सतना सिटी कोतवाली क्षेत्र में नशीली दवाओं का सरगना अजय अग्रवाल उर्फ बंटा एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जहाँ वह नशीली कैरैक्स सिरप और टैबलेट बेचने के धंधे में लगा हुआ है। इस कारोबार का केंद्र सिटी कोतवाली के पीछे तुलसी मानस मंदिर गली, दुर्गा मंदिर रोड, और गुरुद्वारा के सामने से आने-जाने वाले रास्ते बताए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सिटी कोतवाली में जमुना किराना स्टोर के पास रात 9 बजे दुकानों के बंद होने के बाद, रामलीला मंच पर भी इन नशीली दवाओं का क्रय-विक्रय तेजी से जोर पकड़ रहा है। इन स्थानों पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है और यहीं से पूरे शहर में इन नशीली दवाओं की आपूर्ति की जाती है, जिससे यह अवैध कारोबार अब चरम पर पहुँच गया है। बताया गया है कि पूर्व में एस.एम. उपाध्याय और शखधर द्विवेदी जैसे पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई निरंतर कार्रवाई के कारण कुछ समय तक इस धंधे में शांति थी। हालांकि, जैसे ही वर्तमान थाना प्रभारी ने कार्यभार संभाला, अजय अग्रवाल उर्फ बंटा फिर से सक्रिय हो गया है और उसका कारोबार अपनी ऊँचाई पर पहुँच गया है। स्थिति यह है कि थाना प्रभारी को आज तक इस पनपते अवैध धंधे की खबर तक नहीं है।
सतना सिटी कोतवाली क्षेत्र में नशीली दवाओं का सरगना अजय अग्रवाल उर्फ बंटा एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जहाँ वह नशीली कैरैक्स सिरप और टैबलेट बेचने के धंधे में लगा हुआ है। इस कारोबार का केंद्र सिटी कोतवाली के पीछे तुलसी मानस मंदिर गली, दुर्गा मंदिर रोड, और गुरुद्वारा के सामने से आने-जाने वाले रास्ते बताए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सिटी कोतवाली में जमुना किराना स्टोर के पास रात 9 बजे दुकानों के बंद होने के बाद, रामलीला मंच पर भी इन नशीली दवाओं का क्रय-विक्रय तेजी से जोर पकड़ रहा है। इन स्थानों पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है और यहीं से पूरे शहर में इन नशीली दवाओं की आपूर्ति की जाती है, जिससे यह अवैध कारोबार अब चरम पर पहुँच गया है। बताया गया है कि पूर्व में एस.एम. उपाध्याय और शखधर द्विवेदी जैसे पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई निरंतर कार्रवाई के कारण कुछ समय तक इस धंधे में शांति थी। हालांकि, जैसे ही वर्तमान थाना प्रभारी ने कार्यभार संभाला, अजय अग्रवाल उर्फ बंटा फिर से सक्रिय हो गया है और उसका कारोबार अपनी ऊँचाई पर पहुँच गया है। स्थिति यह है कि थाना प्रभारी को आज तक इस पनपते अवैध धंधे की खबर तक नहीं है।
- भीषण गर्मी का सामना कर रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। तेज रफ्तार हवाओं के साथ हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों ने राहत की साँस ली है।1
- पन्ना जिले में पुरैना तालाब पर अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई की गई है। इस अभियान के तहत बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण की गई भूमि को मुक्त कराया गया।1
- देशभर में ऑनलाइन ठगी और साइबर धोखाधड़ी के मामलों को लेकर लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए नागरिकों से अनजान लिंक्स पर क्लिक करने, किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) साझा करने और संदिग्ध फोन कॉल्स पर बिल्कुल भी भरोसा न करने का आग्रह किया है। यह सलाह ऐसे समय में आई है जब डिजिटल सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिसके साथ ही साइबर सुरक्षा जागरूकता का महत्व भी लगातार बढ़ता जा रहा है। इस खबर का प्रमुख उद्देश्य लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक करना है ताकि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच सकें।1
- रीवा में जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुन रहे हैं। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी और तहसीलदार शिव शंकर शुक्ला सहित कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित होकर लोगों की शिकायतों का निवारण कर रहे हैं।1
