logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र के बाबूपुर गांव में शनिवार शाम (13 जून) को एक पुश्तैनी अहाते से बाँस काटने को लेकर हुआ मामूली विवाद अब एक खौफनाक मोड़ ले चुका है। इस खूनी संघर्ष में शराब के नशे में हमला करने, घर पर पथराव करने और पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद के कपड़े फाड़कर झूठा 'उलट केस' फंसाने की सनसनीखेज साजिश का खुलासा हुआ है। उचेहरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नामजद आरोपियों के खिलाफ नई न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरी घटना शनिवार शाम लगभग 04:00 बजे की है। 70 वर्षीय शकुंतला विश्वकर्मा ने अपनी दो बहुओं और नाती के साथ उचेहरा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी कोलिया से रणधीर विश्वकर्मा ने बाँस काट लिया था, जिसे वापस मांगने पर रणधीर ने मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां दीं और मारपीट पर उतारू हो गया। इसके बाद रणधीर के समर्थन में मनीष विश्वकर्मा (जो लाठी लिए हुए था), फूलकुमारी और रोशनी विश्वकर्मा भी डंडे और पत्थर लेकर टूट पड़े। बीच-बचाव करने आए नाती अंकित विश्वकर्मा, बड़ी बहू सुधा विश्वकर्मा और छोटी बहू अर्चना विश्वकर्मा के सिर पर लाठी से हमला किया गया, जिससे वे लहूलुहान हो गए। आरोपी मनीष विश्वकर्मा मौके से फरार हो गया। इसी दौरान, लोहारौरा का रहने वाला महेश विश्वकर्मा भी बाबूपुर पहुंच गया। महेश अत्यधिक शराब के नशे में था और उसने हाथ में दात लहराते हुए बड़ी बहू सुधा विश्वकर्मा पर हमला कर दिया और उसे बेरहमी से लात मारी। वहीं, आरोपी रणधीर की बड़ी बेटी प्रीति विश्वकर्मा ने डंडा और पत्थर लेकर पीड़ित परिवार के घर पर हमला बोल दिया। प्रीति ने घर की लकड़ी की खिड़कियां तोड़ दीं और बुजुर्ग शकुंतला विश्वकर्मा पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। जब पीड़ित परिवार ने शोर मचाया और पड़ोसी सियाशरण व कल्लू विश्वकर्मा बीच-बचाव करने आए, तो आरोपी पक्ष ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए एक घिनौनी साजिश रची। आरोपी रणधीर की छोटी लड़की अंजली विश्वकर्मा ने खुद के कपड़े फाड़ लिए और अर्चना विश्वकर्मा व उनके परिवार को झूठे मामले में फंसाने के उद्देश्य से डंडा लेकर मारने दौड़ी, ताकि मामले को छेड़खानी या आपसी मारपीट का दूसरा रूप देकर पुलिस को गुमराह किया जा सके। जाते-जाते आरोपी पक्ष ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। बुजुर्ग महिला और लहूलुहान परिवार को देखकर उचेहरा थाने के कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) संतोष तिवारी ने तत्काल घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया। पीड़ित परिवार की शिकायत और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 0260/2026 दर्ज कर लिया है और मामले को विवेचना में ले लिया है।

1 hr ago
user_ऋषिकेश त्रिपाठी
ऋषिकेश त्रिपाठी
रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र के बाबूपुर गांव में शनिवार शाम (13 जून) को एक पुश्तैनी अहाते से बाँस काटने को लेकर हुआ मामूली विवाद अब एक खौफनाक मोड़ ले चुका है। इस खूनी संघर्ष में शराब के नशे में हमला करने, घर पर पथराव करने और पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद के कपड़े फाड़कर झूठा 'उलट केस' फंसाने की सनसनीखेज साजिश का खुलासा हुआ है। उचेहरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नामजद आरोपियों के खिलाफ नई न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरी घटना शनिवार शाम लगभग 04:00 बजे की है। 