बीजली विभाग के ठेका कर्मचारीयों के द्वारा अनसेफ कार्य करते हुए मामला सामने आया है । बलौदा बाजार जिला के विकासखंड पलारी के अंतर्गत ग्राम पंचायत सैहा में बिजली विभाग के द्वारा अनसेफ कार्य करते हुए मामला सामने आया। विकासखंड पलारी के अंतर्गत ग्राम पंचायत सैहा में नया ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है जिसमें बिजली विभाग के ठेका कर्मचारीयों के द्वारा अनसेफ कार्य करते हुए दिखाई दिया गया न शासन प्रशासन और न ही बिजली विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को किसी प्रकार की सेफ्टी उपकरण नहीं दिया जा रहा है बीना सीढ़ी के 15से20फिट खंभे और ट्रांसफार्मर के ऊपर चढ़कर बिना कुछ सहारा ऊपर नीचे कार्य कर रहे हैं जिससे ओ अपने जान को जोखिम में डालकर कार्य कर रहे हैं जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है पुछे जाने पर बताया गया कि कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दिया जा रहा है और नहीं हमारे वेतन में भी बढ़ोतरी करते हैं जबकि बिजली विभाग के कर्मचारी गर्मी हो या बरसात के दिनों में 24 घंटे कार्य करते हैं जिसे आम जनता को किसी प्रकार की तकलीफ ना हो और सरकार दिन के दिन बिजली बिल को बढ़ा चढ़ा कर भेजते हैं जिससे आम नागरिक जनता आए दिन परेशानियो का सामना करना पड़ता है। सवाल यह उठता है कि इतने भीषण गर्मी में कहीं बीजली विभाग के ठेकेदार के मजदूर यदि खंभे में चढ़कर कार्य कर रहे हैं अगर पैर फिसल कर नीचे जमीन में गीरता है तो गंभीर चोट लग सकता है और ठेकेदार के द्वारा किसी प्रकार की सेफ्टी उपकरण नहीं दिया जा रहा है तो तो शासन प्रशासन और ठेकेदार ध्यान देना चाहिए यदि कहीं घटना घटती है तो ईसका जिम्मेदार कौन रहेगा।
बीजली विभाग के ठेका कर्मचारीयों के द्वारा अनसेफ कार्य करते हुए मामला सामने आया है । बलौदा बाजार जिला के विकासखंड पलारी के अंतर्गत ग्राम पंचायत सैहा में बिजली विभाग के द्वारा अनसेफ कार्य करते हुए मामला सामने आया। विकासखंड पलारी के अंतर्गत ग्राम पंचायत सैहा में नया ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है जिसमें बिजली विभाग के ठेका कर्मचारीयों के द्वारा अनसेफ कार्य करते हुए दिखाई दिया गया न शासन प्रशासन और
न ही बिजली विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को किसी प्रकार की सेफ्टी उपकरण नहीं दिया जा रहा है बीना सीढ़ी के 15से20फिट खंभे और ट्रांसफार्मर के ऊपर चढ़कर बिना कुछ सहारा ऊपर नीचे कार्य कर रहे हैं जिससे ओ अपने जान को जोखिम में डालकर कार्य कर रहे हैं जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है पुछे जाने पर बताया गया कि कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दिया जा
रहा है और नहीं हमारे वेतन में भी बढ़ोतरी करते हैं जबकि बिजली विभाग के कर्मचारी गर्मी हो या बरसात के दिनों में 24 घंटे कार्य करते हैं जिसे आम जनता को किसी प्रकार की तकलीफ ना हो और सरकार दिन के दिन बिजली बिल को बढ़ा चढ़ा कर भेजते हैं जिससे आम नागरिक जनता आए दिन परेशानियो का सामना करना पड़ता है। सवाल यह उठता है कि इतने
भीषण गर्मी में कहीं बीजली विभाग के ठेकेदार के मजदूर यदि खंभे में चढ़कर कार्य कर रहे हैं अगर पैर फिसल कर नीचे जमीन में गीरता है तो गंभीर चोट लग सकता है और ठेकेदार के द्वारा किसी प्रकार की सेफ्टी उपकरण नहीं दिया जा रहा है तो तो शासन प्रशासन और ठेकेदार ध्यान देना चाहिए यदि कहीं घटना घटती है तो ईसका जिम्मेदार कौन रहेगा।