- पन्ना जिले में आदिवासी दलित क्रांति सेना (बुंदेलखंड) की न्याय पदयात्रा को पुलिस प्रशासन द्वारा बीच रास्ते में रोके जाने के बाद भारी आक्रोश और तनाव की स्थिति बन गई। ग्राम लमतरा से शाहनगर जा रही इस पदयात्रा को रोकने पर, संगठन के कार्यकर्ताओं ने उग्र रुख अख्तियार करते हुए लमतरा में ही मुख्य मार्ग पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह पदयात्रा आदिवासियों और दलितों के हक तथा विभिन्न स्थानीय मांगों को लेकर आदिवासी दलित क्रांति सेना के पन्ना जिला प्रभारी केपी सिंह बुंदेला के नेतृत्व में निकाली जा रही थी। पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग लगाकर शांतिपूर्ण यात्रा रोके जाने पर संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भड़क उठे, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। जिला प्रभारी केपी सिंह बुंदेला ने प्रशासन के इस कदम को "तानाशाही और लोकतंत्र की हत्या" बताते हुए कहा कि आदिवासी दलित क्रांति सेना पुलिस की लाठी-ताकत से दबने वाली नहीं है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन थमेगा नहीं। जैसे ही यात्रा रोके जाने की खबर आस-पास के गांवों में फैली, लमतरा में धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ने लगी और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया गया, तो यह आंदोलन पूरे पन्ना जिले में चक्काजाम का रूप ले लेगा। मामले की गंभीरता और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए शाहनगर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अमला हरकत में आया। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद, आंदोलनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसीलदार और एसडीएम से मिला। अधिकारियों ने संगठन द्वारा उठाई गई मांगों और समस्याओं पर त्वरित व निष्पक्ष जांच का ठोस आश्वासन दिया। शाहनगर पुलिस और आला अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई के लिखित/मौखिक आश्वासन के बाद ही आदिवासी दलित क्रांति सेना ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि, संगठन ने साफ किया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर आदिवासियों और दलितों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो अगली बार यह क्रांति सेना सीधे जिला मुख्यालय का घेराव करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पन्ना जिला प्रशासन की होगी।1
- सतना जिले के मझगवां अस्पताल में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ आठवीं पास व्यक्ति सीधे ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) का कामकाज संभाल रहे हैं। यह स्थिति इस बात पर सवाल उठा रही है कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए डिग्री और उचित योग्यता की आवश्यकता है भी या नहीं।1
- सतना जिले के मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ अधिकारियों के संरक्षण में कथित तौर पर एक नौवीं कक्षा का छात्र मरीजों की ओपीडी पर्ची काटते हुए कैमरे में कैद किया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना मझगवां CHC की अव्यवस्थाओं और कारनामों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने की प्रवृत्ति को उजागर करती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक नियमों को ताक पर रखकर शासकीय कार्य कर रहा यह नाबालिग छात्र मझगवां CHC के ब्लॉक बीएमओ के सरकारी वाहन चालक का बेटा है। उसे अस्पताल के अति संवेदनशील ओपीडी काउंटर पर बैठाया गया था। यह काउंटर वह महत्वपूर्ण स्थान है जहाँ मरीजों का प्राथमिक डेटा दर्ज किया जाता है और पर्ची के आधार पर ही उनका आगे का इलाज तय होता है। ऐसे महत्वपूर्ण और जिम्मेदार पद पर एक अप्रशिक्षित और नाबालिग बच्चे को बैठाया जाना अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।1
- मोहर्रम के त्यौहार के संबंध में कोतवाली बबेरू में पीस कमेटी की एक बैठक सम्पन्न हुई है।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले में, जिला पंचायत सदस्य के पति अन्नू सिंह मतहा पर आरोप है कि उन्होंने एक सेल्समैन पर अपनी गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। यह घटना कथित तौर पर तब हुई जब उन्हें मुफ्त शराब नहीं मिली।1