70 वर्षीय शकुंतला विश्वकर्मा ने अपनी दो बहुओं और नाती के साथ उचेहरा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी कोलिया से रणधीर विश्वकर्मा ने बाँस काट लिया था, जिसे वापस मांगने पर रणधीर ने मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां दीं और मारपीट पर उतारू हो गया। इसके बाद रणधीर के समर्थन में मनीष विश्वकर्मा (जो लाठी लिए हुए था), फूलकुमारी और रोशनी विश्वकर्मा भी डंडे और पत्थर लेकर टूट पड़े। बीच-बचाव करने आए नाती अंकित विश्वकर्मा, बड़ी बहू सुधा विश्वकर्मा और छोटी बहू अर्चना विश्वकर्मा के सिर पर लाठी से हमला किया गया, जिससे वे लहूलुहान हो गए। आरोपी मनीष विश्वकर्मा मौके से फरार हो गया। इसी दौरान, लोहारौरा का रहने वाला महेश विश्वकर्मा भी बाबूपुर पहुंच गया। महेश अत्यधिक शराब के नशे में था और उसने हाथ में दात लहराते हुए बड़ी बहू सुधा विश्वकर्मा पर हमला कर दिया और उसे बेरहमी से लात मारी। वहीं, आरोपी रणधीर की बड़ी बेटी प्रीति विश्वकर्मा ने डंडा और पत्थर लेकर पीड़ित परिवार के घर पर हमला बोल दिया। प्रीति ने घर की लकड़ी की खिड़कियां तोड़ दीं और बुजुर्ग शकुंतला विश्वकर्मा पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। जब पीड़ित परिवार ने शोर मचाया और पड़ोसी सियाशरण व कल्लू विश्वकर्मा बीच-बचाव करने आए, तो आरोपी पक्ष ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए एक घिनौनी साजिश रची। आरोपी रणधीर की छोटी लड़की अंजली विश्वकर्मा ने खुद के कपड़े फाड़ लिए और अर्चना विश्वकर्मा व उनके परिवार को झूठे मामले में फंसाने के उद्देश्य से डंडा लेकर मारने दौड़ी, ताकि मामले को छेड़खानी या आपसी मारपीट का दूसरा रूप देकर पुलिस को गुमराह किया जा सके। जाते-जाते आरोपी पक्ष ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। बुजुर्ग महिला और लहूलुहान परिवार को देखकर उचेहरा थाने के कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) संतोष तिवारी ने तत्काल घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया। पीड़ित परिवार की शिकायत और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 0260/2026 दर्ज कर लिया है और मामले को विवेचना में ले लिया है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र के बाबूपुर गांव में शनिवार शाम (13 जून) को एक पुश्तैनी अहाते से बाँस काटने को लेकर हुआ मामूली विवाद अब एक खौफनाक मोड़ ले चुका है। इस खूनी संघर्ष में शराब के नशे में हमला करने, घर पर पथराव करने और पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद के कपड़े फाड़कर झूठा 'उलट केस' फंसाने की सनसनीखेज साजिश का खुलासा हुआ है। उचेहरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नामजद आरोपियों के खिलाफ नई न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरी घटना शनिवार शाम लगभग 04:00 बजे की है। 70 वर्षीय शकुंतला विश्वकर्मा ने अपनी दो बहुओं और नाती के साथ उचेहरा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी कोलिया से रणधीर विश्वकर्मा ने बाँस काट लिया था, जिसे वापस मांगने पर रणधीर ने मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां दीं और मारपीट पर उतारू हो गया। इसके बाद रणधीर के समर्थन में मनीष विश्वकर्मा (जो लाठी लिए हुए था), फूलकुमारी और रोशनी विश्वकर्मा भी डंडे और पत्थर लेकर टूट पड़े। बीच-बचाव करने आए नाती अंकित विश्वकर्मा, बड़ी बहू सुधा विश्वकर्मा और छोटी