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कटनी के मुक्तिधाम मोड़ नदीपार मार्ग पर स्पीड ब्रेकर न होने से लगातार सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालक विशेष रूप से घायल हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल स्पीड ब्रेकर बनाने और चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है।

6 hrs ago
user_Pawan Shrivastava
Pawan Shrivastava
Local News Reporter कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
6 hrs ago

कटनी के मुक्तिधाम मोड़ नदीपार मार्ग पर स्पीड ब्रेकर न होने से लगातार सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालक विशेष रूप से घायल हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल स्पीड ब्रेकर बनाने और चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है।

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  • कटनी में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने लोगों को जल संरक्षण और स्वच्छता की शपथ दिलाई। इस पहल का उद्देश्य पानी बचाने और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जनभागीदारी को जनआंदोलन बनाना है, जिसे मंत्री ने भविष्य का संकल्प बताया।
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    कटनी में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने लोगों को जल संरक्षण और स्वच्छता की शपथ दिलाई। इस पहल का उद्देश्य पानी बचाने और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जनभागीदारी को जनआंदोलन बनाना है, जिसे मंत्री ने भविष्य का संकल्प बताया।
    user_Balkishan Namdev
    Balkishan Namdev
    Electrician कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • थलापति विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही भावुक हुए पिता
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    थलापति विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही भावुक हुए पिता
    user_Jay Suryavanshi
    Jay Suryavanshi
    बड़वारा, कटनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • कटनी जिले की रीठी तहसील में जल जीवन मिशन के तहत बिछाई जा रही पाइपलाइन का काम पिछले 20 दिनों से अधूरा पड़ा है। भीषण गर्मी के बावजूद काम बंद होने से ग्रामीणों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने ठेकेदार की लापरवाही और प्रशासन से जल्द काम पूरा कराने की मांग की है।
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    कटनी जिले की रीठी तहसील में जल जीवन मिशन के तहत बिछाई जा रही पाइपलाइन का काम पिछले 20 दिनों से अधूरा पड़ा है। भीषण गर्मी के बावजूद काम बंद होने से ग्रामीणों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने ठेकेदार की लापरवाही और प्रशासन से जल्द काम पूरा कराने की मांग की है।
    user_गोकुल पटेल
    गोकुल पटेल
    Local News Reporter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • *भदनपुर भटूरा मार्ग पर बेलगाम ओवर लोड हाईवा वाहन कारवाई पर उठे सवाल* मैहर - मैहर जिले के भदनपुर-भटूरा मार्ग पर इन दिनों ओवरलोड वाहनों का संचालन लगातार जारी है। भारी भरकम ट्रक नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कें तेजी से खराब हो रही हैं, वहीं हर समय हादसे का खतरा भी बना रहता है। बावजूद इसके प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। आखिर इन वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या नियम केवल आम लोगों के लिए हैं? ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। ओवरलोड ट्रकों से उड़ती धूल और तेज रफ्तार ने राहगीरों की परेशानी बढ़ा दी है। अब बड़ा सवाल यह है कि परिवहन विभाग, खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन आखिर किस दबाव में कार्रवाई से बच रहा है? या फिर ओवरलोड वाहनों को खुला संरक्षण दिया जा रहा है? यदि समय रहते सख्ती नहीं हुई, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
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    *भदनपुर भटूरा मार्ग पर बेलगाम ओवर लोड हाईवा वाहन कारवाई पर उठे सवाल*
मैहर - मैहर जिले के भदनपुर-भटूरा मार्ग पर इन दिनों ओवरलोड वाहनों का संचालन लगातार जारी है। भारी भरकम ट्रक नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कें तेजी से खराब हो रही हैं, वहीं हर समय हादसे का खतरा भी बना रहता है। बावजूद इसके प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। आखिर इन वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या नियम केवल आम लोगों के लिए हैं?
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। ओवरलोड ट्रकों से उड़ती धूल और तेज रफ्तार ने राहगीरों की परेशानी बढ़ा दी है।
अब बड़ा सवाल यह है कि परिवहन विभाग, खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन आखिर किस दबाव में कार्रवाई से बच रहा है? या फिर ओवरलोड वाहनों को खुला संरक्षण दिया जा रहा है?
