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कैबिनेट द्वारा रीवा, देवास और गुना में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन के लिए एक आउटसोर्स प्रणाली से संबंधित पायलट प्रोजेक्ट को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय के तहत, इन तीन जिलों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन आउटसोर्सिंग के माध्यम से किया जाएगा।
रामदत्त दाहिया
कैबिनेट द्वारा रीवा, देवास और गुना में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन के लिए एक आउटसोर्स प्रणाली से संबंधित पायलट प्रोजेक्ट को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय के तहत, इन तीन जिलों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन आउटसोर्सिंग के माध्यम से किया जाएगा।
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- कैबिनेट द्वारा रीवा, देवास और गुना में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन के लिए एक आउटसोर्स प्रणाली से संबंधित पायलट प्रोजेक्ट को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय के तहत, इन तीन जिलों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन आउटसोर्सिंग के माध्यम से किया जाएगा।1
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर बघेलान में एसी सुधार के नाम पर कथित "खेल" का खुलासा हुआ है, जिसमें RTI से प्राप्त जानकारी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI के तहत मिली नोटशीट क्रमांक-12 (दिनांक 04/06/2025) और संबंधित बिलों से पता चला है कि BPM यूनिट ऑफिस, कक्ष और NRC वार्ड के AC खराब होने तथा कूलिंग न होने की शिकायत के बाद ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर ने मांगपत्र लगाया था। इसके बाद AC सुधार और सर्विसिंग का कार्य सीधे "साथिया रेफ्रिजरेशन एंड सर्विस" नामक फर्म को आदेशित कर दिया गया। इस प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या AC सुधार जैसे कार्यों के लिए नियमानुसार अन्य वेंडरों से कोटेशन नहीं बुलाए जाने चाहिए थे, और क्या विभाग ने तुलनात्मक दरें प्राप्त कर सरकारी धन बचाने का प्रयास नहीं किया। RTI से प्राप्त बिलों में भुगतान को लेकर भी कई विसंगतियां सामने आई हैं। एक बिल में कंप्रेसर गैस + RCB के लिए ₹14,000, PCB + गैस के लिए ₹7,500, PCB रिपेयरिंग/गैस के लिए ₹9,500, फ्रिज रिपेयरिंग के लिए ₹3,500, और AC सर्विस एवं रिपेयरिंग के लिए ₹4,000 आदि का भुगतान दर्शाया गया है। वहीं, एक अन्य बिल (दिनांक 15/04/2025) में गैस फिलिंग के लिए ₹6,000 और सर्विस चार्ज के लिए ₹700, कुल ₹6,700 का भुगतान दिखाया गया है। सबसे बड़ा सवाल फर्म के पते को लेकर उठाया गया है, क्योंकि एक बिल में फर्म का पता स्पष्ट नहीं है, जबकि दूसरे में अलग पता दर्ज है। कहीं पता लिखा ही नहीं है, तो कहीं "नियर सचिन पैलेस सतना" लिखा दिखाई देता है। जनता के पैसे से सरकारी अस्पतालों में भुगतान होने पर पारदर्शिता की कमी और बिना प्रतिस्पर्धी दरों के सीधे आदेश देने पर तीव्र रोष व्यक्त किया गया है। यह मांग की जा रही है कि क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी, क्योंकि जनता जानना चाहती है कि क्या AC ठंडे हुए या सिस्टम के सवाल और गर्म हो गए हैं।1
- लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि चाहे कोई भी हो, उसे अपना निर्धारित काम अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। यदि काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती जाती है या उसे समय पर पूरा नहीं किया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति को इसका भुगतान करना पड़ेगा।1
- उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग बाजार क्षेत्र में हेमकुंड साहिब से लौट रहे सिख श्रद्धालुओं (निहंग सिखों) और स्थानीय लोगों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद क्षेत्र में भारी तनाव फैल गया है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, यह विवाद कर्णप्रयाग बाजार के एक होटल में भोजन या पार्किंग को लेकर सिख यात्रियों और स्थानीय लोगों/होटल कर्मचारियों के बीच शुरू हुई बहस के बाद बढ़ा। विवाद बढ़ने पर सिख श्रद्धालुओं ने कथित तौर पर धारदार हथियारों और तलवारों का इस्तेमाल किया। इस हमले में एक होटल कर्मचारी सहित कम से कम चार स्थानीय लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हिंसक घटना के विरोध में स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों ने बद्रीनाथ नेशनल हाईवे को जाम कर दिया है, जिससे चारधाम यात्रा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। क्षेत्र में व्याप्त तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।1