बहू अर्चना विश्वकर्मा के सिर पर लाठी से हमला किया गया, जिससे वे लहूलुहान हो गए। आरोपी मनीष विश्वकर्मा मौके से फरार हो गया। इसी दौरान, लोहारौरा का रहने वाला महेश विश्वकर्मा भी बाबूपुर पहुंच गया। महेश अत्यधिक शराब के नशे में था और उसने हाथ में दात लहराते हुए बड़ी बहू सुधा विश्वकर्मा पर हमला कर दिया और उसे बेरहमी से लात मारी। वहीं, आरोपी रणधीर की बड़ी बेटी प्रीति विश्वकर्मा ने डंडा और पत्थर लेकर पीड़ित परिवार के घर पर हमला बोल दिया। प्रीति ने घर की लकड़ी की खिड़कियां तोड़ दीं और बुजुर्ग शकुंतला विश्वकर्मा पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। जब पीड़ित परिवार ने शोर मचाया और पड़ोसी सियाशरण व कल्लू विश्वकर्मा बीच-बचाव करने आए, तो आरोपी पक्ष ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए एक घिनौनी साजिश रची। आरोपी रणधीर की छोटी लड़की अंजली विश्वकर्मा ने खुद के कपड़े फाड़ लिए और अर्चना विश्वकर्मा व उनके परिवार को झूठे मामले में फंसाने के उद्देश्य से डंडा लेकर मारने दौड़ी, ताकि मामले को छेड़खानी या आपसी मारपीट का दूसरा रूप देकर पुलिस को गुमराह किया जा सके। जाते-जाते आरोपी पक्ष ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। बुजुर्ग महिला और लहूलुहान परिवार को देखकर उचेहरा थाने के कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) संतोष तिवारी ने तत्काल घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया। पीड़ित परिवार की शिकायत और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 0260/2026 दर्ज कर लिया है और मामले को विवेचना में ले लिया है।
    1
    सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र के बाबूपुर गांव में शनिवार शाम (13 जून) को एक पुश्तैनी अहाते से बाँस काटने को लेकर हुआ मामूली विवाद अब एक खौफनाक मोड़ ले चुका है। इस खूनी संघर्ष में शराब के नशे में हमला करने, घर पर पथराव करने और पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद के कपड़े फाड़कर झूठा 'उलट केस' फंसाने की सनसनीखेज साजिश का खुलासा हुआ है। उचेहरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नामजद आरोपियों के खिलाफ नई न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पूरी घटना शनिवार शाम लगभग 04:00 बजे की है। 70 वर्षीय शकुंतला विश्वकर्मा ने अपनी दो बहुओं और नाती के साथ उचेहरा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी कोलिया से रणधीर विश्वकर्मा ने बाँस काट लिया था, जिसे वापस मांगने पर रणधीर ने मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां दीं और मारपीट पर उतारू हो गया। इसके बाद रणधीर के समर्थन में मनीष विश्वकर्मा (जो लाठी लिए हुए था), फूलकुमारी और रोशनी विश्वकर्मा भी डंडे और पत्थर लेकर टूट पड़े। बीच-बचाव करने आए नाती अंकित विश्वकर्मा, बड़ी बहू सुधा विश्वकर्मा और छोटी बहू अर्चना विश्वकर्मा के सिर पर लाठी से हमला किया गया, जिससे वे लहूलुहान हो गए। आरोपी मनीष विश्वकर्मा मौके से फरार हो गया।

इसी दौरान, लोहारौरा का रहने वाला महेश विश्वकर्मा भी बाबूपुर पहुंच गया। महेश अत्यधिक शराब के नशे में था और उसने हाथ में दात लहराते हुए बड़ी बहू सुधा विश्वकर्मा पर हमला कर दिया और उसे बेरहमी से लात मारी। वहीं, आरोपी रणधीर की बड़ी बेटी प्रीति विश्वकर्मा ने डंडा और पत्थर लेकर पीड़ित परिवार के घर पर हमला बोल दिया। प्रीति ने घर की लकड़ी की खिड़कियां तोड़ दीं और बुजुर्ग शकुंतला विश्वकर्मा पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया।

