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गोभक्ति, सेवा और समर्पण का एक प्रेरणादायी दृश्य रविवार को श्री महावीर एलवा मां गौशाला एवं कमल तीर्थ, डूंगला में देखने को मिला। बड़ीसादड़ी निवासी एक गौभक्त भामाशाह परिवार ने गौशाला पहुंचकर गोमाता की पूजा-अर्चना की और गोसेवा का पुण्य लाभ अर्जित किया। इस परिवार ने एक टेंपो भरकर ताजे फल एवं हरी सब्जियां गौशाला में पहुंचाईं, जिसके बाद गोवंश को श्रद्धा और स्नेहपूर्वक ये फल-सब्जियां खिलाई गईं। परिवार की गोमाता के प्रति गहरी आस्था और सेवा भावना को देखकर उपस्थित लोगों ने इसकी हृदय से सराहना की। इस अवसर पर गौभक्तों ने गोसेवा को भारतीय संस्कृति में सबसे श्रेष्ठ बताया, इसे केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक भी कहा। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से आग्रह किया कि वे समय-समय पर गौशालाओं में सहयोग कर इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें। पूजा-अर्चना और गोसेवा के पश्चात गोवंश के सुख, समृद्धि और संरक्षण की कामना की गई, जिससे गौशाला परिसर में श्रद्धा, भक्ति और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला और उपस्थित जन भावविभोर हो गए। सेवा कार्य के दौरान वातावरण भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। श्री महावीर एलवा मां गौशाला एवं कमल तीर्थ डूंगला परिवार की ओर से भामाशाह परिवार का अभिनंदन करते हुए उनके इस सराहनीय योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया। गौशाला प्रबंधन ने जोर दिया कि ऐसे सेवा कार्य समाज में गोसंवर्धन और गोसंरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी प्रेरित करते हैं।

1 hr ago
user_पवन अग्रवाल
पवन अग्रवाल
Local News Reporter डूंगला, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
1 hr ago
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गोभक्ति, सेवा और समर्पण का एक प्रेरणादायी दृश्य रविवार को श्री महावीर एलवा मां गौशाला एवं कमल तीर्थ, डूंगला में देखने को मिला। बड़ीसादड़ी निवासी एक गौभक्त भामाशाह परिवार ने गौशाला पहुंचकर गोमाता की पूजा-अर्चना की और गोसेवा का पुण्य लाभ अर्जित किया। इस परिवार ने एक टेंपो भरकर ताजे फल एवं हरी सब्जियां गौशाला में पहुंचाईं, जिसके बाद गोवंश को श्रद्धा और स्नेहपूर्वक ये फल-सब्जियां खिलाई गईं। परिवार की गोमाता के प्रति गहरी आस्था और सेवा भावना को देखकर उपस्थित लोगों

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ने इसकी हृदय से सराहना की। इस अवसर पर गौभक्तों ने गोसेवा को भारतीय संस्कृति में सबसे श्रेष्ठ बताया, इसे केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक भी कहा। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से आग्रह किया कि वे समय-समय पर गौशालाओं में सहयोग कर इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें। पूजा-अर्चना और गोसेवा के पश्चात गोवंश के सुख, समृद्धि और संरक्षण की कामना की गई, जिससे गौशाला परिसर में श्रद्धा, भक्ति

और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला और उपस्थित जन भावविभोर हो गए। सेवा कार्य के दौरान वातावरण भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। श्री महावीर एलवा मां गौशाला एवं कमल तीर्थ डूंगला परिवार की ओर से भामाशाह परिवार का अभिनंदन करते हुए उनके इस सराहनीय योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया। गौशाला प्रबंधन ने जोर दिया कि ऐसे सेवा कार्य समाज में गोसंवर्धन और गोसंरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी प्रेरित करते हैं।