- आजकल विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड की घटनाएँ बड़े पैमाने पर हो रही हैं, जिसके कारण सभी लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। इन ठगी के तरीकों में 'AI वॉयस क्लोन फ्रॉड' नामक एक नया और तेजी से बढ़ता खतरा सामने आया है। इस प्रकार के बढ़ते साइबर अपराधों के मद्देनजर, यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है कि सभी नागरिक सुरक्षित रहें और पूरी सावधानी बरतें।1
- सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र के बाबूपुर गांव में शनिवार शाम (13 जून) को एक पुश्तैनी अहाते से बाँस काटने को लेकर हुआ मामूली विवाद अब एक खौफनाक मोड़ ले चुका है। इस खूनी संघर्ष में शराब के नशे में हमला करने, घर पर पथराव करने और पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद के कपड़े फाड़कर झूठा 'उलट केस' फंसाने की सनसनीखेज साजिश का खुलासा हुआ है। उचेहरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नामजद आरोपियों के खिलाफ नई न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरी घटना शनिवार शाम लगभग 04:00 बजे की है। 70 वर्षीय शकुंतला विश्वकर्मा ने अपनी दो बहुओं और नाती के साथ उचेहरा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी कोलिया से रणधीर विश्वकर्मा ने बाँस काट लिया था, जिसे वापस मांगने पर रणधीर ने मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां दीं और मारपीट पर उतारू हो गया। इसके बाद रणधीर के समर्थन में मनीष विश्वकर्मा (जो लाठी लिए हुए था), फूलकुमारी और रोशनी विश्वकर्मा भी डंडे और पत्थर लेकर टूट पड़े। बीच-बचाव करने आए नाती अंकित विश्वकर्मा, बड़ी बहू सुधा विश्वकर्मा और छोटी बहू अर्चना विश्वकर्मा के सिर पर लाठी से हमला किया गया, जिससे वे लहूलुहान हो गए। आरोपी मनीष विश्वकर्मा मौके से फरार हो गया। इसी दौरान, लोहारौरा का रहने वाला महेश विश्वकर्मा भी बाबूपुर पहुंच गया। महेश अत्यधिक शराब के नशे में था और उसने हाथ में दात लहराते हुए बड़ी बहू सुधा विश्वकर्मा पर हमला कर दिया और उसे बेरहमी से लात मारी। वहीं, आरोपी रणधीर की बड़ी बेटी प्रीति विश्वकर्मा ने डंडा और पत्थर लेकर पीड़ित परिवार के घर पर हमला बोल दिया। प्रीति ने घर की लकड़ी की खिड़कियां तोड़ दीं और बुजुर्ग शकुंतला विश्वकर्मा पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। जब पीड़ित परिवार ने शोर मचाया और पड़ोसी सियाशरण व कल्लू विश्वकर्मा बीच-बचाव करने आए, तो आरोपी पक्ष ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए एक घिनौनी साजिश रची। आरोपी रणधीर की छोटी लड़की अंजली विश्वकर्मा ने खुद के कपड़े फाड़ लिए और अर्चना विश्वकर्मा व उनके परिवार को झूठे मामले में फंसाने के उद्देश्य से डंडा लेकर मारने दौड़ी, ताकि मामले को छेड़खानी या आपसी मारपीट का दूसरा रूप देकर पुलिस को गुमराह किया जा सके। जाते-जाते आरोपी पक्ष ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। बुजुर्ग महिला और लहूलुहान परिवार को देखकर उचेहरा थाने के कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) संतोष तिवारी ने तत्काल घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया। पीड़ित परिवार की शिकायत और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 0260/2026 दर्ज कर लिया है और मामले को विवेचना में ले लिया है।1
- सतना जिले के बरौंधा सर्किल में पदस्थ रेंजर बृजेंद्र पांडे को उनकी पत्नी ने एक कथित महिला के साथ होटल में रंगे हाथ पकड़ा। इस घटना के बाद रेंजर और वह महिला होटल से भाग गए। अपनी सफाई में रेंजर ने बताया कि वह वन विभाग के काम से रीवा गए थे और कथित महिला स्टाफ की सदस्य है। हालांकि, यह जांच का विषय है कि बृजेंद्र पांडे किस अधिकारी की अनुमति से और किस काम के लिए रीवा गए थे, तथा वह होटल में किस महिला सहयोगी स्टाफ के साथ रुके थे। इस पूरे मामले में रेंजर की पत्नी ने उनके खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है, जिसमें आरोप है कि रेंजर ने अपनी पत्नी के साथ मारपीट भी की है।2