जब पीड़ित परिवार ने शोर मचाया और पड़ोसी सियाशरण व कल्लू विश्वकर्मा बीच-बचाव करने आए, तो आरोपी पक्ष ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए एक घिनौनी साजिश रची। आरोपी रणधीर की छोटी लड़की अंजली विश्वकर्मा ने खुद के कपड़े फाड़ लिए और अर्चना विश्वकर्मा व उनके परिवार को झूठे मामले में फंसाने के उद्देश्य से डंडा लेकर मारने दौड़ी, ताकि मामले को छेड़खानी या आपसी मारपीट का दूसरा रूप देकर पुलिस को गुमराह किया जा सके। जाते-जाते आरोपी पक्ष ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी।

बुजुर्ग महिला और लहूलुहान परिवार को देखकर उचेहरा थाने के कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) संतोष तिवारी ने तत्काल घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया। पीड़ित परिवार की शिकायत और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 0260/2026 दर्ज कर लिया है और मामले को विवेचना में ले लिया है।
    user_ऋषिकेश त्रिपाठी
    ऋषिकेश त्रिपाठी
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर बघेलान में एसी सुधार के नाम पर कथित "खेल" का खुलासा हुआ है, जिसमें RTI से प्राप्त जानकारी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI के तहत मिली नोटशीट क्रमांक-12 (दिनांक 04/06/2025) और संबंधित बिलों से पता चला है कि BPM यूनिट ऑफिस, कक्ष और NRC वार्ड के AC खराब होने तथा कूलिंग न होने की शिकायत के बाद ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर ने मांगपत्र लगाया था। इसके बाद AC सुधार और सर्विसिंग का कार्य सीधे "साथिया रेफ्रिजरेशन एंड सर्विस" नामक फर्म को आदेशित कर दिया गया। इस प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या AC सुधार जैसे कार्यों के लिए नियमानुसार अन्य वेंडरों से कोटेशन नहीं बुलाए जाने चाहिए थे, और क्या विभाग ने तुलनात्मक दरें प्राप्त कर सरकारी धन बचाने का प्रयास नहीं किया। RTI से प्राप्त बिलों में भुगतान को लेकर भी कई विसंगतियां सामने आई हैं। एक बिल में कंप्रेसर गैस + RCB के लिए ₹14,000, PCB + गैस के लिए ₹7,500, PCB रिपेयरिंग/गैस के लिए ₹9,500, फ्रिज रिपेयरिंग के लिए ₹3,500, और AC सर्विस एवं रिपेयरिंग के लिए ₹4,000 आदि का भुगतान दर्शाया गया है। वहीं, एक अन्य बिल (दिनांक 15/04/2025) में गैस फिलिंग के लिए ₹6,000 और सर्विस चार्ज के लिए ₹700, कुल ₹6,700 का भुगतान दिखाया गया है। सबसे बड़ा सवाल फर्म के पते को लेकर उठाया गया है, क्योंकि एक बिल में फर्म का पता स्पष्ट नहीं है, जबकि दूसरे में अलग पता दर्ज है। कहीं पता लिखा ही नहीं है, तो कहीं "नियर सचिन पैलेस सतना" लिखा दिखाई देता है। जनता के पैसे से सरकारी अस्पतालों में भुगतान होने पर पारदर्शिता की कमी और बिना प्रतिस्पर्धी दरों के सीधे आदेश देने पर तीव्र रोष व्यक्त किया गया है। यह मांग की जा रही है कि क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी, क्योंकि जनता जानना चाहती है कि क्या AC ठंडे हुए या सिस्टम के सवाल और गर्म हो गए हैं।
    1
    सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर बघेलान में एसी सुधार के नाम पर कथित "खेल" का खुलासा हुआ है, जिसमें RTI से प्राप्त जानकारी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI के तहत मिली नोटशीट क्रमांक-12 (दिनांक 04/06/2025) और संबंधित बिलों से पता चला है कि BPM यूनिट ऑफिस, कक्ष और NRC वार्ड के AC खराब होने तथा कूलिंग न होने की शिकायत के बाद ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर ने मांगपत्र लगाया था। इसके बाद AC सुधार और सर्विसिंग का कार्य सीधे "साथिया रेफ्रिजरेशन एंड सर्विस" नामक फर्म को आदेशित कर दिया गया।

