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देशभर में ऑनलाइन ठगी और साइबर धोखाधड़ी के मामलों को लेकर लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए नागरिकों से अनजान लिंक्स पर क्लिक करने, किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) साझा करने और संदिग्ध फोन कॉल्स पर बिल्कुल भी भरोसा न करने का आग्रह किया है। यह सलाह ऐसे समय में आई है जब डिजिटल सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिसके साथ ही साइबर सुरक्षा जागरूकता का महत्व भी लगातार बढ़ता जा रहा है। इस खबर का प्रमुख उद्देश्य लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक करना है ताकि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच सकें।
Dilip Kumar Bharti
देशभर में ऑनलाइन ठगी और साइबर धोखाधड़ी के मामलों को लेकर लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए नागरिकों से अनजान लिंक्स पर क्लिक करने, किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) साझा करने और संदिग्ध फोन कॉल्स पर बिल्कुल भी भरोसा न करने का आग्रह किया है। यह सलाह ऐसे समय में आई है जब डिजिटल सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिसके साथ ही साइबर सुरक्षा जागरूकता का महत्व भी लगातार बढ़ता जा रहा है। इस खबर का प्रमुख उद्देश्य लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक करना है ताकि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच सकें।
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- देशभर में ऑनलाइन ठगी और साइबर धोखाधड़ी के मामलों को लेकर लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए नागरिकों से अनजान लिंक्स पर क्लिक करने, किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) साझा करने और संदिग्ध फोन कॉल्स पर बिल्कुल भी भरोसा न करने का आग्रह किया है। यह सलाह ऐसे समय में आई है जब डिजिटल सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिसके साथ ही साइबर सुरक्षा जागरूकता का महत्व भी लगातार बढ़ता जा रहा है। इस खबर का प्रमुख उद्देश्य लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक करना है ताकि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच सकें।1
- सतना जिले के बरौंधा सर्किल में रेंजर के पद पर पदस्थ बृजेंद्र पांडेय को उनकी पत्नी ने रीवा में एक कथित महिला के साथ 'गुलछर्रे उड़ाते' हुए रंगे हाथ पकड़ा है। इस घटना के बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ। रेंजर ने अपनी सफाई में बताया है कि वह वन विभाग के काम से रीवा गए थे और कथित महिला स्टाफ की ही सदस्य है। हालांकि, यह अब जांच का विषय है कि बृजेंद्र पांडेय वन विभाग के किस अधिकारी की अनुमति से और किस काम के लिए रीवा गए थे, साथ ही वह किस महिला सहयोगी स्टाफ के साथ होटल में रुके थे। गौरतलब है कि रेंजर की पत्नी स्वयं बरौंधा थाना में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं और बताया जा रहा है कि वह बिना अवकाश लिए तथा बिना किसी सूचना के अपनी ड्यूटी छोड़कर रीवा पहुंची थीं। इस मामले में रेंजर और उनकी कथित महिला मित्र के खिलाफ रीवा के चोरहटा थाना में एक एफआईआर भी दर्ज की गई है।1
- समाजवादी पार्टी के नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की, जिसमें उन्होंने केंद्र और प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकारों पर जमकर निशाना साधा।1
- पन्ना जिले में अमानगंज-सिमरिया स्टेट हाईवे पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। इस अभियान के तहत, सड़क के दोनों ओर से लगभग 2 किलोमीटर तक फैले अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह से हटाया गया।1
- बांदा में समाजवादी पार्टी (सपा) ने भाजपा सरकार को बिजली, पानी, बेरोजगारी, पेपर लीक, बढ़ते अपराध और अवैध खनन जैसे गंभीर मुद्दों पर घेरते हुए जोरदार हमला बोला। पार्टी ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें इन जन-समस्याओं के समाधान में सरकार की विफलता उजागर की गई। सपा ने आरोप लगाया है कि पूरे प्रदेश में किसान, युवा, व्यापारी और आम जनता बिजली-पानी की किल्लत, महंगाई और असुरक्षा जैसी समस्याओं से त्रस्त है, लेकिन सरकार इन मुद्दों का कोई समाधान देने में पूरी तरह विफल रही है। ज्ञापन के माध्यम से बांदा में अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने, गैस के दामों में कमी करने, पेपर लीक की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोकने तथा व्यापारियों को सुरक्षित माहौल प्रदान करने की मांग उठाई गई। सपा नेताओं ने यह भी कहा कि सरकार हर मोर्चे पर अपनी जवाबदेही से बच रही है, जिसके कारण जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर है।1