- बलौदा बाजार जिला के विकासखंड पलारी के अंतर्गत ग्राम पंचायत सैहा में बिजली विभाग के द्वारा अनसेफ कार्य करते हुए मामला सामने आया। विकासखंड पलारी के अंतर्गत ग्राम पंचायत सैहा में नया ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है जिसमें बिजली विभाग के ठेका कर्मचारीयों के द्वारा अनसेफ कार्य करते हुए दिखाई दिया गया न शासन प्रशासन और न ही बिजली विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को किसी प्रकार की सेफ्टी उपकरण नहीं दिया जा रहा है बीना सीढ़ी के 15से20फिट खंभे और ट्रांसफार्मर के ऊपर चढ़कर बिना कुछ सहारा ऊपर नीचे कार्य कर रहे हैं जिससे ओ अपने जान को जोखिम में डालकर कार्य कर रहे हैं जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है पुछे जाने पर बताया गया कि कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दिया जा रहा है और नहीं हमारे वेतन में भी बढ़ोतरी करते हैं जबकि बिजली विभाग के कर्मचारी गर्मी हो या बरसात के दिनों में 24 घंटे कार्य करते हैं जिसे आम जनता को किसी प्रकार की तकलीफ ना हो और सरकार दिन के दिन बिजली बिल को बढ़ा चढ़ा कर भेजते हैं जिससे आम नागरिक जनता आए दिन परेशानियो का सामना करना पड़ता है। सवाल यह उठता है कि इतने भीषण गर्मी में कहीं बीजली विभाग के ठेकेदार के मजदूर यदि खंभे में चढ़कर कार्य कर रहे हैं अगर पैर फिसल कर नीचे जमीन में गीरता है तो गंभीर चोट लग सकता है और ठेकेदार के द्वारा किसी प्रकार की सेफ्टी उपकरण नहीं दिया जा रहा है तो तो शासन प्रशासन और ठेकेदार ध्यान देना चाहिए यदि कहीं घटना घटती है तो ईसका जिम्मेदार कौन रहेगा।4
- गौ सम्मान आव्हान अभियान मे आप सबका स्वागत है अभिनंदन है साथी हाथ बढ़ाना अभी नही तो कभी नही याद रखे इतिहास बदलने वाला है मै रहु या ना रहू गौ वंश रहना चाहिए होश मे आव भारती जागो अभी नही तो दुनिया से विदा तय है4
- ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की पलारी, छत्तीसगढ़ अमेरा पंचायत का मुख्य तालाब पिछले कुछ वर्षों से जलकुंभी (स्थानीय भाषा में ‘चिला’) की चपेट में है। तालाब में यह जलकुंभी इतनी तेजी से फैल गई है कि बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं नहाने या पानी उपयोग करने में गंभीर कठिनाई का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी में गंदगी और तलछट के कारण स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत संदीप घृतलहरे, पंच, ने बताया कि तालाब की सफाई न होने के कारण कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। “यह सिर्फ पानी की गंदगी नहीं, बल्कि हमारी सुरक्षा और स्वास्थ्य का मुद्दा है। बच्चों और बुजुर्गों का नहाना खतरनाक हो गया है। यदि किसी को गंभीर बीमारी हुई, तो जिम्मेदार कौन होगा?” – उन्होंने सवाल उठाया। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब को मछुआरा संघ को 15 साल की लीज पर दिया गया था, लेकिन पिछले कई वर्षों में अपेक्षित सफाई नहीं हुई। धनेश तेरवंश, भरत जोशी, भूपेन्द कोसरिया, सुपत विश्वकर्मा, और जय कुमार घृतलहरे सहित पंचायत के कई प्रतिनिधियों से इस मुद्दे पर बार-बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत और शासन का मूलभूत धन इस कार्य में सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो तालाब से होने वाले स्वास्थ्य और सामाजिक जोखिम बढ़ सकते