इस प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या AC सुधार जैसे कार्यों के लिए नियमानुसार अन्य वेंडरों से कोटेशन नहीं बुलाए जाने चाहिए थे, और क्या विभाग ने तुलनात्मक दरें प्राप्त कर सरकारी धन बचाने का प्रयास नहीं किया। RTI से प्राप्त बिलों में भुगतान को लेकर भी कई विसंगतियां सामने आई हैं। एक बिल में कंप्रेसर गैस + RCB के लिए ₹14,000, PCB + गैस के लिए ₹7,500, PCB रिपेयरिंग/गैस के लिए ₹9,500, फ्रिज रिपेयरिंग के लिए ₹3,500, और AC सर्विस एवं रिपेयरिंग के लिए ₹4,000 आदि का भुगतान दर्शाया गया है। वहीं, एक अन्य बिल (दिनांक 15/04/2025) में गैस फिलिंग के लिए ₹6,000 और सर्विस चार्ज के लिए ₹700, कुल ₹6,700 का भुगतान दिखाया गया है।

सबसे बड़ा सवाल फर्म के पते को लेकर उठाया गया है, क्योंकि एक बिल में फर्म का पता स्पष्ट नहीं है, जबकि दूसरे में अलग पता दर्ज है। कहीं पता लिखा ही नहीं है, तो कहीं "नियर सचिन पैलेस सतना" लिखा दिखाई देता है। जनता के पैसे से सरकारी अस्पतालों में भुगतान होने पर पारदर्शिता की कमी और बिना प्रतिस्पर्धी दरों के सीधे आदेश देने पर तीव्र रोष व्यक्त किया गया है। यह मांग की जा रही है कि क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी, क्योंकि जनता जानना चाहती है कि क्या AC ठंडे हुए या सिस्टम के सवाल और गर्म हो गए हैं।
    user_प्रशांत कुमार त्रिपाठी
    प्रशांत कुमार त्रिपाठी
    Lawyer रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • श्री अकाल तख्त साहिब के पांच सिंह साहिबानों ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'गुरु-द्रोही' और 'खालसा पंथ विरोधी' घोषित कर दिया है। सिखों की इस सर्वोच्च धार्मिक संस्था द्वारा यह गंभीर निर्णय 15 जून 2026 को अमृतसर में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान लिया गया। यह फैसला एक वीडियो की फॉरेंसिक जांच के बाद आया है, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान सिख गुरुओं की तस्वीरों पर शराब छिड़कते हुए दिखाई दे रहे थे। इस वीडियो को आम आदमी पार्टी (AAP) ने पहले 'नकली' और 'एआई (AI) द्वारा निर्मित' बताया था, जिसके बाद अकाल तख्त ने इसे देश की दो मान्यता प्राप्त फॉरेंसिक लैब्स में जांच के लिए भेजा था। लैब्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए, अकाल तख्त के जथैदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने स्पष्ट किया कि वीडियो पूरी तरह वास्तविक है और इसमें किसी प्रकार की एडिटिंग, एआई तकनीक या छेड़छाड़ नहीं की गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर, अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री पर इस संबंध में झूठ बोलने का आरोप लगाया है और सिख संगत (सिख समाज) को भगवंत मान से किसी भी तरह का संबंध न रखने या उन्हें 'मुंह न लगाने' का सख्त आदेश जारी किया है।
    1
    श्री अकाल तख्त साहिब के पांच सिंह साहिबानों ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'गुरु-द्रोही' और 'खालसा पंथ विरोधी' घोषित कर दिया है। सिखों की इस सर्वोच्च धार्मिक संस्था द्वारा यह गंभीर निर्णय 15 जून 2026 को अमृतसर में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान लिया गया।