यदि समय रहते सख्ती नहीं हुई, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
    user_Satyaprakash Media Maihar
    Satyaprakash Media Maihar
    मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मानपुर में दूषित पानी पर प्रशासन मौन, 15 दिनों से कीड़ेयुक्त पानी पीने को मजबूर वार्डवासी मानपुर उमरिया मानपुर। एक ओर शासन स्वच्छ पेयजल और जल जीवन मिशन के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर परिषद मानपुर के वार्ड क्रमांक 6 की हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। पिछले लगभग 15 दिनों से वार्डवासियों के घरों में कीड़ेयुक्त, दूषित एवं मटमैले पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। आज सुबह पंचायतिकालीन नल से दोबारा गंदे पानी की सप्लाई होते ही रहवासियों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस गंभीर समस्या की शिकायत पूर्व में नगर परिषद मानपुर को की जा चुकी है। इतना ही नहीं, दिनांक 27 अप्रैल 2026 को नगर परिषद कर्मचारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया था तथा शिकायत सही पाए जाने की पुष्टि भी की गई थी, लेकिन 15 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। भीषण गर्मी और जल संकट के बीच नागरिक स्वच्छ पानी की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन मजबूरी में दूषित पानी उपयोग करने को विवश हैं। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पानी जैसी मूलभूत सुविधा ही सुरक्षित नहीं है, तो आमजन आखिर अपनी समस्याएं लेकर जाएं तो कहां जाएं। लगातार शिकायतों और आश्वासनों के बाद भी स्थिति में सुधार न होना प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। नगर परिषद के नल-जल प्रभारी श्री गोस्वामी ने कर्मचारियों की कमी को समस्या की प्रमुख वजह बताया है। उनके अनुसार नगर परिषद क्षेत्र के 6 ग्रामों के बीच केवल एक मिस्त्री उपलब्ध है तथा अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता से अध्यक्ष एवं सीएमओ को अवगत कराया जा चुका है। यहां सबसे बड़ा विरोधाभास यह है कि वर्ष 2022 में नई परिषद बनने के बाद लगभग 20 आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती की गई थी, जिनमें करीब 16 स्वीपर शामिल थे। इसके बाद 4 वर्षों में यह संख्या बढ़कर लगभग 75 आउटसोर्स कर्मचारियों तक पहुंच गई, लेकिन पेयजल व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विभाग के लिए पर्याप्त नल मिस्त्री एवं लेबर की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी। परिणामस्वरूप पाइपलाइन लीकेज एवं मरम्मत कार्य समय पर नहीं हो पाते, जिससे नागरिकों को लंबे समय तक दूषित पानी की समस्या झेलनी पड़ती है। गौरतलब है कि हाल ही में जिले के दौरे पर आए पालक मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने ग्राम पंचायत धमोखर एवं बड़ेरी में जल जीवन मिशन योजना का निरीक्षण कर अधिकारियों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मानपुर नगर परिषद क्षेत्र में लगातार दूषित पानी की शिकायतें स्थानीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। नगर के रहवासियों में व्यवस्था को लेकर गहरा असंतोष है। उनका कहना है कि व्यवस्थाएं कागजों में सुचारू दिखाई जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर आमजन मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। शिकायत, निरीक्षण और समस्या की पुष्टि के बाद भी समाधान न होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। नगरवासियों ने स्पष्ट कहा है कि यदि जल्द ही पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे ज्ञापन सौंपने, जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराने एवं शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन जैसे लोकतांत्रिक कदम उठाने को बाध्य होंगे। अब बड़ा सवाल यही है कि जब शिकायत हुई, निरीक्षण हुआ और समस्या की पुष्टि भी हुई, तो आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? नगरवासियों ने प्रशासन से तत्काल जांच कर जिम्मेदारी तय करने एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
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    मानपुर में दूषित पानी पर प्रशासन मौन, 15 दिनों से कीड़ेयुक्त पानी पीने को मजबूर वार्डवासी
मानपुर उमरिया
मानपुर। एक ओर शासन स्वच्छ पेयजल और जल जीवन मिशन के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर परिषद मानपुर के वार्ड क्रमांक 6 की हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। पिछले लगभग 15 दिनों से वार्डवासियों के घरों में कीड़ेयुक्त, दूषित एवं मटमैले पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। आज सुबह पंचायतिकालीन नल से दोबारा गंदे पानी की सप्लाई होते ही रहवासियों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस गंभीर समस्या की शिकायत पूर्व में नगर परिषद मानपुर को की जा चुकी है। इतना ही नहीं, दिनांक 27 अप्रैल 2026 को नगर परिषद कर्मचारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया था तथा शिकायत सही पाए जाने की पुष्टि भी की गई थी, लेकिन 15 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
भीषण गर्मी और जल संकट के बीच नागरिक स्वच्छ पानी की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन मजबूरी में दूषित पानी उपयोग करने को विवश हैं। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पानी जैसी मूलभूत सुविधा ही सुरक्षित नहीं है, तो आमजन आखिर अपनी समस्याएं लेकर जाएं तो कहां जाएं। लगातार शिकायतों और आश्वासनों के बाद भी स्थिति में सुधार न होना प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
