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नागौद राजघराने से जुड़े चर्चित गोलीकांड मामले में अब बाबा राजा (रूपेंद्र सिंह) का पक्ष भी सामने आ गया है। इस घटना को लेकर जिले में गरमागरम बहस छिड़ी हुई है, जहाँ आत्मरक्षा और जानबूझकर किए गए हमले के दावे आमने-सामने हैं। बाबा राजा का कहना है कि उन पर पहले हमला हुआ, उनके साथ मारपीट की गई और अपनी जान का खतरा महसूस होने पर उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई। इसके ठीक विपरीत, योगिता सिंह और उनके परिवार का आरोप है कि यह फायरिंग जानबूझकर की गई थी। इस पूरे प्रकरण में कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जैसे कि 11 जून को परसमनिया गढ़ी में आखिर क्या हुआ था, और सुनीता सिंह कौन हैं। फिलहाल, सच क्या है, इसका अंतिम फैसला पुलिस जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अदालत में सामने आने वाले सबूतों के आधार पर ही होगा।
Prakash Pathak Satna
नागौद राजघराने से जुड़े चर्चित गोलीकांड मामले में अब बाबा राजा (रूपेंद्र सिंह) का पक्ष भी सामने आ गया है। इस घटना को लेकर जिले में गरमागरम बहस छिड़ी हुई है, जहाँ आत्मरक्षा और जानबूझकर किए गए हमले के दावे आमने-सामने हैं। बाबा राजा का कहना है कि उन पर पहले हमला हुआ, उनके साथ मारपीट की गई और अपनी जान का खतरा महसूस होने पर उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई। इसके ठीक विपरीत, योगिता सिंह और उनके परिवार का आरोप है कि यह फायरिंग जानबूझकर की गई थी। इस पूरे प्रकरण में कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जैसे कि 11 जून को परसमनिया गढ़ी में आखिर क्या हुआ था, और सुनीता सिंह कौन हैं। फिलहाल, सच क्या है, इसका अंतिम फैसला पुलिस जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अदालत में सामने आने वाले सबूतों के आधार पर ही होगा।
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- नागौद राजघराने से जुड़े चर्चित गोलीकांड मामले में अब बाबा राजा (रूपेंद्र सिंह) का पक्ष भी सामने आ गया है। इस घटना को लेकर जिले में गरमागरम बहस छिड़ी हुई है, जहाँ आत्मरक्षा और जानबूझकर किए गए हमले के दावे आमने-सामने हैं। बाबा राजा का कहना है कि उन पर पहले हमला हुआ, उनके साथ मारपीट की गई और अपनी जान का खतरा महसूस होने पर उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई। इसके ठीक विपरीत, योगिता सिंह और उनके परिवार का आरोप है कि यह फायरिंग जानबूझकर की गई थी। इस पूरे प्रकरण में कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जैसे कि 11 जून को परसमनिया गढ़ी में आखिर क्या हुआ था, और सुनीता सिंह कौन हैं। फिलहाल, सच क्या है, इसका अंतिम फैसला पुलिस जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अदालत में सामने आने वाले सबूतों के आधार पर ही होगा।1
- रीवा में जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुन रहे हैं। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी और तहसीलदार शिव शंकर शुक्ला सहित कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित होकर लोगों की शिकायतों का निवारण कर रहे हैं।1
- सतना सिटी कोतवाली क्षेत्र में नशीली दवाओं का सरगना अजय अग्रवाल उर्फ बंटा एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जहाँ वह नशीली कैरैक्स सिरप और टैबलेट बेचने के धंधे में लगा हुआ है। इस कारोबार का केंद्र सिटी कोतवाली के पीछे तुलसी मानस मंदिर गली, दुर्गा मंदिर रोड, और गुरुद्वारा के सामने से आने-जाने वाले रास्ते बताए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सिटी कोतवाली में जमुना किराना स्टोर के पास रात 9 बजे दुकानों के बंद होने के बाद, रामलीला मंच पर भी इन नशीली दवाओं का क्रय-विक्रय तेजी से जोर पकड़ रहा है। इन स्थानों पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है और यहीं से पूरे शहर में इन नशीली दवाओं की आपूर्ति की जाती है, जिससे यह अवैध कारोबार अब चरम पर पहुँच गया है। बताया गया है कि पूर्व में एस.एम. उपाध्याय और शखधर द्विवेदी जैसे पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई निरंतर कार्रवाई के कारण कुछ समय तक इस धंधे में शांति थी। हालांकि, जैसे ही वर्तमान थाना प्रभारी ने कार्यभार संभाला, अजय अग्रवाल उर्फ बंटा फिर से सक्रिय हो गया है और उसका कारोबार अपनी ऊँचाई पर पहुँच गया है। स्थिति यह है कि थाना प्रभारी को आज तक इस पनपते अवैध धंधे की खबर तक नहीं है।1