यह फैसला एक वीडियो की फॉरेंसिक जांच के बाद आया है, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान सिख गुरुओं की तस्वीरों पर शराब छिड़कते हुए दिखाई दे रहे थे। इस वीडियो को आम आदमी पार्टी (AAP) ने पहले 'नकली' और 'एआई (AI) द्वारा निर्मित' बताया था, जिसके बाद अकाल तख्त ने इसे देश की दो मान्यता प्राप्त फॉरेंसिक लैब्स में जांच के लिए भेजा था।

लैब्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए, अकाल तख्त के जथैदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने स्पष्ट किया कि वीडियो पूरी तरह वास्तविक है और इसमें किसी प्रकार की एडिटिंग, एआई तकनीक या छेड़छाड़ नहीं की गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर, अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री पर इस संबंध में झूठ बोलने का आरोप लगाया है और सिख संगत (सिख समाज) को भगवंत मान से किसी भी तरह का संबंध न रखने या उन्हें 'मुंह न लगाने' का सख्त आदेश जारी किया है।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    1 hr ago
  • सतना वनमंडल अंतर्गत आने वाले बरौंधा वनपरिक्षेत्र के रेंज अधिकारी बृजेन्द्र पाण्डेय को उनकी पत्नी ने रीवा के एक निजी होटल 'रॉयल इन' के कमरे में एक अन्य महिला, जो उनकी प्रेमिका बताई जा रही है, के साथ रंगरलियां मनाते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इस घटना के बाद यह पारिवारिक विवाद रीवा की सड़कों तक पहुँच गया, जहाँ रेंजर बृजेन्द्र पाण्डेय अपनी प्रेमिका को भागने के प्रयास में अपनी पत्नी के बाल पकड़कर मारते-पीटते हुए दिखाई दिए। बृजेन्द्र पाण्डेय की पत्नी भारती उपाध्याय स्वयं मध्य प्रदेश पुलिस में महिला पुलिस कर्मी के रूप में अपनी सेवाएँ दे रही हैं और बरौंधा थाना में ही पदस्थ हैं। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया में बड़ी तेजी के साथ बहुप्रसारित हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर पहले होटल के कमरे का दरवाजा खुलने पर एक दूसरी महिला को भागते हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद बीच हाईवे पर रेंजर को पत्नी को पकड़े और प्रेमिका को भगाते हुए, साथ ही पत्नी के बाल पकड़कर पिटाई करते हुए दिखाया गया है। फिलहाल, इस पूरे विवाद के बाद दोनों ने तलाक के लिए कोर्ट में आवेदन भी दे रखा है।
    1
    सतना वनमंडल अंतर्गत आने वाले बरौंधा वनपरिक्षेत्र के रेंज अधिकारी बृजेन्द्र पाण्डेय को उनकी पत्नी ने रीवा के एक निजी होटल 'रॉयल इन' के कमरे में एक अन्य महिला, जो उनकी प्रेमिका बताई जा रही है, के साथ रंगरलियां मनाते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इस घटना के बाद यह पारिवारिक विवाद रीवा की सड़कों तक पहुँच गया, जहाँ रेंजर बृजेन्द्र पाण्डेय अपनी प्रेमिका को भागने के प्रयास में अपनी पत्नी के बाल पकड़कर मारते-पीटते हुए दिखाई दिए।

बृजेन्द्र पाण्डेय की पत्नी भारती उपाध्याय स्वयं मध्य प्रदेश पुलिस में महिला पुलिस कर्मी के रूप में अपनी सेवाएँ दे रही हैं और बरौंधा थाना में ही पदस्थ हैं। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया में बड़ी तेजी के साथ बहुप्रसारित हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर पहले होटल के कमरे का दरवाजा खुलने पर एक दूसरी महिला को भागते हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद बीच हाईवे पर रेंजर को पत्नी को पकड़े और प्रेमिका को भगाते हुए, साथ ही पत्नी के बाल पकड़कर पिटाई करते हुए दिखाया गया है। फिलहाल, इस पूरे विवाद के बाद दोनों ने तलाक के लिए कोर्ट में आवेदन भी दे रखा है।