हैं। प्रशासन की प्रतिक्रिया उप सरपंच अरुण देवांगन ने बताया कि तालाब लीज पर मछुआरा संघ को 15 साल के लिए दिया गया था। उन्होंने कहा, “समय-समय पर तालाब की सफाई के लिए कहा गया, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी बताया कि तालाब में गंदगी के कारण नहाने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ रहा है, और प्रशासन लीज धारक की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया में है। तालाब की वर्तमान स्थिति स्थानीय लोगों के अनुसार, तालाब में जलकुंभी के साथ-साथ गंदगी और तलछट इतनी बढ़ गई है कि पानी में प्रवेश करना मुश्किल हो गया है। ग्रामीण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के रोजमर्रा के नहाने और घरेलू उपयोग के लिए इस पानी पर निर्भर हैं। तालाब के किनारे मछली पालन भी होता है, लेकिन लीज धारक ने सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी पूरी नहीं की। ग्रामीणों और पंचों की राय संदीप घृतलहरे (पंच): “अगर प्रशासन ने तुरंत कदम नहीं उठाए, तो यह स्वास्थ्य संकट बन सकता है।” भरत जोशी (पंच): “तालाब का पानी बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो गया है। साफ-सफाई प्राथमिकता होनी चाहिए।” संभावित कार्रवाई और प्रशासनिक कदम ग्रामीणों ने मांग की है कि: लीज धारक की जिम्मेदारी तय की जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। तालाब की सफाई के लिए शासकीय धन का उचित उपयोग किया जाए। स्वास्थ्य जोखिम को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द तालाब की साफ-सफाई शुरू की जाए।4
- Post by गोविंद राम 92947315371
- Post by Ram bhardwaj1
- ग्राम उडगन में भैंस चरा रही महिला की भैंस दूसरे के खेत में चरने की बात पर किसान और उसकी पत्नी ने की मारपीट बिल्हा थाना में मामला आज गुरुवार की सुबह 11:00 बजे बिल्हा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रर्थीया - श्रीमती प्रेमवती प्रजापति पति सुखलाल प्रजापति उम्र 40 वर्ष साकिन बिल्हा वार्ड नं 01 कुम्हारपारा हालमुकाम ग्राम उडगन दगौरी रोड थाना बिल्हा जिला बिलासपुर छ.ग. ने बुधवार की साम 6 बजे के करीब थाना बिल्हा मे उपस्थित हो कर रिपोर्ट दर्ज कराई है की विववरण – मैं उक्त पते पर रहती हॅू, पति के साथ ग्राम उडगन दगौरी रोड मे रहकर ईंट भटठा मे काम करती हॅू,घर में भैस रखे है, कल दिनांक 07.04.2026 को अपने भैस को चरने के लिए शाम करीबन 04.00 बजे घर से छोडी हॅू, करीबन शाम 05.00 बजे घर से करीबन 3-4 खेत के आगे भैस चरते चरते मनोहर सोनवानी निवासी उडगन के खेत मे चली गई मै देखते ही देखते वहां पर गई तो खेत वाला मनोहर सोनवानी अपनी पत्नि के साथ आ गया और मुझे देखकर तुम्हारा भैस हमारे खेत मे घुसकर नुकसान कर रहा है बार बार ईधर भेज देती हो कहकर मुझे मां बहन की अश्लील गाली गलौच देने लगा और मैने गाली गलौच देने से मना कि तो जान से मारने की धमकी देते हुये मनोहर सोनवानी ने एक पत्थर फेंककर मुझे मारा तो बाल बाल सिर मे चोट आते बची वह मेरे दाहिने हाथ को पकडकर जोर से मरोड दिया और उसकी पत्नि मेरी गला को पकड ली थी और दोनो हाथ मुक्का से मुझे मारपीट कर चोट पहुचाये है मारपीट करने से मेरे दाहिने हाथ मे अंदरूनी चोंट एवं गला, पीठ मे चोट लगा है, भैस को खेत से निकालने गई तो मेरे बाये पैर के उंगली में भी चोंट लगा है, घटना के बारे मे उडगन के सरपंच व मेरे लडका उमेश प्रजापति को बताई हॅू, घर मे मेरा पति, लडके लोग नही थी इस कारण कल रिपोर्ट करने नही आई, आज लडका उमेश के साथ थाना रिपोर्ट करने आई हॅू, रिपोर्ट करती हूं कार्यवाही की जाये प्रर्थया की रिपोर्ट पर बिल्हा पुलिस ने अपराध धारा- 296, 115(2), 351(3),3(5) भान्यासं. के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है1