- चित्रकूट जिले के पहाड़ी कस्बे में लगभग एक महीने पहले एक युवक प्रभात सिंह उर्फ अरविंद कुमार का शव मानवेंद्र सिंह के घर पर मिला था। इस घटना के बाद मृतक के चाचा संजय सिंह एवं अन्य ग्रामीणों ने थाना और उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर मानवेंद्र सिंह और उनके परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया था। अब इसी मामले में पीड़ित मानवेंद्र सिंह ने उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजते हुए स्वयं पर लगे आरोपों को हत्या में फंसाने की साजिश बताया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मानवेंद्र सिंह ने मृतक प्रभात सिंह का एक वीडियो भी वायरल किया है, जिसमें प्रभात सिंह ने खुद कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मानवेंद्र सिंह के अनुसार, मृतक के चाचा संजय सिंह का मृतक के परिजनों के साथ लगभग 20 साल से प्रॉपर्टी को लेकर मुकदमा चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रॉपर्टी के लालच में गांव के दबंग संजय सिंह, पिंटू सिंह और रविंद्र सिंह लंबे समय से प्रभात सिंह के साथ अभद्रता, मारपीट, गाली-गलौज करते आ रहे थे और उसे जान से मारने की साजिश रच रहे थे। अपनी जान बचाने के लिए प्रभात सिंह पहले पहाड़ी कस्बे में एक किराए के मकान में रहने लगे थे और फिर अपनी सुरक्षा के लिए मानवेंद्र सिंह के घर आ गए। मानवेंद्र सिंह ने बताया कि घटना के दिन वह स्कूल में बच्चों को पढ़ाने गए थे। उनके अनुसार, साजिश के तहत प्रभात सिंह को उनके घर से पहाड़ी थाना क्षेत्र के कहेटा ले जाया गया, जहां उसे शराब पिलाई गई और फिर अचेत अवस्था में घटना की शाम उनके घर के सामने फेंक दिया गया। मानवेंद्र सिंह की पत्नी ने प्रभात सिंह को अचेत देखकर उन्हें फोन पर जानकारी दी, जिसके बाद प्रभात सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मानवेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि प्रभात सिंह शराब का आदी था और विरोधियों ने उसे शराब पिलाकर मरणासन्न हालत में उनके घर फेंककर उन्हें हत्या के झूठे आरोप में फंसाने की कोशिश की है। वायरल वीडियो में मृतक प्रभात सिंह ने खुद अपनी जान को गांव के रावेंद्र सिंह पुत्र रामराज सिंह, पिंटू सिंह छोटे लाल सिंह निवासी चौरा से लेनदेन और प्रॉपर्टी के कारण खतरा बताया है। मानवेंद्र सिंह ने उन आरोपों का भी खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि उन्होंने प्रॉपर्टी मुफ्त में अपने नाम कर ली है। उनका कहना है कि उन्होंने लगभग तीन बीघा जमीन पैसे देकर खरीदी है, जिसमें से एक बीघा जमीन उनके पिता ने मृतक के पिता से खरीदी थी और लगभग दो बीघा जमीन उन्होंने स्वयं बैनामा कराई है, जिसके भुगतान के सभी रिकॉर्ड मौजूद हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गांव के दबंगों ने प्रभात सिंह को गांव से निकाल दिया था, जिसके डर से वह पहाड़ी में किराए पर रहने लगा था। मानवेंद्र सिंह के अनुसार, ये विरोधी घटना से पहले चेक के माध्यम से उनसे पैसे भी ले चुके थे और अब पैसा मांगने पर उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की साजिश रच रहे हैं। मानवेंद्र सिंह ने दावा किया है कि चित्रकूट पुलिस ने घटना की ईमानदारी से जांच की है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में घटना का खुलासा हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि उनके बड़े भाई की भी पहले हत्या की जा चुकी है और अब उन्हें भी षड्यंत्र के तहत फंसाकर हत्या करने की कोशिश की जा रही है। मानवेंद्र सिंह ने अपनी और अपने परिवार की जान-माल को मृतक के चाचा संजय सिंह, रविंद्र सिंह और पिंटू सिंह से खतरा बताया है और कहा है कि ये लोग किसी भी समय उनकी या उनके परिवार की हत्या कर सकते हैं। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक और पुलिस अधीक्षक सहित उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर इस मामले में कार्यवाही की मांग की है। दिनेश सिंह कुशवाहा की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले में सनसनीखेज खुलासे की उम्मीद है।1
- देश के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान का उपयोग लगातार बढ़ रहा है, जो भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान कर रहा है। यह प्रवृत्ति ग्रामीण इलाकों में एक बड़ा बदलाव ला रही है, जिससे मोबाइल आधारित लेनदेन बेहद आसान और सुविधाजनक बन गए हैं। खासकर किराना दुकानों, छोटे व्यापारियों और स्थानीय बाजारों में यूपीआई और QR कोड के माध्यम से भुगतान को तेजी से अपनाया जा रहा है। इस प्रगतिशील बदलाव के कारण नकदी पर निर्भरता कम हो रही है और वित्तीय लेनदेन अधिक सुगम और प्रभावी बन रहे हैं, जिससे ग्रामीण भारत में भी डिजिटल क्रांति का अनुभव हो रहा है।1
- बदौसा थाना क्षेत्र में एक पिता ने अपनी बेटी पर धारदार हथियार से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया और उसे जेल भेज दिया है।1