन मिल रहा है। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पद का यह मुकाबला लगातार रोचक होता जा रहा है और नामांकन प्रक्रिया के दौरान उमड़ी भारी भीड़ ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। अब सभी अधिवक्ताओं की निगाहें आगामी चुनावी चरणों और मतदान पर टिकी हैं।3
- देशभर में ऑनलाइन ठगी और साइबर धोखाधड़ी के मामलों को लेकर लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए नागरिकों से अनजान लिंक्स पर क्लिक करने, किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) साझा करने और संदिग्ध फोन कॉल्स पर बिल्कुल भी भरोसा न करने का आग्रह किया है। यह सलाह ऐसे समय में आई है जब डिजिटल सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिसके साथ ही साइबर सुरक्षा जागरूकता का महत्व भी लगातार बढ़ता जा रहा है। इस खबर का प्रमुख उद्देश्य लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक करना है ताकि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच सकें।1
- नागौद राजघराने से जुड़े चर्चित गोलीकांड मामले में अब बाबा राजा (रूपेंद्र सिंह) का पक्ष भी सामने आ गया है। इस घटना को लेकर जिले में गरमागरम बहस छिड़ी हुई है, जहाँ आत्मरक्षा और जानबूझकर किए गए हमले के दावे आमने-सामने हैं। बाबा राजा का कहना है कि उन पर पहले हमला हुआ, उनके साथ मारपीट की गई और अपनी जान का खतरा महसूस होने पर उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई। इसके ठीक विपरीत, योगिता सिंह और उनके परिवार का आरोप है कि यह फायरिंग जानबूझकर की गई थी। इस पूरे प्रकरण में कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जैसे कि 11 जून को परसमनिया गढ़ी में आखिर क्या हुआ था, और सुनीता सिंह कौन हैं। फिलहाल, सच क्या है, इसका अंतिम फैसला पुलिस जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अदालत में सामने आने वाले सबूतों के आधार पर ही होगा।1
- सतना जिले के मझगवां अस्पताल में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ आठवीं पास व्यक्ति सीधे ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) का कामकाज संभाल रहे हैं। यह स्थिति इस बात पर सवाल उठा रही है कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए डिग्री और उचित योग्यता की आवश्यकता है भी या नहीं।1
- एक नगरपालिका कर्मचारी से संबंधित मामले में प्रेम प्रसंग, ब्लैकमेलिंग के संदेह और गहरा सस्पेंस होने की बात कही गई है। हालाँकि, यह कर्मचारी कहाँ और किस हाल में मिले, इसकी विस्तृत जानकारी इस पोस्ट में नहीं दी गई है।2
- बांदा में जिला कबड्डी एसोसिएशन द्वारा आयोजित 15 दिवसीय कबड्डी समर कैंप सीजन-7 का समापन बेहद उत्साह और उल्लास के साथ हुआ। कैंप के आखिरी दिन खिलाड़ियों में गजब का जोश और जुनून देखने को मिला। खिलाड़ियों ने बताया कि इन 15 दिनों में उन्हें कबड्डी के नए कौशल सीखने के साथ-साथ अनुशासन, समय की महत्ता, नियमित खानपान, बड़ों का सम्मान और सीनियर खिलाड़ियों का आदर करने जैसी महत्वपूर्ण सीख भी मिली। मुस्कुराते हुए खिलाड़ियों ने कहा, "आठवां सीजन इतनी जल्दी आ जाए कि हम फिर से कैंप का हिस्सा बन सकें।" समापन दिवस पर खिलाड़ियों को मनोरंजन और सीख के साथ मैत्री कबड्डी मुकाबले खेलने का अवसर भी मिला। ये प्रतियोगिताएं चार आयु वर्गों – मिनी, सब जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग में आयोजित की गईं। विजेता एवं उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को ट्रॉफी और आकर्षक पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर एडीएम न्यायिक माया शंकर, एसडीएम इरफान उल्लाह खान, एमिटी स्कूल के संचालक विप्रांश यादव, लेखपाल कैलाश चंद्र, डीके सिंह, एसआई राजेंद्र वर्मा, महेश जी तथा राजेंद्र जी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस कैंप को सफल बनाने में चंद्रमौली भारद्वाज, शादी जमा साहब, अरुणेश सिंह, धर्मेंद्र त्रिपाठी, कैलाश चंद्र लेखपाल, सुनील सक्सेना, अंकित कुशवाहा, नारायण सिंह, क्षितिज त्रिपाठी और विप्रांश यादव का विशेष योगदान रहा। अंत में जिला कबड्डी एसोसिएशन, बांदा के सचिव कमल सिंह यादव ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, अभिभावकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम का सफल संचालन जिला कबड्डी एसोसिएशन बांदा के कोषाध्यक्ष सुनील सक्सेना ने किया।3
- चित्रकूट के मझगवां थाना क्षेत्र में स्थित चितहरा मोड़ के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। GNR कंपनी के एक तेज रफ्तार ट्रक ने पहले से खराब खड़ी एक बस को जोरदार टक्कर मार दी, जिसकी चपेट में एक कार भी आ गई। इस हादसे में कार सवार लोग घायल हुए हैं। सूचना मिलने पर मझगवां थाना प्रभारी आदित्य नारायण सिंह धुर्वे मौके पर पहुँचे और उन्होंने सभी घायलों को तत्काल मझगवां अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनका इलाज जारी है।1