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  • गोभक्ति, सेवा और समर्पण का एक प्रेरणादायी दृश्य रविवार को श्री महावीर एलवा मां गौशाला एवं कमल तीर्थ, डूंगला में देखने को मिला। बड़ीसादड़ी निवासी एक गौभक्त भामाशाह परिवार ने गौशाला पहुंचकर गोमाता की पूजा-अर्चना की और गोसेवा का पुण्य लाभ अर्जित किया। इस परिवार ने एक टेंपो भरकर ताजे फल एवं हरी सब्जियां गौशाला में पहुंचाईं, जिसके बाद गोवंश को श्रद्धा और स्नेहपूर्वक ये फल-सब्जियां खिलाई गईं। परिवार की गोमाता के प्रति गहरी आस्था और सेवा भावना को देखकर उपस्थित लोगों ने इसकी हृदय से सराहना की। इस अवसर पर गौभक्तों ने गोसेवा को भारतीय संस्कृति में सबसे श्रेष्ठ बताया, इसे केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक भी कहा। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से आग्रह किया कि वे समय-समय पर गौशालाओं में सहयोग कर इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें। पूजा-अर्चना और गोसेवा के पश्चात गोवंश के सुख, समृद्धि और संरक्षण की कामना की गई, जिससे गौशाला परिसर में श्रद्धा, भक्ति और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला और उपस्थित जन भावविभोर हो गए। सेवा कार्य के दौरान वातावरण भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। श्री महावीर एलवा मां गौशाला एवं कमल तीर्थ डूंगला परिवार की ओर से भामाशाह परिवार का अभिनंदन करते हुए उनके इस सराहनीय योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया। गौशाला प्रबंधन ने जोर दिया कि ऐसे सेवा कार्य समाज में गोसंवर्धन और गोसंरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी प्रेरित करते हैं।
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    गोभक्ति, सेवा और समर्पण का एक प्रेरणादायी दृश्य रविवार को श्री महावीर एलवा मां गौशाला एवं कमल तीर्थ, डूंगला में देखने को मिला। बड़ीसादड़ी निवासी एक गौभक्त भामाशाह परिवार ने गौशाला पहुंचकर गोमाता की पूजा-अर्चना की और गोसेवा का पुण्य लाभ अर्जित किया। इस परिवार ने एक टेंपो भरकर ताजे फल एवं हरी सब्जियां गौशाला में पहुंचाईं, जिसके बाद गोवंश को श्रद्धा और स्नेहपूर्वक ये फल-सब्जियां खिलाई गईं।

परिवार की गोमाता के प्रति गहरी आस्था और सेवा भावना को देखकर उपस्थित लोगों ने इसकी हृदय से सराहना की। इस अवसर पर गौभक्तों ने गोसेवा को भारतीय संस्कृति में सबसे श्रेष्ठ बताया, इसे केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक भी कहा। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से आग्रह किया कि वे समय-समय पर गौशालाओं में सहयोग कर इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें। पूजा-अर्चना और गोसेवा के पश्चात गोवंश के सुख, समृद्धि और संरक्षण की कामना की गई, जिससे गौशाला परिसर में श्रद्धा, भक्ति और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला और उपस्थित जन भावविभोर हो गए। सेवा कार्य के दौरान वातावरण भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा।

