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यह बच्चे सुन बोल नहीं सकते आज मैं उनके स्कूल आई थी तो यह बच्चे आपस में कैसे बात करते हैं आप समझ सकते हो क्या बात कर रहे हैं इन बच्चों की मदद कीजिए प्लीज
JYOTI SINGH
यह बच्चे सुन बोल नहीं सकते आज मैं उनके स्कूल आई थी तो यह बच्चे आपस में कैसे बात करते हैं आप समझ सकते हो क्या बात कर रहे हैं इन बच्चों की मदद कीजिए प्लीज
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- मुख्यमंत्री से सवाल पूछा तो मिली पिटाई? महिला पत्रकार शाहीन के आरोपों ने दिल्ली पुलिस और सरकार को कटघरे में खड़ा किया! महिला मुख्यमंत्री की दिल्ली में महिला पत्रकार के साथ कथित पुलिसिया ज्यादती—4PM की पत्रकार शाहीन का आरोप: सवाल पूछने गई थी, पकड़कर पीटा और थाने ले गई police नई दिल्ली। क्या अब मुख्यमंत्री से सवाल पूछना अपराध हो गया है? क्या लोकतंत्र में सत्ता से जवाब मांगने वाले पत्रकार को पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा? और अगर एक महिला पत्रकार आरोप लगाए कि मुख्यमंत्री से सवाल पूछने के दौरान उसे पकड़कर कथित तौर पर बेरहमी से पीटा गया और थाने ले जाया गया, तो आखिर जवाब कौन देगा? दिल्ली में 4PM की पत्रकार शाहीन के साथ हुई कथित घटना ने पत्रकारिता की आज़ादी, महिला सम्मान और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शाहीन का आरोप है कि वह दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने की कोशिश कर रही थीं। इसी दौरान, उनके अनुसार, दिल्ली पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और कथित तौर पर मारपीट करते हुए थाने ले गई। लेकिन शाहीन के आरोप यहीं खत्म नहीं होते। उनका यह भी आरोप है कि जब पुलिसकर्मियों ने उनका नाम पूछा और नाम में ‘खान’ होने की जानकारी मिली, तो उनके साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार बढ़ गया। महिला मुख्यमंत्री की दिल्ली में महिला पत्रकार का यह आरोप क्या मिलेगा जवाब? दिल्ली की मुख्यमंत्री स्वयं एक महिला हैं। ऐसे में राजधानी में एक महिला पत्रकार के साथ कथित मारपीट और पुलिस कार्रवाई के आरोप सामने आना बेहद गंभीर मामला है। क्या मुख्यमंत्री से सवाल पूछना अब अपराध है? क्या पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सत्ता की तारीफ करना रह गया है? क्या सरकार से जवाब मांगने वाली महिला पत्रकार को सुरक्षा और सम्मान नहीं मिलेगा? और अगर पुलिस पर लगे आरोप सही हैं, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कौन करेगा? 4PM सवाल पूछ रहा था... क्या सवाल पूछना ही बन गया वजह? पिछले दिनों 4PM दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से जुड़े विभिन्न मामलों पर लगातार सवाल उठा रहा था और खबरें प्रकाशित कर रहा था। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या आज की कथित कार्रवाई का उन खबरों और सरकार से पूछे जा रहे सवालों से कोई संबंध है? हालांकि इस संबंध में सच्चाई केवल निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकती है। लेकिन लोकतंत्र में सवाल पूछना किसी पत्रकार का अपराध नहीं, बल्कि उसकी जिम्मेदारी है। आज अगर एक महिला पत्रकार यह आरोप लगा रही है कि मुख्यमंत्री से सवाल पूछने के दौरान उसे पुलिस ने पकड़कर पीटा, तो यह मामला केवल शाहीन या 4PM तक सीमित नहीं रह जाता। यह सवाल हर उस पत्रकार का है जो कैमरा लेकर सड़क पर निकलता है। हर उस रिपोर्टर का है जो सत्ता के सामने खड़ा होकर पूछता है “जनता के सवालों का जवाब कब मिलेगा?” पत्रकार की आवाज दबाने की कोशिश, सवालों को रोकने की कोशिश और कैमरे के सामने खड़े रिपोर्टर को डराने का आरोप अगर यह सब सच है, तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक तस्वीर है। सवाल मुख्यमंत्री से था... जवाब पुलिस की कार्रवाई से क्यों? अब दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार को सामने आकर स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर पूरा घटनाक्रम क्या था। मांग है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। घटनास्थल और संबंधित थाने के CCTV कैमरों की फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य सभी उपलब्ध रिकॉर्डिंग को तत्काल सुरक्षित किया जाए। यदि जांच में पत्रकार शाहीन के साथ मारपीट, दुर्व्यवहार या उनकी पहचान के आधार पर किसी प्रकार के भेदभाव की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पत्रकार का काम सवाल पूछना है, सत्ता का काम जवाब देना है! 4PM सवाल पूछता रहा है और सवाल पूछता रहेगा। क्योंकि सवालों को दबाकर सच नहीं बदला जा सकता। और अगर लोकतंत्र में मुख्यमंत्री से सवाल पूछना ही इतना बड़ा अपराध बना दिया जाएगा कि एक महिला पत्रकार को कथित तौर पर पुलिसिया कार्रवाई का सामना करना पड़े तो फिर सवाल सिर्फ शाहीन का नहीं... सवाल पूरे लोकतंत्र का है! “सवाल पूछेंगे, जवाब मांगेंगे—कलम और कैमरे की आवाज दबने नहीं देंगे!”2
- उत्तर पूर्वी दिल्ली के थाना नन्द नगरी इलाके का सुंदर नगरी H ब्लॉक उस वक्त दहशत में आ गया, जब करीब 10 बजे 35 वर्षीय अतुल पर छह अज्ञात युवकों ने कथित तौर पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में अतुल गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ जमीन पर गिर पड़ा। आनन-फानन में उसे दिल्ली के GTB अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। वही परिवार ने इस हमले को राखी के दिन हुए पुराने विवाद से जोड़ते हुए रंजिश की आशंका जताई है। हालांकि, हमले की असली वजह और आरोपियों की भूमिका पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी। मौके पर क्राइम टीम और FSL ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं। सुंदर नगरी H ब्लॉक में रात करीब 10 बजे हुई इस वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि अतुल अपनी खाला की दुकान पर बैठा हुआ था तभी कुछ अज्ञात युवकों ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि अतुल खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने मामले की सूचना दी, जिसके बाद घायल अतुल को इलाज के लिए GTB अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि राखी के दिन अतुल का कुछ लोगों से विवाद हुआ था। परिवार के मुताबिक, उस समय बड़े-बुजुर्गों के बीच मामला1