    user_Ram singh
    Ram singh
    Huzur Nagar, Rewa•
    1 hr ago
  • रीवा जिले के जवा में महाराणा प्रताप जी की एक भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया जाएगा।
    1
    रीवा जिले के जवा में महाराणा प्रताप जी की एक भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया जाएगा।
    user_Prime 24 News
    Prime 24 News
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सतना के रामपुर बघेलान स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में “पेंट पर पेंट” का खेल चलने का मामला सामने आया है, जहाँ एक आरटीआई से मिली जानकारी ने जनता के पैसों के दुरुपयोग को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस जानकारी से पता चला है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बाहरी गैलरी, फोकल प्वाइंट, बाउंड्री, स्टोर, कक्षों और बाथरूम की साफ-सफाई व पेंट-पुताई के नाम पर लगातार भुगतान किए जा रहे हैं। नमो हार्डवेयर एंड ट्रेडर्स नामक वेंडर को इन अलग-अलग कार्यों के नाम पर कुल ₹1,44,560 के बिलों का भुगतान किया गया है। चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि कई कार्यों के लिए अन्य वेंडरों से कोटेशन मंगाए बिना ही सीधे आदेश जारी कर दिए गए। इस पर सवाल उठाया जा रहा है कि जिस अस्पताल में पहले से ही पेंट हो चुका था, वहां बार-बार पेंट-पुताई की इतनी आवश्यकता क्यों पड़ रही है। यह संदेह व्यक्त किया गया है कि क्या सच में हर कुछ महीनों में अस्पताल में नया पेंट हो रहा है, या फिर पुराने पेंट के ऊपर केवल बिलों का नया रंग चढ़ाया जा रहा है। यह स्पष्ट किया गया है कि यह पैसा कोई निजी खजाना नहीं, बल्कि रोगी कल्याण समिति की राशि है, जो सीधे मरीजों से ली जाती है, और इसलिए इसके एक-एक रुपये का सही इस्तेमाल जनता के सामने होना चाहिए। जनता ने मांग की है कि पिछले तीन वर्षों में हुए सभी पेंट, पुट्टी, मरम्मत और साफ-सफाई कार्यों का एक स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए। यह जांच होनी चाहिए कि कहां-कहां काम हुआ, कितना काम हुआ और जमीन पर वह कितना दिखाई दे रहा है। यह चेतावनी दी गई है कि जनता के पैसों का हिसाब देना ही होगा और अगर सवाल उठेंगे तो उनके जवाब भी देने होंगे। लोगों से आवाज उठाने और सवाल पूछने का आह्वान किया गया है ताकि सच ज्यादा लोगों तक पहुंच सके।
    1
    सतना के रामपुर बघेलान स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में “पेंट पर पेंट” का खेल चलने का मामला सामने आया है, जहाँ एक आरटीआई से मिली जानकारी ने जनता के पैसों के दुरुपयोग को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस जानकारी से पता चला है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बाहरी गैलरी, फोकल प्वाइंट, बाउंड्री, स्टोर, कक्षों और बाथरूम की साफ-सफाई व पेंट-पुताई के नाम पर लगातार भुगतान किए जा रहे हैं।

नमो हार्डवेयर एंड ट्रेडर्स नामक वेंडर को इन अलग-अलग कार्यों के नाम पर कुल ₹1,44,560 के बिलों का भुगतान किया गया है। चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि कई कार्यों के लिए अन्य वेंडरों से कोटेशन मंगाए बिना ही सीधे आदेश जारी कर दिए गए।

इस पर सवाल उठाया जा रहा है कि जिस अस्पताल में पहले से ही पेंट हो चुका था, वहां बार-बार पेंट-पुताई की इतनी आवश्यकता क्यों पड़ रही है। यह संदेह व्यक्त किया गया है कि क्या सच में हर कुछ महीनों में अस्पताल में नया पेंट हो रहा है, या फिर पुराने पेंट के ऊपर केवल बिलों का नया रंग चढ़ाया जा रहा है। यह स्पष्ट किया गया है कि यह पैसा कोई निजी खजाना नहीं, बल्कि रोगी कल्याण समिति की राशि है, जो सीधे मरीजों से ली जाती है, और इसलिए इसके एक-एक रुपये का सही इस्तेमाल जनता के सामने होना चाहिए।