श्री महावीर एलवा मां गौशाला एवं कमल तीर्थ डूंगला परिवार की ओर से भामाशाह परिवार का अभिनंदन करते हुए उनके इस सराहनीय योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया। गौशाला प्रबंधन ने जोर दिया कि ऐसे सेवा कार्य समाज में गोसंवर्धन और गोसंरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी प्रेरित करते हैं।
    user_पवन अग्रवाल
    पवन अग्रवाल
    Local News Reporter डूंगला, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    1 hr ago
  • कनौज के नवाबपुरा क्षेत्र में 11 केवी क्षमता की बिजली की तारें पेड़ों से छूकर जल रही हैं, जिससे लगातार खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि बिजली विभाग द्वारा इन तारों की न तो कोई सफाई की जा रही है और न ही इनकी देखरेख के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौजूद है। यह स्थिति क्षेत्र में बिजली के तारों की गंभीर अनदेखी को दर्शाती है।
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    कनौज के नवाबपुरा क्षेत्र में 11 केवी क्षमता की बिजली की तारें पेड़ों से छूकर जल रही हैं, जिससे लगातार खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि बिजली विभाग द्वारा इन तारों की न तो कोई सफाई की जा रही है और न ही इनकी देखरेख के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौजूद है। यह स्थिति क्षेत्र में बिजली के तारों की गंभीर अनदेखी को दर्शाती है।
    user_Dinesh rayka
    Dinesh rayka
    भादेसर, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • किसान भाइयों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है, जिसमें 1 जून से यूरिया को लेकर बड़े बदलावों की चर्चा की जा रही है। खेती करने वाले सभी किसानों के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि यूरिया खरीदने से पहले उन्हें किन नई बातों का ध्यान रखना होगा। इन बदलावों में किसान ID (Farmer ID) की अनिवार्यता, ज़मीन के हिसाब से यूरिया की मात्रा का निर्धारण, और एक नए कोटा सिस्टम का क्रियान्वयन शामिल है। इसके साथ ही, यूरिया गोल्ड की नई 45 किलो और 40 किलो की पैकिंग भी बाजार में आएगी। यूरिया खरीदने की प्रक्रिया में भी बदलाव हो रहा है, अब खाद लेने के लिए OTP और Iris Scan का इस्तेमाल करना होगा। यदि कोई ओवररेटिंग की समस्या आती है, तो उसकी शिकायत कैसे करनी है, इसकी जानकारी भी दी गई है, जिसके लिए किसान हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1551 भी उपलब्ध कराया गया है। सभी किसानों को सलाह दी गई है कि अगर उन्होंने अभी तक अपनी फसल पंजीकरण या किसान आईडी अपडेट नहीं की है, तो वे संबंधित जानकारी को समय पर जांच लें और उसे अपडेट करा लें। यह जानकारी उन किसानों के लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जो किराए या बटाई पर खेती करते हैं। सभी किसान भाइयों से आग्रह किया गया है कि इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने गांव, रिश्तेदारों और अन्य किसान भाइयों तक ज़रूर शेयर करें ताकि सही जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। यह पोस्ट राजस्थान निष्पक्ष न्यूज़ (RNN) द्वारा साझा की गई है, जो किसानों को ऐसी अहम सूचनाओं से अवगत कराती है। जय जवान, जय किसान!
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    किसान भाइयों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है, जिसमें 1 जून से यूरिया को लेकर बड़े बदलावों की चर्चा की जा रही है। खेती करने वाले सभी किसानों के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि यूरिया खरीदने से पहले उन्हें किन नई बातों का ध्यान रखना होगा।

इन बदलावों में किसान ID (Farmer ID) की अनिवार्यता, ज़मीन के हिसाब से यूरिया की मात्रा का निर्धारण, और एक नए कोटा सिस्टम का क्रियान्वयन शामिल है। इसके साथ ही, यूरिया गोल्ड की नई 45 किलो और 40 किलो की पैकिंग भी बाजार में आएगी। यूरिया खरीदने की प्रक्रिया में भी बदलाव हो रहा है, अब खाद लेने के लिए OTP और Iris Scan का इस्तेमाल करना होगा। यदि कोई ओवररेटिंग की समस्या आती है, तो उसकी शिकायत कैसे करनी है, इसकी जानकारी भी दी गई है, जिसके लिए किसान हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1551 भी उपलब्ध कराया गया है।

सभी किसानों को सलाह दी गई है कि अगर उन्होंने अभी तक अपनी फसल पंजीकरण या किसान आईडी अपडेट नहीं की है, तो वे संबंधित जानकारी को समय पर जांच लें और उसे अपडेट करा लें। यह जानकारी उन किसानों के लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जो किराए या बटाई पर खेती करते हैं।

