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सीतापुर जिले के हरगांव में एक पत्रकार सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री सुरेश राही ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और निष्पक्ष पत्रकारिता का संदेश दिया।
Mohd Javed
सीतापुर जिले के हरगांव में एक पत्रकार सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री सुरेश राही ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और निष्पक्ष पत्रकारिता का संदेश दिया।
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- सीतापुर के मछरेहटा क्षेत्र में सोमवार को बड़ी संख्या में किसानों ने मछरेहटा पावर हाउस का घेराव किया। यह प्रदर्शन क्षेत्र में लगातार बनी हुई विद्युत आपूर्ति की समस्या और किसानों की फसलों की सिंचाई में आ रही दिक्कतों के विरोध में किया गया। किसानों ने बिजली व्यवस्था में सुधार और पर्याप्त विद्युत आपूर्ति की मांग करते हुए अधिकारियों के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना था कि क्षेत्र में अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण उनकी खेती-किसानी का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिससे उनकी फसलें सूखने की कगार पर पहुँच चुकी हैं। उन्होंने अधिकारियों से जल्द से जल्द उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की। किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए अधिशाषी अभियंता शैलेन्द्र सिंह राजपूत मौके पर पहुँचे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी शिकायतों को ध्यान से सुना और विद्युत व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ उनकी दिक्कतों के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। अधिशाषी अभियंता के इस आश्वासन के बाद, किसानों ने अपना घेराव और प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इस दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष राहुल सिंह, राहुल दीक्षित, प्रशांत शुक्ला, बुद्धू सिंह, बराती लाल सहित क्षेत्र के सैकड़ों किसान मौजूद थे। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे भविष्य में दोबारा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। घटना के बाद से क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी हुई है, और किसान अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर अपनी पैनी नज़र बनाए हुए हैं।2
- सीतापुर जिले के हरगांव में एक पत्रकार सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री सुरेश राही ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और निष्पक्ष पत्रकारिता का संदेश दिया।1
- सीतापुर जिले के महमूदाबाद विकास खंड की ग्राम पंचायत सरैया चालाकापुर में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। यहां आग पीड़ित परिवारों ने ग्राम पंचायत अधिकारी पर सीधा आरोप लगाया है कि आवास दिलाने के नाम पर उनसे 20-20 हजार रुपये की मांग की जा रही है। पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि रुपये न देने पर उन्हें कथित तौर पर यह कहकर टाल दिया गया कि "DM साहब धर्मात्मा हैं तो वहीं दे दें।" यह बयान मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों को और भी गंभीर बना रहा है। इस मामले को लेकर पीड़ित परिवारों ने जिलाधिकारी सीतापुर को शपथ पत्र के साथ एक शिकायत सौंपी है। उन्होंने जिलाधिकारी से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और इस कथित भ्रष्टाचार में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1
- सीतापुर जिले में मिश्रिख से सांसद अशोक रावत ने प्रधान मंत्री आवास योजना 2.0 को लेकर जिला अधिकारी डॉक्टर राजा गणपत यार सीतापुर को एक प्रार्थना पत्र लिखा है। इस पत्र में सांसद रावत ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि वे मामले की जांच करवाकर नगर पालिका परिषद में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।1
- लखीमपुर खीरी से मुंबई तक एक नई ट्रेन सेवा शुरू हो गई है, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी सुविधा और आराम मिला है।1
- सीतापुर जिले में एक ग्रामीण तालाब की घोर उपेक्षा की जा रही है, जिसके कारण चिलचिलाती गर्मी में छोटे गायों और कुत्तों जैसे अनेक जानवर पानी के लिए तरस रहे हैं। बताया गया है कि सरकार द्वारा इस तालाब के लिए आवंटित धन का गबन किया जा रहा है और जानवरों के लिए पानी भरवाने का कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है।2
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल, आरोग्यं हॉस्पिटल, में एक प्रसूता की मौत के मामले ने मानवता और डॉक्टरी पेशे को शर्मसार किया है। जिलाधिकारी (डीएम) द्वारा गठित त्रिस्तरीय जांच टीम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में निजी अस्पताल के संचालकों व डॉक्टरों की भयानक लापरवाही उजागर हुई है, जिसमें पैसों के लालच में कम हीमोग्लोबिन के बावजूद महिला का ऑपरेशन करने की बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार, खैराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम धरैचा की सुमन देवी को प्रसव पीड़ा होने पर 26 मई को परिजनों ने जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वहीं सक्रिय एक आशा बहू ने परिजनों को बरगलाकर शहर के निजी आरोग्यं हॉस्पिटल में शिफ्ट करवा दिया। निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर स्थिति और खून की कमी को छिपाते हुए तुरंत सिजेरियन ऑपरेशन का फैसला ले लिया। ऑपरेशन के बाद सुमन ने बच्चे को जन्म तो दिया, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही से उसकी हालत बिगड़ती चली गई। स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल ने सुमन को आनन-फानन में लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ के अस्पताल में जब डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए, तो परिजन सुमन को वेंटिलेटर हटाकर वापस सीतापुर ला रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना से आक्रोशित परिजनों ने 29 मई की शाम आरोग्यं हॉस्पिटल के बाहर शव रखकर जोरदार हंगामा किया, आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने सिर्फ पैसे ऐंठने के लिए जबरन ऑपरेशन किया और उनकी बहू को मौत के मुंह में धकेल दिया। प्रसूता सुमन देवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का मुख्य कारण 'ब्लड पॉइजनिंग' (सेप्टीसीमिया) पाया गया, जो सीधे तौर पर ऑपरेशन के दौरान संक्रमण या गलत इलाज की ओर इशारा करता है। जांच रिपोर्ट में एम्बुलेंस चालक ने भी चौंकाने वाला बयान दिया कि लखनऊ से वापस लाते समय रास्ते में परिजनों ने दो बार मरीज का ऑक्सीजन सपोर्ट हटा दिया था, जिससे उसकी हालत और नाजुक हो गई। जांच रिपोर्ट में अस्पताल की लापरवाही सिद्ध होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सीतापुर अब आरोग्यं अस्पताल के संचालकों और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और अस्पताल को सील करने जैसी कठोर कानूनी कार्रवाई की तैयारी में हैं। जिला प्रशासन, सीतापुर ने स्पष्ट किया है कि प्रसूता की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले निजी अस्पताल और डॉक्टरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही कठोरतम वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ एक चाचा ने अपनी भाभी द्वारा उसके प्रपोजल को ठुकराए जाने से नाराज़ होकर एक मासूम बच्चे की जान ले ली। इस अस्वीकृति के कारण हुए आक्रोश में, चाचा ने यह क्रूर कदम उठाया, जिसके परिणामस्वरूप एक निर्दोष बच्चे की अकाल मृत्यु हो गई।1