जनता ने मांग की है कि पिछले तीन वर्षों में हुए सभी पेंट, पुट्टी, मरम्मत और साफ-सफाई कार्यों का एक स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए। यह जांच होनी चाहिए कि कहां-कहां काम हुआ, कितना काम हुआ और जमीन पर वह कितना दिखाई दे रहा है। यह चेतावनी दी गई है कि जनता के पैसों का हिसाब देना ही होगा और अगर सवाल उठेंगे तो उनके जवाब भी देने होंगे। लोगों से आवाज उठाने और सवाल पूछने का आह्वान किया गया है ताकि सच ज्यादा लोगों तक पहुंच सके।
    user_प्रशांत कुमार त्रिपाठी
    प्रशांत कुमार त्रिपाठी
    Lawyer रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • सतना के रामपुर बाघेलान में स्थित एक शराब दुकान पर जिला पंचायत सदस्य पति अनूप सिंह अन्नू मतहा द्वारा आतंक मचाने का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। अन्नू सिंह निवासी मतहा और उनके बेटे श्रेयस ने बाघेला बाईपास पर मौजूद इस शराब दुकान पर कथित तौर पर मुफ्त शराब मांगी और अपनी दबंगई दिखाते हुए विवाद शुरू कर दिया। जब शराब दुकान के सेल्समैन ने उनकी मांग पूरी करने से इनकार किया, तो अन्नू सिंह और उनके बेटे ने गाली-गलौज और मारपीट की। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि गुस्से में अन्नू सिंह इतने बेकाबू हो गए कि उन्होंने सेल्समैन को जान से मारने के इरादे से अपनी गाड़ी को चार-पांच बार आगे-पीछे करके उसे कुचलने का प्रयास किया। यह भी बताया गया है कि अन्नू सिंह रामपुर बाघेलान के एक शातिर अपराधी हैं। हाल ही में उनके बेटे श्रेयस ने भी किसी व्यक्ति को जान से मारने की नीयत से उसके पेट में चाकू मार दिया था, जिसके बाद रामपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस घटना के संबंध में शराब ठेकेदार ने पुलिस में आवेदन दे दिया है। हालांकि, शिकायत के बावजूद राजनीतिक प्रभाव के चलते अन्नू सिंह और उनके बेटे के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
    1
    सतना के रामपुर बाघेलान में स्थित एक शराब दुकान पर जिला पंचायत सदस्य पति अनूप सिंह अन्नू मतहा द्वारा आतंक मचाने का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। अन्नू सिंह निवासी मतहा और उनके बेटे श्रेयस ने बाघेला बाईपास पर मौजूद इस शराब दुकान पर कथित तौर पर मुफ्त शराब मांगी और अपनी दबंगई दिखाते हुए विवाद शुरू कर दिया। जब शराब दुकान के सेल्समैन ने उनकी मांग पूरी करने से इनकार किया, तो अन्नू सिंह और उनके बेटे ने गाली-गलौज और मारपीट की।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि गुस्से में अन्नू सिंह इतने बेकाबू हो गए कि उन्होंने सेल्समैन को जान से मारने के इरादे से अपनी गाड़ी को चार-पांच बार आगे-पीछे करके उसे कुचलने का प्रयास किया। यह भी बताया गया है कि अन्नू सिंह रामपुर बाघेलान के एक शातिर अपराधी हैं। हाल ही में उनके बेटे श्रेयस ने भी किसी व्यक्ति को जान से मारने की नीयत से उसके पेट में चाकू मार दिया था, जिसके बाद रामपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

इस घटना के संबंध में शराब ठेकेदार ने पुलिस में आवेदन दे दिया है। हालांकि, शिकायत के बावजूद राजनीतिक प्रभाव के चलते अन्नू सिंह और उनके बेटे के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.