सभी किसान भाइयों से आग्रह किया गया है कि इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने गांव, रिश्तेदारों और अन्य किसान भाइयों तक ज़रूर शेयर करें ताकि सही जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। यह पोस्ट राजस्थान निष्पक्ष न्यूज़ (RNN) द्वारा साझा की गई है, जो किसानों को ऐसी अहम सूचनाओं से अवगत कराती है। जय जवान, जय किसान!
    user_Rajasthan Nishpaksh
    Rajasthan Nishpaksh
    Local News Reporter वल्लभनगर, उदयपुर, राजस्थान•
    49 min ago
  • उदयपुर जिले के वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत पाणुन्द में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। क्षेत्र के विधायक उदय लाल डांगी ने यहाँ नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का विधिवत लोकार्पण किया। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए लोकार्पण समारोह में भारी संख्या में क्षेत्रवासी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। विधायक उदय लाल डांगी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह नया स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र की जनता को उनके घर के पास ही बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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    उदयपुर जिले के वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत पाणुन्द में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। क्षेत्र के विधायक उदय लाल डांगी ने यहाँ नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का विधिवत लोकार्पण किया। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए लोकार्पण समारोह में भारी संख्या में क्षेत्रवासी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। विधायक उदय लाल डांगी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह नया स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र की जनता को उनके घर के पास ही बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
    user_Local Tv News Channel
    Local Tv News Channel
    वल्लभनगर, उदयपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • छोटी सादड़ी निंबाहेड़ा तहसील के बड़ी ग्राम में स्थित चमत्कारिक शनिदेव मंदिर पर हर शनिवार को भक्तों का भारी जमावड़ा रहता है। यहाँ श्रद्धालु भजन संध्या में शामिल होते हैं, नवग्रह की परिक्रमा करते हैं और दर्शन के लिए आते-जाते हैं। यह मंदिर लगभग 1000 परिवारों की आजीविका का स्रोत भी है। वर्तमान में मंदिर का निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 10 से 11 करोड़ रुपए बताई गई है।
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    छोटी सादड़ी निंबाहेड़ा तहसील के बड़ी ग्राम में स्थित चमत्कारिक शनिदेव मंदिर पर हर शनिवार को भक्तों का भारी जमावड़ा रहता है। यहाँ श्रद्धालु भजन संध्या में शामिल होते हैं, नवग्रह की परिक्रमा करते हैं और दर्शन के लिए आते-जाते हैं।

यह मंदिर लगभग 1000 परिवारों की आजीविका का स्रोत भी है। वर्तमान में मंदिर का निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 10 से 11 करोड़ रुपए बताई गई है।
    user_Reporter ambalal suthar
    Reporter ambalal suthar
    Video Creator छोटी सादड़ी, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • कपासन में स्थानीय लोगों ने सरकार के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उनका आरोप है कि सरकार उनकी दुकानों और क्षेत्र की खराब स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। लोगों ने साफ शब्दों में कहा है कि सड़कें पूरी तरह से टूटी हुई हैं, लेकिन सरकार को इस समस्या की कोई परवाह नहीं है और वह केवल अपनी ही खुशी में व्यस्त है।
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    कपासन में स्थानीय लोगों ने सरकार के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उनका आरोप है कि सरकार उनकी दुकानों और क्षेत्र की खराब स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। लोगों ने साफ शब्दों में कहा है कि सड़कें पूरी तरह से टूटी हुई हैं, लेकिन सरकार को इस समस्या की कोई परवाह नहीं है और वह केवल अपनी ही खुशी में व्यस्त है।
    user_Ganshyam jatoliya
    Ganshyam jatoliya
    कपासन, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ जिले में दिनभर की प्रमुख खबरों में मंत्री और एसपी के बीच विवाद ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है, जिससे इस मुद्दे पर सियासत काफी गरमा गई है। इसके अतिरिक्त, शहर में जोहर स्मृति संस्थान की नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के तहत महारानी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती धूमधाम से मनाई गई, जबकि विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए एक अभियान भी चलाया गया। सेवा कार्यों के क्रम में माहेश्वरी महिला मंडल ने भीषण गर्मी को देखते हुए शीतल छाछ वितरित की।
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    चित्तौड़गढ़ जिले में दिनभर की प्रमुख खबरों में मंत्री और एसपी के बीच विवाद ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है, जिससे इस मुद्दे पर सियासत काफी गरमा गई है।