नगर परिषद के नल-जल प्रभारी श्री गोस्वामी ने कर्मचारियों की कमी को समस्या की प्रमुख वजह बताया है। उनके अनुसार नगर परिषद क्षेत्र के 6 ग्रामों के बीच केवल एक मिस्त्री उपलब्ध है तथा अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता से अध्यक्ष एवं सीएमओ को अवगत कराया जा चुका है। यहां सबसे बड़ा विरोधाभास यह है कि वर्ष 2022 में नई परिषद बनने के बाद लगभग 20 आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती की गई थी, जिनमें करीब 16 स्वीपर शामिल थे। इसके बाद 4 वर्षों में यह संख्या बढ़कर लगभग 75 आउटसोर्स कर्मचारियों तक पहुंच गई, लेकिन पेयजल व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विभाग के लिए पर्याप्त नल मिस्त्री एवं लेबर की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी। परिणामस्वरूप पाइपलाइन लीकेज एवं मरम्मत कार्य समय पर नहीं हो पाते, जिससे नागरिकों को लंबे समय तक दूषित पानी की समस्या झेलनी पड़ती है।
गौरतलब है कि हाल ही में जिले के दौरे पर आए पालक मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने ग्राम पंचायत धमोखर एवं बड़ेरी में जल जीवन मिशन योजना का निरीक्षण कर अधिकारियों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मानपुर नगर परिषद क्षेत्र में लगातार दूषित पानी की शिकायतें स्थानीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। नगर के रहवासियों में व्यवस्था को लेकर गहरा असंतोष है। उनका कहना है कि व्यवस्थाएं कागजों में सुचारू दिखाई जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर आमजन मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। शिकायत, निरीक्षण और समस्या की पुष्टि के बाद भी समाधान न होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
नगरवासियों ने स्पष्ट कहा है कि यदि जल्द ही पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे ज्ञापन सौंपने, जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराने एवं शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन जैसे लोकतांत्रिक कदम उठाने को बाध्य होंगे। अब बड़ा सवाल यही है कि जब शिकायत हुई, निरीक्षण हुआ और समस्या की पुष्टि भी हुई, तो आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? नगरवासियों ने प्रशासन से तत्काल जांच कर जिम्मेदारी तय करने एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    पत्रकार बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • गृहमंत्री अमित शाह 321 'देवतुल्य' कार्यकर्ताओं को याद कर पहली बार भावुक हो उठे। उन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए जान गंवाने वाले इन कार्यकर्ताओं के बलिदान को नमन किया। शाह ने विश्वास जताया कि 2026 में भाजपा का मुख्यमंत्री बनेगा।
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    गृहमंत्री अमित शाह 321 'देवतुल्य' कार्यकर्ताओं को याद कर पहली बार भावुक हो उठे। उन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए जान गंवाने वाले इन कार्यकर्ताओं के बलिदान को नमन किया। शाह ने विश्वास जताया कि 2026 में भाजपा का मुख्यमंत्री बनेगा।
    user_BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्
    BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्
    Local Politician मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मलकजगिरी पुलिस कमिश्नर बी. सुमति IPS ने आधी रात दिलसुखनगर बस स्टॉप पर आम महिला बनकर छेड़छाड़ झेली। तीन घंटे तक 40 से अधिक पुरुषों के अश्लील कमेंट्स का सामना करने के बाद, उन्होंने अपनी पहचान उजागर कर कार्रवाई की। महिलाओं की सुरक्षा के लिए उनका यह कदम पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है।
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    मलकजगिरी पुलिस कमिश्नर बी. सुमति IPS ने आधी रात दिलसुखनगर बस स्टॉप पर आम महिला बनकर छेड़छाड़ झेली। तीन घंटे तक 40 से अधिक पुरुषों के अश्लील कमेंट्स का सामना करने के बाद, उन्होंने अपनी पहचान उजागर कर कार्रवाई की। महिलाओं की सुरक्षा के लिए उनका यह कदम पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है।
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से नेत्र सहायक द्वारा ओपीडी देखे जाने की समस्या अब खत्म हो गई है। लगातार खबरों के बाद, नगवात के बीएमओ ने संज्ञान लिया और अब ओपीडी में चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति कर दी है। इस कदम से क्षेत्र के मरीजों और लोगों को बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद है।
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    रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से नेत्र सहायक द्वारा ओपीडी देखे जाने की समस्या अब खत्म हो गई है। लगातार खबरों के बाद, नगवात के बीएमओ ने संज्ञान लिया और अब ओपीडी में चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति कर दी है। इस कदम से क्षेत्र के मरीजों और लोगों को बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद है।
    user_गोकुल पटेल
    गोकुल पटेल
    Local News Reporter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • मैहर के घूंनवारा क्षेत्र में अवैध पेट्रोल-डीजल का कारोबार फिर तेजी से फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि 'जय माँ शारदा ढाबा' खुलेआम चोरी का डीजल बेच रहा है और इसे स्थानीय सरपंच पति का संरक्षण प्राप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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    मैहर के घूंनवारा क्षेत्र में अवैध पेट्रोल-डीजल का कारोबार फिर तेजी से फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि 'जय माँ शारदा ढाबा' खुलेआम चोरी का डीजल बेच रहा है और इसे स्थानीय सरपंच पति का संरक्षण प्राप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
    user_विक्रम रजक
    विक्रम रजक
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
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