- सतना जिला अधिवक्ता संघ के 2026-28 चुनावों के लिए अध्यक्ष पद की चुनावी सरगर्मियाँ चरम पर हैं। इस क्रम में, अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार एडवोकेट प्रदीप कुमार पाण्डेय ने मंगलवार को सैकड़ों समर्थक अधिवक्ताओं के साथ जिला निर्वाचन कार्यालय पहुँचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन दाखिल करने से पहले, प्रदीप पाण्डेय ने अपने समर्थकों संग पूजा-अर्चना कर जीत का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके उपरांत, बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं के साथ वे निर्वाचन कार्यालय पहुँचे और विधिवत अपना नामांकन प्रस्तुत किया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान, अधिवक्ता संघ परिसर में जबरदस्त उत्साह का माहौल रहा, जहाँ समर्थकों ने प्रदीप पाण्डेय के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता मुन्नी खान, विष्णु नारायण गर्ग, बी.के. मिश्रा, संतोष यादव, विनोद गौतम, पुष्पेन्द्र बागरी, मोहन यादव, बृजेश यादव, सी.एल. यादव, सुरेंद्र शर्मा, शैलेंद्र सिंह, रज्जन श्रीवास्तव, के.पी. त्रिपाठी, विष्णुकांत पाठक, सुभाष विश्वकर्मा और राजेश खरे 'मंटू भैया' सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे। प्रदीप कुमार पाण्डेय के समर्थकों का कहना है कि वे लंबे समय से अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान और संघ की गरिमा को बढ़ाने में सक्रिय रहे हैं, जिस कारण उन्हें अधिवक्ता समुदाय का व्यापक समर्थन मिल रहा है। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पद का यह मुकाबला लगातार रोचक होता जा रहा है और नामांकन प्रक्रिया के दौरान उमड़ी भारी भीड़ ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। अब सभी अधिवक्ताओं की निगाहें आगामी चुनावी चरणों और मतदान पर टिकी हैं।3
- कैबिनेट द्वारा रीवा, देवास और गुना में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन के लिए एक आउटसोर्स प्रणाली से संबंधित पायलट प्रोजेक्ट को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय के तहत, इन तीन जिलों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन आउटसोर्सिंग के माध्यम से किया जाएगा।1
- सतना जिले के मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ अधिकारियों के संरक्षण में कथित तौर पर एक नौवीं कक्षा का छात्र मरीजों की ओपीडी पर्ची काटते हुए कैमरे में कैद किया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना मझगवां CHC की अव्यवस्थाओं और कारनामों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने की प्रवृत्ति को उजागर करती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक नियमों को ताक पर रखकर शासकीय कार्य कर रहा यह नाबालिग छात्र मझगवां CHC के ब्लॉक बीएमओ के सरकारी वाहन चालक का बेटा है। उसे अस्पताल के अति संवेदनशील ओपीडी काउंटर पर बैठाया गया था। यह काउंटर वह महत्वपूर्ण स्थान है जहाँ मरीजों का प्राथमिक डेटा दर्ज किया जाता है और पर्ची के आधार पर ही उनका आगे का इलाज तय होता है। ऐसे महत्वपूर्ण और जिम्मेदार पद पर एक अप्रशिक्षित और नाबालिग बच्चे को बैठाया जाना अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले में, जिला पंचायत सदस्य के पति अन्नू सिंह मतहा पर आरोप है कि उन्होंने एक सेल्समैन पर अपनी गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। यह घटना कथित तौर पर तब हुई जब उन्हें मुफ्त शराब नहीं मिली।1