- तिल्दा-नेवरा (रायपुर ग्रामीण): करीब तीन साल पुराने हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपियों को तिल्दा-नेवरा पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लगातार अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग स्थानों पर रह रहे थे, लेकिन पुलिस की सतत निगरानी और तकनीकी विश्लेषण के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में ग्राम कुंदरू निवासी जितेंद्र पाल की ग्राम जलसो में कुछ आरोपियों द्वारा चाकू और लाठी से बेरहमीपूर्वक हत्या कर दी गई थी। इस दौरान मृतक के पुत्र पर भी प्राणघातक हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। घटना के बाद मुख्य आरोपी आशु उईके सहित कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, लेकिन कुछ आरोपी फरार चल रहे थे। ये आरोपी पिछले तीन वर्षों से पुलिस से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना और पहचान बदल रहे थे तथा दूसरे राज्यों में छिपकर रह रहे थे। हाल ही में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि फरार आरोपी अपने गृह ग्राम जलसो आने वाले हैं। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी निरीक्षक रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रणनीति बनाकर अलग-अलग स्थानों पर घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 307, 458, 147, 148, 149, 294, 506बी, 427, 384 भादवि एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपी: फेन्टा उर्फ फिरन्ता पारधी (26 वर्ष), निवासी ग्राम जलसो मनोज उईके (30 वर्ष), निवासी ग्राम जलसो ईशु उईके (26 वर्ष), निवासी ग्राम जलसो निष्कर्ष: तिल्दा पुलिस की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों को कानून से बचना आसान नहीं है। लंबे समय से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है।2
- पेंड्रीडी सड़क पर अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल पड़े बंदर के बच्चे का छतौना गौ सेवा धाम की टीम ने किया रेस्क्यू आज बुधवार की रात 8:00 बजे गौ सेवा धाम छतौना के सेवक प्रहलाद यादव जी से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर 1:30 बजे के करीब एक घायल गाय का रेस्क्यू करने टीम बिल्हा की ओर जा रहे थी इस दौरान पेंड्रीडी चौक रोड पर सड़क पर एक बंदर का बच्चा जो शायद सड़क पार कर करते उक्त अज्ञात वाहन ने ठोकर से एक्सीडेंट हो कर सड़क पर बेसुध पड़ा हुआ था जिसकी वजह से उसके नाक से खून बह रहा था और एक हाथ चोट की वजह से डैमेज हो चुका था जिसे देखते तत्काल बंदर के बच्चे को सड़क से उठाकर उसका प्राथमिक उपचार किया गया जिसे देखरेख और इलाज के लिए निधि जीवाश्रय बिलासपुर भेजा गया है जहां घायल बंदर के बच्चे का इलाज जारी है आपको बता दे कि गौ सेवा धाम छतौना क्षेत्र की एक मात्र ऐसी संस्था है जिनके द्वारा एक्सीडेंटल गौ वंश एवं वन्य जीवो की निःशुल्क सेवा कर इलाज किया जाता है इनके कार्यों से क्षेत्र वाशि गौ सेवा के लिए आगे आ रहे हैं और इनकी गौ सेवा के लिए दवाई चारा आदि की मदद भी कर रहे हैं1