इसके अतिरिक्त, शहर में जोहर स्मृति संस्थान की नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के तहत महारानी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती धूमधाम से मनाई गई, जबकि विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए एक अभियान भी चलाया गया। सेवा कार्यों के क्रम में माहेश्वरी महिला मंडल ने भीषण गर्मी को देखते हुए शीतल छाछ वितरित की।
    user_Hello Chittorgarh News
    Hello Chittorgarh News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    47 min ago
  • चिकारड़ा क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार बदल रहे मौसम ने रविवार शाम एक बार फिर करवट ली, जिससे दिन और रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। शाम करीब 6:30 बजे आसमान पर काली घटाएं छा गईं और तेज़ हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिसने पल भर में पूरे क्षेत्र को भिगो दिया। इस दौरान हवाएं अपने पूरे वेग पर थीं और काली घटाओं का मनोहारी दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे क्षेत्रवासियों को इस अचानक बदले मौसम से बड़ी राहत मिली है। दिनभर की उमस और तपिश समाप्त होने से वातावरण में ठंडक घुल गई, जिसके बाद लोगों ने घरों से बाहर निकलकर सुहावने मौसम का आनंद लिया। ग्रामीण अंचलों में बच्चों और युवाओं में भी इस बदलाव को लेकर खासा उत्साह देखा गया। किसानों ने भी इस मौसम परिवर्तन को फसलों और भूमि के लिए अत्यंत लाभकारी बताया, हालांकि बारिश अधिक देर तक नहीं चली लेकिन हल्की फुहारों ने वातावरण को खुशनुमा बना दिया। काली घटाओं और ठंडी हवाओं ने रविवार की शाम को यादगार बना दिया, जहां खेतों के ऊपर मंडराते बादल और दूर तक फैले हरियाले वृक्षों के बीच प्रकृति का मनमोहक नज़ारा देखने को मिला। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है, जिससे भीषण गर्मी से परेशान लोगों को और अधिक राहत मिलने की उम्मीद है।
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    चिकारड़ा क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार बदल रहे मौसम ने रविवार शाम एक बार फिर करवट ली, जिससे दिन और रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। शाम करीब 6:30 बजे आसमान पर काली घटाएं छा गईं और तेज़ हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिसने पल भर में पूरे क्षेत्र को भिगो दिया। इस दौरान हवाएं अपने पूरे वेग पर थीं और काली घटाओं का मनोहारी दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे क्षेत्रवासियों को इस अचानक बदले मौसम से बड़ी राहत मिली है। दिनभर की उमस और तपिश समाप्त होने से वातावरण में ठंडक घुल गई, जिसके बाद लोगों ने घरों से बाहर निकलकर सुहावने मौसम का आनंद लिया। ग्रामीण अंचलों में बच्चों और युवाओं में भी इस बदलाव को लेकर खासा उत्साह देखा गया। किसानों ने भी इस मौसम परिवर्तन को फसलों और भूमि के लिए अत्यंत लाभकारी बताया, हालांकि बारिश अधिक देर तक नहीं चली लेकिन हल्की फुहारों ने वातावरण को खुशनुमा बना दिया।

काली घटाओं और ठंडी हवाओं ने रविवार की शाम को यादगार बना दिया, जहां खेतों के ऊपर मंडराते बादल और दूर तक फैले हरियाले वृक्षों के बीच प्रकृति का मनमोहक नज़ारा देखने को मिला। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है, जिससे भीषण गर्मी से परेशान लोगों को और अधिक राहत मिलने की उम्मीद है।
    user_पवन अग्रवाल
    पवन अग्रवाल
    Local News Reporter डूंगला, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    1 hr ago
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